Showing posts with label Managing editor. Show all posts
Showing posts with label Managing editor. Show all posts

Friday, 29 November 2013

Sexual assault case: Tarun Tejpal gets relief against arrest till morning

Tarun Tejpal
नई दिल्ली। सहकर्मी से दुष्कर्म के आरोपी तरुण तेजपाल को गोवा की सत्र अदालत से शुक्रवार को फौरी राहत मिल गई और उनकी गिरफ्तारी शनिवार तक के लिए टल गई। शुक्रवार को सत्र अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म होने तक तहलका के मुख्य संपादक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। परंतु, शनिवार सुबह 10 बजे से याचिका पर फिर से सुनवाई होगी और लोक अभियोजक अपना पक्ष रखेंगे। तेजपाल गिरफ्तारी से भले ही बच गए हों, लेकिन मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकीलों ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाए और उसका नाम भी लिया।
शुक्रवार देर शाम को गोवा पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की। यहां तक कि केंद्र सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे है। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने बताया कि गोवा सरकार से केस संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
बृहस्पतिवार देर शाम अदालत से गैरजमानती वारंट हासिल करने के बाद गोवा पुलिस की टीम ने शुक्रवार को सुबह छह बजे तेजपाल के दिल्ली स्थित घर पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले। तेजपाल की पत्नी गीतन बत्रा ने पुलिस को कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। इसके बाद सुबह 10 बजे तेजपाल के वकीलों ने गोवा की सत्र अदालत से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई और दोपहर ढाई बजे तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। इधर, गिरफ्तारी की आशंका से मुक्त तेजपाल गोवा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को चकमा देते हुए दोपहर बाद पत्नी व अन्य परिजनों के साथ विमान से गोवा के लिए चले और पांच बजे गोवा पहुंच गए। दावोलिम हवाई अड्डे पर पहुंचे तेजपाल को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। गिरफ्तारी की रोक की अवधि खत्म होने के कारण गोवा पुलिस ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ मिनट बाद ही अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई शनिवार को भी जारी रहने और तब तक गिरफ्तारी पर रोक जारी रहने की सूचना से तेजपाल ने राहत की सांस ली। इसके बाद देर शाम तेजपाल खुद गोवा पुलिस की अपराध शाखा पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की है।
दिल्ली हाई कोर्ट में पूरे मामले के पीछे भाजपा की साजिश बताने वाले तेजपाल के वकीलों ने गोवा की अदालत में पीड़िता के चरित्र पर भी सवाल उठाने की कोशिश की। यहां तक कि बचाव पक्ष के वकील ने भरी अदालत में दो बार पीड़िता का नाम भी लिया। इस पर जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पीड़िता का नाम लेना सही नहीं है और इस मामले में कानून भी काफी सख्त है। जज की आपत्ति के बाद वकील को नाम लेने के लिए माफी मांगनी पड़ी। वकील गीता लूथरा ने कहा कि तेजपाल बहुत ही शरीफ और प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। उन्होंने दलील दी कि होटल के सीसीटीवी फुटेज तेजपाल को निर्दोष ठहराते हैं, उन्होंने अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले को राजनीति से प्रेरित बताया।

Source- Hindi News