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Monday, 2 December 2013

PowerGrid's Rs 7,083 cr FPO opens today

Power Grid Corporation of India Ltd
मुंबई। सार्वजनिक क्षेत्र की पावर ग्रिडकॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का एफपीओ (फॉलोऑन पब्लिक ऑफर) मंगलवार को खुलेगा। यह छह दिसंबर को बंद होगा। इस इश्यू के जरिये कंपनी अपनी 17 फीसद हिस्सेदारी बाजार में बेचेगी। इसमें सरकार की चार फीसद हिस्सेदारी होगी। वहीं, कंपनी 13 फीसद नई इक्विटी जारी होगी। इससे 7,083 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के चेयरमैन और एमडी आरएन नायक ने सोमवार को बताया कि इस विनिवेश से हमारे 48,354 करोड़ रुपये के 27 ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट को मदद मिलेगी। संस्थागत निवेशकों के लिए यह ऑफर पांच दिसंबर को ही बंद हो जाएगा। इस एफपीओ का प्राइस बैंड 85-90 रुपये रखा गया। कंपनी इस ऑफर में 78.70 करोड़ शेयर बाजार में पेश करेगी। इस बिक्री से कंपनी को लगभग 5,717 करोड़ और सरकार को 1,758 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। कंपनी की नई इक्विटी में से 2.4 फीसद शेयर कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
इश्यू के कुल आकार में से 50 फीसद संस्थागत निवेशकों, 35 फीसद खुदरा निवेशकों और 15 फीसद एचएनआइ के लिए होंगे। खुदरा निवेशकों को इश्यू प्राइस में पांच फीसद की छूट मिलेगी। सरकार की पावर ग्रिड में हिस्सेदारी 69.42 फीसद है।
एनटीपीसी का टैक्स फ्री बांड
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक एनटीपीसी का टैक्स फ्री बांड भी मंगलवार को बाजार में आ रहा है। इसके जरिये कंपनी ने 1,750 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के सीएमडी अरुप रॉय चौधरी ने बताया कि 20 साल के इंतजार के बाद हमने यह टैक्स फ्री इश्यू पेश किया है, जो 16 दिसंबर को बंद होगा।

Auto Makers set to rise price in january 2014

Maruti Suzuki
ले लो अभी, बाद में पड़ेगी महंगी
नई दिल्ली। साल 2013 कार कंपनियों के लिए कुछ खास नहीं रहा। बिक्री को लेकर ज्यादातर कंपनियां मुश्किलों का सामना झेल रही हैं। ऊंची लागत ने भी कंपनियों का हाल बुरा कर दिया है। ऐसे में ऑटो निर्माताओं को अपनी कारों की कीमत बढ़ाने के अलावा दूसरा रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। दिसंबर साल का आखिरी महीना है और इसी माह तक कारों को खरीदना कुछ सस्ता पड़ सकता है, क्योंकि अगले माह जनवरी से कंपनियां अपनी कारें महंगी करने जा रही हैं।
लग्जरी कार निर्माता कंपनी ऑडी और बीएमडब्ल्यू ने जनवरी में कार महंगी करने की घोषणा कर दी है। इनका साथ देने के लिए मारुति, हुंडई और जनरल मोटर्स भी अपनी कारों को महंगी करने की तैयारी कर रही हैं।
कंपनियों के बीच इस बात को लेकर सहमति बन रही है कि जनवरी से दाम बढ़ाने का ऐलान करने से कार खरीदने का मन बना रहे लोग दिसंबर में ही खरीदारी करेंगे और कंपनियों की सेल्स को रफ्तार मिलेगी। ऑडी और बीएमडब्ल्यू ने तो जनवरी में कीमत 5-10 फीसद बढ़ाने की घोषणा कर भी दी है।
अंग्रेजी अखबार में छपी एक खबर के मुताबिक, हुंडई मोटर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने यह तो तय नहीं किया है कि कीमतें कितनी बढ़ाई जाएंगी, लेकिन जनवरी से हमारे ज्यादातर मॉडल महंगे हो जाएंगे। मारुति सुजुकी ने भी इशारा किया है कि बढ़ती लागत और रुपये की घटती वैल्यू को देखते हुए वह अपनी कारों के दाम बढ़ाएगी। जनरल मोटर्स अपनी कारों और मल्टी यूटिलिटी व्हीकल्स के दाम 1-2 फीसद बढ़ाने का ऐलान जल्द करने वाली है। साल नवंबर में कार सेल्स में 8 फीसद कमी आई थी। यह चार साल में पहली गिरावट थी। यह ट्रेंड लगातार बना रहा। इस साल बिक्री 6 फीसद घटी है। घाटे को मात देने के लिए कार कंपनियों ने इस साल 4-5 बार दाम बढ़ाए। हालांकि रिटेल एंड पर उन्हें डिस्काउंट भी देने पड़े, ताकि शोरूम से गाड़ियां निकल सकें। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर जनवरी में दाम बढ़ाएगी। सितंबर में इसने पैसेंजर व्हीकल्स के दाम 1.5 फीसद बढ़ाए थे।
ऑडी ने जनवरी से भारत में अपने विभिन्न मॉडलों के दामों में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की। कंपनी ने आर्थिक कारणों से उसके कारोबार पर पड़े दबाव के मद्देनजर यह कदम उठाया है। कंपनी ने बयान में कहा, '1 जनवरी, 2014 से भारत में उसके विभिन्न मॉडलों के दाम में 3 से 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।' जर्मनी की कार कंपनी बीएमडब्ल्यू ने को कहा कि वह भारत में अगले साल जनवरी से अपने वाहनों की कीमत 10 प्रतिशत तक बढ़ाएगी। कंपनी ने बयान में कहा कि बीएमडब्ल्यू तथा एमआईएनआई उत्पादों के दाम में 7 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। नई कीमतें एक जनवरी 2014 से लागू होगी। इससे पहले, इस साल अगस्त में कंपनी ने रुपये की विनिमय दर में गिरावट के कारण उच्च आयात लागत का हवाला देते हुए वाहनों के दाम में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की थी।

