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Tuesday, 7 June 2016

नाइजीरियन भारत में दादागिरी करने अाते हैंः रवि नायक

कांग्रेस नेता व गोवा के पूर्व सीएम रवि नायक ने नाइजीरियन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नाइजीरियन दिल्ली, बेंगलुरु व भारत के अन्य हिस्सों में अाते हैं। वे यहां केवल दादागिरी करते हैं। उन्होंने कहा कि नाइजीरियन को भारत छोड़ने के लिए कहा जाए। हमें एेसे पर्यटकों की जरूरत नहीं है।

इससे पहले गोवा के पर्यटन मंत्री पारुलेकर ने कहा था कि नाइजीरिया के लोग न केवल गोवा बल्कि पूरे देश में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। दो अफ्रीकी मूल के नागरिकों पर अपहरण और दुष्कर्म के आरोप के बारे में मंत्री से पूछा गया था। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया के छात्र यहां पढ़ने के लिए आते हैं। ज्यादा समय तक रुकने के इरादे से अपराध करते हैं।

बीते दिनों गोवा में नाइजीरिया के एक व्यक्ति ने चाकू की नोंक पर एक महिला से दुष्कर्म किया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बीच राज्य के पर्यटन मंत्री दिलीप पारुलेकर ने नाइजीरियाई लोगों को समस्या खड़ी करने वाला करार दिया था।

क्या था मामला

पुलिस के अनुसार, उत्तरी गोवा जिले के पर्रा गांव में शनिवार रात दो नाइजीरियाई एक 39 साल की महिला के पीछे लगे थे। मौका मिलते ही एक नाइजीरियाई चाकू की नोंक पर महिला को कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के सिलसिले में पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। एसपी उमेश गांवकर ने बताया कि एक आरोपी को महाराष्ट्र के पनवेल स्टेशन से पकड़ा गया है।  Read more http://www.jagran.com/

Monday, 12 January 2015

गोवा में श्रीराम सेना पर जारी रहेगा प्रतिबंध

गोवा में श्रीराम सेना पर प्रतिबंध जारी रहेगा। मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने प्रतिबंध को अगले छह महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'श्रीराम सेना पर प्रतिबंध को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा। मुझे जानकारी नहीं थी कि सेना पर प्रतिबंध दिसंबर में खत्म हो चुका है।' 2009 में मंगलुरु के एक पब में युवा जोड़ों पर हमला करने के बाद यह संगठन सुर्खियों में आया था। अपने हिंदुत्व के कथित एजेंडे को लेकर श्रीराम सेना देश में पब संस्कृति का जमकर विरोध करती है। सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने एक दिन पहले ही कहा था कि वे 26 जनवरी को बेलगाम में बैठक करेंगे और गोवा में अपनी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की योजना को अंतिम रूप देंगे।

मुथालिक के अनुसार, 'गोवा में शाखा शुरू किए जाने की विस्तृत रणनीति और अन्य बातों का फैसला 26 जनवरी को बेलगाम में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।' राज्य सरकार ने 20 अगस्त 2014 को सूबे में श्रीराम सेना की गतिविधियों पर दिसंबर तक के लिए रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध राज्य पुलिस की उस रिपोर्ट के बाद लगाया गया जिसमें राज्य में संगठन की गतिविधियों के जारी रहने से कानून व्यवस्था पर खतरे की आशंका जताई गई थी।

Tuesday, 31 December 2013

Goa bus owners to boycott Modi rally



पणजी। गोवा में बस मालिकों ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार की रैली का बहिष्कार करने का फैसला किया है। गोवा में बस मालिकों के सबसे बड़े एसोसिएशन का कहना है कि उनकी बसें 12 जनवरी को आयोजित रैली के दौरान लोगों को ले जाने का काम नहीं करेगी। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए ऑल गोवा ऑनर्स एसोसिएशन के महासचिव सुदीप तमनकर ने सोमवार को बताया कि फैसला एसोसिएशन के प्रबंधक इकाई की बैठक में लिया गया। इसके अनुसार राज्य के 1,000 सार्वजनिक वाहनों पर इसका नियंत्रण है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का फैसला उनके लिए कठिन रहा है। पिछले साल गोवा सरकार द्वारा पेट्रोल से वैट हटा देने से लोग बस की जगह अपने दो पहिया वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन का फैसला किया गया है। हालांकि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि लगभग 1.5 लाख लोग मोदी की रैली में जुटेंगे। 

