Monday, 6 January 2014

New born baby dead body found in garbage in delhi hospital

नई दिल्ली। दिल्ली के एक अस्पताल में लापरवाही का वो मंजर देखने को मिला जिसे सुनकर सभी ने दांतों तले अंगुली रख ली। राजधानी के माता चानन देवी अस्पताल में एक नवजात की मौत के बाद उसके शव को कुछ देर के लिए शवदाह गृह में रखने के बजाए उसके शव को कूड़े में फैंक दिया। इसका पता लगने के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मामला सरकार के कानों में पहुंचा तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसको बेहद निंदनीय करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा है कि यह एक गंभीर मुद्दा है, दोषी चाहे सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अस्पताल ने भी जांच करने की बात कही है।

दरअसल जनकपुरी निवासी वर्षीय राजेश वर्मा की पत्नी नीतू वर्मा ने प्राइवेट नर्सिंग होम में रविवार को एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण उसे पास के माता चानन देवी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अस्पताल में डाक्टरों ने बच्ची के सिर में इंटरनल ब्लीडिंग की बात कही और इलाज शुरू कर दिया। लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशें बेकार गई और नवजात की रात डेढ़ बजे बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से नवजात के शव को शवदाह गृह में रखने की बात कही। 

लेकिन अगले दिन जब परिजन अपनी बच्ची का शव लेने पहुंचे तो देखा कि बच्ची का शव कूड़ेदान में पड़ा था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने नवजात के शव को कूड़ेदान में से ही निकालकर दिया। परिजनों के कर्मियों से सवाल जवाब करने पर कर्मी पर भड़क गए। इसके बाद बाद परिजनों ने अस्पताल में जाकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। 

अस्पताल में हंगामा बढ़ता देख वहां पर पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। 

नवजात को कचरे के डिब्बे में फेंके जाने के मामले में जब संवाददाताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछा तो उन्होंने कहा कि यह मानवता के खिलाफ है। हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

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