Wednesday, 27 November 2013

Economy Growth Not ....

gdp
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। बढि़या मानसून ने खेती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग ने निर्यात की रफ्तार को बढ़ाया है। मगर इन दोनों क्षेत्रों का बेहतर प्रदर्शन दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास की दर को पांच फीसद तक ले जाने में कामयाब नहीं हो पाया है। चालू वित्त वर्ष 2013-14 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़ने की दर साढ़े चार से पांच फीसद के बीच रह जाने की आशंका है।

सरकार इस शुक्रवार को दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी करेगी। ज्यादातर रिसर्च एजेंसियों का मानना है कि इस अवधि की जीडीपी वृद्धि दर 4.5 फीसद के आसपास सीमित रह सकती है। सेवा क्षेत्र और औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार बेहद धीमी रह जाने के चलते आर्थिक विकास की दर में सुस्ती का रुख चालू वित्त वर्ष में शुरू से ही बना रहा है। हालांकि इस दौरान कृषि क्षेत्र की विकास दर साढ़े तीन फीसद से ऊपर रहने की संभावना है। दूसरी तिमाही की शुरुआत से ही निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदर्शन सुधर रहा है। पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 4.4 फीसदी रही थी।

इस अवधि के दौरान सबसे खराब स्थिति औद्योगिक उत्पादन की रही है। औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार तीन महीने की इस अवधि में 2.6 फीसद से ऊपर नहीं उठ पाई। तीन महीने की औद्योगिक क्षेत्र की औसत विकास दर 1.73 फीसद के आसपास रहने की उम्मीद है। सेवा क्षेत्र भी अपेक्षित रफ्तार हासिल नहीं कर पाया है। इसके चलते दूसरी तिमाही की जीडीपी दर पांच फीसद से नीचे रहने की आशंका है।

इस दौरान सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के कई उपाय किए गए हैं, लेकिन इनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ब्याज की ऊंची दरों और महंगाई के चलते देश में निवेश का माहौल अभी तक नहीं बन पाया है। इसके बावजूद सरकार मान रही है कि तीसरी और चौथी तिमाही में आर्थिक विकास दर के आंकड़ों में बदलाव दिख सकता है। अच्छे मानसून से हुई बढि़या पैदावार ने ग्रामीण बाजार में मांग बढ़ाई है। इसका नतीजा मैन्यूफैक्चरिंग पर भी दिखेगा।

सरकार की उम्मीदों के विपरीत जानकार मानते हैं कि पूरे साल की आर्थिक विकास दर भी पांच फीसद को नहीं छू पाएगी। वित्तीय एजेंसी क्रिसिल ने 4.8 और इक्रा ने 4.6 फीसद विकास दर का अनुमान लगाया है। अन्य एजेंसियों को भी देश की विकास दर पांच फीसद से ऊपर जाने की उम्मीद नहीं है।

Cops get their hands on SpeakAsia scam promoters

SpeakAsia fraud
नई दिल्ली [जासं]। ऑनलाइन सर्वे के नाम पर 24 लाख लोगों से धोखाधड़ी कर करीब एक हजार करोड़ रुपये ठगने वाली कंपनी स्पीक एशिया से जुड़े एक अन्य आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान 36 वर्षीय सतीश पाल के रूप में हुई है। वह मंगलवार को गिरफ्तार किए गए कंपनी के भारत प्रमुख राम सुमिरन पाल का सहयोगी रहा है।

कंपनी बंद होने के बाद वह मलेशिया भाग गया था। वहां वह होटल व्यवसाय चला रहा था। उस पर इस मामले के अन्य आरोपियों को शरण देने का भी आरोप है। क्राइम ब्रांच ने राम सुमिरन पाल को जब कनॉट प्लेस से गिरफ्तार किया था तो सतीश भी उसके साथ ही था। उसे क्राइम ब्रांच दफ्तर लाया गया, लेकिन एफआइआर में नाम न होने पर छोड़ दिया गया था।

मंगलवार को मुंबई पुलिस ने फैक्स से सूचित किया कि सतीश भी स्पीक एशिया घोटाले का आरोपी है। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) रविंद्र यादव ने बताया कि सतीश दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक है। 2007 में वह मुंबई में राम सुमिरन व उसके भाई राम निवास के संपर्क में आया था। उसने राम सुमिरन की कंपनी 'सेवन रिंग्स' में काम शुरू किया। 2011 में कंपनी बंद होने पर वह मुंबई से भाग कर दिल्ली के नजफगढ़ में आया।

फर्जीवाड़े की कमाई से 2012 में उसने मलेशिया की कंपनी 'वेब एक्सल सॉल्यूशन' खरीदी। कंपनी के प्रोफाइल पर उसको मलेशिया जाने के लिए वर्क परमिट मिल गया था। 