Friday, 29 November 2013

Tehelka Sexual Assault case: It was a Rape not a Sexual Harrassment

tehelka
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार को तहलका के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की हरकत को 'दुष्कर्म' करार दिया है। पीड़िता के अनुसार थिंकफेस्ट के दौरान गोवा के एक होटल में तेजपाल ने उसके साथ जो कुछ किया वह 'दुष्कर्म' की परिभाषा में आता है। साथ ही पीड़िता ने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की।
तेजपाल के पूछताछ के लिए गोवा रवाना होने के तत्काल बाद पीड़िता ने कहा, 'यह मेरी अस्मिता और अधिकार की रक्षा की लड़ाई है कि मेरा शरीर सिर्फ मेरा है, न कि नौकरी देने वाले का खिलौना है।' पीड़िता के बयान से साफ है कि वह इस मामले में तेजपाल के खिलाफ अपने आरोपों पर अडिग है। इसके पहले बुधवार को वह मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा-164 के तहत अपना बयान दर्ज करा चुकी है, जो अदालत में सुबूत के रूप में देखा जाएगा। वह गोवा पुलिस के समक्ष तेजपाल से आमने-सामने पूछताछ के लिए भी तैयार है।
पीड़िता ने साफ कर दिया है कि तेजपाल के खिलाफ उसकी शिकायत के पीछे किसी भी राजनीतिक दल या नेता का हाथ नहीं है।
ऐसे आरोप लगाने के पीछे यह सोच हावी है कि लड़की आज भी अपना फैसला खुद नहीं ले सकती। उसने राजनीतिक दलों को मामले में राजनीति नहीं करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि तेजपाल अपने खिलाफ कार्रवाई के पीछे भाजपा की साजिश का आरोप लगाते रहे हैं।


Sexual assault case: Tarun Tejpal gets relief against arrest till morning

Tarun Tejpal
नई दिल्ली। सहकर्मी से दुष्कर्म के आरोपी तरुण तेजपाल को गोवा की सत्र अदालत से शुक्रवार को फौरी राहत मिल गई और उनकी गिरफ्तारी शनिवार तक के लिए टल गई। शुक्रवार को सत्र अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म होने तक तहलका के मुख्य संपादक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। परंतु, शनिवार सुबह 10 बजे से याचिका पर फिर से सुनवाई होगी और लोक अभियोजक अपना पक्ष रखेंगे। तेजपाल गिरफ्तारी से भले ही बच गए हों, लेकिन मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकीलों ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाए और उसका नाम भी लिया।
शुक्रवार देर शाम को गोवा पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की। यहां तक कि केंद्र सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे है। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने बताया कि गोवा सरकार से केस संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
बृहस्पतिवार देर शाम अदालत से गैरजमानती वारंट हासिल करने के बाद गोवा पुलिस की टीम ने शुक्रवार को सुबह छह बजे तेजपाल के दिल्ली स्थित घर पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले। तेजपाल की पत्नी गीतन बत्रा ने पुलिस को कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। इसके बाद सुबह 10 बजे तेजपाल के वकीलों ने गोवा की सत्र अदालत से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई और दोपहर ढाई बजे तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। इधर, गिरफ्तारी की आशंका से मुक्त तेजपाल गोवा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को चकमा देते हुए दोपहर बाद पत्नी व अन्य परिजनों के साथ विमान से गोवा के लिए चले और पांच बजे गोवा पहुंच गए। दावोलिम हवाई अड्डे पर पहुंचे तेजपाल को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। गिरफ्तारी की रोक की अवधि खत्म होने के कारण गोवा पुलिस ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ मिनट बाद ही अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई शनिवार को भी जारी रहने और तब तक गिरफ्तारी पर रोक जारी रहने की सूचना से तेजपाल ने राहत की सांस ली। इसके बाद देर शाम तेजपाल खुद गोवा पुलिस की अपराध शाखा पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की है।
दिल्ली हाई कोर्ट में पूरे मामले के पीछे भाजपा की साजिश बताने वाले तेजपाल के वकीलों ने गोवा की अदालत में पीड़िता के चरित्र पर भी सवाल उठाने की कोशिश की। यहां तक कि बचाव पक्ष के वकील ने भरी अदालत में दो बार पीड़िता का नाम भी लिया। इस पर जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पीड़िता का नाम लेना सही नहीं है और इस मामले में कानून भी काफी सख्त है। जज की आपत्ति के बाद वकील को नाम लेने के लिए माफी मांगनी पड़ी। वकील गीता लूथरा ने कहा कि तेजपाल बहुत ही शरीफ और प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। उन्होंने दलील दी कि होटल के सीसीटीवी फुटेज तेजपाल को निर्दोष ठहराते हैं, उन्होंने अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले को राजनीति से प्रेरित बताया।

