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Tuesday, 21 June 2016

...तो क्या इस बार अपने ही जाल में फंसे केजरीवाल, फेल हुआ सियासी फॉर्मूला?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। असल में केजरीवाल जिन अस्त्रों का इस्तेमाल कर विरोधियों को चित कर देते थे अब विरोधियों ने भी उसी अस्त्र का इस्तेमाल कर केजरीवाल पर हमला बोल दिया है।

बैकफुट पर दिल्ली सरकार

सीएम केजरीवाल को उन्हींं की भाषा में जवाब देने का काम भाजपा सांसद महेश गिरी ने किया है। गिरी ने धरना और अनशन के जरिए केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला है, इतना ही नहीं भाजपा नेता ने सीएम केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देकर दिल्ली सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है।

गिरी को मिला स्वामी का साथ

सीएम आवास के बाहर गिरी का अनशन जारी है। भाजपा नेता के साथ उनके समर्थक मौजूद हैं इतना ही नहीं समय-समय पर भाजपा के बड़े नेता भी गिरी से मिलने पहुंच रहे हैं। पूरे मामले में टर्निंग प्वाइंट तब आ गया जब पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी को पार्टी के बड़े नेता सुब्रमण्यम स्वामी का साथ मिल गया।

आप नेता कर रहे बचाव

भाजपा की तरफ से केजरीवाल पर सियासी वार शुरू हैं और बचाव के नाम पर आप नेता सोशल मीडिया का सहारा लेकर हालात का रुख बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा उदाहरण आप नेता आशुतोष का है जिन्होंने गिरी के अनशन पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया कि 'भाजपा नेता को 21 दिनों तक भूखा रहना चाहिए, नहीं तो जनता नौटंकी समझेगी'  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 24 May 2016

'पूरी तरह से बेईमान हैं केजरीवाल, स्वार्थ के लिए मोदी से भी मिला सकते हैं हाथ'

 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए पूर्व आप नेता प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए नरेंद्र मोदी से भी हाथ मिला सकते हैं। अपनी निजी अमेरिका यात्रा के दौरान भारतीय-अमेरिकी समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "केजरीवाल पूरी तरह से बेईमान हैं.. जिस दिन उन्हें लगेगा तो वह नरेंद्र मोदी से भी हाथ मिला लेंगे। मुझे इस बारे में कोई संदेह नहीं है।"

भूषण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले एक साल के दौरान दिल्ली सरकार और मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कई मुद्दों को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही। पिछले वर्ष आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने स्वराज अभियान की स्थापना की थी। प्रशांत भूषण ने कहा, "वह (केजरीवाल) विश्वसनीयता हासिल करने के लिए लोगों का इस्तेमाल करते हैं, मैं और योगेंद्र यादव इसके उदाहरण हैं।"

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा केजरीवाल की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की कोई ईच्छा नहीं है। केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "वह खुद के लिए जवाबदेही नहीं चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी के विधायकों के बारे में भ्रष्टाचार के कई मामले सुनने को मिल रहे हैं।

भूषण ने कहा, "अरविंद में मनमोहन सिंह के लक्षण हैं, जो अपने लिए कभी पैसे नहीं चाहते हैं लेकिन अपने आस-पास के लोगों को इसकी अनुमति देते हैं।"

पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए भूषण ने कहा, " मेरे हिसाब से पंजाब में कांग्रेस एक अच्छी पंसद हो सकती है और वह 'आप' से बेहतर है तथा कांग्रेस के पास अनुभव है। आम आदमी पार्टी में अब कोई सिद्धांत नहीं बचे हैं।" स्वराज अभियान के बारे में एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह अभी राजनीति में उतरने को तैयार नहीं है और इसमें अभी एक वर्ष का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति को ज्वॉईन करने से पहले स्वराज अभियान को खुद में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और लोकतंत्र के सिद्धांतों को स्थापित करना होगा। हम 'आप' जैसी गलतियां दोहराना नहीं चाहते हैं।  Read more http://www.jagran.com/

Friday, 13 May 2016

राहुल, केजरी को SC का झटका, चलता रहेगा आपराधिक अवमानना का केस

सुप्रीम कोर्ट ने आज राहुल, केजरीवाल और स्वामी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारतीय दंडसंहिता की धारा 499 और 500 संवैधानिक है। कोर्ट के इस फैसले के बाद इन तमाम नेताओं पर विभिन्न निचली अदालत में चल रहे अपराधिक अवमानना के मुक़दमों पर रोक नहीं लगेगी।