इंटरपोल से डर गया : पूछताछ में सतीश ने बताया कि मलेशिया जाकर उसने होटल व्यवसाय शुरू किया। राम सुमिरन तथा अन्य कई आरोपी भारत में पुलिस का दबाव पड़ने पर नेपाल के रास्ते मलेशिया आकर उसके फ्लैट में ही शरण लेते थे। इस साल की शुरुआत में जब सतीश ने सुना कि मुंबई पुलिस उसके खिलाफ इंटरपोल से मदद मांग रही है, तो डर की वजह से परिवार समेत नेपाल के रास्ते भारत लौट आया। सतीश के खिलाफ हरियाणा के सोनीपत और मुंबई में धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज हैं।



Sensex up Nearly 150 Points

Sensex
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले अच्छे संकेतों के कारण घरेलू बाजारों में जोरदार तेजी आई है। रियल्टी, बैंक और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी के बल पर बाजारों ने दौड़ लगाई है। बीएसई के सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुझान है। हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपया 0.2 फीसदी गिरकर 62.27 पर आ गया है।

ब्रोकरों का कहना है कि चुनाव से पहले बाजार में उत्साह बना हुआ है। इसके अलावा, एशियाई बाजारों से अच्छे संकेत मिलने के कारण भी मजबूती मिली। खासतौर पर जापान के बाजारों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। 

कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 150 अंक मजबूत हुआ। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 45 अंक उछाल के साथ 6,102 पर पहुंच गया है।

विदेशी बाजारों की बात करें तो बुधवार को अमेरिकी बाजार एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। नैस्डैक करीब 0.7 फीसद की तेजी के साथ 4,044 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं डाओ जोंस नई ऊंचाई को छूते हुए 0.15 फीसद की बढ़त के साथ 16,097 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स चौथाई फीसद की मजबूती के साथ 1,800 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है। वहीं, अमेरिकी बाजारों में तेजी का असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। निक्कई 168 अंक की तेजी के साथ 15,618 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 

Thursday, 21 November 2013

Winners Of Gates Foundation Condom Contest get $100,000 Each

Condom
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक बिल गेट्स को कौन नहीं जानता। बिल गेट्स और उनकी पत्‍‌नी मिंडा गेट्स के फाउंडेशन से भी आप वाकिफ होंगे। ये फाउंडेशन दुनिया में एचआईवी एड्स को जड़ से खत्म करने के लिए करोड़ों-अरबों रुपये का अनुदान कर चुकी है। अपने इसी मकसद को पूरा करने के लिए बिल और मिंडा ने इस साल मार्च में एक अजीबोगरीब आइडिया पेश किया था। उन्होंने एक प्रतियोगिता रखी थी कि जो दुनिया का सबसे बेहतर कंडोम डिजाइन करेगा उसे 1,00,000 डॉलर का ग्रांट दिया जाएगा। ये रकम किसी के लिए भी कम नहीं हो सकती। जब यह बात बाजार में सामने आई तो लोगों ने इसका बड़ा मजाक उठाया था। दुनिया के दिग्गज कारोबारी होने के साथ-साथ बिल गेट्स सामाजिक कार्यो में लंबे समय से जुड़े हैं। 

बिल और मिंडा फाउंडेशन ने इसके लिए 11 विजेताओं को चुन लिया है। अब सब के मन में यही सवाल है कि आखिर दुनिया का सबसे बेहतर यानी नेक्स्ट जेनरेशन का कंडोम कैसा होगा? क्या यह काफी पतला और इंसान की स्किन की तरह होगा? या यह इतना स्मार्ट होगा कि यूजर को कुछ करने की जरूरत नहीं होगी? या यह सुपर-स्ट्रॉन्ग और सुपर-स्ट्रेचेबल ग्रैफीन से बना होगा।

जब इस प्रतियोगिता को किया गया था जब बिल गेट्स फाउंडेशन को 800 एप्लिकेशन मिली थीं। शॉर्ट लिस्टेड यूनिट्स में एक भारत से भी है। तिरुअनंतपुरम की एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के लक्ष्मीनारायण रघुपति को फाउंडेशन की तरफ से शॉर्ट लिस्ट किया गया है। रघुपति और उनकी टीम लिस्ट में अमेरिका के 6, ब्रिटेन के 2 और दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के एक-एक रिसर्चरों से आगे है।

एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, रघुपति ग्रैफीन से कंडोम बनाने की बात करते हैं। यह कई तरह की परस्पर विरोधी चीजों का बेहतरीन मिश्रण है। यह पेपर शीट से लाखों गुना पतला, स्टील से 200 गुना मजबूत और रबर से ज्यादा लचीला है। 36 साल के रघुपति कहते हैं कि यह अब तक सबसे मजबूत स्ट्रेचेबल मटीरियल है, लिहाजा कंडोम के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। पहले हिंदुस्तान लेटेक्स के नाम से मशहूर कंपनी एचएलएल सालाना 16 लाख कंडोम बनाती है। यह दुनिया की बड़ी कंडोम कंपनियों में शामिल है। 

इसके अलावा, मैंचेस्टर विश्वविद्यालय के अरविंद विजय राघवन और उनकी टीम द्वारा प्रस्तावित कंडोम डिजाइन में नया इलास्टोमेरिक मैटिरियल का इस्तेमाल हुआ है जो सेक्स के वक्त नेच्युरल संसेशन देगा। साथ ही, कैलिफोर्निया फेमिली हेल्थ काउंसिल की ओर से भी एक डिजाइन आया है।

