जयपुर। विश्व प्रसिद्ध अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में आने वाले जायरीनों को जल्द ही बायो मैट्रिक्स कार्ड से प्रवेश दिया जाएगा। प्रोजेक्ट पर दरगाह कमेटी ने सैद्धांतिक मुहर लगा दी है। यह एक का डिजिटल फोटोग्राफ बेस्ट टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन होगा। इसमें पहचान सहित सारा डाटा रहेगा।
दनकौर- हजरत मोहम्मद के जन्म दिन पर दनकौर कस्बे में ईद मिलाद उल नबी धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान लोगों ने अमन चैन और गरीबों की सेवा का संकल्प लिया। कांग्रेसी नेता धीरेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों को प्रेम व भाईचारे के साथ रहना चाहिए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हाजी तफसीर आलम ने कहा कि यह त्योहार देश में शांति व अमन का पैगाम देता है। इस मौके पर सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मौमीन तंवर, मौलाना मुइनुद्दीन मास्टर अलीशेर, शफीक कुरैशी, मास्टर सईद हाजी, अबरार डा. रहमत, ताहिर खान, शौएब खान, अकरम, शकील, नासिर, अब्बासी, बुंदू मालिक, राहत अली, परवेज खान, अमरपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी दनकौर शैलेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
ईद मिलादुन्नबी पर विशेष-
..रहमत लेकर आए हमारे प्यारे नबी'
हजरत मुहम्मद साहब ने दिखाया ईमान का रास्ता
फरीदाबाद- ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मंगलवार को जिले में कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। मदरसों, मस्जिदों तथा दरगाहों पर हजरत मुहम्मद साहब के पैगाम का जिक्र किया गया। लोगों ने ईमान की राह पर चलने का इरादा भी दोहराया। इन कार्यक्रमों में बड़ों के साथ बच्चों ने भी शिरकत की।
जामा मस्जिद- ऊंचा गांव स्थित मदरसा मखजनुल-उलूम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को कॉपी, किताबें तथा फल वितरित किए गए। पलवल से आए मौलाना शेर मोहम्मद तथा खंदावली से आए कारी अली मोहम्मद खास तौर से मौजूद रहे।
जामा मस्जिद के मौलाना जमालुद्दीन साहब ने फरमाया कि हजरत मुहम्मद साहब की पैदाइश तथा पर्दा करने का दिन एक ही है। इसी दिन को ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर डॉ.फारुख, भाई अब्बास खान, महमूद खान, मौलवी हबीब, मौलाना सना उल्लाह शिरकत की।
ईमान की दौलत कमाने की जरूरत -
अंजुमन कादरिया मस्जिद, सरस्वती कालोनी की ओर से जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। सबसे पहले लोगों ने सराय ख्वाजा स्थित बाबा भूरे शाह की दरगाह पर हाजिरी दी। गद्दीनशीन अब्दुल हन्नान साहब ने ईमान की दौलत कमाने की हिदायत दी। अंजुमन कादरिया मस्जिद तथा सूर्या विहार, भाग तीन चिश्तिया मस्जिद से सब इकट्ठे होकर बाबा की दरगाह पर पहुंचे। इस मौके पर अधिवक्ता निबरास अहमद, मौलाना साजिद हुसैन सकलैनी, मुनौवर अली, मौलाना सलाउद्दीन, मुशताक अहमद, आजाद हुसैन, खलील अहमद, मुहम्मद मुस्तफा रजा, मौलाना अब्दुल मतीन ने शिरकत की।
हुजूर ने दिखाई रोशनी-
हुजूर(हजरत मुहम्मद साहब)ने दुनिया को ईमान की रोशनी से नवाजा है। इस्लाम मुहब्बत की बात करता है। हम सबको आपस में भाईचारे के साथ रहना चाहिए। यही अल्लाह-रसूल फरमान है।
-रफी अहमद, महासचिव संजय गांधी मेमोरियल नगर,आरडब्ल्यूए जी ब्लाक।
रहमत लेकर आए प्यारे नबी
अल्लाह के प्यारे नबी हजरत मुहम्मद साहब तो रहमत लेकर आए थे। हमारे पैगंबर ने हमें इंसानियत का रास्ता दिखाया है। ये भी फरमाया कि सुनो, सुनो ईमान अगर है तो सुकून है। हम सबको ईमान की रोशनी से मालामाल रहकर नेकियां कमानी चाहिए।
-खुर्शीद अहमद, नंगला रोड, जवाहर कालोनी।
नेकियां कमाने की दी हिदायत
कुरान शरीफ तथा हदीस शरीफ में साफ तौर से आया है कि नेकियां कमाओ। अल्लाह के प्यारे नबी ने हम सबको यही समझाया है कि सच्चाई अच्छाई के रास्ते पर चलो। अपने फर्ज अदा करो, इससे अल्लाह खुश होंगे। जब अल्लाह खुश होते हैं तो रहमत की बरसात होती है।
-हाजी इरफान अहमद, ओल्ड फरीदाबाद।
इस्लाम की बुनियाद है मुहब्बत
इस्लाम की बुनियाद मुहब्बत है। जो लोग अल्लाह, रसूल में यकीन रखते हैं। वह अल्लाह के बंदों से भी मुहब्बत करते हैं। पुख्ता ईमान से मर्तबा बुलंद होता है। यही पैगाम हुजूर ने दिया है।
-मौलाना जमालुद्दीन साहब, इमाम, जामा मस्जिद ऊंचा गांव, बल्लभगढ़।
खुद में अच्छाइयां पैदा करो
जब दिल, दिमाग साफ होगा और अच्छाइयां पैदा होंगी तो जिंदगी का लुत्फ भी मिलेगा। असल मकसद अल्लाह के हुक्म को मानना है। जो लोग अल्लाह, रसूल के बताए रास्ते पर चलते हैं, वह सुकून हासिल करते हैं। हजरत मुहम्मद साहब ने भी यही फरमाया है कि ईमान की राह चुनो। इस राह पर चलते हुए ही जन्नत मिलेगी।
-कारी अब्दुल हफीज, गांव कुरैशीपुर मदरसा।
Source: Rashifal in Hindi
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