इनके ख़िलाफ़ दायर मामलों में विभिन्न अदालतों में अब सुनवाई होगी। इस धारा को हटाने के लिये सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तमाम याचिकाकर्ताओं के खिलाफ देश के विभिन्न अदालतों में दायर अपराधिक अवमानना के मामलों की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। आज के आदेश के बाद अब उन तमाम मुक़दमों की सुनवाई दोोबारा हो सकेगी।

हालांकि अभी भी उन तमाम मुक़दमों की सुनवाई पर अगले 8 हफ़्तों तक तकनीकी कारणों से रोक क़ायम रहेगी।इस फैसले को सुनाते हुये जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा की संविधान की धारा 19 (1) A में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की गई है पर पर ये पूर्ण अधिकार नहीं है और व्यक्ति के सम्मान की रक्षा के लिये कुछ चेक-बैलेंस का होना आवश्यक है।  Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 13 April 2016

लातूर संकटःसोशल मीडिया पर विरोधियों ने केजरी को किया 'पानी-पानी'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने विवादित ट्वीट को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं। अब वह महाराष्ट्र में सूखे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे खत की वजह से सोशल मीडिया के निशाने पर हैं। इससे पहले पूरे विपक्ष ने कल दिनभर केजरीवाल की जमकर आलोचना की, बाकी बची कसर सोशल मीडिया ने पूरी कर दी। इस मुद्दे पर केजरीवाल की आलोचना आज भी जारी है।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर कहा था कि अगर केंद्र सरकार पानी भेजने में मदद करे तो दिल्ली के लोग लातूर के लिए रोजाना 10 लाख लीटर पानी भेज सकते हैं। इसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ रही है।

उनके आलोचक सोशल मीडिया पर केजरीवाल की जमकर क्लास लगा रहा है। लोगों का कहना है कि दिल्ली में बहुत से इलाके ऐसे हैं, जहां लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र की मदद करने के लिए 10 लाख लीटर पानी भेजना कितनी बचकानी बात है।

कुछ लोगों के दिल्ली के मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया है कि दिल्ली के पास तो खुद का पानी ही नहीं। उसे तो पानी के लिए पूरी तरह से हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में केजरीवाल कैसे दूसरे राज्य को पानी देने का दावा कर सकते हैं?

हालांकि, कल खत लिखने के साथ अरविंद केजरीवाल की सोशल मीडिया पर तारीफ हुई थी। खासतौर से केजरीवाल और मोदी के नए रिश्तों को लेकर, लेकिन कुछ घंटे बाद ही केजरीवाल के आलोचकों के सोशल मीडिया पर उतरते ही मामला 360 डिग्री घूम गया।

आलोचकों का कहना है कि केजरीवाल इस तरह के बयान सिर्फ चर्चा में रहने के लिए देते हैं। सोशल मीडिया पर एक आलोचक का कहना है कि क्या दिल्ली रोजाना 10 लाख लीटर पानी महाराष्ट्र के लिए बचा सकती है...नहीं।

गौरतलब है कि कल यानी 12 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लातूर जलसंकट पर खत लिखा था। उन्होंने खत में लिखा था, ‘अगर केंद्र सरकार पानी भेजने में मदद करे तो दिल्ली के लोग लातूर के लिए रोजाना 10 लाख लीटर पानी भेज सकते हैं।’ सोशल मीडिया पर केजरीवाल और मोदी के इन नए रिश्तों की तारीफ भी हुई थी, लेकिन आलोचकों के सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते ही हालात केजरीवाल के खिलाफ हो गए।

वहीं, महाराष्ट्र में सूखे के मद्देनजर केजरीवाल की यह दरियादिली ट्विटर पर भी दिखी है। केजरीवाल के ट्विट पर दिल्ली के जलमंत्री कपिल मिश्रा ने ट्विट किया, ‘हम लोग पानी बचा सकते हैं। लातूर में अपने भाई-बहनों को पानी भेज सकते हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी को भेजे खत में केजरीवाल ने लिखा है, ‘देश के लिए यह शर्म की बात होगी कि 21वीं सदी के भारत में किसी की पानी की वजह से मौत हो। दिल्ली के लोग अगले दो महीने तक रोजाना 10 लाख लीटर पानी लातूर भेजने को तैयार हैं। केंद्र सरकार इस पानी को लातूर भिजवाने का इंतजाम कर दे।’

