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Tuesday, 7 June 2016

नाइजीरियन भारत में दादागिरी करने अाते हैंः रवि नायक

कांग्रेस नेता व गोवा के पूर्व सीएम रवि नायक ने नाइजीरियन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नाइजीरियन दिल्ली, बेंगलुरु व भारत के अन्य हिस्सों में अाते हैं। वे यहां केवल दादागिरी करते हैं। उन्होंने कहा कि नाइजीरियन को भारत छोड़ने के लिए कहा जाए। हमें एेसे पर्यटकों की जरूरत नहीं है।

इससे पहले गोवा के पर्यटन मंत्री पारुलेकर ने कहा था कि नाइजीरिया के लोग न केवल गोवा बल्कि पूरे देश में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। दो अफ्रीकी मूल के नागरिकों पर अपहरण और दुष्कर्म के आरोप के बारे में मंत्री से पूछा गया था। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया के छात्र यहां पढ़ने के लिए आते हैं। ज्यादा समय तक रुकने के इरादे से अपराध करते हैं।

बीते दिनों गोवा में नाइजीरिया के एक व्यक्ति ने चाकू की नोंक पर एक महिला से दुष्कर्म किया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बीच राज्य के पर्यटन मंत्री दिलीप पारुलेकर ने नाइजीरियाई लोगों को समस्या खड़ी करने वाला करार दिया था।

क्या था मामला

पुलिस के अनुसार, उत्तरी गोवा जिले के पर्रा गांव में शनिवार रात दो नाइजीरियाई एक 39 साल की महिला के पीछे लगे थे। मौका मिलते ही एक नाइजीरियाई चाकू की नोंक पर महिला को कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के सिलसिले में पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। एसपी उमेश गांवकर ने बताया कि एक आरोपी को महाराष्ट्र के पनवेल स्टेशन से पकड़ा गया है।  Read more http://www.jagran.com/

Thursday, 19 May 2016

Election Results LIVE: असम हुआ कांग्रेस मुक्त, बंगाल में ममता का जादू

कोलकाता। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आ चुके हैं। इवीएम से निकल रहे मतों से ये साफ हो चुका है कि कांग्रेस औंधे मुंह गिर चुकी है। असम और केरल में जनता ने कांग्रेस शासन को नकार दिया है। वहीं तमिलनाडु और बंगाल में कांग्रेस का गठबंधन रायटर्स बिल्डिंग और चेन्नई की गद्दी से कोसों दूर जा चुका है।

असम में भाजपा की शानदार जीत पीएम ने सर्वानंद सोनोवाल को बधाई दी। पीएम ने कहा कि असम के विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की दोबारा वापसी करने पर पीएम ने उनसे बात की और शुभकामना दी। पीएम की शुभकामना संदेश पर दीदी ने उन्हें धन्यवाद कहा।

वहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की शानदार कामयाबी पर भी पीएम ने उन्हें बधायी दी।

विधानसभा चुनावों में भाजपा की कामयाबी पर गृहराज्य मंत्री ने कहा कि भाजपा की जीत की शुरुआत हो चुकी है। अब इसके बाद देश में जहां कहीं भी चुनाव होंगे कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।

असम में भाजपा गठबंधन ने कांग्रेस का सफाया कर दिया है। कमल का फूल खिल चुका है। सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन की सरकार बनना अब तय है। वहीं मां, माटी और मानुष का नारा बुलंद करने वाली ममता बनर्जी बंगाल की सत्ता में वापसी करती नजर आ रही हैं। रुझानों के मुताबिक ममता बनर्जी ने बहुमत हासिल कर लिया है। पश्चिम बंगाल में दीदी ने एक तरह से क्लीन स्वीप कर दिया है। लेफ्ट गठबंधन दहाई के आंकड़े में ही सिमट कर रह गयी है।

चुनाव के नतीजों पर पीएम मोदी ने दी बधाई तो राहुल ने दिया ये बयान

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। इन रुझानों के में सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को होता दिखाई दे रहा है। वहीं भाजपा के लिए खुशखबरी ये रही कि वो पहली बार असम में सरकार बनाती दिख रही है। जबकि दूसरे राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में भी उसका प्रदर्शन सुधरता दिखाई दे रहा है।

पढ़िए, चुनाव के इन नतीजों पर राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या कहना है।

नरेंद्र मोदी- भाजपा असम की जनता के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी संभव प्रयास करेगी और असम के विकास को नई ऊंचाईयों पर लेकर जाएंगे। पूरे देश की जनता भाजपा पर भरोसा जता रही है।

राहुल गांधी- कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पांच राज्यों में हुए चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी की हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता ने जो जनादेश दिया है वे उसका स्वागत करते हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर जीती हुई पार्टियों को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस तब तक संघर्ष करती रहेगी जब तक वह जनता का विश्वास फिर से नहीं हासिल कर लेती।

नितिन गडकरी- गांधी जी का कांग्रेस मुक्त भारत का सपना राहुल गांधी पूरा करेंगे।

जितेंद्र सिंह- असम की जनता का धन्यवाद, पीएम मोदी के नेतृत्व पर लोगों ने भरोसा जताया है।

पीयूष गोयल- नतीजों से काफी खुशी हुई। भारत के लोगों ने एक बार फिर ये बता दिया है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करते हैं।

शशि थरुर- वाकई में ये परेशान करने वाला है। लेकिन हम एक मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा करेंगे।

जयराम रमेश- असम और केरल के ऐसे नतीजों से उम्मीद नहीं थी। लेकिन पश्चिम बंगाल में हमने अच्छा किया। तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस गठबंधन ने मजबूती दिखाई है।  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 17 May 2016

MCD उपचुनाव: जीत के भी हारी AAP, पंजे की वापसी-कमल की फजीहत

एमसीडी उपचुनाव में जनता जनार्दन ने अपना फैसला सुना दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस को कम आंकने वाले या उसकी अनदेखी करने वालोंं को बड़ा झटका लगा है। 13 सीटों पर चुनाव में कांग्रेस की झोली में चार सीटेंं गईं है। अमूमन चुनाव में टक्कर भाजपा और आप के बीच मानी जा रही थी। आप भले ही पांच सीटों पर जीत दर्ज कर नंबर वन पर हो, लेकिन उसे उम्मीद से कम सीटें मिली हैंं। सबसे ज्यादा फजीहत भाजपा की हुई है। आखिर इस हार जीत के क्या मायने हैं। पढें रिपोर्ट।