Source- Hindi News

Thursday, 21 November 2013

Tejpal sexual assault case: Read victim's complete E-mail

Tarun Tejpal sexual assault case
नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। तहलका की महिला पत्रकार ने प्रधान संपादक तरुण तेजपाल द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद प्रबंध संपादक शोमा चौधरी को भेजी ई-मेल में गोवा के एक होटल में घटी घटना का कुछ ब्योरा दिया है। मेल की पहली ही पंक्ति में पीड़िता ने लिखा है कि यह मेल लिखना उनके लिए बेहद तकलीफदेह है। पीड़ित महिला पत्रकार की शोमा चौधरी को भेजी ई-मेल कुछ इस तरह है।

''मेरे लिए आपको यह ई-मेल लिखना बेहद तकलीफदेह है। जो बात मैं कहने जा रही हूं उसे कैसे सरल ढंग से कहा जाए, यह सोचने में लगी हुई थी, लेकिन अब मुझे यही एक रास्ता समझ आ रहा है। पिछले सप्ताह तहलका के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल ने 'थिंक फेस्ट' के दौरान दो बार मेरा यौन उत्पीड़न किया। जब उन्होंने पहली बार यह हरकत की तो मैं आपको फौरन फोन कर बताना चाहती थी, लेकिन आप बुरी तरह व्यस्त थीं। मुझे पता था कि उस वक्त एक मिनट के लिए भी यह मुमकिन नहीं था कि मैं अकेले में आपको इस हरकत के बारे में बता पाती। इसके अलावा मैं इस बात को लेकर हैरान भी थी कि तरुण ने ऐसी घिनौनी हरकत की, जो मेरे पिता के साथ काम कर चुके हैं और उनके दोस्त हैं। तरुण की बेटी भी मेरी दोस्त है। मैं काम की वजह से तरुण की बहुत इज्जत करती रही हूं। तरुण ने दो बार मेरा यौन शोषण किया। हर बार मैं बुरी तरह हताश और पस्त होकर अपने कमरे में लौटी और कांपते हुए रोती रही। इसके बाद मैं अपने सहकर्मियों के कमरे में गई और एक वरिष्ठ सहकर्मी को फोन कर सारी बात बताई। जब दूसरी बार तरुण ने मेरा यौन उत्पीड़न किया तो मैंने उनकी बेटी को इस बारे में शिकायत की। जब उनकी बेटी ने तरुण से इस बाबत सवाल किया तो वह मुझ पर चीखते हुए गुस्साने लगे। पूरे फेस्टिवल के दौरान मैं तरुण से बचती रही। सिर्फ तभी उनके सामने आई, जब आसपास कई लोग मौजूद रहे। यह सिलसिला तब तक चला, जब तक यह फेस्ट खत्म नहीं हो गया।