Wednesday, 30 March 2016

स्वामी का केजरीवाल पर बड़ा हमला, कहा- नक्सली और महाफ्रॉड

 अपने बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहनेवाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेतृत्व पर करारा प्रहार किया है। स्वामी ने कहा है कि कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत है। यही नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भाजपा नेता ने नक्सली कह दिया।

स्वामी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को नए नेता की आवश्यकता है जो विशुद्ध रुप से भारतीय हो। इससे पहले भी स्वामी कांग्रेस नेतृत्व पर प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप से हमला करते रहे हैं। नेश्नल हेराल्ड केस में भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कोर्ट में घसीटा था। मामला अभी भी अदालत में है।

केजरीवाल पर हमला

यही नहीं सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने केजरीवाल को नक्सली तक कह डाला। स्वामी ने कहा कि केजरीवाल महाफ्रॉड हैं।

पाक के वीडियो को बकवास बताया

पाकिस्तान द्वारा भारतीय जासूस का कथित वीडियो जारी करने पर स्वामी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जासूस भारतीय पासपोर्ट क्यों रखेगा? वह पेशावर से किसी भी देश का पासपोर्ट ले सकता था। भाजपा नेता ने कहा कि पाक की इस बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा। 

Friday, 6 February 2015

दिल्ली में अराजकता और सुशासन के बीच चुनावः जेटली

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि दिल्ली में चुनाव अराजकता और सुशासन के बीच है। यह फैसला जनता को करना है कि वह किसे चुनती है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र में बेहतर सरकार दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी के बारे में उन्होंने कहा कि यह पार्टी सचिवालय से कंफर्टेबल सड़कों पर महसूस करती है। इस बात को दिल्ली के लोगों ने आप की पिछली सरकार के दौरान अच्छी तरह से महसूस किया होगा।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि दिल्ली में हमारी पार्टी की ही सरकार बनेगी।
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भाजपा-आप में कांटे की टक्‍कर, किसी भी तरफ जा सकता है पलड़ा

दिल्ली में सत्ता की लड़ाई बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ी हुई है। भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच मुख्य लड़ाई है लेकिन कांग्रेस भी इसे त्रिकोणीय बनाने को लेकर एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। मतदान से एक दिन पहले क्या है दिल्ली चुनाव का समीकरण, जानते हैं दैनिक जागरण के राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख राजकिशोर से...
भारतीय जनता पार्टी की असली चुनौती अपने समर्थकों को घर से बाहर निकालने की है। क्योंकि पहले भी देखा गया है कि जब कभी पार्टी अति आत्मविश्वास का शिकार हुई तो हारी है और सर्तक रही है तो खोई जमीन पाई है। पिछले आठ-दस दिनों में देखा गया है कि भाजपा ने दिल्ली चुनाव में अपने सारे घोड़े खोल दिए। कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, संगठन के वरिष्ठ नेता और स्वयं प्रधानमंत्री ने भी सभाएं कीं। अंतिम समय में संघ को भी मैदान में कूदना पड़ा।
जैसा कि पहले भी हम देखते आए हैं आप के समर्थक मुखर होते हैं और खुलकर मतदान के लिए आते हैं लेकिन भाजपा के साथ ऐसी बात नहीं है। लोकसभा चुनाव की तरह पार्टी कार्यकर्ता उतने ऊर्जावान नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। जबकि आप के कार्यकर्ता पिछले छह-सात महीने से क्षेत्र में पसीना बहा रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के शिथिल पड़ने की बड़ी वजह किरण बेदी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी मानी जा रही है।
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Thursday, 5 February 2015

अब नूपुर शर्मा ने केजरीवाल को दी बहस की चुनौती

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार नूपुर शर्मा ने अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को खुद बहस की चुनौती दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई उम्मीदवारों ने दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को एक मंच पर बहस की खुली चुनौती दी, लेकिन अभी तक कोई बहस हुई नहीं है। हमेशा बहस के लिए आतुर नजर आने वाले केजरीवाल क्या नूपुर शर्मा की चुनौती स्वीकार करेंगे!