दिल्ली में हुकूमत करने वाली आम आदमी पार्टी एमसीडी उपचुनाव में पांच सीटों पर जीत दर्जकर भले ही अपनी पीठ थपथपाए, लेकिन गौर करने वाली बात है कि दिल्ली में आप की सरकार है। विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक विरोधियोंं के छक्के छुड़ाने वाली पार्टी का इस चुनाव में वह प्रभुत्व नहीं दिखा। वह आधे वार्ड पर यानी आधी सीटों पर भी अपना कब्जा नहीं जमा सकी। यह सत्य है कि आप ने पहली बार एमसीडी के चुनाव में भाग लेकर अच्छा श्रीगणेश किया है, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि दिल्ली में उसकी सरकार भी है।

एमसीडी चुनाव के नतीजों में मात्र तीन सीटों पर जीत दर्ज सबसे ज्यादा निराश भाजपा ने किया है। भाजपा अपने गढ़ में ही अपनी लाज नहीं बचा सकी। इस चुनाव की आंच भले ही केंद्र सरकार तक न पहुंचे लेकिन केंद्र में मोदी सरकार की नाक के नीचे हुए चुनाव में कहीं न कहीं इसका राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक असर जरूर पड़ेगा। प्रदेश भाजपा को इसका जवाब देना ही होगा। भाजपा को उम्मीद थी कि वह इस चुनाव में वह अच्छे परिणाम लाकर अपनी कूर्सी की दावेदारी बरकरार रख सकेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।  Read more www.jagran.com/

Friday, 13 May 2016

बेनी प्रसाद वर्मा का कांग्रेस से मोहभंग, समाजवादी पार्टी में वापसी

पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने आज उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी। कांग्रेस से सांसद तथा केंद्रीय मंत्री रहे बेनी प्रसाद वर्मा ने समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से आज लखनऊ में मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी में वापसी कर ली।

मुलायम सिंह यादव के पुराने साथी बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस में जाने के बाद उनके धुर विरोधी हो गये थे। आज इनके बीच करीब आधा घंटा की मुलाकात हुई। इसके बाद बेनी प्रसाद वर्मा ने फिर से समाजवादी पार्टी में शामिल होने का फैसला कर लिया। अब समाजवादी पार्टी उनको राज्यसभा भी भेज सकती है। समाजवादी पार्टी से जिन लोगों के नाम राज्यसभा के लिए चल रहे हैं उनमें बेनी प्रसाद वर्मा, माता प्रसाद पाण्डेय, अमर सिंह और पूर्व राज्यसभा सदस्य अखिलेश दास शामिल हैं। इसके अलावा सुभाष चंद्रा भी राज्यसभा जा सकते हैं।

प्रदेश में कुर्मियों की राजनीति करने वाले बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस में थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव तथा समाजवादी पार्टी से उनका पुराना रिश्ता रहा है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे बेनी प्रसाद से समाजवादी पार्टी ने पार्टी में वापसी को कहा। इस बाबत उनको राज्यसभा का टिकट ऑफर किया गया। बेनी प्रसाद वर्मा को कांग्रेस ने लंबे समय से हाशिए पर रखा था। पार्टी में उनकी कोई पूछ नहीं हो रही है। इसी कारण से आज बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह से उनके आवास पर भेंट की। इस भेंट के दौरान शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे। बेनी प्रसाद वर्मा के साथ पूर्व मंत्री उनके बेटे राकेश वर्मा व राकिरनपाल सिंह भी पार्टी में शामिल हो गये। उनकी समाजवादी पार्टी में वापसी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, संसदीय कार्यमंत्री आजम खां तथा शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे।

समाजवादी पार्टी की नजर कुर्मी वोट बैंक पर भी है। बेनी प्रसाद वर्मा का बाराबंकी के साथ ही बहराइच तथा पास के क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है। बेनी प्रसाद वर्मा कुर्मी जाती से आते हैं। वह पूर्वांचल की 25-40 सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं। उनकी सपा में वापसी पर हर सीट पर लगभग 5-10 हजार वोटों का फर्क पड़ेगा। बेनी प्रसाद वर्मा की उम्र भी काफी हो चुकी है। अब वह अपने बेटे राकेश वर्मा को राजनीति में स्थापित भी करना चाहते हैं। राकेश सपा सरकार में कारागार मंत्री रह चुके हैं। जब अखिलेश मंत्रिपरिषद में बदलाव की अटकलें तेज हैं तो बेनी ïबेटे के लिए मंत्री पद की डिमांड भी कर सकते हैं। इसके लिए जुलाई में होने वाले एमएलसी चुनावों के जरिये कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी बेनी प्रसाद वर्मा को राज्यसभा में भेजकर उनके कद का लाभ ले। समाजवादी पार्टी 2017 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर कदम फूंक कर रख रही है। बेनी को राज्यसभा भेजने की तैयारी की बड़ी वजह कुर्मी वोट बैंक भी है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया को कभी जमकर कोसने वाले बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के काफी चहेते थे। बेनी प्रसाद वर्मा यूपीए की सरकार में राहुल गांधी के चहेते हुआ करते थे। बेनी प्रसाद वर्मा ने उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में बेनी ने बड़े-बड़े वादे किये थे लेकिन सभी धरे के धरे रह गये। जिसके बाद से बेनी मुलायम सिंह को जमकर कोसा करते थे।

आजम भी हो गये मुरीद

बेनी प्रसाद वर्मा की समाजवादी पार्टी में वापसी के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आजम खां ने कहा कि बेनी मजबूत नेता थे। जब आप पार्टी से गए थे तो बहुत दु:ख हुआ था। आजम ने कहा कि आज जब बेनी बाबू से मिला तो कहा आपने बहुत दिल दुखाया। बेनी क्यों गए बड़ी बहस का मुद्दा। मैं बेनी का समाजवादी पार्टी में स्वागत करता हूं। Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 19 April 2016

उत्तराखंड हाईकोर्टः यदि भ्रष्टाचार पर सरकार गिराई तो देश में कोई सरकार नहीं बचेगी

प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की राष्ट्रपति शासन लागू करने व लेखानुदान अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ में सुनवाई जारी है। आज फिर हाईकोर्ट ने पूछा कि राष्ट्रपति शासन लगाने का पर्याप्त आधार क्या है। साथ ही बहस के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को गिराने पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की कि कोई भी सरकार भ्रष्टाचार के बिना पांच साल नहीं चल सकती। यदि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार गिराई तो देश में कोई सरकार नहीं बचेगी।

केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है, लेकिन भारत में न्यायपालिका सर्वोच्च है। स्पीकर ने गलत किया है तो कोर्ट इस पर रोक लगा सकती है। उन्होंने स्पीकर के अधिकार संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की टिप्पणी का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने स्पीकर के आदेश को चुनौती नहीं दी है। 18 मार्च को स्पीकर ने अल्पमत की सरकार को ध्वनिमत से विनियोग विधेयक को पारित मान लिया। विधेयक पारित हुआ, इसका कोई सबूत नहीं। 68 के सदन में 35 विधायकों ने मत विभाजन की मांग की, लेेकिन स्पीकर अपना ही राग अलापते रहे।

केंद्र के अधिवक्ता की इस दलील का हरीश रावत के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के 27 विधायक नहीं थे। इस पर रोहतगी ने जवाब दिया कि 18 मार्च की सुबह राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में 27 विधायकों ने हस्ताक्षर किए। स्पीकर की वजह से संवैधानिक संकट पैदा हुआ। इसलिए अनुच्छेद 356 लागू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बहुमत विधेयक सदन में गिरने के बाद राज्यपाल की ओर से दिए गए समय और नतीजे का इंतजार करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि स्पीकर ने सरकार बचाने के लिए असंवैधानिक काम किया है। बीजेपी विधायक भीमलाल आर्य के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार अल्पमत में थी, इसलिए नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद कर दी। मत विभाजन के भय के चलते भाजपा विधायक गणेश जोशी को गिरफ्तार करा दिया। ऐसे में केंद्र के पास अनुच्छेद 356 लगाने के पर्याप्त आधार थे। विनियोग विधेयक गिर गया था और सरकार अल्पमत में आ गई थी।

कोर्ट ने पूछा कि क्या 356 के लिए स्पीकर की कार्रवाई एकमात्र आधार थी, या फिर मनी बिल का गिरना आधार है। इस पर रोहतगी ने जवाब दिया कि मनी बिल गिरना पर्याप्त आधार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्यपाल दयालु प्रवृति के हैं, इसलिए उन्होंने समय दे दिया। इसकी जरूरत नहीं थी।

इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि आप कह रहे हैं कि 35 विधायक मत विभाजन मांग रहे थे। वहीं स्पीकर कह रहे हैं विधेयक पारित हो गया। यह कैसे माना जा सकता है कि नौ विधायक आपको समर्थन करेंगे। इस पर केंद्र के अधिवक्ता ने जवाब दिया कि नौ विधायकों का ग्रुप बन गया था। इसलिए उन्हें विपक्षी बागी कह रहे हैं। उनका विनियोग विधेयक पर सरकार के खिलाफ वोट डालना तय था।

केंद्र की ओर से प्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ हरीश साल्वे ने दलील दी तो हरीश रावत के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी बहस का विरोध किया। कोर्ट की अनुमति पर साल्वे ने संविधान के उन अनुच्छेद व संसद की कार्यवाही का उदाहरण दिया, जो उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश मानी, जबकि वह लौटा सकते थे। इसका मतलब राज्य के लिए 356 सही और संवैधानिक फैसला था।

उन्होंने दलील दी कि विधायकों की खरीद फरोख्त की संभावना थी। भ्रष्टाचार तय था, इसलिए 356 लगाई गई। इस पर कोर्ट ने देश की हर सरकार में भ्रष्टाचार होना स्वीकारते हुए टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार के बिना देश में कोई सरकार पांच साल नहीं चल सकती। कोर्ट ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार गिराई तो कोई सरकार नहीं बचेगी।

केंद्र के अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि 356 लोकतंत्र को बचाने का हथियार है। उत्तराखंड में इसे दंड के रूप में लिया जा रहा है, जो संविधान सम्मत नहीं है। राष्ट्रपति ने पर्याप्त आधार के बाद ही इसकी मंजूरी दी। अब इसको चुनौती कैसे दी जा सकती है। उन्होंने भाजपा विधायकों के राष्ट्रपति को दिए पत्र का हवाला दिया, जिसमें खरीद-फरोख्त का अंदेशा जताया गया था।

बीते रोज उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि बहुमत साबित करने का मौका देने के बावजूद कौन सी मजबूरी थी, जिसकी वजह से राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा। हाईकोर्ट ने यह भी सवाल किया कि विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की मांग करने के लिए विधायक स्पीकर को प्रत्यावेदन की बजाय राज्यपाल से मिलने क्यों गए। यही नहीं, यह भी पूछा कि सरकार के पांचवें साल में यह परिस्थिति कैसे पैदा हो गई। Read more http://www.jagran.com/

Thursday, 14 April 2016

आरक्षण पर मोदी ने छेड़छाड़ की तो समर्थकों के साथ सड़क पर उतरेंगी मायावती

बाबा साहब की 125वीं जयंती पर आज लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि दलित वोटों के स्वार्थ में कांग्रेस, बीजेपी जुटी हैं। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा बीएसपी का विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी ने सासाराम मे जगजीवनराम की जयंती क्यो नही मनाई?,नोएडा में पांच अप्रैल को जगजीवनराम को याद किया। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अम्बेडकर को भारत रत्न नहीं दिया था, जबकि बाबू जगजीवन राम को कांग्रेस ने इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया था यहां तक की अम्बेडकर को लोकसभा में कांग्रेस ने ही नहीं जाने दिया था

भाजपा धन्नासेठों की पार्टी

मायावती ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आरक्षण पर मोदी ने छेड़छाड़ की तो आंदोलन,केंद्र की सरकार के खिलाफ सड़कों पर खुद उतरूंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा धन्नासेठो,पूंजपतियों की पार्टी है वह उन्हीं को आगे बढ़ा रही,प्राइवेटाइजेशन के कारण दलितों को नौकरियां नहीं मिलेगी। आरक्षण के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कुछ नहीं किया,आरक्षण पर आरएसएस तरह-तरह की बयानबाजी करती है। बीजेपी भी कांग्रेस के पदचिन्हों में चल रही,आरक्षण पर राजनैतिक लाभ के लिए मोदी पीछे हटे। दलितों के सम्मान को नहीं वोट के लिए कार्यक्रम कर रहे,कांग्रेस और बीजेपी की जातिवादी मानसिकता है। बीजेपी दलित और पिछड़े वर्ग का कार्ड खेल रही है,बीजेपी, कांग्रेस सौ चूहे खाकर हज पर चली।