Wednesday, 20 November 2013

Tata Motors Line Up to Launch Two New Cars in 2014

Tata Motors
नई दिल्ली। एक लंबे अर्से बाद भारतीय ऑटो निर्माता टाटा मोटर्स बाजार में नये प्रोडक्ट्स के साथ आने वाली है। इसके साथ ही एक बार फिर ऑटो बाजार में प्रतिस्पर्धा का दौर शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस टाटा ने मारुति की स्विफ्ट को टक्कर देने की योजना बनाई है।

टाटा मोटर्स जिन दो कारों को उतारने की तैयारी में है, वे मारुति सुजुकी की लोकप्रिय कारों स्विफ्ट और डिजायर को टक्कर देंगी। अपनी डीजल कारों के लिए मशहूर टाटा मोटर्स इस बार बेहतर पेट्रोल कारें पेश करने की तैयारी में है और इसके लिए वह एक नया इंजन भी तैयार कर रही है। यह 1.2 लीटर टर्बो इंजन काफी किफायती होगा। अगले साल फरवरी में होने वाले ऑटो एक्सपो के दौरान ये कारें बाजार में उतरेंगी। कंपनी ने फिलहाल इन्हें कोड नेम फेल्कॉन दिया है।

टाटा मोटर्स ने करीब तीन साल से कोई नई कार नहीं उतारी है। इससे पहले कंपनी ने आरिया पेश की थी। अब कंपनी के लिए जरूरी हो गया है कि वह कोई नई कार उतारे। ये कारें टाटा की विस्टा कार के प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगी। इन्हें फिलहाल फेल्कॉन 4 और फेल्कॉन 5 का कोड नाम दिया गया है। इनकी कीमत 4.75 लाख रुपये और 7.50 लाख रुपये होगी।

कंपनी ने चार मीटर से कम लंबाई वाली सेडान मांजा सीएस में बदलाव करके उसे नया नाम देने का फैसला किया है। यह कार मारुति की डिजायर, होंडा अमेज और हुंडई की आने वाली कार को टक्कर देगी। टाटा मोटर्स के लिए नई कार लाना बेहद जरूरी है। भारतीय ऑटो संगठन सियाम द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान टाटा मोटर्स की बिक्री में 35 फीसद की गिरावट आई है। 

Sensex falls as Fed tapering Worries Resurface

Sensex

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले खराब संकेतों से घरेलू बाजारों में जोरदार गिरावट आई है। क्यूई3 में जल्द कटौती का असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, कमजोर रुपये ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 63 के करीब आ गया है।

बैंक, कैपिटल गुड्स, पावर, रियल्टी, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस शेयरों की पिटाई से भारतीय बाजार गिरे हैं। बाजार के कारोबार में आलम ये है कि बीएसई के सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में हैं। हालांकि, दिग्गजों की तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में नरमी नहीं है।

30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 143 अंक की गिरावट के साथ 20,492.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, सेंसेक्स कुछ ही देर में 200 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। वहीं, 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 45 अंक टूटकर 6,078 पर आ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो क्यू्ई3 में वापसी के संकेतों से अमेरिकी बाजारों में मायूसी छा गई। बुधवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 66.2 अंक की कमजोरी के साथ 15,900.8 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक 10.3 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की नरमी का असर एशियाई बाजारों पर साफ देखने को मिल सकता है।

Source- Business Hindi News

Monday, 18 November 2013

States Want Petroleum, Alcohol out of GST

GST
शिलांग। राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने आम सहमति से पेट्रोलियम और शराब को वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला लिया है। समिति का कहना है कि ये दोनों उत्पाद राज्यों की आय के अहम स्नोत हैं। दोनों उत्पादों को जीएसटी से बाहर रखने का फैसला राज्यों की मांग के आधार पर लिया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे में दोनों उत्पादों को जीएसटी के दायरे में रखा था।

समिति के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथेर ने कहा कि बैठक में इसको लेकर आम सहमति रही कि पेट्रोलियम और शराब क्षेत्र को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए। इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने पर राज्यों को अपनी आय का बड़ा हिस्सा गंवाना पड़ता।

वित्त मंत्रियों की दो-दिवसीय बैठक के पहले दिन राज्यों को होने वाले नुकसान का मुआवजा तय करने के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया। राथेर ने कहा कि पिछले बजट में 9,000 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया था। इससे स्पष्ट है कि राज्यों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

समिति ने यह भी फैसला लिया कि डिक्लेयर्ड गुड्स के बारे में दोबारा प्रावधान नहीं किया जाएगा और केंद्र सरकार को किसी वस्तु को विशेष दर्जा देने का अधिकार नहीं होगा। राज्य सरकारें दूसरे प्रदेशों से आने वाले उत्पादों पर एंट्री टैक्स को जीएसटी में शामिल किए जाने का भी विरोध कर रही हैं। समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीएसटी परिषद को केंद्र की सहमति के बिना किसी राज्य को टैक्स से छूट देने जैसा कोई विशेष अधिकार नहीं होगा। चेयरमैन ने कहा कि इस बात पर पूरी तरह से आम सहमति रही कि संघीय ढांचा होने के नाते राज्यों के हितों के विपरीत कोई कदम नहीं उठाया जा सकेगा।

Rupee Strong, Stock Market open with green note

Sensex
नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से भी घरेलू बाजारों को सहारा मिला है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सुस्त संकेतों के कारण बाजार की शुरुआत धीमी रही। इसके बावजूद घरेलू बाजारों हरे निशान के साथ खुले। डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे मजबूत होकर 62.10 पर आ गया है।

