Tuesday, 7 January 2014

Grand Gala at the Metropolitan faith in Guru inundation

अमृतसर। सरबंसदानी दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित एक विशाल नगर कीर्तन सोमवार दोपहर श्री अकाल तख्त साहिब से पांच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में खालसाई उत्साह व जयकारों के बीच निकला। फूलों से सजी पवित्र पालकी में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शनों के लिए श्री हरिमंदिर साहिब की परिक्रमा में श्रद्धालुओं का अथाह समुद्र उमड़ आया। 

श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर पुष्प वर्षा की। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की ताबिया में ज्ञानी रवेल सिंह बैठे थे। वह चौर साहिब की सेवा निभा रहे थे। इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी रवेल सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश पर रख कर पालकी साहिब में विराजमान किया। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कई पदाधिकारी मौजूद थे।

सतनाम वाहेगुरु के जयकारों के बीच मनमोहक पालकी साहिब के साथ ही नगर कीर्तन के शुभारंभ की घोषणा का शंखनाद किया। पांच प्यारे परंपरागत वेशभूषा में थे। नगर कीर्तन में विभिन्न गतका पार्टियों के सदस्यों ने कला के जौहर दिखाए। एक सिंह ने हवा में तीर चला कर दमखम का प्रदर्शन किया। गतका पार्टी के जौहर को देखने के लिए देश विदेश से आए श्रद्धालु गुरु नगरी के विभिन्न बाजारों में खड़े थे। नगर कीर्तन विभिन्न बाजारों से गुजर रहा था तो स्थानीय लोगों ने नगर कीर्तन में शामिल संगत के लिए चाय, काफी, बिस्कुट व अन्य मीठे पदार्थो का लंगर लगाया हुआ था। 

नगर कीर्तन के रास्तों को संगत ने फूलों से सजाया हुआ था। नगर कीर्तन गुरु रामदास से ब्रह्म बूटा मार्केट, माहना सिंह रोड, चौक घंटा घर, बाजार माई सेवा, दर्शनी डयोढ़ी, गुरु बाजार, चौकचौरस्ती अटारी, मजीठ मंडी, चौक मन्ना सिंह, बाजार मिश्री, बाजार बांसा, चौक छत्ती खुई, बाजार चावल मंडी, बाजार कनक मंडी, ढाब बस्ती राम, चौक चिंतपूर्णी, जौड़ा पीपल, चौक चबूतरा, बाजार लोहारा, चौक लक्ष्मणसर, चौक मोनी, चौक करोड़ी, चौक बाबा साहिब व चौक परागदास से होते हुए गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एसजीपीसी सदस्य भाई राम सिंह, बावा सिंह गुमानपुरा, रूप सिंह, मंजीत सिंह, बाबा दलजीत सिंह बेदी, बलविंदर सिंह जौडा सिंहा, गुरु सिंह सभा से अनूप सिंह विरदी आदि मौजूद थे। एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव दिलजीत सिंह बेदी ने कहा कि प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब के गुरुद्वारा बाबा अटल राय जी में सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक संगत के दर्शनों के लिए सुंदर जलौ सजाए जाएंगे। शाम को दीपमाला की जाएगी। श्री रहिरास साहिब के पाठ के बाद मनमोहक आतिशबाजी चलाई जाएगी। शाम सात बजे से रात नौ बजे तक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में महान कीर्तन समारोह होगा। इसमें प्रसिद्ध रागी जत्थे इलाही बाणी के कीर्तन द्वारा संगत को निहाल करेंगे। रात को नौ बजे कवि दरबार होगा। एसजीपीसी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने गुरु पर्व पर संगत को बधाई दी। 

उन्होंने कहा कि सिखी के वेश में कुछ भीतरी व बाहरी शक्तियां सिखों के शानदार इतिहास को कमजोर करने की ताक में है। संगत को एकजुट होकर इन ताकतों के विरुद्ध दृढ़ता से मुकाबला करना चाहिए। दशम पिता के जीवन दर्शन से अगुवाई लेकर निरंतर कार्यशील रहना जरूरी है। सिखों का फर्ज है कि दशम पिता जी के प्रकाश पर्व पर स्वयं निरीक्षण करें। सिखी की शान स्थापित रखने के लिए वचनबद्ध हो। सिख परिवार अपने बच्चों को नशे से दूर रखें। दशम पिता द्वारा बख्शीश खंडे बाटे की पाहुल छक कर गुरु के साथ जुड़ें।

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