Showing posts with label CBI. Show all posts
Showing posts with label CBI. Show all posts

Thursday, 17 March 2016

दिल्ली के अफसरों का CBI पर गंभीर आरोप- 'हमें काम नहीं करने दे रहेे'


दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार को सूचित किया है कि सीबीआइ योजनाओं पर काम नहीं करने दे रही है। उन्हें परेशान किया जा रहा है। सीबीआइ काम नहीं करने के मौखिक आदेश जारी कर रही है। अधिकारी ऊहापोह की स्थिति में हैं।

इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि CBI दिल्ली सरकार के अफ़सरों को फ़ोन पे निर्देश दे रही है कि कौन सा ठेका किस कंपनी को दिया जाए और किसे ना दिया जाए?

केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी सरकार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहा है।

केजरीवाल ने लिखा है कि सीबीआइ दिल्ली सरकार के अफसरों से अब भी पूछताछ कर रही है। केजरीवाल ने कहा है कि अधिकारियों ने इस बाबत खुलासे किए हैं कि उनसे पूछा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल अपॉइंटमेंट कैसे मिलता है?

केजरीवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री मेरे बारे में जानकारी चाहते हैं। इसमें टीम गठित करने की क्या जरूरत है। मैं खुद आऊंगा और सारे सवालों के जवाब दूंगा। मेरे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है।

वहीं, अधिकारी कह रहे है कि यदि यही हालात रहे तो दिल्ली का विकास भी प्रभावित हो सकता है। अधिकारी सीबीआइ पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस बारे में अपनी राय दे चुके हैं।

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सीबीआइ के व्यवहार से ऐसा लग रहा है कि दिल्ली के विकास को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। ताजा मामला अस्पतालों में पूरी दवाएं उपलब्ध कराने वाली स्वास्थ्य विभाग की योजना के लिए एप तैयार करने का है।

एप बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी कंपनी इंटेलीजेंस कम्युनिकेशन सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड (आइसीएसआइएल) की मदद ली है। इस कंपनी में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के तहत दिल्ली स्टेट इंडस्टियल एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएसआइआइडीसी) का शेयर है।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सरकारी हिस्सेदारी होने के कारण इस कंपनी की मदद ली गई। गत दिनों सीबीआइ ने उन्हें तलब कर आइसीएसआइएल से काम नहीं कराने का मौखिक आदेश जारी किया।

उन्होंने कहा कि यदि कंपनी अयोग्य है तो लिखित में दे दें तो वह इस कंपनी से काम नहीं कराएंगे। सीबीआइ ने लिखित में नहीं दिया, उल्टा धमकाया कि राजेंद्र कुमार जल्दी ही जेल जाने वाले हैं और तुम भी जाओगे।

उनसे कहा गया कि कई अधिकारी बात मान चुके हैं और तुम भी सोच-समझ लो, नहीं तो तुम्हारा करियर बर्बाद हो जाएगा। तुम्हें अपने परिवार की चिंता नहीं है। सीबीआइ निरीक्षक उन्हें अपने सीनियर के पास ले गया। वह भी कैडर में उनसे जूनियर था।

Monday, 5 January 2015

नपुंसक बनाने के मामले में संत राम रहीम पर एफआइआर

अनुयायियों को जबरन नपुंसक बनाए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोवमार को सीबीआइ ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के जस्टिस के. कानन की एकल पीठ ने डेरे के अनुयायी रहे हंसराज चौहान की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को इस सिलसिले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। याचिका में आरोप था कि डेरे के भीतर करीब 400 युवाओं को नपुंसक बनाया गया है। सीबीआई को शनिवार को मामला दर्ज करना था लेकिन तकनीकी कारणों के चलते वह ऐसा नहीं कर सकी।

चौहान का दावा था कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम डेरे में तैनात डॉक्टरों की मदद से अनुयायियों को नपुंसक बनाता है। वह झूठी उम्मीद दिलाता था कि ऐसा करने से वे डेरा प्रमुख के जरिए ईश्वर को प्राप्त कर लेंगे।

हाईकोर्ट ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने इससे पहले चौहान की चिकित्सकीय जांच करवाने के निर्देश दिए थे। चंडीगढ़ के सेक्टर 16 में गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने चौहान को नपुंसक बनाए जाने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में चौहान ने सीबीआई जांच की मांग की थी।

इसी मामले में राज्य सरकार भी हाईकोर्ट में एक रिपोर्ट रख चुकी है। इसमें डेरा प्रमुख से जुड़े सात लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए थे, जिसमें सब ने पुष्टि की थी कि उनको नपुंसक बनाया गया था।

अपने आश्रम में अनुयायियों को जबरन नपुंसक बनाए जाने के मामले में सीबीआइ ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

Source: Hindi News and Newspaper

Tuesday, 30 December 2014

सीबीआइ ने अमित शाह को बचाया: योगेंद्र यादव

आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार कर रही है। इसके तहत आम आदमी पार्टी के नेता 49 दिनों की आप सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ-साथ लगातार विरोधी पार्टी भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।