ऑयल एंड गैस, मेटल, रियल्टी और कैपिटल गुड्स शेयरों में खरीदारी से बाजार में बढ़त है। हालांकि बैंक और कंज्यूमर ड्युरेबल्स शेयरों में बिकवाली देखने को मिल रही है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 36 अंक बढ़त के साथ 20,886.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक निफ्टी 7.5 अंक चढ़कर 6,196.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो हफ्ते के पहले कारोबारी दिन अमेरिकी बाजारों में मिलीजुली रुख देखने को मिला। सोमवार को डाओ जोंस मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, नैस्डेक करीब 1 फीसद की गिरावट के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स करीब 0.5 फीसद फिसल गए। अमेरिकी बाजारों की सुस्ती का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा है। एशियाई बाजारों की भी आज मिलीजुली शुरुआत हुई है।

Source- Business Hindi News

Sunday, 17 November 2013

Non-adherance to KG-D6 plan be construed as default: Parliament Panel

Mukesh Ambani
हैदराबाद। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआइएल) ने अगर केजी बेसिन के डी6 ब्लॉक की विकास योजना का पालन नहीं किया तो उसे डिफॉल्टर मान लिया जाना चाहिए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस पर संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है।

इसके अलावा, पिछले महीने सौंपी गई इस रिपोर्ट में यह सुझाव भी दिया गया है कि पेट्रोलियम मंत्रालय वे सभी कदम उठाए, जिससे डी6 ब्लॉक में उत्पादन बढ़े। रिलायंस को मिले इस ब्लॉक से गैस उत्पादन में लगातार कमी आ रही है। वी अरुण कुमार की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने मुकेश अंबानी की आरआइएल द्वारा गैस फील्ड की मंजूरीशुदा विकास योजना का पालन नहीं करने को बेहद गंभीर माना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने खुद अपने बयान में कहा है कि इस क्षेत्र की ठेकेदार रिलायंस तयशुदा योजना का पालन नहीं कर रही है। तमाम रिमाइंडर भेजने के बाद कंपनी न तो मौजूदा कुओं से गैस उत्पादन बढ़ा रही है और न ही नए कुओं की खुदाई कर उत्पादन शुरू करने की कोशिश कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डी6 ब्लॉक देश की प्रमुख सफल गैस खोजों में से एक है। इसने देश के हाइड्रोकार्बन संसाधनों के बड़े पैमाने पर दोहन की उम्मीद बंधाई थी। तय योजना के मुताबिक इस ब्लॉक से वर्ष 2009-10 के दौरान यहां से रोजाना 3.38 करोड़ घनमीटर गैस का उत्पादन होना था। इसे 2012-13 तक बढ़कर प्रतिदिन 8.67 करोड़ घनमीटर के स्तर पर पहुंच जाना था। हालांकि, डी6 ब्लॉक से गैस का वास्तविक उत्पादन 2010-11 में रोजाना 5.56 करोड़ घनमीटर तक ही पहुंच पाया। 

इसके बाद 2012-13 में यह घटकर 2.61 करोड़ घनमीटर रोजाना रह गया। समिति ने कहा है कि रिलायंस ने इस क्षेत्र के नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) की ओर से सुझाए गए उपायों का भी पालन नहीं किया है। डीजीएच ने प्राकृतिक गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक कुएं खोदने का सुझाव दिया था। इसके बजाय कंपनी ने उत्पादन साडोदारी करार (पीएससी) की अनदेखी करते हुए बार-बार गैस के दाम बढ़ाने की मांग उठाई। इससे भी आरआइएल की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। इस करार में प्राकृतिक गैस की कीमत 4.20 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू (गैस नापने की यूनिट) तय की गई थी। रिलायंस ने सरकार से इसे बढ़ाकर दोगुना करने का आग्रह किया था

Source- Business News in Hindi

EPFO to pay at least 8.5% interest on PF Deposits this Fiscal

Retirement fund body EPFO
नई दिल्ली। ईपीएफ में अंशदान करने वाले संगठित क्षेत्र के पांच करोड़ कर्मचारियों को इस साल भी कम से कम साढ़े आठ फीसद ब्याज मिलना तय है। इस बारे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड की बैठक में अंतिम फैसला किया जाएगा। बोर्ड की बैठक अगले माह की शुरुआत में होनी है। इस फैसले को वित्ता मंत्रालय की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने के बाद कर्मचारियों के पीएफ खाते में ब्याज की रकम पहुंचेगी।

ईपीएफओ के एक अधिकारी ने कहा कि संगठन चालू वित्ता वर्ष 2013-14 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमाओं पर 8.5 फीसद ब्याज जरूर देगा। पिछले वित्ता वर्ष 2012-13 में ईपीएफओ ने सदस्यों की जमा पर 8.5 फीसद का ब्याज दिया था। इससे पहले वर्ष 2011-12 में 8.25 फीसद का ब्याज दिया गया था।
ट्रेड यूनियनों ने ब्याज दर पर फैसला लेने के लिए श्रम मंत्रालय से ईपीएफओ की निर्णय लेने वाले केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक बुलाने की मांग की है। मई में सीबीटी का पुनर्गठन किया गया था। इसके बाद से अब तक बोर्ड की कोई बैठक नहीं हुई है। इसके अलावा किसी उप-समिति का पुनर्गठन भी नहीं हुआ है। सीबीटी का पुनर्गठन होने पर उप-समितियों का पुनर्गठन भी करना पड़ता है।