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। ऐसे में लगता नहीं है कि नूपुर और केजरीवाल के बीच बहस देखने को मिलेगी। नूपुर शर्मा ने बुधवार को एक ट्वीट कर केजरीवाल को बहस की चुनौती दी। नूपुर ने ट्वीट में लिखा, 'मैं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक अरविंद केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देती हूं। वह बहस की मांग कर रहे थे, मैं उन्हें नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में इसके लिए आमंत्रित करती हूं।'

बता दें कि बहस के लिए चुनौती देने की शुरुआत अरविंद केजरीवाल ने ही की थी। सबसे पहले उन्होंने भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को बहस की चुनौती दी। लेकिन किरण बेदी ने इसके लिए यह कहकर मना कर दिया था कि वह सड़क पर नहीं केजरीवाल से विधानसभा में बहस करने की इच्छुक हैं।

इसके बाद कांग्रेस के नेता अजय माकन ने केजरीवाल और किरण बेदी को बहस के लिए ललकारा था। माकन ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर किरण बेदी बहस के लिए नहीं आतीं, तो सिर्फ केजरीवाल के साथ बहस करने के लिए वो तैयार हैं। लेकिन केजरीवाल ने माकन की इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया।


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शीला को भरोसा, दिल्‍ली में चौंकाने वाले होंगे नतीजे

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और सभी पार्टियां प्रचार में अपना दमखम दिखा रही हैं। ऐसे मौके पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लम्बे अर्से के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। पूरे चुनाव प्रक्रिया से दूर रही दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रचार के आखिरी दिन प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नतीजे चौंकाने वाले होंगे।

शीला दीक्षित ने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि राजधानी में मुकाबला त्रिकोणीय है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति पहले नहीं देखी है। भाजपा के पास कोई नीति नहीं है। केजरीवाल और बेदी के बीच जुबानी जंग हो रही है।

आपको बता दें कि 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था और इस बार वो पूरे चुनाव प्रकिया से दूर रही। 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने शीला को नई दिल्ली सीट से हराया था।

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भाजपा का पलटवार, कहा-केजरीवाल भगवान ही भरोसे

दिल्ली के चुनावी दंगल में बयानों का दौर चरम पर है। आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस समय भारतीय जनता पार्टी के पास पूरा सरकारी तंत्र है, लेकिन उनसे साथ भगवान हैं और जीत उन्हीं की होगी। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल अब भगवान भरोसे ही हैं।

भाजपा ने इस समय दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस पर टिप्पणी करते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया है, 'महाभारत में श्रीकृष्ण से दुर्योधन ने सेना मांगी थी। अर्जुन ने श्रीकृष्ण का साथ मांगा था। आज भाजपा के पास सारा तंत्र है। हमारे साथ भगवान है।'

दूसरी ओर, भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने केजरीवाल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केजरीवाल अब भगवान के ही भरोसे हैं, जनता के भरोसे नहीं। वहीं पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि दिल्ली के विकास का चीरहरण करने वाले आज महाभारत की बात न ही करें तो अच्छा है।

दरअसल, भाजपा के सारे दिग्गज नेता दिल्ली के चुनावी दंगल में उतरे हुए हैं। लगभग सभी केंद्रीय मंत्री चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। 13 राज्यों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली में प्रचार के लिए उतारा गया है। दिल्ली में 7 फरवरी को विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव के प्रचार का दौर आज शाम को खत्म हो जाएगा।

