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Monday, 2 December 2013

Tejpal taken for sexual potency test

tarun tejpal tehelka
पणजी। सहकर्मी पत्रकार के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार तहलका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल ने हवालात में दूसरी रात मेढकों और कछुओं के शिकारियों के साथ गुजारी। सोमवार को गोवा मेडिकल कॉलेज ने तेजपाल का पुरुषत्व (पोटेंसी) परीक्षण किया, जिसमें वह पास हो गए। गोवा मेडिकल कॉलेज के डीन वीएन जिंदल ने बताया कि जांच एजेंसी की जरूरतों के मुताबिक दो चरणों में आरोपी के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपी का पुरुषत्व परीक्षण अनिवार्य होता है।

तेजपाल ने रविवार की रात मेढकों और कछुओं के चार स्थानीय शिकारियों के साथ काटी।

तहलका के पूर्व मुख्य संपादक जिस लॉकअप में बंद हैं, वह पुरानी पुर्तगाली इमारत में है। तेजपाल को अपनी कोठरी तक पहुंचने के लिए एक छोटी और तंग सुरंग से गुजरना होता है। इस सुरंग के आखिरी छोर पर तीन कोठरियां है, जिनमें दो पुरुषों के लिए और एक महिलाओं के लिए है। तेजपाल की कोठरी आठ गुणा चार फीट की है। सूत्रों के मुताबिक, नींद पूरी नहीं हो पाने के कारण तेजपाल थके हुए और तनाव में नजर आ रहे थे। उनके चेहरे पर हल्की सूजन थी और आंखें लाल थीं।

सोमवार सुबह अपराध शाखा अधिकारियों के साथ हवालात पहुंचे तेजपाल के परिजनों ने उन्हें गोवा की पाव भाजी खिलाई। इससे पहले उन्होंने पुलिस द्वारा दी गई चाय पी। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। सोमवार सुबह पहले चरण में पांच घंटे तक चले परीक्षण में मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग ने 50 वर्षीय तेजपाल के रक्त की जांच सहित कई परीक्षण किए। दूसरे चरण में दोपहर तीन बजे के बाद उन्हें फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया।

रविवार की रात तेजपाल ने अपने साथ लॉकअप में बंद अन्य आरोपियों से बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन अवैध शिकार के चारों आरोपी उनकी किसी बात का जवाब नहीं दे पाए, क्योंकि उन्हें हिंदी समझ नहीं आती। तेजपाल ने उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछा, लेकिन वे जवाब देने के बजाय उन्हें घूरते रहे। तेजपाल रात में दो बार पानी पीने के लिए उठे। रविवार की रात परिजन तेजपाल के लिए गद्दा लेकर हवालात पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने कोर्ट की अनुमति नहीं होने का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया। तेजपाल ने लॉकअप में पंखा लगवाने के लिए स्थानीय कोर्ट में अर्जी दी है।

तहलका के पूर्व मुख्य संपादक पर थिंक फेस्ट-2013 के दौरान 7 व 8 नवंबर को स्थानीय होटल की लिफ्ट में सहकर्मी पत्रकार के साथ दो बार यौन उत्पीड़न का आरोप है। गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ आइपीसी की धारा-376 (2)(के) और 354ए के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के सार्वजनिक होने के 10 दिन बाद उन्हें नाटकीय घटनाक्रम के बीच शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

Narayan sai wants to grab property of Asaram

Narayan sai
अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।
इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।

Tejpal aken for Sexual Potency Test

tarun tejpal tehelka
पणजी। सहकर्मी पत्रकार के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार तहलका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल ने हवालात में दूसरी रात मेढकों और कछुओं के शिकारियों के साथ गुजारी। सोमवार को गोवा मेडिकल कॉलेज ने तेजपाल का पुरुषत्व (पोटेंसी) परीक्षण किया, जिसमें वह पास हो गए। गोवा मेडिकल कॉलेज के डीन वीएन जिंदल ने बताया कि जांच एजेंसी की जरूरतों के मुताबिक दो चरणों में आरोपी के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपी का पुरुषत्व परीक्षण अनिवार्य होता है।
तेजपाल ने रविवार की रात मेढकों और कछुओं के चार स्थानीय शिकारियों के साथ काटी।