Source- Business Hindi News

Thursday, 14 November 2013

BMW launches new version of Z4 in India

BMW Z4
नई दिल्ली। लग्जरी कार बाजार में बीएमडब्ल्यू ने मर्सिडीज और पोर्श को कड़ी टक्कर देने के लिए अपनी नई कार को भारत में पेश किया है। जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने अपनी जेड-4 सिरीज के नये मॉडल की कार लांच की जिसकी कीमत 68.9 लाख रुपये है। ये कार मर्सिडीज की एसएलके और पोर्श की बॉक्सटर के मुकाबले भारतीय बाजार में उतारा है।

टू सीटर स्पोर्ट्स कार की छत को खिसकाया जा सकता है। इसके अलावा इसमें अपने पिछले मॉडल की अपेक्षा कई नई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। बीएमडब्ल्यू कारों की पहचान बन चुके किडनी ग्रिल को परंपरागत काले या क्रोम की बजाय सिल्वर में रंगा गया है जो कार को स्पोर्ट लुक प्रदान करता है।

बीएमडब्ल्यू की जेड-4 एसड्राइव 35-आई की कीमत 68.9 लाख रूपये रखी गई है जबकि स्पोर्टी लुक के साथ भव्य आंतरिक सज्जायुक्त कार की कीमत सभी भारतीय शोरूमों में 69.9 लाख रूपये रखी गई है। बीएमडब्ल्यू की इस नई कार के दोनों संस्करणों में टर्बोयुक्त पेट्रोल इंजन है जो 306 ब्रेक हॉर्सपॉवर उत्पादित करता है। कार के दोनों संस्करणों में स्वचालित सात गियर हैं। कार की इंजन क्षमता के अनुसार, यह 5.1 सेकेंड के भीतर शून्य से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड लेती है। इसमें चालकों को सुविधानुसार कंफर्ट, स्पोर्ट और स्पोर्ट प्लस, तीन मोड भी प्रदान किए गए हैं।

Sensex jump 205 Points, Nifty up 67 Points

Sensex
मुंबई। रिजर्व बैंक और फेडरल रिजर्व की ओर से सकारात्मक संकेत देख निवेशकों की चिंताएं कम हुईं। नतीजतन उन्होंने गुरुवार को लिवाली शुरू की। इसके चलते सात सत्रों की गिरावट के बाद दलाल स्ट्रीट में तेजी लौट आई। इस दिन बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 205.02 अंक यानी 1.02 फीसद उछल 20399.42 पर बंद हुआ। बीते सात सत्रों में यह सूचकांक 1044.96 अंक लुढ़का था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 65.55 अंक यानी 1.11 फीसद की बढ़त के साथ 5989.60 पर बंद हुआ।

एक दिन पहले आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन ने अपने बयान में बाजार को खास तौर पर आश्वस्त किया था। साथ ही उन्होंने अगले हफ्ते बैंकिंग प्रणाली में 8,000 करोड़ रुपये की नकदी छोड़ने का एलान किया था। सात सत्रों से बिकवाली कर रहे निवेशकों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी बांड खरीद योजना को फिलहाल जारी रखने का संकेत दिया। इसके असर में एशियाई व यूरोपीय बाजारों में तेजी आई। दलाल स्ट्रीट की कारोबारी धारणा भी इससे प्रभावित हुई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बीते दिन के 20194.40 अंक के मुकाबले 20351.39 पर कमजोर खुला। ऊंचे में यह 20568.99 अंक तक गया। बिकवाली दबाव में यह सूचकांक एक समय सत्र के निचले स्तर 20348.27 अंक तक लुढ़का। हेल्थकेयर और आइटी को छोड़कर इस दिन बीएसई के अन्य सभी सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए। ऑटो, बैंकिंग और रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयरों को लिवाली का सबसे ज्यादा लाभ मिला। सेंसेक्स में शामिल तीस कंपनियों में 22 शेयर घाटे में रहे, जबकि आठ में फायदा दर्ज हुआ।

Japan pavilion opens at int'l trade fair in India

India International Trade Fair
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 'ले गई दिल गुड़िया जापान की.।' जी हां, व्यापार मेले में पहली बार शिरकत करने वाले जापान ने अपने देश के टेलीविजन बाल कलाकारों को इस तरह पेश किया कि यह मेले के आकर्षण का केंद्र बन गया है। जापानी पवेलियन को इस अंदाज में सजाया कि मेले का पहला दिन होने के बावजूद पूरे दिन बच्चे बड़े सभी यहां भटकते नजर आए। डेम्पागुमी गु्रप के लिए काम करने वाली जापानी बाल कलाकारों ने दर्शकों का इस तरह अभिवादन किया कि इनसे मिले बगैर कोई रह नहीं पाया।

इस पवेलियन के एनीमे कल्चर जोन में बच्चे अपने पसंदीदा एनीमेटेड दोस्तों शिनचेन, डोरीमोन, निंजा, हटोरी आदि से मिल सकते हैं। पवेलियन के बारे में जापान इंडिया इंडस्ट्री प्रोमोशन एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत गोडघटे ने बताया कि जापान ऐसा देश है जिसे इसकी प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है। अब यह अपनी संस्कृति एवं परंपरा को भी दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत है।

महिला पाइप बैंड ने बांधा समांअंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के उद्घाटन समारोह में जब राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का आगमन व प्रस्थान हुआ तो उस समय सीआरपीएफ की महिला पाइप बैंड ने धुन बजाकर समां बांध दिया। राष्ट्रपति भी इसकी हौसला अफजाई किए बिना नहीं रह सके।