हैदराबाद विवि में हो रहा दलितों का उत्पीडऩ

रोहित वेमुला दलित छात्रों के उत्पीडऩ पर संघर्ष कर रहे थे,कन्हैया अम्बडेकर के सिद्धांतों से दूर है कांग्रेस का युवराज हैदराबाद देखने तक नहीं गया,राहुल गांधी नाट्कबाजी करते हैं। हैदराबाद विवि में दलितों का उत्पीडऩ वर्षों से हो रहा,कांग्रेस सरकार में कई छात्रों ने दी जान-दलित छात्रों का उत्पीडऩ चरम पर हो रहा है,कांग्रेस सरकार में भी दलितों का उत्पीडऩ हो रहा था। आरएसएस और वीएचपी को आगे कर माहौल खराब किया जा रहा,विश्वविद्यालयों का भी माहौल खराब किया जा रहा।

पीएम मोदी की छवि धूमिल हो रही

बीजेपी का जनाधार धीरे-धीरे खिसक रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम न घटाकर धन्नासेठों को फायदा पहुंचा रहे,नई योजनाओं से गरीबों को फायदा नहीं। देश के गरीबों का पैसा मोदी बाहर उड़ा रहे हैं,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम घटे। जापान से किए गए समझौते काफी महंगा पड़ेंगे,महंगाई और भुखमरी से देश जूझ रहा है मोदी सरकार में बैंकों का अरबों लेकर पूंजीपति फरार,गरीबो और छोटे व्यापारियो की कुर्की की जा रही

मोदी ने पूरा नहीं किया चुनावी वादा

मोदी ने गरीबों को लाखों देने का वादा किया था,दो साल में कालेधन का एक रुपया वापस नहीं आया 100 दिन में कालेधन के मोदी के वादे का क्या हुआ?....गरीबों को कालेधन का एक रुपया भी नहीं मिला। मोदी ने जो वादे किए, पूरे नहीं किए,देश की जनता से मोदी ने कालाधन लाने का वादे किया था। सपा,कांग्रेस, बीजेपी घोषणापत्र के वादे पूरे नही करती,बीएसपी के घोषणापत्र को ही सपा पूरा कर रही है को हराना ही नहीं, जमानत जब्त करानी है,सपा, कांग्रेस, बीजेपी के हथकंडों से सावधान रहे।

यूपी मे मेट्रो,एक्सप्रेसवे मेरी सरकार की देन है

सपा सरकार कांग्रेस के बाद बीजेपी का समर्थन कर रही। बीएसपी सरकार में गुंडे चूल्हे के बिल में छिपे थे,सपा सरकार में गुंडे और अपराधी सड़क पर घूम रहे सरकार सिर्फ बयानबाजी कर रही,2012 मे तीनों पार्टियों ने मिलकर बीएसपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था 4 बार बीएसपी ने सरकार बनाकर कानून का राज कायम किया,गरीबों,दलितों, अल्पसंख्यकों आदि का उत्थान किया स्मारक-पार्क ही नहीं बनाए,सभी वर्गों का उत्थान भी किया,सभी वर्गों के लिए ठोस कदम उठाए। वीके सिंह का बयान कतई छमा योग नहीं है, मोदी ने दलित विरोधी बयान देने वालों पर कार्रवाई नहीं की। वीके सिंह पर पीएम मोदी ने नहीं की कार्रवाई,दलितों के खिलाफ वीके सिंह ने अभद्र टिप्पणी की थी।

केशव मौर्या आरएसएस और बीजेपी का बंधवा मजदूर
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया था यहां तक की अम्बेडकर को लोकसभा में कांग्रेस ने ही नहीं जाने दिया था मायावती ने कहा कि कल्याण सिंह ने भी ओबीसी के लिए कुछ नहीं किया,आरएसएस के एजेंडे पूरे करने में कल्याण की सरकार गई थी मोदी ने भी ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नही किया,चाय वालों के लिए मोदी ने कुछ नही किया,फ्री की चाय पीते है। केशव मौर्या जातिवादी और साम्प्रदायिक है,केशव मौर्या आरएसएस और बीजेपी का बंधवा मजदूर है। मोदी दलितों के उत्थान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहे,केशव मौर्या का आपराधिक इतिहास रहा है।

विपक्षियों का दलित प्रेम ढोंग

उन्होंने कहा कि दलितों के प्रति हीन भावना खत्म करें विपक्षी पार्टियां,मोदी दलितों के वोटों के लिए खूब यूपी आ रहे। अम्बेडकर के नाम पर छोटे-मोटे स्मारक बना रही, लखनऊ का अम्बेडकर स्मारक बीजेपी पर अकेले भारी बीजेपी ने दलितों की तुलना जानवरों से की,दलितों के वोटों के लिए बीजेपी ज्यादा नाटकबाजी कर रही वोटों की चाह में कांग्रेस अम्बेडकर जयंती मना रही,दलित आत्महत्या नहीं, मुकाबला करें मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने आय से अधिक मामले को जानबूझकर लटकाए रखा, विपक्षियों का दलित प्रेम ढोंग है,आय से अधिक मामले में फर्जी फंसाया गया मेरी पार्टी से चुनाव लड़ चुका कमलेश मेरे खिलाफ फिर सुप्रीम कोर्ट याचिका करवाई गई,बीएसपी के मूवमेंट को रोकने की कोशिश हो रही है।

राष्ट्रभक्ति के लिए एक नारा बोलना जरूरी नहीं

ओवैसी भी बीजेपी की मदद कर रहे हैं भारत माता की जय पर जबरन बवाल हो रहा,हमारी पार्टी के लोग जय भीम जय भारत बोलते है सपा को अधिकारी मैच जिता सकते है,सत्ता मे नही ला सकते अधिकारियो के साथ मैच खेलने से फुर्सत नही सपा सरकार में गरीबों का भला नहीं,सरकारी धन से विदेशों के दौरे कर रहे नेता दलितों और अल्पसंख्यकों की मांगे नहीं मनाते विपक्षी,जाति और धर्म की राजनीति नहीं करती बीएसपी दलितो के तीर्थस्थान लखनऊ का अम्बेडकर स्मारक,बीजेपी,सपा,कांग्रेस की वर्ण व्यवस्था की सोच नहीं बदली