तहलका के पूर्व मुख्य संपादक जिस लॉकअप में बंद हैं, वह पुरानी पुर्तगाली इमारत में है। तेजपाल को अपनी कोठरी तक पहुंचने के लिए एक छोटी और तंग सुरंग से गुजरना होता है। इस सुरंग के आखिरी छोर पर तीन कोठरियां है, जिनमें दो पुरुषों के लिए और एक महिलाओं के लिए है। तेजपाल की कोठरी आठ गुणा चार फीट की है। सूत्रों के मुताबिक, नींद पूरी नहीं हो पाने के कारण तेजपाल थके हुए और तनाव में नजर आ रहे थे। उनके चेहरे पर हल्की सूजन थी और आंखें लाल थीं।

सोमवार सुबह अपराध शाखा अधिकारियों के साथ हवालात पहुंचे तेजपाल के परिजनों ने उन्हें गोवा की पाव भाजी खिलाई। इससे पहले उन्होंने पुलिस द्वारा दी गई चाय पी। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। सोमवार सुबह पहले चरण में पांच घंटे तक चले परीक्षण में मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभाग ने 50 वर्षीय तेजपाल के रक्त की जांच सहित कई परीक्षण किए। दूसरे चरण में दोपहर तीन बजे के बाद उन्हें फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया।

रविवार की रात तेजपाल ने अपने साथ लॉकअप में बंद अन्य आरोपियों से बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन अवैध शिकार के चारों आरोपी उनकी किसी बात का जवाब नहीं दे पाए, क्योंकि उन्हें हिंदी समझ नहीं आती। तेजपाल ने उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछा, लेकिन वे जवाब देने के बजाय उन्हें घूरते रहे। तेजपाल रात में दो बार पानी पीने के लिए उठे। रविवार की रात परिजन तेजपाल के लिए गद्दा लेकर हवालात पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने कोर्ट की अनुमति नहीं होने का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया। तेजपाल ने लॉकअप में पंखा लगवाने के लिए स्थानीय कोर्ट में अर्जी दी है।

तहलका के पूर्व मुख्य संपादक पर थिंक फेस्ट-2013 के दौरान 7 व 8 नवंबर को स्थानीय होटल की लिफ्ट में सहकर्मी पत्रकार के साथ दो बार यौन उत्पीड़न का आरोप है। गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ आइपीसी की धारा-376 (2)(के) और 354ए के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के सार्वजनिक होने के 10 दिन बाद उन्हें नाटकीय घटनाक्रम के बीच शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

Friday, 29 November 2013

Delhi Police Havaldar Supports to Gangrape Wife

Delhi police havaldar
हवलदार ने भाई व दोस्त के साथ मिलकर पत्नी से किया गैंगरेप
वरिष्ठ संवाददाता, रोहतक। दिल्ली पुलिस में तैनात एक हवलदार ने अपने भाई व दोस्त के साथ अपनी ही पत्नी के साथ गैंगरेपकिया। वारदात को अंजाम घर में ही महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर दिया गया। आरोपियों ने महिला की मोबाइल में वीडियो भी बनाया है। महिला की शिकायत पर अर्बन एस्टेट पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

रामगोपाल कालोनी निवासी एक विवाहिता ने अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे उसने अपने घर में दूध पीया। इसके कुछ देर बात ही उसे चक्कर आने लगे और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसके देवर विरेंद्र, पति सुरेंद्र व पति के दोस्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि उसका अश्लील वीडियो भी बनाया गया है। आरोपियों ने उसके साथ इस बारे में किसी के सामने मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की गई।

उसने बताया कि पति सुरेंद्र दिल्ली पुलिस में हवलदार के पद पर तैनात है, वहीं उसका देवर विरेंद्र दिल्ली डीटीसी में कार्यरत है, पति के दोस्त को वह नहीं जानती। उधर, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 292, 323, 376डी, 406, 34 के तहत तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस बारे में अर्बन एस्टेट के थाना प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है।