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Wednesday, 4 February 2015

खुद के सर्वे में 'आप' ने थपथपाई पीठ, केजरी सबसे पसंदीदा सीएम कैंडिडेट

दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत और कौन रहेगा हासिए पर यह जानने के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से सर्वे किया गया। 'आप' ने 35 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3188 लोगों से बातचीत की और उनसे यह जानने का प्रयास किया कि दिल्ली का सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है?
सर्वे में शामिल छह फीसद लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं था। सात फीसद लोगों ने अजय माकन को बताया कि वे अच्छे मुख्यमंत्री हो सकते हैं। 34 फीसद लोगों ने कहा कि किरण बेदी दिल्ली के लिए अच्छी मुख्यमंत्री साबित हो सकती हैं। जबकि अरविंद केजरीवाल के बारे में लोगों की राय बिल्कुल जुदा थी। 53 फीसद लोगों ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री हो सकते हैं।
'आप' नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि हमने इन लोगों से यह सवाल किया था कि आपके मुताबिक कौन दिल्ली का सबसे अच्छा मुख्यमंत्री हो सकता है। उनके सामने हमने तीन नाम रखे थे। अजय माकन, किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल का, जिसमें सबसे पसंदीदा अरविंद केजरीवाल रहे। वहीं, मतदान प्रतिशत की बात करें तो सर्वे के मुताबिक 46 फीसद वोट आम आदमी पार्टी को मिलने की उम्मीद है, जबकि 33 फीसद वोट भारतीय जनता पार्टी को मिलने की उम्मीद की जा रही है।
वहीं, सीटों की बात करें तो आम आदमी पार्टी अपने आंतरिक सर्वे में खुद को 51 सीटें दे रही है जबकि भाजपा को 15 सीटें और कांग्रेस महज चार सीटें ही मिल रही है।
आपको बता दें, इसके पूर्व अन्य समाचार चैनल्स के सर्वे में भी आम आदमी पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। आप के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी की स्थिति कमजोर बताई जा रही है, जबकि कांग्रेस को हासिए पर बताया जा रहा है।

दिल्ली में बनेगी भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकारः पीएम

दिल्ली विधानसभा के चुनाव प्रचार के लिए अब केवल दो दिन ही बचे हैं। ऐसे में सभी पार्टियां पूरे जोरशोर के साथ चुनाव प्रचार में लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पीएम मोदी की आज अंतिम रैली है। प्रचार के अंतिम चरण में सभी पार्टियां अब कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती हैं। दिल्ली के अंबेडकर नगर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने वाली है। मोदी ने कहा कि नतीजों के बाद हम रुकने वाले नहीं हैं। हमें दिल्ली को विकास की ऊंचाइयों पर ले जाना है। पीएम ने कहा कि दिल्ली में हवा का रुख बिल्कुल साफ है। दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली भाजपा की सरकार बनेगी।
पीएम ने कहा कि जब लोकसभा के चुनाव में इतनी भीड़ नहीं आती थी, उसके बाद भी हम चुनाव जीत गए। इस बार की भीड़ देखकर हमारा दिल गदगद हो गया। हम उस तरह की विकास करना चाहते हैं जिससे गरीबों की जिंदगी में बदलाव आए। दिल्ली की जनता से पीएम ने कई वादे किए। उन्होंने कहा कि अगर आपको अपनी जिंदगी बदलनी है तो हम आपके पास आए हैं। आप हमें आशीर्वाद देकर भाजपा की सरकार बनाइए। जनता की आवाज इश्वर की आवाज होती है मुझे जनता की आवाज सुनाई दे रही है, भाजपा जीतने वाली है
आज भारत का नाम पूरी दुनिया में बड़े सम्मान के साथ लिया जा रहा है। पूरी दुनिया भारत का लोहा मानने लगी है। पूरे विश्व में भारत की जय-जयकार हो रही है। हमारे देश की जनता के कारण भारत की दुनिया में जय-जयकार हो रही है। इसलिए दिल्ली के विकास के लिए पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाइए। पीएमे दिल्ली की जनता से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली में अस्थिर सरकार से विकास रुक गया। पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी तो दिल्ली के विकास का पहिया रुकेगा नहीं।

Friday, 30 January 2015

भाजपा ने केजरी को दी शाजिया इल्मी से बहस करने की चुनौती

राजधानी दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा और आप के बीच कांटे की टक्कर हो रही है। इस घमासान में दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर हमले का कोई मौका चूकना नहीं चाहती है। इन दिनों भाजपा ने आप पर हमले तेज कर दिए हैं। आज लगातार दूसरे दिन भाजपा ने केजरीवाल से पांच सवाल पूछे हैं। इसके साथ ही भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को शाजिया इल्मी से बहस करने की चुनौती भी दी है।
आज एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की निर्मला सीतारमन ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए 5 सवालों की दूसरी किश्त पेश की। सीतारमन ने कहा कि केजरीवाल ने अब तक पिछले सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता उनके जवाब सुनकर ही वोट दे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हम पुराने सवाल उठा रहे हैं, लेकिन हम वही सवाल पूछ रहे हैं जिनके जवाब आप ने अब तक नहीं दिए हैं।
आज हैं भाजपा के ये पांच सवालः---
1. चुनाव के चंदे का हिराब क्यों नहीं देती आम आदमी पार्टी? आम आदमी पार्टी देश के बाहर से फंड ले रही है।
2. आम आदमी पार्टी भारत विरोधी तत्वों से मिलकर दिल्ली में कैंपेन क्यों चला रही है? बांग्लादेश, दुबई से वोट मांगने के लिए फोन क्यों किए जा रहे हैं?
3. आप महिला विरोधी क्यों है? पार्टी से महिला नेताओं का पलायन हो रहा है।
4. चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं का अपमान क्यों करती है 'आप'?
5. आप ने दिल्ली में लोकायुक्त को मजबूत क्यों नहीं बनाया?