सरकार आई तो मौजूदा फैसलों की जांच

राम मंदिर के नाम पर वोट चाहती है बीजेपी,दलितों के भगवान और मसीहा अम्बेडकर है बीजेपी दलितो,पिछड़ो,अल्पसंख्यको को जोडऩे में विफल, कोर्ट के फैसले के बिना नहीं बन सकता राम मंदिर मुस्लिम छात्रों के खिलाफ केंद्र का रवैया खराब,। जामिया विवि के छात्रों को परेशान किया जा रहा कानून-व्यवस्था और विकास मेरा एजेंडा है,सपा सरकार में जमकर लूट मचेगी,मेरी सरकार आई तो मौजूदा फैसलों की जांच कराएंगे। Read more http://www.jagran.com

Friday, 1 April 2016

उत्तराखंडः सत्ता की लड़ाई सदन, कोर्ट और जनता की अदालत में

डेढ़ दशक पहले वजूद में आए उत्तराखंड में सत्ता की लड़ाई नित नए रंग दिखा रही है। बात जनता की हो रही है, लेकिन नेताओं का निशाना कुर्सी पर है। यही कारण रहा कि 18 मार्च को कांग्रेस के नौ विधायकों के विद्रोह से शुरू हुई लड़ाई हाई कोर्ट के साथ ही जनता की अदालत में भी पहुंच गई है।

बजट के विरोध में मतदान करने का दावा करने वाले बागी विधायकों ने जब सदन में मोर्चा खोला तो उस समय मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस ने भाजपा और बागी विधायकों की रणनीति को जमीन दिखाने का तानाबाना बुना। कार्यवाही आगे बढ़ी तो बागी विधायकों ने राजभवन में दस्तक दी।
राज्यपाल को बताया गया कि विनियोग विधेयक को गलत ढंग से पारित किया गया। भाजपा ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति भवन में गुहार लगाई और मांग की कि उत्तराखंड में रावत सरकार अल्पमत में आ गई है, लिहाजा सरकार को भंग कर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस आलाकमान ने भी इस मामले में राष्ट्रपति से मुलाकात कर रावत सरकार के बहुमत में होने का दावा किया। इस बीच राज्यपाल केके पाल ने केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को उत्तराखंड के सियासी हालात को लेकर रिपोर्ट भेजी और रावत सरकार को 28 मार्च तक बहुमत साबित करने का वक्त दिया।

राज्यपाल के रावत सरकार के बहुमत साबित करने के लिए अधिवक वक्त दिए जाने पर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया। इस दौरान राज्यपाल ने भाजपा व बागी विधायकों की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल को पत्र भेजकर सदन में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस ने राज्यपाल के बहुमत साबित करने के निर्देश के बाद जोड़तोड़ शुरू की। आंकड़ों के गणित का आंकलन किया गया और यह भी निर्णय लिया गया कि कांग्रेस से बगावत करने वाले नौ विधायकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस की शिकायत पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बागी विधायकों को नोटिस जारी किए 26 मार्च तक जवाब दाखिल करने का समय दिया।

दिल्ली में जमें बागी विधायकों ने पहले तो नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए और उसके बाद कोई विकल्प न देख 26 मार्च को एक बागी विधायक सुवोध उनियाल की ओर से जवाब दाखिल किया गया और विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में पर्याप्त समय देने का आग्रह किया गया।
दूसरे दिन 27 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यपाल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राष्ट्रपति शासन की संस्तुति कर दी। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद इसी दिन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंडवाल ने बागी नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी दलील दी कि उन्हें राष्ट्रपति शासन की विधिवत जानकारी नहीं मिली है।

उधर, दूसरी ओर 26 मार्च को एक निजी चैनल में मुख्यमंत्री हरीश रावत के विधायकों की खरीद फरोख्त करने वाले स्टिंग के चलने से सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया।

स्टिंग को लेकर भाजपा हमलावार हो गई और यह आरोप लगाया कि सरकार को बचाने के लिए हरीश रावत जिस तरह विधायकों की खरीद फरोख्त कर रहे हैं उससे इस सरकार का एक पल भी उत्तराखंड में रहना घातक है।

स्टिंग का मुद्दा उछला तो हरीश रावत ने इसका पूरा ठीकरा भाजपा और केंद्र सरकार पर फोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अस्थिर करने के लिए यह स्टिंग किया गया। स्टिंग पूरी तरह से झूठा है।

बगावत, स्टिंग, समेत कई हमलों के बावजूद हरीश रावत ने सदन में बहुमत साबित करने का दावा किया। इस मामले में हरीश रावत ने केंद्र सरकार के राष्ट्रपति शासन लगाने के निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट की एकलपीठ ने इस मामले में 31 मार्च को फ्लोर टेस्ट के आदेश दिए। साथ ही यह भी कहा कि बागियों के वोट अलग से सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे जाएंगे। एकलपीठ के इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार व निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्य न्यायाधीश केएम जोजफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ में चुनौती दी।

Wednesday, 30 March 2016

स्वामी का केजरीवाल पर बड़ा हमला, कहा- नक्सली और महाफ्रॉड

 अपने बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहनेवाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेतृत्व पर करारा प्रहार किया है। स्वामी ने कहा है कि कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत है। यही नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भाजपा नेता ने नक्सली कह दिया।

स्वामी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को नए नेता की आवश्यकता है जो विशुद्ध रुप से भारतीय हो। इससे पहले भी स्वामी कांग्रेस नेतृत्व पर प्रत्यक्ष व परोक्ष रुप से हमला करते रहे हैं। नेश्नल हेराल्ड केस में भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कोर्ट में घसीटा था। मामला अभी भी अदालत में है।

केजरीवाल पर हमला

यही नहीं सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने केजरीवाल को नक्सली तक कह डाला। स्वामी ने कहा कि केजरीवाल महाफ्रॉड हैं।

पाक के वीडियो को बकवास बताया

पाकिस्तान द्वारा भारतीय जासूस का कथित वीडियो जारी करने पर स्वामी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जासूस भारतीय पासपोर्ट क्यों रखेगा? वह पेशावर से किसी भी देश का पासपोर्ट ले सकता था। भाजपा नेता ने कहा कि पाक की इस बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा। 

Thursday, 5 February 2015

अब नूपुर शर्मा ने केजरीवाल को दी बहस की चुनौती

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार नूपुर शर्मा ने अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को खुद बहस की चुनौती दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई उम्मीदवारों ने दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को एक मंच पर बहस की खुली चुनौती दी, लेकिन अभी तक कोई बहस हुई नहीं है। हमेशा बहस के लिए आतुर नजर आने वाले केजरीवाल क्या नूपुर शर्मा की चुनौती स्वीकार करेंगे!