Tehelka Sexual Assault case: It was a Rape not a Sexual Harrassment

tehelka
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार को तहलका के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की हरकत को 'दुष्कर्म' करार दिया है। पीड़िता के अनुसार थिंकफेस्ट के दौरान गोवा के एक होटल में तेजपाल ने उसके साथ जो कुछ किया वह 'दुष्कर्म' की परिभाषा में आता है। साथ ही पीड़िता ने राजनीतिक दलों से इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की।
तेजपाल के पूछताछ के लिए गोवा रवाना होने के तत्काल बाद पीड़िता ने कहा, 'यह मेरी अस्मिता और अधिकार की रक्षा की लड़ाई है कि मेरा शरीर सिर्फ मेरा है, न कि नौकरी देने वाले का खिलौना है।' पीड़िता के बयान से साफ है कि वह इस मामले में तेजपाल के खिलाफ अपने आरोपों पर अडिग है। इसके पहले बुधवार को वह मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा-164 के तहत अपना बयान दर्ज करा चुकी है, जो अदालत में सुबूत के रूप में देखा जाएगा। वह गोवा पुलिस के समक्ष तेजपाल से आमने-सामने पूछताछ के लिए भी तैयार है।
पीड़िता ने साफ कर दिया है कि तेजपाल के खिलाफ उसकी शिकायत के पीछे किसी भी राजनीतिक दल या नेता का हाथ नहीं है।
ऐसे आरोप लगाने के पीछे यह सोच हावी है कि लड़की आज भी अपना फैसला खुद नहीं ले सकती। उसने राजनीतिक दलों को मामले में राजनीति नहीं करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि तेजपाल अपने खिलाफ कार्रवाई के पीछे भाजपा की साजिश का आरोप लगाते रहे हैं।


Sexual assault case: Tarun Tejpal gets relief against arrest till morning

Tarun Tejpal
नई दिल्ली। सहकर्मी से दुष्कर्म के आरोपी तरुण तेजपाल को गोवा की सत्र अदालत से शुक्रवार को फौरी राहत मिल गई और उनकी गिरफ्तारी शनिवार तक के लिए टल गई। शुक्रवार को सत्र अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई खत्म होने तक तहलका के मुख्य संपादक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। परंतु, शनिवार सुबह 10 बजे से याचिका पर फिर से सुनवाई होगी और लोक अभियोजक अपना पक्ष रखेंगे। तेजपाल गिरफ्तारी से भले ही बच गए हों, लेकिन मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकीलों ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाए और उसका नाम भी लिया।
शुक्रवार देर शाम को गोवा पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की। यहां तक कि केंद्र सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे है। गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने बताया कि गोवा सरकार से केस संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
बृहस्पतिवार देर शाम अदालत से गैरजमानती वारंट हासिल करने के बाद गोवा पुलिस की टीम ने शुक्रवार को सुबह छह बजे तेजपाल के दिल्ली स्थित घर पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले। तेजपाल की पत्नी गीतन बत्रा ने पुलिस को कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। इसके बाद सुबह 10 बजे तेजपाल के वकीलों ने गोवा की सत्र अदालत से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई और दोपहर ढाई बजे तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। इधर, गिरफ्तारी की आशंका से मुक्त तेजपाल गोवा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को चकमा देते हुए दोपहर बाद पत्नी व अन्य परिजनों के साथ विमान से गोवा के लिए चले और पांच बजे गोवा पहुंच गए। दावोलिम हवाई अड्डे पर पहुंचे तेजपाल को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। गिरफ्तारी की रोक की अवधि खत्म होने के कारण गोवा पुलिस ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ मिनट बाद ही अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई शनिवार को भी जारी रहने और तब तक गिरफ्तारी पर रोक जारी रहने की सूचना से तेजपाल ने राहत की सांस ली। इसके बाद देर शाम तेजपाल खुद गोवा पुलिस की अपराध शाखा पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की है।
दिल्ली हाई कोर्ट में पूरे मामले के पीछे भाजपा की साजिश बताने वाले तेजपाल के वकीलों ने गोवा की अदालत में पीड़िता के चरित्र पर भी सवाल उठाने की कोशिश की। यहां तक कि बचाव पक्ष के वकील ने भरी अदालत में दो बार पीड़िता का नाम भी लिया। इस पर जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पीड़िता का नाम लेना सही नहीं है और इस मामले में कानून भी काफी सख्त है। जज की आपत्ति के बाद वकील को नाम लेने के लिए माफी मांगनी पड़ी। वकील गीता लूथरा ने कहा कि तेजपाल बहुत ही शरीफ और प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। उन्होंने दलील दी कि होटल के सीसीटीवी फुटेज तेजपाल को निर्दोष ठहराते हैं, उन्होंने अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले को राजनीति से प्रेरित बताया।