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भाजपा के पास दिल्‍ली में विकास का एजेंडा नहीं: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषणापत्र जारी न करने के फैसले पर खिंचाई की है। केजरीवाल का कहना है कि मैनिफेस्टो जारी न करना बताता है कि भाजपा के पास कोई विजन या एजेंडा नहीं है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी अपना घोषणापत्र शानिवार को जारी करने जा रही है।

बता दें कि गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी घोषणा पत्र जारी नहीं करेगी। भाजपा इस बार सिर्फ विजन डॉक्यूमेंट जारी करेगी। इस पर केजरीवाल ने कहा है, 'अगर भाजपा के पास यह बताने के लिए नहीं है कि वह चुनाव के बाद क्या करेगी, तो वह दिल्ली में शासन कैसे करेगी।'

उधर भाजपा द्वारा पांच सवाल पूछने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि वह सिर्फ पांच नहीं 1000 सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। लेकिन क्यों नहीं भाजपा खुले में बहस करती है, जो लोकतंत्र को मजबूत करेगा। बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को खुली बहस की चुनौती दे चुके हैं। लेकिन किरण बेदी ने यह कहकर इसके लिए मना कर दिया था कि वह सड़क पर नहीं विधानसभा में बहस करेंगी। दिल्ली में 7 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं।

Wednesday, 28 January 2015

भाजपा से मेरे संबंध मधुर थे, तो केजरीवाल क्यों बनाना चाहते थे सीएमः किरण

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की मुख्यमंत्री पद की घोषित उम्मीदवार किरण बेदी ने आम आदमी पार्टी पर पलटवार किया है। किरण ने कहा है कि अगर वे आंदोलन के समय से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रति नरम थीं तो आम आदमी पार्टी की तरफ से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का ऑफर क्यों किया था? आज एक संवाददाता सम्मेलन में बात करते हुए किरण ने कहा कि अगर उनके ऊपर 'आप' को भरोसा नहीं था तो इतना बड़ा पद देने का ऑफर क्यों किया गया था?

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने कहा था कि किरण बेदी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समय से ही भारतीय जनता पार्टी के प्रति नरम रुख रखती थी। कुमार विश्वास ने किरण बेदी के ऊपर यह आरोप उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद लगाए थे। इसके पहले अन्ना हजारे के आंदोलन के समय भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में ये सभी लोग एक साथ थे।

उधर, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि अगर अरविंद केजरीवाल ने किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का ऑफर दिया था तो उन्हें यह बात लोगों के सामने लाना चाहिए।

Tuesday, 27 January 2015

'जदयू' के 'आप' को दिल्‍ली में समर्थन देने से तिलमिलाई कांग्रेस

जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का समर्थन करने का एलान किया है। कांग्रेस की नाराजगी की परवाह न करते हुए जदयू ने साफ कर दिया है कि वह अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को समर्थन करने को तैयार है। इस मुद़दे पर जब उनसे कांग्रेस की नाराजगी का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस से उनका तालमेल सिर्फ बिहार तक ही सीमित है।

सिंह ने साफतौर पर कहा कि बिहार के बाहर जदयू किसी को भी समर्थन दे सकती है और ले सकती है, इसके लिए पार्टी पूरी तरह से आजाद है। हालांकि इस बार में जब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ लेकिन आप को समर्थन देने का प्रपोजल जरूर है। उनका कहना था कि दिल्ली चुनाव में सपा और राजद ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। ऐसी स्थिति में यदि वह कुछ नहीं कर पाते हैं तो पार्टी आप को समर्थन दे सकती है।