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। ऐसे में लगता नहीं है कि नूपुर और केजरीवाल के बीच बहस देखने को मिलेगी। नूपुर शर्मा ने बुधवार को एक ट्वीट कर केजरीवाल को बहस की चुनौती दी। नूपुर ने ट्वीट में लिखा, 'मैं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक अरविंद केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देती हूं। वह बहस की मांग कर रहे थे, मैं उन्हें नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में इसके लिए आमंत्रित करती हूं।'

बता दें कि बहस के लिए चुनौती देने की शुरुआत अरविंद केजरीवाल ने ही की थी। सबसे पहले उन्होंने भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी को बहस की चुनौती दी। लेकिन किरण बेदी ने इसके लिए यह कहकर मना कर दिया था कि वह सड़क पर नहीं केजरीवाल से विधानसभा में बहस करने की इच्छुक हैं।

इसके बाद कांग्रेस के नेता अजय माकन ने केजरीवाल और किरण बेदी को बहस के लिए ललकारा था। माकन ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर किरण बेदी बहस के लिए नहीं आतीं, तो सिर्फ केजरीवाल के साथ बहस करने के लिए वो तैयार हैं। लेकिन केजरीवाल ने माकन की इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया।


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शीला को भरोसा, दिल्‍ली में चौंकाने वाले होंगे नतीजे

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और सभी पार्टियां प्रचार में अपना दमखम दिखा रही हैं। ऐसे मौके पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लम्बे अर्से के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। पूरे चुनाव प्रक्रिया से दूर रही दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रचार के आखिरी दिन प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नतीजे चौंकाने वाले होंगे।

शीला दीक्षित ने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि राजधानी में मुकाबला त्रिकोणीय है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति पहले नहीं देखी है। भाजपा के पास कोई नीति नहीं है। केजरीवाल और बेदी के बीच जुबानी जंग हो रही है।

आपको बता दें कि 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था और इस बार वो पूरे चुनाव प्रकिया से दूर रही। 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने शीला को नई दिल्ली सीट से हराया था।

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Wednesday, 4 February 2015

खुद के सर्वे में 'आप' ने थपथपाई पीठ, केजरी सबसे पसंदीदा सीएम कैंडिडेट

दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मिलेगा बहुमत और कौन रहेगा हासिए पर यह जानने के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से सर्वे किया गया। 'आप' ने 35 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3188 लोगों से बातचीत की और उनसे यह जानने का प्रयास किया कि दिल्ली का सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है?
सर्वे में शामिल छह फीसद लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं था। सात फीसद लोगों ने अजय माकन को बताया कि वे अच्छे मुख्यमंत्री हो सकते हैं। 34 फीसद लोगों ने कहा कि किरण बेदी दिल्ली के लिए अच्छी मुख्यमंत्री साबित हो सकती हैं। जबकि अरविंद केजरीवाल के बारे में लोगों की राय बिल्कुल जुदा थी। 53 फीसद लोगों ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री हो सकते हैं।
'आप' नेता योगेंद्र यादव ने बताया कि हमने इन लोगों से यह सवाल किया था कि आपके मुताबिक कौन दिल्ली का सबसे अच्छा मुख्यमंत्री हो सकता है। उनके सामने हमने तीन नाम रखे थे। अजय माकन, किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल का, जिसमें सबसे पसंदीदा अरविंद केजरीवाल रहे। वहीं, मतदान प्रतिशत की बात करें तो सर्वे के मुताबिक 46 फीसद वोट आम आदमी पार्टी को मिलने की उम्मीद है, जबकि 33 फीसद वोट भारतीय जनता पार्टी को मिलने की उम्मीद की जा रही है।
वहीं, सीटों की बात करें तो आम आदमी पार्टी अपने आंतरिक सर्वे में खुद को 51 सीटें दे रही है जबकि भाजपा को 15 सीटें और कांग्रेस महज चार सीटें ही मिल रही है।
आपको बता दें, इसके पूर्व अन्य समाचार चैनल्स के सर्वे में भी आम आदमी पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। आप के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी की स्थिति कमजोर बताई जा रही है, जबकि कांग्रेस को हासिए पर बताया जा रहा है।

मोदी बात करते हैं मेक इन इंडिया की, पहनते हैं विदेशी सूटः राहुल

 दिल्ली की चुनावी जंग में प्रचार का दौर चरम पर है। प्रचार के लिए अब सिर्फ दो दिनों का समय बचा है, ऐसे में सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी जहांगीरपुरी में एक रैली को संबोधित किया। रैली के बाद राहुल का रोड शो जारी है जिसमें लोगों की मौजूदगी ठीक ठाक है।

इससे पहले, जहांगीरपुरी में रैली शो को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर हम विधानसभा चुनाव जीतते हैं, तो अगले दो सालों में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिला देंगे। हम दिल्ली में हर आदमी को छत देंगे। उन्होंने कहा कि हम एक हफ्ते कें अंदर कॉन्ट्रैक्ट प्रथा को खत्म करेंगे और दो साल के अंदर पूरी दिल्ली को मालिकाना हक देंगे।

राहुल गांधी ने कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि हमने आम लोगों को सूचना का अधिकार दिया। इसके अलावा कांग्रेस ने मनरेगा से करोड़ों लोगों की जिंदगी बदली है। इसके बाद राहुल गांधी ने रैली में मौजूद जनता से पूछा कि क्या आपकी जिंदगी में कोई बदलाव आया है? महंगाई नहीं थमी है, सब्जियों के दाम कम हुए हैं?