Source- Hindi News

Wednesday, 27 November 2013

Husband Supports to Gangrape Wife

rape
लखनऊ। हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए बरेली में एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी का गैंगरेप करवाया। बरेली के नवाबगंज में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर एक महिला के साथ पति व ससुर की सहमति से देवर और ननदोई ने चार दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप किया। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता ने आठ लोगों के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

रिपोर्ट के अनुसार नवाबगंज निवासी एक युवती का विवाह इसी वर्ष पांच अप्रैल ग्राम फाजिलपुर के बेचेलाल के पुत्र हरीश कुमार के साथ हुआ था। विवाह के बाद पति हरीश कुमार, ससुर बेचेलाल व ननद दहेज के रूप में एक लाख रुपये की मांग करने लगे। विवाहिता ने दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जताई तो उसका उत्पीड़न शुरू किया गया। विवाहिता का आरोप है कि उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया, फिर पति व ससुर की राय से देवर मोहन लाल व राकेश कुमार तथा ननदोई सुनील कुमार और बाबूराम ने चार दिन तक उसके साथ गैंगरेप किया। जब विरोध किया तो पति व ससुर ने मारपीट कर घायल कर दिया। विवाहिता ने इसकी जानकारी किसी तरह परिवारवालों तक पहुंचाई, लेकिन ससुरालवालों ने उसे किसी से मिलने नहीं दिया। छह नवंबर को उसे घर से भी निकाल दिया।

इसके बाद पीड़ित ने पति हरीश कुमार, बेचे लाल, रामश्री, मोहनलाल, राकेश कुमार, सुनील, हरपाल व बाबूराम के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज करायी है। पुलिस ने विवाहिता का मेडिकल कराकर जांच शुरू कर दी है।


Wednesday, 20 November 2013

Police Raid Ahmedabad Ashram to search Narayan Sai

narayan sai

अहमदाबाद। सूरत की बहनों के साथ रेप के आरोपी आसाराम के फरार पुत्र नारायण साई की तलाश में गुरुवार तड़के करीब 100 से ज्यादा पुलिसवाले अहमदाबाद आश्रम पहुंचे। हालांकि वहां पर नारायण साई नहीं मिला। इसी मामले में आसाराम जेल की सलाखों के पीछे हैं।
नारायण साईं को पकड़वाने में मदद करने वाले को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की जा चुकी है। पुलिस को शक है कि वह वेश बदलकर कहीं रुका हुआ है। हालांकि कई जगहों पर हुई छापेमारी के बावजूद उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। गौरतलब है कि जिला अदालत ने इस मामले में नारायण साई को फरार घोषित किया हुआ है।

Sexual Assault Case: Tarun Tejpal steps aside as Tehelka Editor for 6 months

sexual assault case

नई दिल्ली। अपनी बेटी की उम्र की पत्रकार के यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे 'तहलका' पत्रिका के प्रमुख संपादक तरुण तेजपाल प्रायश्चित स्वरूप खुद ही 6 महीने की छुट्टी पर चले गए हैं। संस्थान से खुद को अलग करने की सूचना तेजपाल ने ई-मेल के जरिए तहलका की प्रबंध संपादक शोमा चटर्जी को दे दी है। शोमा ने तेजपाल के इस तरह संस्थान से हटने के बारे में अधिक बात न करते हुए कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। वहीं, तेजपाल के इस प्रायश्चित पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

क्या लिखा है पत्र में..पत्र में तेजपाल ने कहा कि पिछले कुछ दिन बहुत परीक्षा वाले रहे और मैं पूरी तरह इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। एक गलत तरह से लिए फैसले, परिस्थिति को खराब तरह से लेने के चलते एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई जो उन सभी चीजों के खिलाफ है जिनमें हम विश्वास करते हैं और जिनके लिए संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने संबंधित पत्रकार से अपने दु‌र्व्यवहार के लिए पहले ही बिना शर्त माफी मांग ली है लेकिन मैं महसूस कर रहा हूं कि और प्रायश्चित की जरूरत है। तहलका के संस्थापक सदस्य तेजपाल ने अपने पत्र में लिखा है, क्योंकि इसमें तहलका का नाम जुड़ा है और एक उत्कृष्ट परंपरा की बात है, इसलिए मैं महसूस करता हूं कि केवल शब्दों से प्रायश्चित नहीं होगा। मुझे ऐसा प्रायश्चित करना चाहिए जो मुझे सबक दे। इसलिए मैं तहलका के संपादक पद से और तहलका के दफ्तर से अगले छह महीने के लिए खुद को दूर करने की पेशकश कर रहा हूं।