जूते का पतावा है असरदारअंतरराष्ट्रीय पवेलियन में 12 नंबर स्टॉल पर खास किस्म का पतावा पैर के नीचे रखने से शरीर का संतुलन सही रखने में मदद मिलती है। स्टॉल संचालकों का दावा है कि इस पतावे से शरीर का वजन रीढ़ की हड़्डी को प्रभावित नहीं करता है और कई बीमारियों की रोकथाम में यह मददगार साबित हो सकता है।

खस से बना सामानजूट से बने विभिन्न सामान तो बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन हॉल नंबर 12 ए में जूट की बजाय खस से बने सुगंधित सामान की भरपूर रेंज है। इसमें सजावटी सामान ही नहीं बल्कि सिर पर पहनने की टोपी, चप्पल आदि भी उपलब्ध है। इसके अलावा घर पर लगने वाली धान की झालर भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह विभिन्न कीमतों और डिजाइन में उपलब्ध है।

Wednesday, 13 November 2013

Sensex Jump 300 Points in Early Trade

Sensex
नई दिल्ली। एशियाई बाजारों में मजबूती के संकेत और कॉर्पोरेट आमदनी के बल पर घरेलू शेयर बाजार में आज तेजी के साथ वापसी करते हुए दौड़ लगाई। 30 शेयरों वाला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 300 अंक बढ़ा। वहीं निफ्टी 80 अंक तक चढ़ गया है।

ब्रोकरों ने कहा कि बैंक, रियल्टी, ऑटो, कैपिटल गुड्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी के बल पर भारतीय बाजारों में शानदार तेजी आई है। बीएसई के सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में हैं। दिग्गज शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

फिलहाल, सेंसेक्स 285 अंक की मजबूती के साथ 20,479 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 80 अंक उछलकर 6,070 पर पहुंच गया है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये में भी कई दिनों में मजबूती दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया 28 पैसे की तेजी के साथ 63.02 पर पहुंच गया। बीते सत्र के दौरान यह 63.30 के स्तर पर बंद हुआ था। 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो डाओ जोंस और एसएंडपी 500 इंडेक्स नई ऊंचाई पर बंद हुए। बुधवार को अमेरिकी बाजार करीब 1.25 फीसद तक चढ़कर बंद हुए। डाओ जोंस 71 की तेजी के साथ 15,821.6 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक 45.6 अंक 3,965.5 पर बंद होने में कामयाब रहा। एसएंडपी 500 इंडेक्स 14.3 अंक चढ़कर 1,782 पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी बाजारों में नई तेजी के सहारे एशियाई बाजारों में भी मजबूती दिखी है।

Source- Business News in Hindi

Gold, Silver Fall on Fresh Selling, Weak Global Cues

gold
नई दिल्ली। विदेश में कमजोरी देख स्टॉकिस्टों ने बुधवार को सोने और चांदी में बिकवाली की। इसके चलते स्थानीय सराफा बाजार में पीली धातु 315 रुपये फिसलकर 31 हजार 500 रुपये प्रति दस ग्राम हो गई। बीते दिन इसमें 915 रुपये की जोरदार तेजी आई थी। इसी तरह चांदी 850 रुपये लुढ़ककर 48 हजार रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। मंगलवार को इसमें 160 रुपये की गिरावट दर्ज हुई थी।

न्यूयॉर्क के अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में सोना 15.70 डॉलर गिरकर 1266.20 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी भी तीन फीसद से ज्यादा घटकर 20.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ नजर आया, जहां शादी-विवाह के सीजन के बावजूद मौजूदा स्तरों पर बेहद कम मांग निकली।
स्थानीय बाजार में सोना आभूषण के भाव 315 रुपये घटकर 31 हजार 300 रुपये प्रति दस ग्राम हो गए। आठ ग्राम वाली गिन्नी पूर्वस्तर 25 हजार 200 रुपये पर यथावत रही। चांदी साप्ताहिक डिलीवरी 740 रुपये गंवाकर 47 हजार 310 रुपये प्रति किलो बोली गई। इसी तरह चांदी सिक्का भी 1000 रुपये की गिरावट के साथ 85000-86000 रुपये प्रति सैकड़ा पर बंद हुआ।

Source- Business Hindi News

RBI pegs CAD at USD 56 bn; Re recovers after Rajan's pep Talk

RBI
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ऐसे समय जब डॉलर के मुकाबले रुपया फिर कमजोर होना लगा है। आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन ने अर्थव्यवस्था की उम्मीदों भरी तस्वीर पेश करने की कोशिश की है। निर्यात और औद्योगिक क्षेत्र के सकारात्मक आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष चालू खाते में घाटा (सीएडी) 56 अरब डॉलर से ज्यादा का नहीं रहेगा। हालात पूरी तरह से काबू में हैं। इसलिए रुपये में और गिरावट की कोई वजह नहीं है। तरलता बनाए रखने के लिए आरबीआइ अगले हफ्ते बैंकिंग प्रणाली में 8,000 करोड़ रुपये की नकदी छोड़ेगा।

रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के गवर्नर के बयान का असर बाजार पर भी पड़ा है। पिछले पांच कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे मजबूत होकर 63.31 पर बंद हुआ है। राजन ने सीएडी (देश से विदेशी मुद्रा के बाहर जाने और बाहर से यहां आने के बीच का अंतर) को लेकर जो आस बंधाई है वह वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से भी बेहतर है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने हाल तक इसके 70 अरब डॉलर होने की बात कह रहे थे। 