शनिवार शाम उन्होंने मुझे एक एसएमएस किया, जिसमें लिखा कि मैंने एक नशेबाज की दिल्लगी का उलटा ही अर्थ निकाल लिया, लेकिन यह सच नहीं है। दिल्लगी के दौरान कोई किसी पर यौन हमला नहीं करता। मैं उनकी हरकत का हर ब्योरा आपको भेज रही हूं ताकि आपको समझ आए कि मेरे लिए यह कितना तकलीफदेह रहा होगा। मैं चाहती हूं कि विशाखा मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के मुताबिक, एक एंटी सेक्सुअल हैरेसमेंट सेल बनाया जाए और वही इस मसले की जांच करे। आखिर में मैं तरुण तेजपाल से लिखित माफी चाहती हूं। यह माफीनामा तहलका में काम करने वाले हर कर्मचारी से साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने जिस तरह एक महिला कर्मचारी के साथ बर्ताव किया उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।''

विशाखा केस में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त, 1997 में कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न रोकने के संबंध में एक निर्णय दिया था। राजस्थान के चर्चित भंवरी देवी केस (1992) की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट ने विशाखा बनाम राजस्थान सरकार मामले में फैसला दिया था। विशाखा निर्णय नाम से प्रसिद्ध इस केस में यौन उत्पीड़न को परिभाषित करते हुए कई दिशा-निर्देशों और मानकों का निर्धारण किया गया था। 

यौन उत्पीड़न :
-शारीरिक संपर्क
-इस तरह की इच्छा या मांग प्रकट करना
-अश्लील भावभंगिमा दर्शाना
-पोर्नोग्राफी दिखाना
-लैंगिक प्रकृति का शारीरिक, मौखिक या लिखित आचरण
रोकथाम के दिशा-निर्देश
-कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को रोकने संबंधी सूचना को अधिसूचित, प्रकाशित और उपयुक्त तरीके से प्रसारित किया जाना चाहिए।
-सरकारी और पब्लिक सेक्टर निकायों में आचरण, अनुशासन संबंधी नियमों व नियंत्रण के प्रावधानों में यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधित नियमों को भी शामिल करना चाहिए। दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
-निजी कंपनियों में इंडस्ट्रियल रोजगार एक्ट, 1946 के तहत यौन उत्पीड़न के रोकथाम संबंधी नियमों को भी शामिल किया जाना चाहिए
-कार्यस्थल पर काम, स्वास्थ्य, स्वच्छता का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ प्रतिकूल माहौल नहीं होना चाहिए।
-केंद्र और राज्य सरकारों से यह आग्रह किया गया कि वे ऐसे विधान बनाए ताकि इन दिशा-निर्देशों को निजी सेक्टर पर भी ठीक ढंग से लागू किया जा सके।
*****
ट्विटर पर हैरानी और गुस्सा
''भारत में एक बड़े संपादक ने अपनी ही महिला पत्रकार के साथ यौन दु‌र्व्यवहार किया। वह जेल जाने के बजाय छह माह की छुंट्टी पर चला गया। क्या बेवकूफी है?'' -तारिक फतेह
''तरुण तेजपाल को यह अधिकार कहां से मिला कि वह अपने लिए सजा खुद तय करें? इस सवाल का जवाब सारी महिलाएं चाहती हैं।'' -असमा खान पठान
''यह शर्मनाक है कि अच्छे मूल्यों वाले शख्स ने ऐसा काम किया, लेकिन उन्होंने औरों की तरह अपना गुनाह कबूल करने का साहस दिखाया।'' -जावेद अख्तर
''महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में फरहान अख्तर ने मर्द अभियान शुरू किया और उनके पिता जावेद अख्तर तरुण तेजपाल को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।'' -एस रोड्रिग्स
''जब कोई दोस्त जुर्म करता है तो पहले तो यकीन नहीं होता, फिर हैरानी होती है और फिर गुस्सा आता है। तरुण ने अपने परिवार और दोस्तों से विश्वासघात किया है।'' -सागरिका घोष
''तरुण ने तहलका को बनाया। उन्हें ही उसे नष्ट करने का अधिकार था और वह उन्होंने कर दिया। धन्यवाद तरुण।'' -आकाश
''तरुण ने महिला पत्रकार के साथ जो कुछ किया उसे जानकर हैरान हूं। यह घटना ताकत के अहंकार को बयान करती है।'' -मधु किश्वर
''नरेंद्र मोदी के बारे में राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है कि लड़की मामला दर्ज करे या नहीं, हम मामला जरूर दर्ज कराएंगे। तेजपाल के बारे में इसी आयोग का कहना है कि यह उनके और लड़की के बीच का मामला है।'' -नीलेश देसाई
''कांग्रेस ने अपने बहादुर सिपाही को खो दिया है। आइए आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण करें। उनका छह महीने के लिए पत्ता कट गया। अब नरेंद्र मोदी के खिलाफ कौन चुनाव लड़ेगा?'' -पीयूष खंडेलवाल