दो बार हुआ यौन उत्पीड़न!मीडिया में जो खबरें छनकर आ रही हैं, उसके अनुसार पीड़ित लड़की बहुत कम उम्र की है और घटना के बाद से ही सदमे में है। पीड़िता के साथ दो बार यौन उत्पीड़न हुआ और यह तब हुआ जब 'थिंक इवेंट' चल रहा था। 

पीड़िता तरुण की बेटी की उम्र की है। उसने यौन उत्पीड़न की शिकायत ई-मेल के जरिए की है। इस बारे में उसने तरुण की बेटी को भी बताया। पीड़ित लड़की के पिता भी तरुण के दोस्त हैं।

कपड़े फाड़ दिए और उससे भी आगे बढ़ गए..बताया जा रहा है कि यह घटना पिछले सप्ताह गोवा में 'थिंक इवेंट' के दौरान घटी। नशे की हालत में तरुण ने इस लड़की का यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने उसके कपड़े फाड़ दिए और उससे भी आगे बढ़ गए..।

लड़की ने अपनी शिकायत में लिखा कि मैं उनकी बहुत इज्जत करती हूं। वे मेरे पिता के समान हैं। उन्होंने 2 बार मेरे साथ हरकत की और मैं रोते हुए अपने कमरे में आई। मैंने अपने साथ हुई हरकत के बारे में पत्रिका के तीन सहयोगियों को बताया।

लड़की ने लिखा कि जब मैंने अपने साथ हुई शर्मनाक घटना के बारे में तरुण की बेटी को बताया तो तरुण काफी नाराज हो गए.. मैं डर गई थी..।

मेल से दी सूचनाशोमा चौधरी ने तहलका के अन्य कर्मियों को एक मेल भेजकर घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'यह आपमें से कई लोगों के लिए अजीब हैरानी की बात हो सकती है। एक अप्रिय घटना घटी और तरुण तेजपाल ने इस मामले में शामिल अपनी सहयोगी से बिना शर्त माफी मांगी है। वह अगले 6 महीने के लिए तहलका के संपादक पद से अलग रहेंगे।' 

सोशल साइट्सों में हुई थू-थूमीडिया जगत में तरुण तेजपाल का नाम काफी पुराना है और तहलका जैसे संस्थान में रहकर उन्होंने कई सनसनीखेज प्रकरण उजागर किए हैं। उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद सोशल साइट्सों पर टिप्पणियों की बाढ़ सी आ गई है और मीडिया में भी सवाल खड़ा हो रहा है कि यह मामला पुलिस में क्यों नहीं जा रहा है? क्या इस खुलासे के बाद पुलिस खुद संज्ञान ले सकती है? खुद ही जज बनकर प्रायश्चित करने का यह फैसला कितना उचित है? फेसबुक पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार है:

वैशाली वैद्य: डरावने गंदे लोग और उनकी गंदी सोच
रिसू रुंगटा: मारो इनको
राघवेंद्र नारायण: ये लो भईया तहलका के संपादक तरुण तेजपाल ने अपनी बेटी की दोस्त का दो बार .. करके तहलका मचाया और अब खुद जज बनके खुद को सजा दे डाली सजा क्या दी खुद को 6 महीने तक संपादिकी नहीं करेंगे ये महाशय ऐसी सजा तो हर .. चाहेगा।

टाइमलाइन फोटो: तहलका के संचालक तरुण तेजपाल जो बड़ा तहलका मचाते हैं, अपनी खबरों से आज उनकी एक खबर.. तहलका मचा रही है..
गौरव शर्मा: ये है मीडिया का असली चेहरा.. शेम..शेम..शेम

Monday, 18 November 2013

Congress Government Allotted Land to Asaram

Asaram Bapu jammu ashram land
जम्मू, [दिनेश महाजन]। कथावाचक आसाराम को आश्रम बनाने के लिए जम्मू के भगवती नगर में दो सौ तिरासी कनाल भूमि आवंटित करने की सिफारिश कांग्रेस की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ है। दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को इस बाबत पत्र लिखा था।

