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Monday, 2 December 2013

Auto Makers set to rise price in january 2014

Maruti Suzuki
ले लो अभी, बाद में पड़ेगी महंगी
नई दिल्ली। साल 2013 कार कंपनियों के लिए कुछ खास नहीं रहा। बिक्री को लेकर ज्यादातर कंपनियां मुश्किलों का सामना झेल रही हैं। ऊंची लागत ने भी कंपनियों का हाल बुरा कर दिया है। ऐसे में ऑटो निर्माताओं को अपनी कारों की कीमत बढ़ाने के अलावा दूसरा रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। दिसंबर साल का आखिरी महीना है और इसी माह तक कारों को खरीदना कुछ सस्ता पड़ सकता है, क्योंकि अगले माह जनवरी से कंपनियां अपनी कारें महंगी करने जा रही हैं।
लग्जरी कार निर्माता कंपनी ऑडी और बीएमडब्ल्यू ने जनवरी में कार महंगी करने की घोषणा कर दी है। इनका साथ देने के लिए मारुति, हुंडई और जनरल मोटर्स भी अपनी कारों को महंगी करने की तैयारी कर रही हैं।
कंपनियों के बीच इस बात को लेकर सहमति बन रही है कि जनवरी से दाम बढ़ाने का ऐलान करने से कार खरीदने का मन बना रहे लोग दिसंबर में ही खरीदारी करेंगे और कंपनियों की सेल्स को रफ्तार मिलेगी। ऑडी और बीएमडब्ल्यू ने तो जनवरी में कीमत 5-10 फीसद बढ़ाने की घोषणा कर भी दी है।
अंग्रेजी अखबार में छपी एक खबर के मुताबिक, हुंडई मोटर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने यह तो तय नहीं किया है कि कीमतें कितनी बढ़ाई जाएंगी, लेकिन जनवरी से हमारे ज्यादातर मॉडल महंगे हो जाएंगे। मारुति सुजुकी ने भी इशारा किया है कि बढ़ती लागत और रुपये की घटती वैल्यू को देखते हुए वह अपनी कारों के दाम बढ़ाएगी। जनरल मोटर्स अपनी कारों और मल्टी यूटिलिटी व्हीकल्स के दाम 1-2 फीसद बढ़ाने का ऐलान जल्द करने वाली है। साल नवंबर में कार सेल्स में 8 फीसद कमी आई थी। यह चार साल में पहली गिरावट थी। यह ट्रेंड लगातार बना रहा। इस साल बिक्री 6 फीसद घटी है। घाटे को मात देने के लिए कार कंपनियों ने इस साल 4-5 बार दाम बढ़ाए। हालांकि रिटेल एंड पर उन्हें डिस्काउंट भी देने पड़े, ताकि शोरूम से गाड़ियां निकल सकें। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर जनवरी में दाम बढ़ाएगी। सितंबर में इसने पैसेंजर व्हीकल्स के दाम 1.5 फीसद बढ़ाए थे।
ऑडी ने जनवरी से भारत में अपने विभिन्न मॉडलों के दामों में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की। कंपनी ने आर्थिक कारणों से उसके कारोबार पर पड़े दबाव के मद्देनजर यह कदम उठाया है। कंपनी ने बयान में कहा, '1 जनवरी, 2014 से भारत में उसके विभिन्न मॉडलों के दाम में 3 से 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।' जर्मनी की कार कंपनी बीएमडब्ल्यू ने को कहा कि वह भारत में अगले साल जनवरी से अपने वाहनों की कीमत 10 प्रतिशत तक बढ़ाएगी। कंपनी ने बयान में कहा कि बीएमडब्ल्यू तथा एमआईएनआई उत्पादों के दाम में 7 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। नई कीमतें एक जनवरी 2014 से लागू होगी। इससे पहले, इस साल अगस्त में कंपनी ने रुपये की विनिमय दर में गिरावट के कारण उच्च आयात लागत का हवाला देते हुए वाहनों के दाम में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की थी।

Thursday, 21 November 2013

Stock Exchange Firm up in Early Trade

Sensex
नई दिल्ली। बीते सत्र में भारी गिरावट के बाद आज कारोबार की शुरुआत में बाजार बढ़त के साथ खुला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले अच्छे संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजारों में भी तेजी का माहौल है। रियल्टी, मेटल, कैपिटल गुड्स और बैंक शेयरों में खरीदारी से भारतीय बाजारों में तेजी का माहौल है। बीएसई के सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में हैं। दिग्गज शेयरों की तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी आई है।