Wednesday, 20 November 2013

IFFI begins today, waheeda rehman will be honoured by Cenetary Award

International film festival of india

मुंबई। कैमरे और लाइट्स की चमचमाती रोशनी के बीच गोवा में बुधवार को 44 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का आगाज हो गया। इस बार फेस्टिवल की खास बात है कि कत्थक गुरु बिरजू महाराज अपने विशेष अंदाज में सिनेमा के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे। वे अपनी प्रिय अभिनेत्री वहीदा रहमान के सामने अपना नृत्य पेश करेंगे और वहीदा जी को पहले शताब्दी अवार्ड से सम्मानित भी किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि बिरजू महाराज अपने नृत्य के जरिए सिनेमा के 100 साल की दास्तां दिखाएंगे। वे इतने सालों में सिनेमा में आए छोटे-बड़े बदलाव और सिनेमा के सुहाने सफर को नृत्य के जरिए पेश करेंगे। इस बार फेस्टिवल इसलिए ज्यादा खास है क्योंकि हिंदी सिनेमा ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं और फेस्टिवल में इसका जश्न मनाया जाएगा।

बताया जाता है कि सरकार ने सिनेमा के 100 साल के अवसर पर शताब्दी पुरस्कार की घोषणा की है और इस साल का पहला पुरस्कार वहीदा रहमान जी को दिया जाएगा। हिंदी सिनेमा में उनके अपार योगदान की वजह से उन्हें फिल्म पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया जाएगा। इसी तरह अन्य श्रेणी के लिए कई तरह के अवार्ड दिए जाएंगे।

 Source- Entertainment Hindi News

International Film Festival of India (IFFI) inaugurated in Goa

International film festival of india
पणजी। भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय स्तर पर छिड़ी जंग की छाया बुधवार को यहां शुरू हुए भारत के 44वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आइएफएफआइ) पर भी दिखाई दी। कांग्रेस ने जहां न्योता न मिलने की बात कह कर फिल्म महोत्सव का बहिष्कार कर दिया, वहीं प्रमुख कर्ताधर्ता विष्णु वाग ने समारोह से किनारा कर लिया। यह अलग बात है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी मौजूद रहे।

दस दिन चलने वाले समारोह की शुरुआत पुराने जमाने की जानीमानी अदाकारा वहीदा रहमान को शताब्दी फिल्म सम्मान देने के साथ हुई। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह राणे उदघाटन समारोह से नदारद रहे।

गोवा कांग्रेस प्रमुख सुभाष शिरोडकर ने कहा कि समारोह में शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिलने के कारण उनकी पार्टी का कोई भी सदस्य महोत्सव में नहीं गया। अध्यक्ष पद न मिलने से नाराज एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा (ईएसजी) के उपाध्यक्ष विष्णु वाग ने भी महोत्सव से किनारा कर लिया। हालांकि, उन्होंने व्यस्तता का बहाना बनाया है।

मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने उन्हें ईएसजी का अध्यक्ष बनाने का आश्वासन दिया था जो पूरा नहीं हो सका। इससे नाराज वाग ने किनारा कर लिया। हॉलीवुड अभिनेत्री सुसान सारंडन समारोह में आकर्षण के केंद्र में रहीं।
ऑस्कर से सम्मानित चेक फिल्म निर्माता जिरी मेंजल को लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। इस मौके पर अभिनेत्री रेखा, रानी मुखर्जी, आशा भोंसले, कमल हासन जैसी कई हस्तियां मौजूद थीं।

Sexual Assault Case: Tarun Tejpal steps aside as Tehelka Editor for 6 months

sexual assault case

नई दिल्ली। अपनी बेटी की उम्र की पत्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे 'तहलका' पत्रिका के प्रमुख संपादक तरुण तेजपाल प्रायश्चित स्वरूप खुद ही 6 महीने की छुट्टी पर चले गए हैं। संस्थान से खुद को अलग करने की सूचना तेजपाल ने ई-मेल के जरिए तहलका की प्रबंध संपादक शोमा चटर्जी को दे दी है। शोमा ने तेजपाल के इस तरह संस्थान से हटने के बारे में अधिक बात न करते हुए कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। वहीं, तेजपाल के इस प्रायश्चित पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

क्या लिखा है पत्र में..पत्र में तेजपाल ने कहा कि पिछले कुछ दिन बहुत परीक्षा वाले रहे और मैं पूरी तरह इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। एक गलत तरह से लिए फैसले, परिस्थिति को खराब तरह से लेने के चलते एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई जो उन सभी चीजों के खिलाफ है जिनमें हम विश्वास करते हैं और जिनके लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने संबंधित पत्रकार से अपने दु‌र्व्यवहार के लिए पहले ही बिना शर्त माफी मांग ली है लेकिन मैं महसूस कर रहा हूं कि और प्रायश्चित की जरूरत है। तहलका के संस्थापक सदस्य तेजपाल ने अपने पत्र में लिखा है, क्योंकि इसमें तहलका का नाम जुड़ा है और एक उत्कृष्ट परंपरा की बात है, इसलिए मैं महसूस करता हूं कि केवल शब्दों से प्रायश्चित नहीं होगा। मुझे ऐसा प्रायश्चित करना चाहिए जो मुझे सबक दे। इसलिए मैं तहलका के संपादक पद से और तहलका के दफ्तर से अगले छह महीने के लिए खुद को दूर करने की पेशकश कर रहा हूं।

दो बार हुआ यौन उत्पीड़न!मीडिया में जो खबरें छनकर आ रही हैं, उसके अनुसार पीड़ित लड़की बहुत कम उम्र की है और घटना के बाद से ही सदमे में है। पीड़िता के साथ दो बार यौन उत्पीड़न हुआ और यह तब हुआ जब 'थिंक इवेंट' चल रहा था। 

पीड़िता तरुण की बेटी की उम्र की है। उसने यौन उत्पीड़न की शिकायत ई-मेल के जरिए की है। इस बारे में उसने तरुण की बेटी को भी बताया। पीड़ित लड़की के पिता भी तरुण के दोस्त हैं।

कपड़े फाड़ दिए और उससे भी आगे बढ़ गए..बताया जा रहा है कि यह घटना पिछले सप्ताह गोवा में 'थिंक इवेंट' के दौरान घटी। नशे की हालत में तरुण ने इस लड़की का यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने उसके कपड़े फाड़ दिए और उससे भी आगे बढ़ गए..।

लड़की ने अपनी शिकायत में लिखा कि मैं उनकी बहुत इज्जत करती हूं। वे मेरे पिता के समान हैं। उन्होंने 2 बार मेरे साथ हरकत की और मैं रोते हुए अपने कमरे में आई। मैंने अपने साथ हुई हरकत के बारे में पत्रिका के तीन सहयोगियों को बताया।

