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Monday, 16 May 2016

भारत लौटनेे को तैयार विजय माल्या, सरकार के सामने रखी ये शर्तें

बैंकों के हजारों करोड़ का लोन नहीं चुकाने के मामले में डिफॉल्टर घोषित हुो चुके माल्या ने कहा है कि वह भारत आना चाहते हैं बशर्ते उनकी सुरक्षा और आजादी का सरकार को पूरा भरोसा देना होगा। शनिवार को यूबीएल की बोर्ड मीटिंग हुई थी जिसकी अध्यक्षता वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए खुद विजय माल्या ने की।

इस बैठक में शामिल हुए निदेशकों के अनुसार माल्या पर बकाया ऋण चुकाने के लिए बैंकों का दवाब लगातार बढ़ता जा रहै है और ऐसे में माल्या ने कहा है कि उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक को समझौते का नया ऑफर दिया है और उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में बात आगे बढ़ेगी। यहां तक की प्रवर्तन निदेशालय भी ब्रिटेन से माल्या का प्रत्यपर्ण चाहता है जहां वो पिछले दो महीने से रह रहे हैं। शनिवार को मुबंई में हुई बोर्ड मीटिंग में शामिल निदेशकों ने अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाईम्स को बताया कि यूबीएल के चैयरमैन को बोर्ड और स्ट्रैटेजिक पार्टनर हेनेकेन सा सपोर्ट है।

इंडिपेंडेट बोर्ड मेंबर किसन मजूमदार ने बताया, "हमने कई मुद्दे उनके सामने रखे और माल्या ने हमें भरोसा दिलाया कि लोन चुकाने को लेकर उनकी बैंकों के साथ गहन बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि वो सभी प्रश्नों का जवाब देने के लिए भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा और आजादी का भरोसा दिया जाए।" मजूमदार ने कहा, "कंपनी का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और कॉरपोरेट गवर्नेंस कोई मुद्दा नहीं है इसका असर केवल माल्या पर पडेगा।"

आपको बता दे कि माल्या पर इस समय बैंको का 9000 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है और मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय उनसे पूछताछ करना चाहता है। बोर्ड के ही एक इंडिपेंडेट मेंबर सुनील अलघ ने बताया, " माल्या बैंको के साथ गंभीरता से बात कर रहे हैं। माल्या ने हमसे कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और उनका इरादा लोन चुकाने का है। बोर्ड अभी भी माल्या के समर्थन में है और वह इसे कॉरपोरेट गवर्नेंस का मुद्दा नहीं मान रहा है। अगस्त में होने वाली बोर्ड की अगली बैठक में इस मामले पर चर्चा की जाएगी।"

ऐसी भी आशंकाए जताई जा रही थी हेनेकेन, यूबीएल समूह पर अपना आधिपत्य चाहता है और उसने माल्या से चैयरमैन का पद छोड़ने को कह दिया है। हेनेकेन ने 2008 में यूबीएल समूह से 37.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी और तब से अब तक यह बढ़कर 42.4 फीसदी हो गई है। इस डच बियर कंपनी ने खुले बाजार से शेयरों की खरीददारी के लिए एक निवेश बैंक जेएम फाईनेंस की भी नियुक्ति की थी और अभी तक वह इस पर 179 करोड़ रुपये खर्च चुकी है। Read more http://www.jagran.com

Tuesday, 15 March 2016

विजय माल्या को ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराना भारत के लिए होगी टेढ़ी खीर


विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कराकर उन्हें ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराना जांच एजेंसियों के आसान नहीं होगा। ऐसे मामलों में आरोपियों के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराने में जांच एजेंसियों के अभी तक के अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं।

पिछले 10 साल से वार रूम लीक मामले के आरोपी रवि शंकरन का प्रत्यपर्ण कराने में सीबीआइ को सफलता नहीं मिली है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ललित मोदी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के लिए पांच महीने से इंतजार कर रहा है। एक जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब सारे सबूत होने के बावजूद रवि शंकरन के प्रत्यर्पण कराने में सफलता नहीं मिली है, तो बिना जांच के विजय माल्या के प्रत्यर्पण कराने का दावा करना उचित नहीं होगा।

