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Tuesday, 31 May 2016

डिजिटल मीडिया से संभव हो रहा जनता से सीधा संवाद: भाजपा अध्यक्ष

विकास पर्व के जरिए मोदी सरकार कामयाबियों को जनमानस तक पहुंचा रही है। वहीं भाजपा भी देश के अलग-अलग शहरों, कस्बों और गांवों में सरकार की उपलब्धियों को बताने में जुटी है। इन उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

 हाल ही में देश -विदेश के डिजिटल मीडिया के संपादकों और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच संवाद हुआ। संपादकों के साथ संवाद में अमित शाह ने डिजिटल मीडिया की भूमिका पर बेबाकी से राय रखी। उन्होंने कहा कि आज के बदलते समय में डिजिटल माध्यम के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता है। डिजिटल माध्यम के जरिए हम आसानी से जरुरतमंदों के बाच पहुंच सकते हैं। लोगों की दिक्कतों से रूबरू होने के साथ-साथ सरकार और पार्टी की योजनाओं को कारगर तरीके से रख सकते हैं। डिजिटल मीडिया से बातचीत में अमित शाह ने न केवल सरकार और पार्टी से जुड़े सवालों का जवाब दिया बल्कि डिजिटल मीडिया से जुड़े सवालों और चुनौतियों का भी जिक्र किया।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख अमित शाह ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को बदलते समय के साथ और सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कुछ मांगों को सही मानते हुए लिखित रूप में उन्हें सौंपने का सुझाव भी दिया। 2014 के आम चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने युवाओं और शहरी मध्यवर्ग तक पहुंचने के लिए सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग किया था। आने वाले समय में भी पार्टी तेजी से उभरते हुए इस माध्यम की मदद से आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती है। पार्टी अध्यक्ष की इस पहल से कार्यक्रम में मौजूद लगभग सभी मीडिया के प्रतिनिधि संतुष्ट नजर आए। अमित शाह से बातचीत के दौरान लगभग सभी प्रतिनिधियों को सवाल पूछने का मौका मिला।

डिजिटल मीडिया के संपादकों से बातचीत के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, श्रीकांत शर्मा, संबित पात्रा और अनिल बलूनी भी मौजूद थे। श्रीकांत शर्मा और सुधांशु त्रिवेदी ने जागरण द्वारा डिजिटल में अलग-अलग क्षेत्रों में नए प्रयोगों की उपयोगिता को स्वीकारा और कुछ नए सुझाव भी दिए। उनका मानना था कि सीधा संवाद स्थापित करने के लिए इससे बेहतर और उपयोगी माध्यम और कुछ नहीं हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने जागरण डिजिटल को नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हाराव ने सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पिछले दो साल में विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों के बारे में भी बताया।  Read more http://www.jagran.com/

Friday, 30 January 2015

भाजपा के पास दिल्‍ली में विकास का एजेंडा नहीं: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषणापत्र जारी न करने के फैसले पर खिंचाई की है। केजरीवाल का कहना है कि मैनिफेस्टो जारी न करना बताता है कि भाजपा के पास कोई विजन या एजेंडा नहीं है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी अपना घोषणापत्र शानिवार को जारी करने जा रही है।

बता दें कि गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी घोषणा पत्र जारी नहीं करेगी। भाजपा इस बार सिर्फ विजन डॉक्यूमेंट जारी करेगी। इस पर केजरीवाल ने कहा है, 'अगर भाजपा के पास यह बताने के लिए नहीं है कि वह चुनाव के बाद क्या करेगी, तो वह दिल्ली में शासन कैसे करेगी।'

उधर भाजपा द्वारा पांच सवाल पूछने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि वह सिर्फ पांच नहीं 1000 सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। लेकिन क्यों नहीं भाजपा खुले में बहस करती है, जो लोकतंत्र को मजबूत करेगा। बता दें कि इससे पहले भी केजरीवाल भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को खुली बहस की चुनौती दे चुके हैं। लेकिन किरण बेदी ने यह कहकर इसके लिए मना कर दिया था कि वह सड़क पर नहीं विधानसभा में बहस करेंगी। दिल्ली में 7 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं।

Friday, 23 January 2015

बिहार में भाजपा की होगी अगली सरकार: शाह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने राज्य में जंगल राज होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य में एक बार फिर से अपहरण, डकैती का दौर लौट रहा है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले चुनाव में राज्य में भाजपा की सरकार बननी तय है। पार्टी यहां पर अपने दम पर बहुमत प्राप्त करेगी।

शाह ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में ही राज्य भारत के बेहतरीन राज्यों में गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की सरकार ने आज तक लोगों के हितों को लूटकर अपनी तिजारियां भरी हैं। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज तक राज्य की सरकारों ने यहां की जनता के हितों की अनदेखी की है। जनता अब इस बात को जान चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। 