गौरतलब है कि नीतीश कुमार के केजरीवाल के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पर बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि जदयू की इस तरह की बात करना कांग्रेस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उनका कहना था कि ऐसे स्थिति में जब बिहार में उनकी सरकार को कांग्रेस समर्थन कर रही है तब उन्हें इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जदयू को यह कहते हुए धमकी भी दी है कि यदि वह आप को समर्थन देती है तो केंद्रीय नेतृत्व उन्हें बिहार में समर्थन देने पर फिर से विचार कर सकती है।

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Thursday, 22 January 2015

'आप' में तानाशाही, कई बड़े नेता हाशिए परः शाजिया इल्मी

आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़कर हार चुकी शाजिया इल्मी ने भाजपा में शामिल होने के बाद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। शाजिया ने कहा है कि इस बात की जानकारी नहीं हो पाती है कि पार्टी को कौन चलाता है और उसके बारे में जानकारी किसी को नहीं दी जाती है। आम आदमी पार्टी का असली चेहरा अब उजागर हो चुका है। वे उसी तरह का व्यवहार करते हैं जैसा वह दूसरों पर आरोप लगाते हैं। आम आदमी पार्टी में वही रह सकता है जो अरविंद केजरीवाल के करीब हो और मनीष सिसोदिया की हां में हां मिलाए। आम आदमी पार्टी में बहुत से नेताओं को हाशिए पर कर दिया गया है, जो आम आदमी पार्टी के अंदर तानाशाही का रवैया है।

आम आदमी पार्टी कॉर्पोरेट बनती जा रही है। हमने राजनीति को बदलने की कोशिश की लेकिन गलत नीतियों की वजह से संभव नहीं हो पाया। यह कुछ उस तरह से है कि कोई व्यक्ति अंदर से पार्टी को चला रहा है, लेकिन उस पर कोई भी सवाल नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आम आदमी पार्टी में अच्छे उम्मीदवारों को बदल कर गुंडों को टिकट दिया जा रहा है।

वहीं केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही किरण वालिया ने कहा है कि केजरीवाल ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने शपथपत्र में एक एफआइआर का जिक्र नहीं किया है जो गंभीर सूचना को छुपाने की तरह है। उनके नामांकन पत्र को अभी तक खारिज नहीं किया गया है। हम उसके खिलाफ हाइकोर्ट जाएंगे और उसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

Tuesday, 20 January 2015

बहस की चुनौती माकन को स्‍वीकार, बेदी को काम में यकीन

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा सार्वजनिक बहस की चुनौती को जहां कांग्रेस नेता अजय माकन ने स्वीकार कर लिया है, वहीं किरण बेदी ने कहा है कि केजरीवाल जीतकर आएं तो हम विधानसभा में बहस को तैयार हैं। केजरीवाल ने 2013 के विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी बहस की चुनौती दी थी, हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

केजरीवाल के न्योते का जवाब देते हुए बेदी ने कहा कि मुझे उनकी चुनौती मंजूर है। वह जीत कर आएंगे तो हम विधानसभा बहस करेंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद सिर्फ सड़क पर बहस में विश्वास करते हैं, मैं डिलिवरी में विश्वास करती हूं। ट्विटर पर ब्लॉक करने के सवाल पर बेदी ने कहा कि वह बहुत परेशान दिख रहे हैं, मैंने उन्हें सवा साल पहले ही ब्लॉक किया था जब उन्होंने कहा था कि मैं अराजकतावादी हूं। मैंने कई अन्य लोगों
को भी ब्लॉक किया है, जो नकारात्मकता फैलाते हैं।

मंगलवार को सुबह केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, किरण जी, मैं आपको ट्विटर पर फॉलो करता था, लेकिन अब आपने मुझे ब्लॉक कर दिया है। कृपा करके मुझे अनब्लॉक कर दें। उन्होंने ट्वीट में आगे कहा, मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होने पर आपको बधाई। मैं आपको सार्वजनिक बहस के लिए न्योता देता हूं, जिसे कोई तटस्थ व्यक्ति होस्ट करे और सभी जगह इसका प्रसारण हो।

इससे पहले केजरीवाल ने सोमवार को भी किरण बेदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेदी अगर भाजपा की फंडिंग को पारदर्शी बना पाईं तो वह उनके साथ होंगे। वहीं, बेदी द्वारा दिल्ली के विकास को लेकर बताए गए फार्मूले पर केजरीवाल ने कहा कि फार्मूला नहीं, जनता सस्ती बिजली व पानी चाहती है। फार्मूलों से दिल्ली का भला नहीं होगा।केजरीवाल ने यह बातें एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान कहीं।