दरअसल, वार रूम लीक केस में सीबीआइ ने 2006 में ही रवि शंकरन को भगोड़ा घोषित कर रेड कार्नर नोटिस जारी करा दिया था। इसके बाद रवि शंकरन ने 2010 में ब्रिटेन की एक अदालत में आत्मसमर्पण भी कर दिया थी। सीबीआइ अदालत में रवि शंकरन के खिलाफ केस जीत भी गई। इसके बावजूद अभी तक उसका प्रत्यर्पण नहीं कराया जा सकता है। जबकि रवि शंकरन पर ज्यादा संगीन आरोप है। पूर्व नौसेनाध्यक्ष अरुण प्रकाश के भतीजे रवि शंकरन पर नौसेना के वार रूम से गोपनीय सूचनाएं चुराने का आरोप है। इस मामले में नौसेना के आधा दर्जन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट भी हो चुकी है।

वहीं आइपीएल में फंड के दुरुपयोग के आरोप में विभिन्न एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे ललित मोदी के खिलाफ अभी तक रेड कार्नर नोटिस भी जारी नहीं किया जा सका है। ईडी ने लगभग पांच महीने पहले इंटरपोल को ललित मोदी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए अनुरोध किया था। लेकिन इंटरपोल इस अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि बिना रेड कार्नर नोटिस के कोई भी देश ललित मोदी को गिरफ्तार नहीं कर सकता है। ऐसे में ललित पूरी दुनिया में घुमने के लिए स्वतंत्र है। भारत में इंटरपोल की शाखा सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईडी का केस बहुत मजबूत नहीं होने के कारण शायद रेड कार्नर नोटिस जारी कराने में दिक्कत आ रही है।

रवि शंकरन और ललित मोदी की तुलना में विजय माल्या के खिलाफ केस की जांच शुरूआती दौर में है। हैदराबाद के चेक बाउंस मामले को छोड़ दें, तो सीबीआइ और ईडी के किसी केस में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया है। ईडी ने 18 मार्च को भले ही माल्या को पूछताछ के लिए बुलाया है। लेकिन माल्या चाहे तो ईडी से आगे का समय भी मांग सकते हैं। जिसकी उम्मीद ज्यादा है। ऐसे में ईडी के पास समय देने के अलावा कोई चारा नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि माल्या के खिलाफ असली कार्रवाई शुरू होने में अभी वक्त लगेगा और यह बात पर निर्भर करेगा कि जांच एजेंसियों को क्या सबूत मिलते हैं।

Sunday, 10 November 2013

Jet, Kingfisher, Spice And Critical Economic Situation

Jet

नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन के रुतबे तक पहुंचने के बाद धड़ाम हुई किंगफिशर के नक्शेकदम पर जेट एयरवेज और स्पाइसजेट भी बढ़ रही हैं। इन तीनों सूचीबद्ध कंपनियों की माली हालात पर इनके ऑडिटरों ने ही अपनी रिपोर्ट में सवाल खड़े किए हैं। 

जुलाई-सितंबर तिमाही नतीजों की समीक्षा करने के बाद जो रिपोर्ट ऑडिटरों ने दी है, उसमें इनके गोइंग कंसर्न दर्जे पर सवालिया निशान लगाया गया है। गोइंग कंसर्न दर्जा ऐसी कंपनियों को ही दिया जाता है जिनके पास लंबे समय तक परिचालन के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं। साथ ही उनके दिवालिया होने का खतरा भी नहीं होता है। पहले से ही जमीन पर खड़ी किंगफिशर एयरलाइन के ऑडिटरों ने सबसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा नरेश गोयल के स्वामित्व वाली जेट और मारन परिवार की स्पाइसजेट के ऑडिटर ने भी कंपनियों की माली हालत को खस्ता बताया है।

किंगफिशर का उड़ान परमिट खत्म हो चुका है। साथ ही बैंक भी कर्ज वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने दोबारा परिचालन शुरू करने के लिए योजना तैयार की है। बीती तिमाही में कंपनी ने 715 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दिखाया था। वहीं, जेट के संबंध में ऑडिटर्स ने कहा कि काफी कुछ एतिहाद एयरवेज के साथ हुए समझौते के लागू होने पर निर्भर करता है। जेट ने एतिहाद को 24 फीसद हिस्सेदारी बेची थी लेकिन नियामकीय मंजूरियों के न मिलने के चलते यह सौदा अटका हुआ है। कंपनी को दूसरी तिमाही में 891 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। उधर, स्पाइसजेट को 559 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।