आरटीआइ कार्यकर्ता बलविंदर सिंह को मिली सूचना के मुताबिक जम्मू विकास प्राधिकरण ने मात्र पचास हजार रुपये प्रति कनाल के हिसाब से आसाराम को आश्रम के लिए जमीन आवंटित की, जबकि जमीन का असली मूल्य कई गुना है। इतना ही नहीं आश्रम के पास ही वर्ष 2007 में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को सस्ती दरों पर प्लॉट देने की जेडीए की योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ सकी।

आसाराम को आवंटित भूमि के दस्तावेजों से पता चलता है कि कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव और राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो दिसंबर 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री आजाद से सस्ती दरों पर भूमि आवंटित करने की सिफारिश की थी। इसी तरह वोरा ने भी 30 नवंबर 2005 को पत्र लिखकर आसाराम के ट्रस्ट को भूमि आवंटित करने का आग्रह किया था।

Friday, 15 November 2013

Asaram Bapu Ashram Murder Case: Former Caretaker Blame to News Channel

Asaram Bapu ashram murder case
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के भगवती नगर स्थित आश्रम में तीन बच्चों के कंकाल दफन होने का खुलासा करने वाले विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने पुलिस की पूछताछ में यू-टर्न लेते हुए कहा कि उसे कंकाल दफन होने की कोई जानकारी नहीं है। भोलानंद ने आरोप लगाया कि एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के संपादक तथा रिपोर्टर ने उसे उकसाकर टीवी कार्यक्रम के दौरान बच्चे दफन होने का बयान देने के लिए कहा था।

पुलिस का कहना है कि भोलानंद लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने का काम कर रहा है। भोलानंद की रिमांड शनिवार को समाप्त हो रही है, जिसके बाद पुलिस उसे फिर से कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने भोलानंद को आश्रम के उस हिस्से में चलने को कहा, जहां कंकाल दफन होने की बात उसने कही थी। जबाब में भोलानंद ने कंकाल दफन होने की बात को कोरी अफवाह बताकर आश्रम में जाने से इन्कार कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भोलानंद ने पूछताछ में कहा कि उसे एक न्यूज चैनल के संपादक व रिपोर्टर ने मशहूर होने का झांसा देकर एक डायरी लिखकर दी थी, जिसमें उन्होंने आश्रम में बच्चों के कंकाल दफन होने की बात टीवी कार्यक्रम के दौरान कहने को कहा था। भोलानंद का कहना है कि तैश में आकर उसने कंकाल दफन होने की बात बोल दी। उन्होंने कहा कि भोलानंद कई बार बयान बदल चुका है। इसलिए उसपर जल्दी यकीन नहीं किया जा सकता। भोलानंद न्यूज चैनल के संपादक के विरुद्ध भी कोई सुबूत पेश नहीं कर पाया है। इस बीच, एसएसपी जम्मू अतुल गोयल का कहना है भोलानंद से पूछताछ जारी है, लेकिन उसने कोई अहम खुलासा नहीं किया है।
गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद अदालत में दायर की गई एक याचिका पर कोर्ट ने पुलिस को जांच कर मामले की सच्चाई का पता लगाने के निर्देश दिए थे।

Source- Hindi News

Thursday, 14 November 2013

Ashram Caretaker Held for Trying to Implicate Asaram in Murder

former caretaker of Asaram Bapu ashram
जम्मू, जागरण संवाददाता। कथावाचक आसाराम के जम्मू स्थित आश्रम में बच्चों के दफन होने का दावा कर सनसनी फैलाने वाले उनके पूर्व सहयोगी विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद ने बृहस्पतिवार को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दावा किया है। भोलानंद को तीन दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि भगवती नगर में रहने वाले एक युवक विक्रांत शर्मा उर्फ विक्की ने कोर्ट और एसएसपी के समक्ष कुछ सीडी पेश की थी। इसमें उसकी और भोलानंद की कथित बातचीत है। फोन रिकार्डिग में भोलानंद कब्र में से बच्चों के कंकाल निकाल कर विक्की को आश्रम में दफन करने के लिए उकसा रहा था। ऐसा करने की एवज में उसे भोलानंद ने मोटी रकम देने की पेशकश दी थी। विक्की की शिकायत पर भोलानंद के खिलाफ नवाबाद थाने में 17 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था।

