प्रमुख नेताओं की बयानबाजी के चलते बिहार की राजनीति में एक बार फिर दिलचस्प मोड़ आ गया है। लालू प्रसाद यादव ने भी अगले मुख्यमंत्री को लेकर अपनी राय जाहिर की तो जीतन राम मांझी भी बोलने से नहीं चूके। जीतन राम मांझी ने कहा कि विधानमंडल सत्र प्रारंभ होने से पहले विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री का फैसला हो जाएगा। वैसे पार्टी के चाहने पर ही कोई मुख्यमंत्री बन सकता है। जनता के दरबार कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि कोई दलित ही बेहतर ढंग से दलितों के भलाई के बारे में सोच सकता है। मेरी अपनी भावना है कि कोई दलित ही बिहार का अगला मुख्यमंत्री बने मगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना मेरा कर्तव्य है।
लालू प्रसाद यादव ने अगले मुख्यमंत्री के लिए नीतीश कुमार के नाम पर सहमति जताई है। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी दावा किया है कि 15 फरवरी से पहले जीतन राम मांझी को हटाकर नीतीश कुमार सीएम बन सकते हैं।
वहीं जदयू में भी सब कुछ ठीक नहीं है। अंदरूनी उथल-पुथल जारी है। अब बागी विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ये बागी विधायक 14 फरवरी से अपना बिहार बचाओ अभियान आरंभ करेंगे, जिसके मुख्य निशाने पर जदयू नेतृत्व रहेगा। वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को अपने मंत्रियों से रिश्ते सुधारने की नसीहत दी है। राज्य नागरिक परिषद के वरीय उपाध्यक्ष भोला प्रसाद सिंह ने जहां पथ निर्माण मंत्री ललन सिंह को इस्तीफा देने को कहा है वहीं बागी विधायकों का नेतृत्व कर रहे ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने ललन सिंह के अलावा पर्यावरण एवं वन मंत्री पीके शाही और संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार को इस्तीफा देने कहा है।
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