शाह आज वेटनरी कॉलेज के मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। शाह ने कहा कि जिस लालू का जीवन भर विरोध किया उसके साथ मिलकर नीतीश मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। नीतीश ने सत्ता के मोह में गठबंधन तोड़ा। लालू प्रसाद पर कहा कि उनकी नजर कमजोर हो गई है। जो खुद को समाजवादी कहते हैं, उन्हें कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाने का हक नहीं है। कर्पूरी ठाकुर जीवनपर्यंत जिस कांग्र्रेस की खिलाफत करते रहे, ये तथाकथित समाजवादी उसी कांग्र्रेस का सहयोग ले रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बिहार की जनता ने 31 सीटें देकर अपनी मंशा जता दी है। दीनदयाल योजना के तहत बिहार को नवंबर बाद 24 घंटे बिजली मिलेगी। पड़ोसी देश पर कहा कि पाकिस्तान गोलों की शुरुआत करता है, अंत मोदी करते हैं।

Monday, 19 January 2015

भाजपा की बैठक आज, सीएम पद की प्रत्याशी होंगी किरण!

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा चुनाव समिति की बैठक आज शाम 7 बजे होगी। बैठक में भाजपा अपने सभी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी कर सकती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए किरण बेदी के नाम पर भी मोहर लगाई जा सकती है।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठक में आज ही सभी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जा सकती है। दिल्ली में 21 जनवरी को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल होंगे। बैठक में किरण बेदी की भूमिका पर भी निर्णायक निर्णय लिया जा सकता है।

भाजपा ने दिल्ली में पिछला विधानसभा चुनाव डॉ. हर्षवर्धन को आगे रखकर लड़ा था। वहीं, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर का विधानसभा चुनाव में पार्टी ने किसी को भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया था।

Tuesday, 30 December 2014

सीबीआइ ने अमित शाह को बचाया: योगेंद्र यादव

आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार कर रही है। इसके तहत आम आदमी पार्टी के नेता 49 दिनों की आप सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ-साथ लगातार विरोधी पार्टी भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।

आप ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार निशाना साधा। आप नेता मनिष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार अनाधिकृत कॉलोनियों को चुनाव से नियमित कर दिल्ली की जनता को गुमराह कर रही है।

वहीं आप नेता योगेंद्र यादव ने सीबीआइ पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बचाने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने गांधीनगर के पास हुए सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में मंगलवार को अमित शाह को क्लीन चिट दे दी। अदालत इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

Source: Hindi News and Newspaper

सोहराबुद्दीन केस: अमित शाह को क्‍लीन चिट

सीबीआई की विशेष अदालत ने गांधीनगर के पास हुए सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में मंगलवार को अमित शाह को क्लीन चिट दे दी। अदालत इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया था।

मामले से बरी किए जाने की याचिका अमित शाह ने इस वर्ष की शुरुआत में यह कहते हुए लगाई थी कि उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया है। सुनवाई के लिए यह याचिका इस महीने के मध्य में आई थी। सीबीआई ने आवेदन का यह कहते हुए विरोध किया था कि सोहराबुद्दीन और तुलसी प्रजापति की मुठभेड़ के मामले में शामिल षड्यंत्रकारियों में शाह भी हैं, इसलिए उन्हें बरी नहीं करना चाहिए।

मामला मुंबई में स्थानांतरित होने के एक साल बाद भी अभी तक स्पेशल सीबीआई कोर्ट विभिन्न आवेदनों की सुनवाई कर रही है और इस मामले में ट्रायल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सीबीआई ने फर्जी मुठभेड़ के दो मामलों में 37 अन्य लोगों के साथ ही कई पुलिस अधिकारियों और शाह के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की है, जो मुठभेड़ के वक्त गुजरात के गृहमंत्री थे।

इस मामले में करीब-करीब सभी आरोपियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। गुजरात एटीएस ने नवंबर 2005 में गांधीनगर के पास सोहराबुद्दन और उसकी पत्नी कौसर बी को कथिततौर पर मुठभेड़ में मार गिराया था।


Source: Hindi News and Newspaper

Wednesday, 24 December 2014

कश्मीर में सरकार बनाने को शाह के तरकश में कई तीर

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी से सिर्फ तीन सीट पीछे छूटी भाजपा के पास सरकार गठन के लिए तरकश में कई तीर हैं। वह कोई दांव छोडऩा नहीं चाहती है। खंडित जनादेश में यूं तो अपनी ओर से जल्दबाजी नहीं दिखाई जाएगी, लेकिन यह संकेत दिया जाने लगा है कि जम्मू के जनादेश को अनदेखा कर सूबे में कोई तर्कपूर्ण व नैतिक बल की सरकार बन भी नहीं सकती। ध्यान रहे कि जम्मू की करीब आधा दर्जन सीटों को छोड़कर सभी पर कमल ही खिला है। पहली कोशिश होगी कि किसी भी गठबंधन में भाजपा का ही मुख्यमंत्री हो। बातचीत हर स्तर पर शुरू हो चुकी है।

