Wednesday, 24 December 2014

नदियों में आ रहा नेपाल से ‘जहर’

नेपाल के पहाड़ों से निकली डंडा और रोहिन नामक नदियों का जल प्रदूषित हो गया हैं। भारतीय क्षेत्र में बहकर आने वाली इन दोनों नदियों के जहरीले पाने से कई जलीय जीव-जंतुओं की मौत हो चुकी है।

सीमांत क्षेत्र के फरेंदी, केवटलिया, कुनसेरवा समेत दो दर्जन गांवों के लोग नदी के बदबूदार पानी से परेशान हैं। मवेशी नदी के जल को पीने से दूर भाग रहे हैं। किसान सिंचाई के लिए जल के इस्तेमाल से कतरा रहे हैं। नेपाल से निकली रोहिन व डंडा नदी भारतीय क्षेत्र में फसलों व जलीय जीव जंतुओं के लिए एक वक्त वरदान मानी जाती रहीं, लेकिन नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र भैरहवा को पूर्ण औद्योगिक क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद यहां स्थापित कारखानों का जहरीला व प्रदूषित पानी जनजीवन पर प्रभाव डालेगा।

डेढ़ महीने पहले पुरंदरपुर के समरधीरा से होकर बहने वाली रोहिन नदी के त्रिमुहानी घाट पर मछलियों की मौत हो गई थी। उसका भी कारण प्रदूषित पानी था। यह नदी भी नेपाल से निकलकर भारतीय क्षेत्र में आई है। पूर्ण औद्योगिक क्षेत्र बनने के बाद भैरहवा से निकलने वाला अपशिष्ट डंडा नदी में ही गिराने की योजना है।

ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि नदी किनारे बसे लोग और उनके मवेशियों की क्या स्थिति होगी। वैसे भी डंडा नदी में भैरहवा स्थित मेडिकल कालेज, आस- पास स्थापित अन्य छोटे-बड़े कारखानों से निकल रहे अपशिष्ट और लावारिस शवों को प्रवाहित किया जा रहा है।

इसके लिए नेपाल सरकार की तरफ से अब तक कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है। नेपाल के रुपनदेही जिले के जिलाधिकारी बालकृष्ण पंथी का कहना है कि भैरहवा को औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। औद्योगिक कचरे के निस्तारण के लिए हम शोधन यंत्र भी लगाएंगे ताकि डंडा और रोहिन नदियों को प्रदूषण से बचाया जा सके। वहीं, महराजगंज जिले के नौतनवा के उपजिलाधिकारी रण विजय सिंह का कहना है कि नदियों के माध्यम से आ रहे नेपाल के कचरे के निस्तारण को लेकर नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

Source: Hindi News and Newspaper

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