आप ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार निशाना साधा। आप नेता मनिष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार अनाधिकृत कॉलोनियों को चुनाव से नियमित कर दिल्ली की जनता को गुमराह कर रही है।

वहीं आप नेता योगेंद्र यादव ने सीबीआइ पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बचाने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने गांधीनगर के पास हुए सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में मंगलवार को अमित शाह को क्लीन चिट दे दी। अदालत इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

Source: Hindi News and Newspaper

Thursday, 11 December 2014

Coalgate: CBI files chargesheet against Madhu Koda

Koda has been chargesheeted for offences of criminal conspiracy and cheating.

Besides Koda, former Jharkhand chief secretary Ashok Kumar Basu and six others have also been accused by the CBI.

The court has fixed December 22 for considering the CBI's chargesheet in the case.

Earlier, the CAG follow-up report stated that Madhu Koda, then chief minister of Jharkhand, had allegedly meddled with the recommendations of a screening committee for coal allocation in the state.

The CAG report had accused both the UPA government and Koda for changing the recommendations for allocation of six coal blocks in Jharkhand.

Source: Hindi News and Newspaper

Sunday, 29 December 2013

Sheila - Virbhadra lecherous eye of the CBI



नई दिल्ली [नीलू रंजन]। पिछले दस साल से कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन के नाम से बदनाम सीबीआइ के तेवर बदलने लगे हैं। भाजपा महासचिव व नरेंद्र मोदी के नायब कहे जाने वाले अमित शाह के खिलाफ नरम रवैया अपनाने वाली सीबीआइ ने दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ नजर टेढ़ी कर ली है। शीला सरकार के दौरान दिल्ली जल बोर्ड में हुए घोटाले के आरोपों में सीबीआइ अब तक पांच प्रारंभिक जांच [पीई] के मामले दर्ज कर चुकी है। वहीं, इस्पात मंत्री रहते हुए रिश्वत लेने के आरोपों में घिरे वीरभद्र सिंह को कभी भी पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।

दिल्ली जल बोर्ड में घोटाले को लेकर दर्ज पांच पीई में तीन नांगलोई, मालवीय नगर और महरौली-वसंत विहार में जलशोधन संयंत्र लगाने, एक एएमआर मीटरों की खरीद और एक भागीरथी जलशोधन संयंत्र लगाने में हुई धांधली से संबंधित है। ये सभी मामले दो-तीन साल पुराने हैं, लेकिन पीई के केस पिछले दो महीने में दर्ज किए गए हैं। 

सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने की स्थिति में ही पीई का केस दर्ज किया गया है, लेकिन घोटाले के आरोपियों की पहचान जांच के बाद ही हो पाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली जल बोर्ड शीला दीक्षित के ही मातहत काम करता था। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दो कारणों से इन मामलों की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। एक तो दिल्ली जल बोर्ड संबंधित फाइलें देने में आनाकानी कर रहा था और दूसरे खुद सीबीआइ के सभी अधिकारी साल के अंतिम महीने में टारगेट पूरा करने में व्यस्त थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद दिल्ली जल बोर्ड से इन ठेकों की फाइलें मिलने में देर नहीं लगेगी। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद लंबे समय से बिजली और पानी वितरण में बड़े घोटाले के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने यह विभाग भी अपने पास रखा है। जाहिर है नए साल में सीबीआइ प्रारंभिक जांच पूरी कर एफआइआर दर्ज कर सकती है। 

वहीं, पिछले 15 महीने से वीरभद्र सिंह के खिलाफ पीई केस पर कुंडली मारे बैठी सीबीआइ अचानक हरकत में आ गई है। सीधे आरोपों में घिरे होने के बावजूद सीबीआइ ने अभी तक वीरभद्र सिंह से पूछताछ की जरूरत नहीं समझी थी। अब सीबीआइ इससे इन्कार नहीं कर रही है।

सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने कहा कि वह वीरभद्र सिंह से पूछताछ के मुद्दे पर जल्द फैसला लेंगे। सूत्रों की माने तो इस मामले में भी जल्द ही एफआइआर हो सकती है। वीरभद्र सिंह पर केंद्र में इस्पात मंत्री रहते हुए करोड़ों रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इनमें दो साल में छह करोड़ रुपये की एलआइसी पॉलिसी खरीदने के सबूत भी मिल गए हैं। वैसे वीरभद्र सिंह अचानक बढ़ी कृषि आय से इन पॉलिसियों की खरीद की सफाई दे रहे हैं, लेकिन सीबीआइ के जांच अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं और एफआइआर दर्ज कर गहन जांच की मांग कर रहे हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सीबीआइ से वीरभद्र सिंह के मामले में अब तक की कार्रवाई की रिपेार्ट 15 जनवरी तक देने को कहा है। 

Read more : Top Hindi News