लोकसभा चुनाव के बाद से हुए चुनावों में लगातार सरकार गठन का इतिहास रच रही भाजपा जम्मू-कश्मीर को अपवाद होने देना नहीं चाहती है। इसका स्पष्ट संकेत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी दे दिया। उन्होंने तीन विकल्पों पहला सरकार बनाने का, दूसरा सरकार में शामिल होने और तीसरा सरकार को समर्थन देने का नाम लिया। सवाल-जवाब में कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा हो रही है और किसी नेता के सार्वजनिक बयान से अलग भी राजनीति होती है।

दरअसल प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहने के बावजूद सबसे ज्यादा वोट पाने वाली भाजपा इस अवसर को खोना नहीं चाहती। तार्किक आधार यह है कि जम्मू क्षेत्र के जनादेश को नजरअंदाज कर सरकार बनाना वाजिब नहीं होगा। तार्किक नतीजा यह है कि घाटी में सबसे बड़ी पार्टी बनी पीडीपी या घाटी से सीटें जीतने वाले नेशनल कांफ्रेंस को भाजपा के साथ ही सरकार बनाना होगा। पीडीपी और कांग्र्रेस गठबंधन की संभावनाएं बन सकती हैैं लेकिन सज्जाद लोन की पार्टी पहले ही भाजपा के साथ है। स्वतंत्र विधायकों के रूप में जीते अन्य चार भी भाजपा के संपर्क में हैं। ऐसे में उनके लिए 44 का जरूरी आंकड़ा जुटाना बहुत आसान नहीं है। भाजपा इन आंकड़ों के साथ फैसला पीडीपी और नेशनल कांफ्रेस पर छोडऩा चाहती है। दोनों ही सूरत में भाजपा की कोशिश होगी कि सीएम भाजपा के खाते से बने और सहयोगी दल केंद्र में भी शामिल हो। सूत्रों का मानना है कि जमीनी स्तर पर बहुत काम हो चुका है और अब इन्हें सोचना होगा कि वह केंद्र के साथ चलना चाहता है या नहीं। भाजपा के साथ सरकार गठन पर जम्मू और घाटी दोनों क्षेत्रों के जनादेश का भी पूरा आदर होगा। बुधवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक है। इसमें झारखंड के मुख्यमंत्री तय करने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की रणनीति का भी खाका तैयार होगा। झारखंड में 27-28 तक शपथग्रहण हो सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर में थोड़ा वक्त लग सकता है।

Source: Hindi News and Newspaper

Saturday, 20 December 2014

BJP against forcible conversions, says Amit Shah

धर्म परिवर्तन पर पहली बार बोले अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार जबरन धर्मांतरण पर बोलते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। शाह ने कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है और अगर देश के अन्य राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपने रुख पर गंभीर हैं, तो उन्हें इस पर विधेयक का समर्थन करना चाहिए।

अमित शाह कोच्चि में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि भाजपा जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून लाना चाहती है। इसलिए तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों को हमारी पार्टी की इस पहल का समर्थन करना चाहिए और साथ आना चाहिए।

अल्पसंख्यक संगठनों से बात करने का सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीतिक दलों में सहमति बनने पर ही इस पर सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है।

Source: Hindi News and Newspaper

Thursday, 11 December 2014

India will become 'Congress free' soon: Shah

Speaking at Agenda Aaj Tak - 2014, Shah said the Congress party was slowly sinking into oblivion as suggested by the results of the recently concluded state election where the party got a major drubbing.

"In the 2014 general election, the people of India gave a clear mandate to BJP. In the 15 administration units in the country there is no Congress leadership neither is the leader of opposition in the parliament from Congress."

"Wherever election are being held, people are supporting the BJP and till 2019, thanks to Modiji's developmental work, the Congress will continue to bear heavy losses," said the Bharatiya Janata Party (BJP) president.

Source: Hindi News and Newspaper

Thursday, 2 January 2014

Gujarat snooping case: Justice Altamas Kabir will headed inquirey commission for probe

नई दिल्ली। गुजरात में लड़की की जासूसी मामले की जांच के लिए प्रस्तावित न्यायिक आयोग के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर हो सकते हैं। गृह मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जस्टिस कबीर ने इसके लिए सहमति दे दी है और इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 

आयोग को गुजरात में लड़की की जासूसी के साथ-साथ दिल्ली में अरुण जेटली के फोन कॉल रिकार्ड निकालने और हिमाचल में प्रेम सिंह धूमल सरकार के दौरान विपक्षी नेताओं की फोन टैपिंग की जांच भी करनी होगी। भाजपा पहले ही न्यायिक आयोग को अदालत में चुनौती में देने का एलान कर चुकी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि न्यायिक आयोग अपना काम शुरू कर पाता है या नहीं। गृह मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि न्यायिक आयोग के अध्यक्ष के लिए एक हफ्ते से जारी तलाश पूरी हो गई है।

जस्टिस अल्तमस कबीर ने आयोग की अध्यक्षता करने के लिए राजी हो गए हैं। कानून मंत्रलय की हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को गृह मंत्रलय अधिसूचना जारी कर सकता है। न्यायिक आयोग को अपने गठन के तीन माह के भीतर गुजरात में लड़की की जासूसी समेत दिल्ली और हिमाचल में फोन कॉल रिकार्ड निकलाने व फोन टैपिंग की जांच कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। 

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