मुंबई। रियलिटी शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट' के पांचवे सीजन को जज कर रहे फिल्ममेकर करण जौहर का मानना है कि वह किसी के टैलेंट पर यूं ही जजमेंट नहीं करते, जबकि वह खुद उसमें बेहतर न हो। वह प्रतिभागियों के परफॉमर्ेंस पर केवल अपनी रचनात्मक राय देते हैं। वे उस परफॉमर्ेंस का प्रभाव जज करते हैं ना कि टैलेंट को।
करण जौहर का कहना है, 'मैं जज नहीं करता,मैं केवल अपना विचार रखता हूं। मुझे लगता है कि जजमेंटल और जज बहुत ही कठोर शब्द है। मैं एक डांस को जज करने वाला कौन होता हूं जब मैं खुद डांसर नहीं हूं या मैं किसी सिंगर को कैसे जज कर सकता हूं जब मैं खुद सिंगर नहीं हूं। मैं जज नहीं करता लेकिन मैं एक निर्देशक के रूप में अपने रचनात्मक विचार सामने रखता हूं। मेरे लिए टैलेंट जज करना तभी संभव है जब मैं खुद उस विधा में पारंगत रहूं। इसलिए मैं केवल स्टेज पर उस परफॉमर्ेंस के प्रभाव को जज कर सकता हूं।'
करण के मुताबिक इस शो में कुछ भी स्क्रिप्टेड नहीं है जहां अलग-अलग संस्कृति, पृष्ठभूमि और आयुवर्ग हिस्सा लेते हैं और अपना टैलेंड दिखाते हैं। वे कहते हैं 'ये सभी रियल होता है। मुझे एक भी लाइन बोलने के लिए नहीं दी जाती। मैं केवल वहां बैठता हूं और वही कहता हूं जो मेरे दिल और दिमाग में आता है। इन प्रतिभागियों की पिछले कहानियों के पीछे भावनाएं रहती हैं..उन्हें स्क्रिप्ट में ढालने की जरूरत नहीं होती। उनका जीवन फैसिनेटिंग होता है..कुछ का दिल पसीजा देने वाला होता है और अब कुछ भी स्क्रिप्ट में कैसे ढाल सकते हैं जहां इतनी संस्कृतियां हो, कहानियां हो और बाधाओं की लंबी श्रृंखला हो।
गौरतलब है कि किरण खेर और मलाइका अरोड़ा खान के साथ करण भी इस रियलिटी शो के जज पैनल में हैं। यह शो 11 जनवरी से प्रसारित होगा।
(नई दुनिया)
Source: Bollywood News in Hindi
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