Wednesday, 15 January 2014

Devyani Khobragade row: expelled US diplomat, wife made offensive remarks about India

वाशिंगटन। भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे की गिरफ्तारी के बाद जैसे को तैसा की कार्रवाई करते हुए भारत द्वारा पिछले सप्ताह निष्कासित किए गए अमेरिकी राजनयिक की भारतीय संस्कृति के खिलाफ की गई असंवेदनशील टिप्पणी से ओबामा प्रशासन ने खुद को अलग कर लिया है।

दरअसल, निष्कासित किए जाने के बाद राजनयिक और उनकी पत्नी के फेसबुक अकांउट की भारतीय मीडिया ने जांच की थी, जिसमें कई निंदात्मक टिप्पणियां की गई थी। अमेरिकी राजनयिक की पत्नी भी वरिष्ठ राजनयिक हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने इन राजनयिकों की पहचान उजागर करने से इन्कार कर दिया, लेकिन भारतीय सूत्रों ने इनकी पहचान वायन मे के तौर पर की है।

नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में सुरक्षा संपर्क अधिकारी वायन पिछले हफ्ते अपनी पत्नी एलिसिया के साथ स्वदेश लौट आए थे। उनके फेसबुक पर भारत के रहन-सहन पर निंदात्मक टिप्पणी की गई थी। इन्हें एक वेबसाइट पर 'नस्लवादी अमेरिकी राजनयिक' शीर्षक से प्रकाशित किया गया। इसमें वायने ने भारत में गोमांस की अनुपलब्धता पर दुख व्यक्त किया था, जहां हिंदुओं के लिए गाय को पवित्र माना जाता है।

वहीं उनकी पत्नी ने साफ-सफाई न होने की शिकायत की है, जिसमें जानवरों और इंसानों द्वारा फुटपाथ पर मलत्याग करना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि उनके कुत्ते को उनके भारतीय माली की तुलना में बेहतर खाना मिलता है।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने एक लेख पर टिप्पणी की, जिसमें दावा किया गया था कि शाकाहारी से ज्यादा मांसाहारी दुष्कर्म के लिए दोषी थे, जबकि इसका उल्टा भारत में है। एलिसिया ने लिखा, 'ये शाकाहारी हैं जो दुष्कर्म कर रहे हैं, न की मांसाहारी। यह जगह इतनी विचित्र है।'

हर्फ ने कहा, 'ये टिप्पणियां निश्चित रूप से अमेरिकी सरकार की नीतियों का प्रतिनिधित्व नहीं करती और न ही ये अमेरिकी सरकार के किसी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर की गई हैं।

भारत के साथ खत्म हो रहा गतिरोध : अमेरिका
अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि भारत की वरिष्ठ राजनयिक की गिरफ्तारी के बाद पैदा हुए गतिरोध का अंत जल्द होगा। उसने कामकाज के फिर से पटरी पर लौटने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा भी जताई।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा कि निश्चित रूप से यह समय भारत और अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। हम चाहते हैं कि हमारा कामकाज फिर से पटरी पर लौटे। हम इस विवाद को पीछे छोड़ना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि दोनों पक्ष संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए साथ काम करें। हम भारत सरकार के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे, ताकि हमारे संबंध सुधर सकें और वापस सकारात्मक स्तर पर आ सकें। 

देवयानी को छूट देना निराशाजनक

अमेरिका में कर्मचारियों की यूनियनों के सबसे बड़े संघ एएफएल-सीआइओ ने भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे को छूट दिए जाने पर निराशा जताई है। संघ के प्रेसीडेंट रिचर्ड ट्रूमका ने कहा कि उन पर मामला अमेरिका में चलाया जाना चाहिए था। हालांकि, रिचर्ड ने न्याय विभाग और अटॉर्नी प्रीत भरारा की प्रशंसा भी की।

Source: Hindi News

No comments:

Post a Comment