सूत्रों के अनुसार, भोलांनद ने वीरवार सुबह एसएसपी जम्मू से संपर्क साधकर आत्मसमर्पण करने की पेशकश की। उसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं भोलानंद ने पत्रकारों से बताया कि खुद पर लगे आरोपों पर सफाई के लिए उसने समर्पण किया है। उसने पहले जो कुछ भी कहा था वह सब सच है। भोलानंद का इशारा आश्रम के बच्चों के दफन होने के दावे की ओर था।

पुलिसकर्मियों ने भोलानंद को नायब तहसीलदार जम्मू के समक्ष पेश किया, जिन्होंने भोलानंद को तीन दिन की रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस ने भोलानंद को सात दिनों की रिमांड पर सौंपने को मांग की थी। रिमांड पर ले जाने से पूर्व पुलिस भोलानंद को सरवाल अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए ले गई। वहीं, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोलानंद का कहना है कि टीवी चैनल में कार्यक्रम के दौरान तैश में आकर बच्चों के दफन होने की बात कह दी थी।

Source- News in Hindi

Thursday, 7 November 2013

Narayan Sai special Assistant Ganga Arrested in Udaipur

Narayan Sai

नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ शर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।

अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।

Source- News in Hindi

Wednesday, 6 November 2013

Asaram custody extended till 16 november

Asaram Rape Case

जागरण संवाददाता, जयपुर। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे कथावाचक आसाराम के खिलाफ जोधपुर पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। बुधवार को पुलिस ने आसाराम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी। करीब 1300 पन्नों की चार्जशीट में आसाराम के खिलाफ ऐसी-ऐसी धाराएं लगाई हैं, जिनके साबित होने पर उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है। अदालत ने आसाराम की न्यायिक हिरासत भी 16 नवंबर तक बढ़ा दी।
पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि आसाराम, सेवादार शिवा, गुरुकुल के निदेशक शरतचंद्र, हॉस्टल वार्डन शिल्पी और रसोइये प्रकाश के खिलाफ कई संगीन आरोप हैं। ये सभी सेंट्रल जेल में हैं। इन्हें बुधवार को जोधपुर जिला एवं सत्र अदालत में पेश किया गया। 

चार्जशीट में धारा 354 ए (छेड़छाड़ का आरोप), 376 (दुष्कर्म), 342 (बंधक बनाकर रखना), 370 (बंधक बनाकर शारीरिक संबंध बनाना) के अलावा पास्को कानून की कई धाराएं लगाई गई हैं। कुल 58 गवाहों के बयान जोड़े गए हैं। चार्जशीट पर बहस 16 नवंबर को होगी। 

अदालत से बाहर निकलने पर पत्रकारों से आसाराम ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपी पूरी तरह से गलत हैं। गौरतलब है कि गत 20 अगस्त को मूलरूप से शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 16 वर्षीय एक छात्रा ने आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

इसके अलावा गुजरात की दो बहनों ने भी आसाराम और उनके पुत्र नारायण साई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस नारायण की तलाश में देश के कई शहरों में छापा मार चुकी है पर अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

Source- News in Hindi

Friday, 1 November 2013

I am being introduced as Dracula : Asaram


rape case

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी। आसाराम की ओर से दलील दी गई मीडिया कवरेज में उन्हें बच्चों का रक्त पीने वाले ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन अदालत ने मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी। 

मुख्य न्यायाधीश पी. सतशिवम की पीठ ने आसाराम के बारे में मीडिया को खबर चलाने से रोकने का आदेश देने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया में रिपोर्ट किए गये हर शब्द को देखा है और उन्हें उसमें दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता। पीठ का कहना था कि अदालत मीडिया को क्यों रोके? जब पुलिस और अन्य लोगों से वे सूचनाएं हासिल कर रहे हैं तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। 

इससे पहले आसाराम के वकील ने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह उनके बारे में बढ़ा-चढ़ा कर खबरें दिखा रहा है। देश में इतने अखबार और चैनल हैं। वे किस-किस के खिलाफ मामला दाखिल करें, लेकिन पीठ इन दलीलों से प्रभावित नहीं हुई और मामले में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास और भी विकल्प हैं। इससे पहले भी एक बार कोर्ट मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की आसाराम की मांग ठुकरा चुका है।

Source- News in Hindi