लड़की ने लिखा कि जब मैंने अपने साथ हुई शर्मनाक घटना के बारे में तरुण की बेटी को बताया तो तरुण काफी नाराज हो गए.. मैं डर गई थी..।

मेल से दी सूचनाशोमा चौधरी ने तहलका के अन्य कर्मियों को एक मेल भेजकर घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'यह आपमें से कई लोगों के लिए अजीब हैरानी की बात हो सकती है। एक अप्रिय घटना घटी और तरुण तेजपाल ने इस मामले में शामिल अपनी सहयोगी से बिना शर्त माफी मांगी है। वह अगले 6 महीने के लिए तहलका के संपादक पद से अलग रहेंगे।' 

सोशल साइट्सों में हुई थू-थूमीडिया जगत में तरुण तेजपाल का नाम काफी पुराना है और तहलका जैसे संस्थान में रहकर उन्होंने कई सनसनीखेज प्रकरण उजागर किए हैं। उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद सोशल साइट्सों पर टिप्पणियों की बाढ़ सी आ गई है और मीडिया में भी सवाल खड़ा हो रहा है कि यह मामला पुलिस में क्यों नहीं जा रहा है? क्या इस खुलासे के बाद पुलिस खुद संज्ञान ले सकती है? खुद ही जज बनकर प्रायश्चित करने का यह फैसला कितना उचित है? फेसबुक पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार है:

वैशाली वैद्य: डरावने गंदे लोग और उनकी गंदी सोच
रिसू रुंगटा: मारो इनको
राघवेंद्र नारायण: ये लो भईया तहलका के संपादक तरुण तेजपाल ने अपनी बेटी की दोस्त का दो बार .. करके तहलका मचाया और अब खुद जज बनके खुद को सजा दे डाली सजा क्या दी खुद को 6 महीने तक संपादिकी नहीं करेंगे ये महाशय ऐसी सजा तो हर .. चाहेगा।

टाइमलाइन फोटो: तहलका के संचालक तरुण तेजपाल जो बड़ा तहलका मचाते हैं, अपनी खबरों से आज उनकी एक खबर.. तहलका मचा रही है..
गौरव शर्मा: ये है मीडिया का असली चेहरा.. शेम..शेम..शेम

Sunday, 17 November 2013

Waheeda Rehman to get first Shatabdi film Award

Waheeda Rehman
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव के मौके पर हिंदी सिनेमा में अपने अतुलनीय योगदान के लिए गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री वहीदा रहमान को पहले शताब्दी फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। गोवा में 20 नवंबर से शुरू होने जा रहा यह महोत्सव दस दिनों तक चलेगा। 

हिंदी सिनेमा के 100 साल पूरे होने को यादगार बनाने के लिए भारत सरकार ने इसी साल शताब्दी फिल्म पुरस्कार की शुरुआत की है। हर साल किसी न किसी फिल्म अभिनेता या अभिनेत्री को भारतीय फिल्मों में उनके योगदान को देखते हुए यह पुरस्कार दिया जाएगा। 77 वर्षीय अभिनेत्री वहीदा फिल्म गाइड, साहिब बीबी और गुलाम, प्यासा में अपने दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं।
पांच सदस्यों की एक ज्यूरी ने पुरस्कार के लिए उनके नाम का चयन किया। शताब्दी फिल्म पुरस्कार के तहत उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, प्रमाण पत्र, मेडल (चांदी का मोर), शॉल और दस लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वहीदा रहमान को वर्ष 1972 में प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया।

Source- Entertainment Hindi News

Sunday, 10 November 2013

Jet, Kingfisher, Spice And Critical Economic Situation

Jet

नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन के रुतबे तक पहुंचने के बाद धड़ाम हुई किंगफिशर के नक्शेकदम पर जेट एयरवेज और स्पाइसजेट भी बढ़ रही हैं। इन तीनों सूचीबद्ध कंपनियों की माली हालात पर इनके ऑडिटरों ने ही अपनी रिपोर्ट में सवाल खड़े किए हैं। 

