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Friday, 6 February 2015

दिल्ली में अराजकता और सुशासन के बीच चुनावः जेटली

भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि दिल्ली में चुनाव अराजकता और सुशासन के बीच है। यह फैसला जनता को करना है कि वह किसे चुनती है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र में बेहतर सरकार दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी के बारे में उन्होंने कहा कि यह पार्टी सचिवालय से कंफर्टेबल सड़कों पर महसूस करती है। इस बात को दिल्ली के लोगों ने आप की पिछली सरकार के दौरान अच्छी तरह से महसूस किया होगा।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि दिल्ली में हमारी पार्टी की ही सरकार बनेगी।
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Friday, 30 January 2015

भाजपा ने केजरी को दी शाजिया इल्मी से बहस करने की चुनौती

राजधानी दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा और आप के बीच कांटे की टक्कर हो रही है। इस घमासान में दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर हमले का कोई मौका चूकना नहीं चाहती है। इन दिनों भाजपा ने आप पर हमले तेज कर दिए हैं। आज लगातार दूसरे दिन भाजपा ने केजरीवाल से पांच सवाल पूछे हैं। इसके साथ ही भाजपा ने अरविंद केजरीवाल को शाजिया इल्मी से बहस करने की चुनौती भी दी है।
आज एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की निर्मला सीतारमन ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए 5 सवालों की दूसरी किश्त पेश की। सीतारमन ने कहा कि केजरीवाल ने अब तक पिछले सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता उनके जवाब सुनकर ही वोट दे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हम पुराने सवाल उठा रहे हैं, लेकिन हम वही सवाल पूछ रहे हैं जिनके जवाब आप ने अब तक नहीं दिए हैं।
आज हैं भाजपा के ये पांच सवालः---
1. चुनाव के चंदे का हिराब क्यों नहीं देती आम आदमी पार्टी? आम आदमी पार्टी देश के बाहर से फंड ले रही है।
2. आम आदमी पार्टी भारत विरोधी तत्वों से मिलकर दिल्ली में कैंपेन क्यों चला रही है? बांग्लादेश, दुबई से वोट मांगने के लिए फोन क्यों किए जा रहे हैं?
3. आप महिला विरोधी क्यों है? पार्टी से महिला नेताओं का पलायन हो रहा है।
4. चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं का अपमान क्यों करती है 'आप'?
5. आप ने दिल्ली में लोकायुक्त को मजबूत क्यों नहीं बनाया?

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Thursday, 26 December 2013

Kejriwal terror: officers destroy papers and some other wants transfer

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो जाएंगे। इसके साथ ही कई दिनों से सरकार को लेकर चल रही उहापोह की स्थिति को पूर्णविराम लग जाएगा। लेकिन केजरीवाल के सत्ता संभालने से पहले ही दिल्ली सरकार के अफसरों में खौफ देखा जा रहा है। एक निजी टीवी चैनल ने अपने स्टिंग के जरिए इस बात का खुलासा किया है कि केजरीवाल के सीएम पद ग्रहण करने से पहले ही अफसर किस तरह से ट्रांसफर ले रहे हैं। 

चैनल के स्टिंग में पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली के ओएसडी के सामने ही उनके कर्मचारियों को फाइलों से कागज निकालकर फाड़ते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं पत्रकार के पूछने पर ओएसडी ने किसी तरह के भी कागजात फाड़ने से साफ इंकार कर दिया। दूसरी और स्टिंग में दिल्ली जल बोर्ड को लेकर भी कुछ खुलासे किए गए हैं। 

इस स्टिंग में दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य सतर्कता अधिकारी सीवीओ ने माना है कि जल बोर्ड में कई अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं। सीवीओ के पीए के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड ने महज मीटिंग के दौरान हुए लंच पर ही करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं। पीए ने खुलासा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड के निचले दर्जे के कर्मचारियों के पास भी महंगी महंगी कारें हैं जो सिर्फ भ्रष्टाचार का नतीजा है। 

इस स्टिंग में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि किस तरह से अधिकारी केजरीवाल से खौफजदा होकर अपना ट्रांसफर करवाने में लगे हैं। कुछ का ट्रांसफर तो हो भी गया है। 

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बक्शा नहीं जाएगा। इसको लेकर भ्रष्ट अधिकारियों के माथे पर केजरीवाल के नाम की शिकन आनी लाजमी ही है। 

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They don't wants to give birth of Rakhi




http://www.jagran.com/नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अरविंद केजरीवाल के मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रही मंगोलपुरी की विधायक राखी बिड़ला के माता-पिता नहीं चाहते थे कि वह इस दुनिया में आए। राखी जब अपनी मां की गर्भ में थीं तो मां ने चिकित्सक की सलाह पर गर्भपात कराने की दवा भी ली थी, लेकिन दवा अपना असर नहीं दिखा सकी। यह खुलासा खुद राखी के पिता भूपेंद्र सिंह बिड़ला ने किया है। उन्होंने बताया कि पहले से तीन संतान होने के चलते वह चौथी संतान नहीं चाहते थे।

घर की खराब माली हालत इसकी वजह थी। सबसे बड़ी बेटी सोनू, बेटे विरेंद्र, विक्रम के बाद राखी सबसे छोटी संतान है। लेकिन दवा ने जब असर नहीं किया तो वह दोबारा अपनी पत्‍‌नी को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने जांच करने के बाद जब यह कहा कि अब तो ऑपरेशन ही एक रास्ता है तो उन्होंने व उनकी पत्‍‌नी ने गर्भपात का फैसला टाल दिया। उन्होंने सोचा कि दवा लेने के बाद भी जब गर्भ में पल रहे बच्चे को दुनिया में आने से रोका नहीं जा सका तो अब उसे दुनिया में आना ही चाहिए।

भूपेंद्र कहते हैं कि राखी के जन्म के बाद उन्होंने उसके प्रति अपने प्यार में कोई कमी नहीं आने दी। उसके पालन -पोषण से लेकर शिक्षा-दीक्षा में कोई कसर बाकी नहीं रखी। कर्ज लेकर राखी की शिक्षा पूरी करवायी और आज राखी ने उनके परिवार का नाम रोशन कर दिया। दलित परिवार में पैदा हुई राखी का मूल गोत्र बिड़लान है। वह अपनी स्कूल की शिक्षक की गलती के कारण बिड़लान से बिड़ला हो गईं। दरअसल स्कूल के शिक्षक ने उनकी दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में बिड़लान की जगह बिड़ला लिख दिया था। उसके बाद उनके नाम के आगे बिड़ला जुड़ गया। 

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