लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी पुलिस व प्रशासन की लापरवाही से जानलेवा तेजाब शहर ही नहीं गांव व कस्बों में भी धड़ल्ले से बिक रहा है। बरेली के नवाबगंज में दोस्ती से इन्कार करने पर सिरफिरे युवक ने रविवार को पड़ोस की किशोरी पर तेजाब फेंक दिया। घटना में किशोरी का बायां हिस्सा झुलस गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस ने सिरफिरे को धर दबोच लिया है।
नवाबगंज के रिछोला किफायतुल्ला गांव का कारचोबी कारीगर निजामुद्दीन घर के सामने रहने वाली किशोरी से एकतरफा प्यार करता था। वह जब तब किशोरी को परेशान भी करता था। किशोरी के घरवाले की निजामुद्दीन को कई दफा फटकार भी लगा चुके थे। पिछले दिनों उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती की कोशिश की, लेकिन पीड़िता बदनामी के डर से इसको दबा गई। मुहब्बत में नाकाम रहने पर बौखलाया युवक बदला लेने की फिराक में जुट गया। रविवार सुबह मौका मिलते ही निजामुद्दीन ने उस पर तेजाब फेंक दिया। उस समय किशोरी घर के बाहर सफाई की रही थी।
पीड़िता की मां ने बताया कि निजामुद्दीन एक कटोरी में तेजाब भरकर लाया और लड़की के चेहरे पर उड़ेल दिया। तेजाब गिरते ही लड़की का बायां गाल और हाथ झुलस गया। साथ ही कपड़े भी जल गए। लड़की के भाई उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार की औपचारिकता कर उसे घर भेज दिया। इस बीच आरोपी युवक के परिजन घर छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ थाना नवाबगंज में मामला दर्ज कराया तो पुलिस भी हरकत में आ गई। आरोपी कस्बा छोड़कर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे बस स्टैंड से धर दबोचा।
कंबल के कारण हो गया बचाव
गनीमत ये रही कि पीड़िता कंबल ओढ़े हुए थी जिसके चलते तेजाब की कुछ बूंदें ही चेहरे तक पहुंच सकीं।
दोनों परिवारों में पुरानी है रंजिश
हमले के आरोपी और पीड़ित परिवार की रंजिश पुरानी है। पांच साल पहले भी दोनों परिवारों में जमकर मारपीट हो चुकी है। मामला थाने तक भी पहुंचा था लेकिन लोगों ने समझौता करा दिया था। आशिक निजामुद्दीन भले ही पीड़िता से एक तरफा मुहब्बत करता हो लेकिन उसके परिवार से खासी अदावत मानता था। पांच साल पहले भी उसने भाई कुतुबुद्दीन के साथ मिलकर पीड़िता के परिवार पर हमला किया था। जिसमें पीड़िता के मां-बाप व भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। निजामुद्दीन का पिता बसरुद्दीन पीड़िता की मां को बहन मानता था। इसी रिश्ते की दुहाई देकर लोगों ने दोनों पक्षों में जैसे-तैसे समझौता कराया था। इसके बाद दोनों परिवारों के रिश्ते न सिर्फ खत्म हो गए थे बल्कि आमने-सामने रहने के बावजूद बोल चाल तक बंद हो गई थी। इसके बाद निजामुद्दीन के पिता ने उसे कारचोबी का काम करने दिल्ली भेज दिया। जब वापस लौटा तो पीड़िता को देख उससे एकतरफा मुहब्बत हो गई। दोनों परिवारों में पुरानी रंजिश चल रही थी इसलिए निजामुद्दीन डरता भी था। पीड़िता का पिता ठेके पर मकान बनाने का काम करता है। कुछ महीने पहले उसे पीलीभीत में बड़ा ठेका मिला तो वो वहां चला गया। पिता की गैर मौजूदगी में मौका देख निजामुद्दीन ने किशोरी से अपने इश्क का इजहार कर डाला लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद निजामुद्दीन जब भी मौका देखता किशोरी को छेड़ने लगता। छेड़छाड़ से तंग आकर पीड़िता ने कुछ दिनों पहले ही निजामुद्दीन को लताड़ा था। मुहब्बत में नाकाम होता देख निजामुद्दीन बदला लेने की फिराक में जुट गया। जब कुछ समझ नहीं आया तो घर में रखी बैटरी से तेजाब निकाला और रविवार की सुबह किशोरी के चेहरे पर फेंक दिया।
फूंक-फूंक कर रखा पुलिस ने कदम
एक पखवाड़े के भीतर नवाबगंज थाने में तेजाबी हमले की ये दूसरी घटना थी। पिछली बार अपने हाथ जला चुकी पुलिस ने इस बार फूंक-फूंक कर कदम रखा। घटना की जानकारी मिलते ही न सिर्फ पीड़िता का मेडिकल कराया बल्कि आरोपी की तलाश में कई जगह छापे भी मारे।
Source: Latest News in Hindi
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