30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 80 अंक की बढ़त के साथ 20,309 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 26 अंक की मजबूती के साथ 6,025 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो बेरोजगारी की दर घटने की खुशी में अमेरिकी बाजार 3 दिन की कमजोरी के बाद करीब 1.25 फीसद तक चढ़कर बंद हुए। गुरुवार को डाओ जोंस 109.2 अंक की तेजी के साथ 16,010 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक 49 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 14.5 अंक की बढ़त के साथ 1,795.8 पर बंद हुआ। वहीं, एशियाई बाजारों में अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी के दम पर एशियाई बाजार भी भाग रहे हैं। कमजोर येन की वजह से निक्कई में सबसे ज्यादा तेजी देखी जा रही है। एसजीएक्स निफ्टी भी 18 अंक चढ़कर 6,042 पर कारोबार कर रहा है।

Wednesday, 20 November 2013

Govt ask banks to take part in lok adalat for bad loan Recovery

नई दिल्ली [जयप्रकाश रंजन]। फंसे कर्ज (एनपीए) जब खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गए, तब जाकर केंद्र सरकार की नींद खुली है। अब ज्यादा एनपीए वाले बैंकों के प्रबंधन पर नकेल कसी जा रही है। साथ ही, फंसे कर्जो की वसूली के लिए नए कदम भी उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में सरकार ने इस हफ्ते शनिवार (23 नवंबर) को देश भर में लोक अदालत लगाने का फैसला किया है। बैंकों के साथ कर्ज विवाद में फंसे ग्राहक इस दिन लोक अदालत पहुंच कर अपने मामले का निपटारा कर सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकारी बैंकों के साथ विदेशी, निजी बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी इस दिन ग्राहकों के साथ फंसे कर्ज संबंधी विवाद का निपटारा लेने के लिए लोक अदालत का सहारा ले सकती हैं। वित्त मंत्रालय के अधिकारी स्वीकार करते हैं कि पिछले तीन चार वर्षो का अनुभव बताता है कि एनपीए (गैर निष्पादक परिसंपत्तियां) कम करने में लोक अदालतें बुरी तरह से असफल रही हैं। इसके बावजूद इस तरीके का इस्तेमाल करना जरूरी है। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह है कि लोक अदालत में काफी जल्दी से मामलों का निपटारा हो जाता है। साथ ही, एनपीए खाताधारकों से जो भी राशि मिलती है, वह तत्काल मिल जाती है।

पिछले वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान बैंक लोक अदालतों में 3,828 एनपीए के मामले ले गए। इन खाताधारकों पर जितनी राशि बकाया थी, उसका महज 10 फीसद (386 करोड़ रुपये) ही वसूल हो पाया था। वित्त मंत्रालय ने फंसे कर्ज वसूली में बुरी तरह से फिसड़्डी रहने वाले बैंकों को खास तौर पर निर्देश दिया है कि वे लोक अदालत के जरिये जहां तक हो सके एनपीए कम करने की कोशिश करें। इसमें स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर, आइडीबीआइ बैंक, सिंडिकेट बैंक, देना बैंक, यूको बैंक समेत दस सरकारी बैंक शामिल हैं।

फंसे कर्ज की वसूली के लिए बैंकों के पास लोक अदालत समेत तीन हथियार मौजूद हैं। दो अन्य तरीके ऋण वसूली टिब्यूनल और एसएआरएफएईएसआइ कानून, 2002 (प्रतिभूतिकरण व वित्तीय परिसंपत्तियों के पुनर्गठन) हैं। वित्त मंत्रलय के आंकड़े खुद ही गवाही देते हैं कि उक्त तीनों तरीके पिछले 2-3 वर्षो में बुरी तरह से असफल हो चुके हैं।

Thursday, 14 November 2013

India gold demand falls 32 percent in September Quarter

gold
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आसमान छूती सोने की कीमतों की वजह से आम आदमी के बीच नई खरीदारी का आकर्षण कम होता जा रहा है। ऐसे में घर में पड़े पुराने सोने के इस्तेमाल का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। व‌र्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पुराने सोने से नए आभूषण बनाने के काम में पांच गुना वृद्धि हुई है। वहीं, दुनिया में यह ट्रेंड 11 फीसद कम हुआ है।


रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की सख्ती की वजह से देश में इस कीमती धातु की खपत में इस वर्ष 32 फीसद तक की गिरावट आई है। गुरुवार को जारी डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट पर दिल्ली बुलियन एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का कहना है कि कीमतें बढ़ी हैं। मगर सोने के इस्तेमाल पर ज्यादा लगाम लगाई नहीं जा सकती। ऐसे में एक बड़ा वर्ग अब शादी-ब्याह में पुराने पड़े सोने का इस्तेमाल करने लगा है। खास तौर पर ग्रामीण व छोटे शहरों में पुराने आभूषण को नए में तब्दील करवाने का काम काफी जोरों से चल रहा है।

वैसे, गोयल डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट को बहुत तवज्जो नहीं देते लेकिन यह जरूर मानते हैं कि नए सोने के बजाये पुराने सोने का काम ही सराफा बाजार को बचाए हुए है। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट कहती है कि कीमत में तेजी के साथ नए सोने की आपूर्ति भी देश में काफी कम हुई है। इसकी वजह से भी लोग घरों में रखे पुराने सोने का इस्तेमाल करने लगे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में देश में सोने की खपत लगभग आधी रह गई है। इस दौरान 148 टन सोने की खपत हुई जो पिछले साल इसी अवधि में 310 टन थी। मजेदार तथ्य यह है कि भारत के कुछ पड़ोसी देशों (भूटान, नेपाल) में सोने की खपत बढ़ी है। इसे भारत से जोड़ कर देखा जा रहा है।

भारत में सोना आयात पर अंकुश को देखते हुए अब इन पड़ोसी देशों के जरिए इसे देश में लाया जा रहा है। आयात घटाने का फैसला देश में गैर कानूनी तरीके से सोने के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब सोने की खपत के मामले में चीन से पीछे हो गया है। कैलेंडर वर्ष 2013 में सोने की खपत 900 टन रहने के आसार हैं, जबकि चीन में यह 1300 टन रह सकता है। पिछले वर्ष भारत में 1000 टन सोने की खपत हुई थी। देश में स्वर्ण आभूषणों की खरीद में 23 फीसद और निवेश के लिहाज से सिक्कों या बार की खरीद में 48 फीसद की कमी आई है।

Tuesday, 12 November 2013

Industry output Shows Recovery Signs, Price Situation Worsens

Industry
नई दिल्ली। फलों और सब्जियों की ऊंची कीमत के चलते सात महीने बाद फिर से खुदरा महंगाई की दर दहाई के आंकड़े को पार कर गई है। अक्टूबर में यह सितंबर के 9.84 फीसद से बढ़कर 10.09 फीसद पर पहुंच गई है।

मंगलवार को सरकार की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) के आंकड़ों के मुताबिक इस महीने सब्जियों के दाम पिछले साल के मुकाबले 45.67 फीसद बढ़े हैं। सितंबर की तुलना में यह बढ़ोतरी 34.93 फीसद है। इसी तरह फलों की कीमत 12.84 फीसद उछली है।
खाद्य और पेय उत्पादों में 12.56 फीसद की तेजी आई है। अक्टूबर में ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर 10.11 फीसद और शहरी क्षेत्र में 10.2 फीसद रही है। थोक महंगाई दर के आंकड़े भी इसी हफ्ते जारी होंगे।

Source- Business News in Hindi

Sunday, 10 November 2013

Clean Currency Policy: RBI Rule from 1st JANUARY 2014?

