मुंबई। रिजर्व बैंक और फेडरल रिजर्व की ओर से सकारात्मक संकेत देख निवेशकों की चिंताएं कम हुईं। नतीजतन उन्होंने गुरुवार को लिवाली शुरू की। इसके चलते सात सत्रों की गिरावट के बाद दलाल स्ट्रीट में तेजी लौट आई। इस दिन बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 205.02 अंक यानी 1.02 फीसद उछल 20399.42 पर बंद हुआ। बीते सात सत्रों में यह सूचकांक 1044.96 अंक लुढ़का था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 65.55 अंक यानी 1.11 फीसद की बढ़त के साथ 5989.60 पर बंद हुआ।
एक दिन पहले आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन ने अपने बयान में बाजार को खास तौर पर आश्वस्त किया था। साथ ही उन्होंने अगले हफ्ते बैंकिंग प्रणाली में 8,000 करोड़ रुपये की नकदी छोड़ने का एलान किया था। सात सत्रों से बिकवाली कर रहे निवेशकों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी बांड खरीद योजना को फिलहाल जारी रखने का संकेत दिया। इसके असर में एशियाई व यूरोपीय बाजारों में तेजी आई। दलाल स्ट्रीट की कारोबारी धारणा भी इससे प्रभावित हुई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बीते दिन के 20194.40 अंक के मुकाबले 20351.39 पर कमजोर खुला। ऊंचे में यह 20568.99 अंक तक गया। बिकवाली दबाव में यह सूचकांक एक समय सत्र के निचले स्तर 20348.27 अंक तक लुढ़का। हेल्थकेयर और आइटी को छोड़कर इस दिन बीएसई के अन्य सभी सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए। ऑटो, बैंकिंग और रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयरों को लिवाली का सबसे ज्यादा लाभ मिला। सेंसेक्स में शामिल तीस कंपनियों में 22 शेयर घाटे में रहे, जबकि आठ में फायदा दर्ज हुआ।
Source- Business Hindi News