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान ढेरों वादे किए थे, लेकिन मैंने तब भी कहा था कि एक व्यक्ति पूरा देश नहीं बदल सकता। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार की बात करते हैं। लेकिन वह खुद 10 लाख रुपये का सूट पहनते हैं, जो विदेश में बना है और बात करते हैं मेक इन इंडिया की। वादे करना बड़ा आसान है, लेकिन उन्हें निभाना बहुत मुश्किल। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के दो-तीन दोस्त हैं ज्यादा नहीं। बस उन्हीं को फायदा मिल रहा है।

Saturday, 31 January 2015

350 फाइलें दबा कर बैठी थीं जयंती नटराजन

जयंती नटराजन वर्ष 2011 से 2013 के बीच पर्यावरण मंत्री रहीं और इस दौरान कई परियोजनाओं को मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली। इसके चलते निजी परियोजनाओं के साथ ही और सार्वजनिक परियोजनाएं और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी हरी झंडी नहीं मिली।

संभवत: किसी ने पर्यावरण के नियम की कसौटी पर खरे उतरने का दावा नहीं किया। मोटेतौर पर करीब 350 फाइलें नटराजन के ऑफिस में दिसंबर 2013 में इस्तीफा दिए जाने तक धूल खाती रहीं। इन फाइलों को मंजूरी मिल सकती थी क्योंकि ज्यादातर परियोजनाओं की मंजूरी एक्सपर्ट अप्रेजल कमिटी ने दी थी।

जब कांग्रेस को परियोजनाओं की मंजूरी न मिलने के कारण होने वाले दुष्प्रभावों का अहसास हुआ, तक तक काफी देर हो चुकी थी। नटराजन के बाद जब मंत्रालय की कमान वीरप्पा मोइली ने संभाली। उन्होंने 2014 के आम चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले 1.5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी।

Thursday, 29 January 2015

'आप' का केवल एक लक्ष्य, कांग्रेस सत्ता में न आने पाएः राहुल गांधी

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने सबाब पर पहुंच रहा है। जहां भाजपा तेरह राज्यों से नेताओं को बुलाकर चुनाव प्रचार करने की योजना को मूर्त रूप देने जा रही है। वहीं, आप और कांग्रेस भी पूरे दमखम के साथ प्रचार में उतर गई हैं। जहां आम आदमी पार्टी हर रोज नुक्कड़ सभाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है तो कांग्रेस भी पूरा एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

आज सीलमपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आप और भाजपा दोनों पर जमकार निशाना साधा। राहुल ने कहा कि आम आदमी पार्टी का केवल एक लक्ष्य है कांग्रेस को सत्ता से बाहर देखना। उन्होंने कहा कि जितने भी आप के नेताओं ने पार्टी छोड़ी वे सब के सब भाजपा में चले गए। वहीं भाजपा पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने एक भी वादे नहीं पूरी कर पाई है। दोनों ही पार्टियां सपना देख रही हैं कि कांग्रेस सत्ता में दोबारा ना आए। लेकिन उनका यह कपना कभी पूरा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सबकी है। जब तक सबका विकास नहीं होगा तब तक दिल्ली का विकास नहीं हो सकता है।

भारतीय जनता पार्टी केवल कुछ उद्योगपतियों की भलाई के लिए काम कर रही है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कमजोर नहीं होने वाली है। राहुल ने आप पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान दिल्ली में रेप होते थे तो केजरीवाल धरना देते थे। जब से केंद्र में एनडीए की सरकार बनी है। रेप तीस फीसद बढ़ा है। अब केजरीवाल कहां है। अब वे धरने पर क्यों नहीं बैठते हैं। यूपीए के कार्यकाल में अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार और बलात्कार का मुद्दा उठाते थे। क्या अब उनको यह सब नहीं दिखाई देता है। राहुल गांधी ने वार भाजपा पर किया और सवाल आप से पछा। उन्होंने कहा कि कालाधन कहां है और उसको वापस लाने के लिए धरना देने वाले अब कहां चले गए।

Thursday, 22 January 2015

कांग्रेस का मोदी की भारतीयता में यकीन नहीं: माकन

भारतीयता को लेकर कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी के बयान से कांग्रेस को अलग करते हुए अजय माकन ने गुरुवार को कहा कि भारतीयता के मामले में पार्टी महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और कबीर के विचारों का अनुसरण करती है भाजपा नेताओं का नहीं ।

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि पार्टी का महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी स्वामी विवेकानंद और कबीर के विचारों में विश्वास करती है। मोदी इन महान विचारकों के करीब भी नहीं हैं। मोदी के महज सात महीने के शासन में दिल्ली के त्रिलोकपुरी में दंगे हो गए। जगह-जगह पर चर्चों को जलाया जा रहा है और औरतों को सिर्फ एक बच्चा पैदा करने के लिए कहा जा रहा है। यहां तक कि रामजादा जैसे शब्दावलियां प्रयोग में लाई जा रही हैं। माकन ने कहा कि यदि यही भारतीयता है तो हमें इससे कोई लेना देना नहीं है। माकन ने कहा कि भारतीयता को लेकर मोदी या जनार्दन द्विवेदी के बयान से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने द्विवेदी को नोटिस जारी कर उनके बयान पर सफाई मांगी है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जनार्दन द्विवेदी ने रेडिफ डाट काम को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। इस साक्षात्कार में द्विवेदी ने कहा कि मोदी सामाजिक स्तर पर लोगों को समझाने में कामयाब रहे। वह देश के लोगों के बेहद करीब हैं। मोदी की जीत भारतीयता की जीत है। हालांकि बाद में उन्होंने इस पर सफाई भी दी।

Friday, 16 January 2015

हवाला कारोबारी मोइन कुरैशी के संपर्क में थीं सुनंदा!

कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की रहस्मयी मौत का मामला दिनोंदिन उलझता जा रहा है। पुलिस की जांच जारी है और इस केस में अब कई मोड़ सामने आ चुके हैं। इस बीच, एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सुनंदा पुष्कर और कारोबारी मोइन कुरैशी एक दूसरे को जानते थे और उनके बीच रिश्ते थे। वहीं, दूसरी ओर राजनाथ सिंह ने कहा कि इस केस को लेकर पुलिस पर कोई सरकारी दवाब नहीं है और पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी।
मैसेजेस होते थे साझा
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मीट एक्सपोर्टर और कथित हवाला कारोबारी मोइन कुरैशी के शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से संपर्क थे और वे ब्लैकबेरी स्मार्टफोन पर संदेशों (मैसेज) को साझा करते थे। ब्लैकबेरी मैसेंजर के जरिये इन दोनों के बीच बातचीत हुई थी। बता दें कि कुरैशी इस समय आयकर विभाग की निगरानी के दायरे में हैं। इन संदेशों के अनुसार, कुरैशी ने सुनंदा को अगस्त, 2013 में डिनर के लिए आमंत्रित किया था।
क्या है मैसेजेस में?
बीबीएम टेक्सट के अनुसार, सुनंदा ने एक मैसेज 17 मार्च, 2013 को भेजा था, जिसमें लिखा था कि 'क्या आपकी फैक्टरी में सबकुछ ठीक है? हम आपको मिस करते हैं... लेकिन दूसरा डिनर आयोजित कर रहे हैं, इसलिए जरूर आएं। नवीन, शशि और मैं काफी खुश होंगे यदि आप हमारे घर पर डिनर में शामिल होते हैं।' जिस पर कुरैशी ने जवाब में लिखा, धन्यवाद, सभी कुछ नियंत्रण में है। मैं 20 मार्च को लाहौर में हूं, लौटने पर आपसे मिलता हूं। आमंत्रण के लिए शुक्रिया। एक अन्य मैसेज में अगस्त, 2013 कुरैशी ने कहा, ओक ड्राइव में आप दोनों के डिनर में शामिल की उम्मीद करता हूं। जिस पर सुनंदा ने कहा, हां, हम आएंगे।
अमर का खुलासा
सुनंदा के करीबी दोस्त और पूर्व सपा नेता अमर सिंह ने सुनंदा पुष्कर मर्डर केस में एक सनसनीखेज खुलासा किया है। एक टीवी चैनल से बातचीत में अमर सिंह ने दावा किया है कि होटल में मृत पाए जाने से ठीक दो दिन पहले उनकी सुनंदा से बात हुई थी। बकौल अमर सिंह सुनंदा आईपीएल में शशि थरूर के कारनामों को लेकर दुखी थीं। सुनंदा ने रोते हुए खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि आईपीएल में शशि थरूर के गलत कामों का दोष उन्होंने अपने सिर लिया है। अमर सिंह का यह बयान शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ा सकता है। एसआईटी इस मामले में जल्द ही थरूर से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