उन्होंने कहा कि किरण बेदी 'आप' के लिए नहीं, भाजपा के लिए चुनौती हैं। बेदी अगर भाजपा की फंडिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश करें, पार्टी को आरटीआइ के दायरे में लाएं, निहालचंद जैसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाएं तो वह उनके साथ होंगे। जनता बेदी को तभी एक्शन मोड में देखेगी जब वह भाजपा के अंदर सफाई अभियान चला सकें। अभी तो वैसा ही है, जैसे पहले कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का चेहरा आगे करके देश को लूटा। भाजपा किरण बेदी के सहारे वही काम करेगी।

Friday, 16 January 2015

भाजपा में शामिल होने के बाद शाजिया ने कहा- यही सही पार्टी

आम आदमी पार्टी [आप] की पूर्व नेता शाजिया इल्मी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। भाजपा में शामिल होने के बाद शाजिया ने कहा-यही सही पार्टी है । उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल को ही नेता मानती थी, लेकिन अब विश्वास टूट गया है। मोदी की तारीफ करते हुए शाजिया ने कहा कि पिछले छह महीने से वह केंद्र सरकार के कामकाज को देख रही हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी पद के लोभ में भाजपा में शामिल नहीं हुई हैं।

इस मौके पर भाजपा के दिल्ली प्रभारी प्रभात झा ने उन्हें भाजपा में शामिल हाेने के लिए शुभकामनाएं दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को ताकत और ऊर्जा मिली है। इससे पहले शाजिया ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की थी। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने भी उनका पार्टी में स्वागत किया है।

आप की संस्थापक सदस्य रहीं शाजिया इल्मी पार्टी से अलग होने के बाद से खुलेआम अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी की आलोचना कर रहीं थीं। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के साथ झाडू लगाने में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की।

गौरतलब है कि इल्मी ने 2013 में विधानसभा चुनाव में आप प्रत्याशी के रूप में आरकेपुरम सीट से चुनाव लड़ा था। वह भाजपा के नेता अनिल शर्मा से 326 मतों से हार गई थीं। उसके बाद उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में आप प्रत्याशी के रूप में गाजियाबाद से चुनाव लड़ा। वहां भी उनको भाजपा नेता वीके सिंह से हार का सामना करना पड़ा था।

Thursday, 15 January 2015

किरण बेदी व जया प्रदा भाजपा में होंगी शामिल!

देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी व गांधीवादी नेता अन्ना हजारे की सहयोगी किरण बेदी गुरुवार को भाजपा में शामिल हो सकती हैं। बेदी के भाजपा में शामिल होने की काफी दिनों से चर्चा चल रही है। सूत्रों ने बताया कि आज अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई जा सकती है। शाह शाम चार बजे प्रेस कांफ्रेंस करने वाले हैं।

इसके साथ ही तारिका से नेता बनी रामपुर से सपा की पूर्व सांसद जया प्रदा भी भाजपा में शामिल हो सकती हैं। मीडिया में आ रही खबर के मुताबिक भाजपा दोनों में से किसी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट से मैदान में उतार सकती है। जया प्रदा ने 2014 का लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गईं। लेकिन बेदी अब तक राजनीति से दूर रही हैं। पहले वह केजरीवाल के साथ मिलकर अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा ले चुकी हैं। लेकिन राजनीतिक दल बनाए जाने के मुद्दे पर वह केजरीवाल से अलग हो गईं।

इससे पहले, यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि आप की पूर्व नेता शाजिया इल्मी भाजपा में शामिल होंगी और अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली सीट पर चुनौती देंगी। लेकिन शाजिया ने ट्वीट कर बताया कि वह मीडिया में आ रही खबरों का खंडन करती हैं। मैं नई दिल्ली या कहीं और से चुनाव नहीं लड़ रही हूं।

सूत्रों के मुताबिक पत्रकार से नेता बनीं शाजिया ओखला जैसी सीट से चुनावी मैदान में उतरना चाहती हैं। ओखला में अल्पसंख्यकों की अच्छी खासी तादाद है। शाजिया ने पिछला चुनाव आप के टिकट पर आरके पुरम से लड़ा था और भाजपा प्रत्याशी से मात्र 400 वोटों से हार गईं थीं।