पिछले दो महीनों के निर्यात को देखकर इसके 60 अरब डॉलर होने की बात कही जा रही थी। राजन का कहना है, 'इस वर्ष सीएडी 56 अरब डॉलर होगा, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन फीसद है और पिछले वर्ष के मुकाबले 32 अरब डॉलर कम होगा।'

जानकारों का कहना है कि चालू खाते का घाटा बढ़ने की वजह से ही रुपये पर दबाव बढ़ा था। सीएडी को कम करने के लिए सरकार ने सोने के आयात पर काफी अंकुश लगा दिया है। राजन ने इस बारे में कहा कि सोने पर अंकुश लगा रहेगा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इससे सोने की तस्करी बढ़ी है। आंकड़ों के जरिये रघुराम ने साबित किया है कि अगर देश में कोई विदेशी निवेश नहीं आए तब भी सरकार के लिए बाहर जा रहे डॉलर के भुगतान में कोई परेशानी नहीं आने वाली।

राजन के मुताबिक, आने वाले दिनों में ब्याज दरों का रुख पूरी तरह से महंगाई दर और रुपये की कीमत पर निर्भर करेगी। जहां तक महंगाई का सवाल है, कम मांग, बेहतर खाद्य आपूर्ति और आरबीआइ की तरह से उठाए गए कदमों का असर जल्द दिखाई देगा। इससे महंगाई में कमी आएगी। निकट भविष्य में खाद्य उत्पादों व ईंधन की कीमत में वृद्धि के असर पर भी रिजर्व बैंक की नजर रहेगी। 

राजन ने उम्मीद जताई है कि निर्यात बढ़ने, बेहतर मानसून होने, औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार बढ़ने और बिजली की स्थिति में सुधार की वजह से दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च, 2013-14) में आर्थिक विकास दर भी बेहतर रहेगी।

Source- Business Hindi News

SBI net falls 35 percent, steepest quarterly profit fall in Over two Years

SBI
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। फंसे कर्ज (एनपीए) की गाज एक के बाद एक बैंकों पर गिर रही है। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) का मुनाफा भी इसकी भेंट चढ़ गया है। एनपीए के लिए ज्यादा प्रावधान करने की वजह से चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में एसबीआइ का मुनाफा 33 फीसद गिर गया है।

इससे पहले पीएनबी, विजया बैंक समेत लगभग छह सरकारी बैंकों का लाभ भी बढ़े एनपीए की वजह से घटा है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एसबीआइ ने 3,072.77 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह राशि 4,574.11 करोड़ रुपये थी। इस गिरावट के लिए असली वजह 2,645 करोड़ रुपये का एनपीए प्रावधान है।
जब ग्राहक समय पर कर्ज वापस नहीं करते तो एक निश्चत अवधि के बाद उसे एनपीए में डाल दिया जाता है। इस एनपीए के एक हिस्से के बराबर राशि का समायोजन बैंकों को अपने मुनाफे में से करना पड़ता है। एसबीआइ का सकल एनपीए बढ़ कर 5.64 फीसद हो गया है। 3.5 फीसद से ज्यादा एनपीए को बैंकिंग उद्योग में खतरनाक माना जाता है।
एक दिन पहले ही एक निजी एजेंसी इंडियन रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भारत के सरकारी बैंकों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति का उल्लेख किया है। इसमें कहा गया है कि एनपीए यूं ही बढ़ता रहा तो भारतीय बैंकों के पूंजी आधार में लगातार कमी होती जाएगी और इसकी भरपाई केंद्र सरकार को करनी पड़ेगी।
केंद्र सरकार पिछले चार वर्षो से लगातार सरकारी बैंकों को 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये की राशि दे रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान भी इन्हें 14,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वर्ष 2010 से वर्ष 2013 के बीच बैंकों की जरूरत का 95 फीसद हिस्सा सरकार ने दिया है। बेसिल-3 मानक को लागू करने के लिए इन बैंकों को अगले कुछ वर्षो तक और ज्यादा राशि की जरूरत है। अगर एनपीए की समस्या यूं ही बढ़ती रही तो फिर सरकार को बहुत ज्यादा राशि देनी पड़ सकती है।

Source- Business Hindi News

Tuesday, 12 November 2013

Industry output Shows Recovery Signs, Price Situation Worsens

Industry
नई दिल्ली। फलों और सब्जियों की ऊंची कीमत के चलते सात महीने बाद फिर से खुदरा महंगाई की दर दहाई के आंकड़े को पार कर गई है। अक्टूबर में यह सितंबर के 9.84 फीसद से बढ़कर 10.09 फीसद पर पहुंच गई है।

मंगलवार को सरकार की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) के आंकड़ों के मुताबिक इस महीने सब्जियों के दाम पिछले साल के मुकाबले 45.67 फीसद बढ़े हैं। सितंबर की तुलना में यह बढ़ोतरी 34.93 फीसद है। इसी तरह फलों की कीमत 12.84 फीसद उछली है।
खाद्य और पेय उत्पादों में 12.56 फीसद की तेजी आई है। अक्टूबर में ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर 10.11 फीसद और शहरी क्षेत्र में 10.2 फीसद रही है। थोक महंगाई दर के आंकड़े भी इसी हफ्ते जारी होंगे।

Source- Business News in Hindi