जुलाई-सितंबर तिमाही नतीजों की समीक्षा करने के बाद जो रिपोर्ट ऑडिटरों ने दी है, उसमें इनके गोइंग कंसर्न दर्जे पर सवालिया निशान लगाया गया है। गोइंग कंसर्न दर्जा ऐसी कंपनियों को ही दिया जाता है जिनके पास लंबे समय तक परिचालन के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं। साथ ही उनके दिवालिया होने का खतरा भी नहीं होता है। पहले से ही जमीन पर खड़ी किंगफिशर एयरलाइन के ऑडिटरों ने सबसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा नरेश गोयल के स्वामित्व वाली जेट और मारन परिवार की स्पाइसजेट के ऑडिटर ने भी कंपनियों की माली हालत को खस्ता बताया है।

किंगफिशर का उड़ान परमिट खत्म हो चुका है। साथ ही बैंक भी कर्ज वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने दोबारा परिचालन शुरू करने के लिए योजना तैयार की है। बीती तिमाही में कंपनी ने 715 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दिखाया था। वहीं, जेट के संबंध में ऑडिटर्स ने कहा कि काफी कुछ एतिहाद एयरवेज के साथ हुए समझौते के लागू होने पर निर्भर करता है। जेट ने एतिहाद को 24 फीसद हिस्सेदारी बेची थी लेकिन नियामकीय मंजूरियों के न मिलने के चलते यह सौदा अटका हुआ है। कंपनी को दूसरी तिमाही में 891 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। उधर, स्पाइसजेट को 559 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।

Monday, 4 November 2013

Indians will be hit if Nigerians are targeted: Diplomat

Indians
पणजी। गोवा में नाइजीरिया नागरिकों के उत्पात के बाद अब अफ्रीकी देश के दूतावास के अधिकारी ने भारत धमकी दी है। इसके मुताबिक यदि उसके लोगों को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया तो नाइजीरिया में रहने वाले लाखों भारतीयों को इसका अंजाम भुगतान पड़ेगा।
दो दिन के दौरे से नई दिल्ली वापस लौटते हुए नाइजीरियाई दूतावास के अधिकारी जैकब नवडाडिया ने सोमवार को गोवा सरकार को रात नौ बजे तक नाइजीरिया के नागरिकों के कथित अवैध निष्कासन पर रोक लगाने की चेतावनी दी
जैकब के मुताबिक भारत में 50 हजार नाइजीरियाई रह रहे हैं, लेकिन उनके देश में 10 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। यदि उनके नागरिकों के निष्कासन को नहीं रोका गया तो वहां के भारतीयों को उठाकर सड़कों पर फेंक दिया जाएगा। नाइजीरिया का समय भारतीय मानक समय से पांच घंटे पीछे है। इस तरह से यह समय सीमा रात दो बजे समाप्त हो जाएगी। 

गौरतलब है कि अपने साथी की कथित हत्या से उत्तोजित नाइजीरियाई नागरिकों ने एनएच 17 को जाम कर उत्पात मचाया था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद गोवा सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाया है। 

नवडाडिया ने बताया कि यहां पुलिस घर-घर जाकर नाइजीरियाई लोगों को ढूंढ़ रही है और उन्हें जबरन बाहर कर रही है। यहां कानून का राज नहीं है। उन्होंने भाजपा विधायक की पत्‍‌नी की अध्यक्षता में हुई पंचायत में लिए गए फैसले को वापस लेने की मांग की। इसके तहत गांव में उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रताड़ना तुरंत बंद की जाए। 

इस बीच, पार्रिकर ने कहा है कि गोवा में रह रहे ज्यादातर नाइजीरियाइयों के पास नागरिकता प्रमाण के तौर पर मात्र पासपोर्ट और वीजा की फोटोकॉपी है।

Source- News in Hindi