Tuesday, 13 January 2015

केजरीवाल के खिलाफ चुनावी रण में उतरेंगी किरण वालिया

पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उनकी नई दिल्ली सीट से करारी मात देने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सामने कांग्रेस ने पूर्व मंत्री प्रो. किरण वालिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. जगदीश मुखी के दामाद सुरेश कुमार जनकपुरी से पार्टी के प्रत्याशी बनाए गए हैं, जबकि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र से चुनावी किस्मत आजमाएंगी। पार्टी ने दो पूर्व मंत्रियों रमाकांत गोस्वामी और मंगतराम सिंघल का टिकट काट दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में सोमवार शाम को हुई पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शेष सभी 45 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा दी गई। पार्टी पहले ही 25 नामों का एलान कर चुकी है। इसमें से केवल एक कृष्णा नगर सीट पर बंसीलाल के नाम को रोका गया था लेकिन समझा जा रहा है कि उन्हें भी हरी झंडी मिल गई है। इस प्रकार पार्टी ने चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। प्रत्याशियों की सूची से साफ है कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समर्थकों का लगभग सफाया हो गया है जबकि प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन और पूर्व सांसद सज्जन कुमार के तमाम समर्थक टिकट पाने में कामयाब रहे हैं।

Monday, 12 January 2015

दिल्ली कैंट चुनावः नोट उड़ाने वाले कार्यकर्ता 'आप' से निलंबित

दिल्ली छावनी परिषद के चुनाव में जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा हवा में नोट उड़ाने का मुद़दा गरमाने के बाद पार्टी ने उक्त कार्यकर्ता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला प्रकाश में आने के बाद इस पर सियासत गरमाने लगी थी। भाजपा नेता संबित पात्रा ने इस पूरे मामले में कहा था कि आज की इस घटना से आम आदमी पार्टी का असली चेहरा सामने आ गया है।

पार्टी ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए वह फुटेज मांगी थी जिसमें कार्यकर्ता नोट उड़ाते हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बाद ही पार्टी ने उनके निलंबन की कार्रवाई की है। इससे पूर्व आप नेता आशुतोष और अतिशी मारलेना ने कहा था कि यह आम आदमी पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली छावनी के चुनाव में भाजपा जहां सबसे अधिक सीटें पाने में सफल रही, वहीं आप ने भी यहां पर एक सीट के साथ खाता खोल दिया। छावनी की आठ सीटों में से पांच पर भाजपा, दो पर कांग्रेस जबकि एक पर आम आदमी पार्टी ने कब्जा जमाया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सेमीफाइनल माने जा रहे छावनी परिषद के चुनाव में अब तक आए नतीजों के मुताबिक वार्ड नंबर एक से कांग्रेस प्रत्याशी संदीप तंवर ने जीत दर्ज की है। तंवर ने भाजपा के प्रत्याशी को 1900 वोटों से हरा दिया। जबकि वार्ड नंबर दो से भाजपा ने जीत दर्ज की है। यहां से भाजपा प्रत्याशी रचना कदयान ने लगभग 800 वोटों से जीत दर्ज की है। वार्ड नंबर तीन से भी भाजपा को सफलता मिली है। यहां उम्मीदवार कविता जैन जीती हैं, जबकि वार्ड नंबर चार से भी भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। वार्ड नंबर छह से भाजपा के नरेंद्र चौधरी विजयी रहे हैं।

Source : News in Hindi and Newspaper

दिल्‍ली में सात फरवरी को होंगे चुनाव, 10 को आएंगे नतीजे

चुनाव आयोग ने आज दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान कर दिया। दिल्ली में चुनाव सात फरवरी को होंगे और दस फरवरी को मतों की गिनती की जाएगी। इसी दिन चुनाव के नतीजों का भी एलान कर दिया जाएगा। आज हुई प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि इस विधानसभा चुनाव में एक करोड़ तीस लाख मतदाता भाग लेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही दिल्ली में चुनाव आचार सहिंता भी लागू हो गई है। भाजपा, कांग्रेस और आप समेत सभी पार्टियों ने इस घोषणा का स्वागत किया है।

इस चुनाव में दिल्ली की 70 सीटों में से 12 सीटें आरक्षित हैं। आयोग ने मतदाताओं की संख्या को देखते हुए 11,763 पोलिंग बूथ बनाने का निर्देश दिया है। विधानसभा चुनाव में जहां पहले की ही तरह ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा वहीं मतदाताओं को नोटा का इस्तेमाल करने का भी मौका दिया गया है। आयोग के मुताबिक 14-21 जनवरी तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। 22 जनवरी को प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। प्रत्याशियों के नाम वापसी की अंतिम तारीख 24 जनवरी है।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा का पिछला चुनाव दिसंबर 2013 में हुआ था। अरविंद केजरीवाल द्वारा 14 फरवरी 2014 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कारण विधानसभा निलंबित कर दी गई थी जिसे 4 नवंबर 2014 को भंग कर दिया गया था।


Source : News in Hindi and Newspaper