clean currency policy

आगरा, जागरण संवाददाता। रुपये पर गिनती, किसी का नाम या अन्य आंकड़ा लिखने की आदत हो तो तत्काल छोड़ दीजिए। भारतीय रिजर्व बैंक के नए मानकों के अनुसार अगले वर्ष एक जनवरी से नोट पर कुछ भी लिखा तो इसे रद्दी माना जाएगा। ये नोट न तो बाजार में चलेगा और न ही इसे बैंक स्वीकार करेगा।
2014 की शुरुआत से आरबीआइ क्लीन नोट पॉलिसी को अनिवार्य करने जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक के मंडलीय कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि फंड सेटलमेंट लिंक ऑफिस से उन्हें निर्देश मिले हैं कि सभी शाखाओं को आरबीआइ की इस पॉलिसी के बारे में बता दिया जाए। उनके पास आने वाले कैश में से ऐसे नोटों को अलग कर लिया जाए, जिन पर कुछ लिखा हो या पिन लगी हो। ऐसे नोट दोबारा जारी नहीं किए जाएंगे। ग्राहकों को नए और साफ-सुथरे नोट ही मिलेंगे। इससे पहले आरबीआइ ने भारतीय करेंसी को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए सात नवंबर 2001 को क्लीन नोट पॉलिसी लागू की थी। लेकिन इसका कड़ाई से पालन होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि बाजार में लिखे हुए नोटों की संख्या बहुत ज्यादा है।

Friday, 1 November 2013

Sebi cracks whip on new 'Cattle and Goat Farms' Scheme

Good News

मुंबई। अवैध निवेश योजनाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे बाजार नियामक सेबी ने अब ऐसी दो और फर्मो पर शिकंजा कस दिया है। सेबी ने मवेशी और बकरी पालन के नाम पर निवेशकों से धन जुटा रही समृद्ध जीवन फूड्स इंडिया की घेरेबंदी की है।

नियामक ने इस फर्म को धन जुटाने से प्रतिबंधित करते हुए इसके निदेशकों और प्रमोटरों को निवेशकों से अब तक जुटाई गई रकम की विस्तृत जानकारी देने को कहा है। इसके अलावा सेबी ने अवैध रीयल एस्टेट योजनाएं चलाने के आरोप में सर्वहित हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया को भी धन जुटाने से रोक दिया है। नियामक ने दोनों कंपनियों के निदेशकों को हिदायत दी है कि निवेशकों की रकम से खरीदी गई संपत्ति हस्तांतरित करने की कोशिश न की जाए और न ही निवेश योजना के जरिये जुटाई गई रकम को डायवर्ट किया जाए।
सेबी ने इन कंपनियों को कोई नई स्कीम लांच करने से भी प्रतिबंधित किया है। कुछ महीने पहले नियामक मवेशी और बकरी पालन में निवेश की ऐसी ही अवैध योजनाएं चला रही दो अन्य कंपनियों एचबीएन डेयरीज और बीटल लाइवस्टॉक पर भी इसी तरह की कार्रवाई कर चुका है।
एचबीएन डेयरीज मवेशियों और घी में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से रकम ऐंठ रही थी। इसी तरह बीटल लाइवस्टॉक भी बकरी पालन कारोबार का झांसा दे रही थी। सेबी को शिकायत मिली थी कि समृद्ध जीवन फर्म के एजेंट मवेशी और बकरी पालन कारोबार में निवेश करने पर लोगों को 12 फीसद से ज्यादा का तय रिटर्न देने का दावा कर रहे हैं। इस शिकायत की जांच के आधार पर सेबी ने कंपनी को नोटिस जारी करके 15 दिन में जवाब देने को कहा है।
इस कंपनी की गतिविधियों को लेकर पणजी (गोवा) में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भी जांच शुरू की थी। इसके अलावा, सीबीआइ ने भी अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने 6,48,406 निवेशकों से रकम जुटाई है, जबकि उसके पास केवल 16,876 मवेशी हैं। इससे स्पष्ट है कि कंपनी जितने ग्राहकों से पैसा जुटा रही है उतने मवेशियों की खरीद नहीं कर रही है। इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2011-12 में निवेशकों से 331 करोड़, वर्ष 2010-11 में 163 करोड़ और वर्ष 2009-10 में 36 करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी। इसी तरह सर्वजन हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया के खिलाफ सेबी ने वर्ष 2010 की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है। सेबी ने पाया है कि कंपनी प्लाट की खरीद, विकास और प्रबंधन योजना के तहत लोगों को तय रिटर्न का दावा करके निवेश योजना चला रही है। इस सामूहिक निवेश योजना (सीआइएस) के लिए कंपनी ने नियमों के अनुरूप पंजीयन नहीं कराया है। सेबी के मुताबिक कंपनी रियल एस्टेट कारोबार का केवल छलावा कर रही है ताकि निवेशकों से रकम जुटाई जा सके।