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Thursday, 7 July 2016

आतंकी हमलों की जांच के लिए बांग्लादेश जाएगी एनएसजी की टीम

बांग्लादेश की जांच एजेंसिया ढाका में हुए आतंकी हमले की जांच कर ही रही थी कि गुरुवार को किशोरगंज में ईदगाह पर बम धमाका हो गया है।

इसी बीच भारत ने बांग्लादेश से बात कर मामले में जांच के लिए सहयोग की पेशकश की है जिसे बांग्लादेश ने स्वीकार कर लिया है। एनएसजी की टीम ढाका आतंकी हमले और आज किशोरगंज में हुए हमले की जांच करेगी। बताया जा रहा है कि एनएसजी की टीम आज रवाना होगी।

गौरतलब है कि ढाका हमले के बाद भारतीय एजेंसियों को सूचनाएं मिली थी कि आतंकी भारत में भी हमला कर सकते हैं।

आपको ये बता दें देश में जहां कहीं भी विस्फोट होता वहां पर छानबीन करने के लिए एनएसजी की टीम जाती है। एनएसजी के पास दुनियाभर में हुए बम विस्फोट का रिकार्ड भी है। बीते हफ्ते ढाका के एक रेस्टोरेंट में हुए आतंकी हमले में दो पुलिसकर्मियों समेत 22 लोगों की जान चली गई थी।

Source: Dainik Jagran hindi news

OMG! आदिरा को जन्‍म देने के बाद कितनी बदल गई रानी मुखर्जी

रानी मुखर्जी का नाम बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेसेस में शुमार किया जाता है। ये ऐसी एक्ट्रेस हैं जो टैलेंटेड होने के साथ गजब की खूबसूरत भी हैं। साल 2000 में उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अदाकारी और खूबसूरती से धूम मचा दी थी। लेकिन अब अगर रानी को आप देखेंगे तो आपको अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं होगा।

बॉलीवुड के सभी खान्स के साथ रानी मुखर्जी फिल्में कर चुकी हैं। पिछली बार रानी फिल्म 'मर्दानी' में नजर आई थीं, जिसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसके बाद रानी ने 21 अप्रैल 2014 को फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा से शादी कर घर बसा लिया। 9 दिसंबर 2015 को रानी ने एक प्यारी-सी बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम उन्होंने आदिरा रखा है।

बॉलीवुडलाइफ.कॉम की खबर के मुताबिक, रानी जब से आदित्य के साथ शादी के बंधन में बंधी, तब से उन्होंने खुद को मीडिया से दूर कर लिया। वह बॉलीवुड की पार्टियों में भी बहुत कम अपनी मौजूदगी दर्ज कराने लगीं। पिछले काफी समय से रानी के फैन उनकी एक झलक देखने के लिए बेसब्र थे। लेकिन रानी पिछले कुछ महीनों से पेरिस में थी। वहीं उनके पति आदित्य फिल्म 'बेफिक्रे' की शूटिंग में व्यस्त थे।

Source: Dainik Jagran

Monday, 4 July 2016

चीन का नया राग, कहा- NSG का सदस्य नहीं बन पाने पर हमें बदनाम न करे भारत

चीन ने भारत पर अारोप लगाते हुए कहा कि एनएसजी मुद्दे पर हमें बदनाम किया जा रहा है। उसे एेसा नहीं करना चाहिए। भारत की अोर से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन को दोषी ठहराया जा रहा है।

चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक संपादकीय में लिखा है कि भारतीय जनता और भारतीय मीडिया एनएसजी का सदस्य न बन पाने पर चीन पर अंगुली उठा रहा है। जबकि, सियोल में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की पूर्ण बैठक में कई अन्य देश एनटीपी के मुद्दे पर भारत का विरोध किया था।

संपादकीय में ग्लोबल टाइम्स ने भारतीय नागरिक और इंडियन मीडिया दोनों पर निशाना साधा है। इसके पहले पिछले हफ्ते भी ग्लोबल टाइम्स ने इन दोनों पर तीखी उंगली उठाई थी। ग्लोबल टाइम्स ने बाताया था कि चीन साउथ कोरिया की राजधानी सोल में एनएसजी की समग्र बैठक में भारत का विरोध क्यों कर रहा था। उसने यह भी बताया था कि केवल चीन ही नहीं बल्कि 10 और देश भारत की सदस्यता का विरोध कर रहे थे।

ग्लोबल टाइम्स ने कहा, 'सोल में एनएसजी की समग्र बैठक में भारत की सदस्यता को लेकर जो नतीजे आए उसे भारतीय नागरिक स्वीकार नहीं करना चाहते। ज्यादातर इंडियन मीडिया में चीन पर अारोप लगाया गया कि उसने भारत का विरोध किया। चीन को भारत विरोधी बताया गया और पाकिस्तान समर्थक।' कुछ इसी तरह पहले भी ग्लोबल टाइम्स ने भारतीयों और भारतीय मीडिया पर निशाना साधा था। तब उसने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि भारत के राष्ट्रवादियों को व्यवहार करना सीखना चाहिए। ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि ये भारतीय अपने देश को सुपरपावर बनते देखना चाहते हैं लेकिन इन्हें यह नहीं पता है कि दुनिया की बड़ी ताकतें कैसे खेल खेलती हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर से कहा है कि इंडिया को एनएसजी की सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए। इस अखबार ने संपादकीय में लिखा है, 'जो देश एनएसजी में शामिल होना चाहते हैं उन्हें पहले परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करना होगा। भारत ने एनपीटी (परमाणु हथियारों के अप्रसार) पर हस्ताक्षर नहीं किया है। भारत के लिए इस किस्म के अपवाद को लाया जा सकता है लेकिन अन्य नॉन एनपीटी देशों को लेकर भी चीन का रुख ऐसा ही होगा।' चीन का कहना है कि भारत पहले एनपीटी पर हस्ताक्षर करे फिर एनएसजी में सदस्यता हासिल करने की कोशिश करे।  Read more http://www.jagran.com/

सलमान की 'सुल्‍तान' रिलीज से पहले पाकिस्‍तान में हिट, टूट सकता है ये रिकॉर्ड

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'सुल्तान' का भारत में ही नहीं पाकिस्तान में भी बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हालांकि ईद के हफ्ते में 'सुल्तान' को पाक बॉक्स ऑफिस पर चार हॉलीवुड फिल्मों के साथ-साथ दो पाकिस्तानी फिल्में भी टक्कर देने के लिए तैयार हैं। लेकिन पाकिस्तान के फिल्म जानकारों की मानें तो सलमान की 'सुल्तान' पिछले साल की हिट पाक मूवी के कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

अली अब्बास जफर के डायरेक्शन में बनी 'सुल्तान' पाकिस्तान में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म हो सकती है। पिछले साल पाकिस्तान में सबसे बड़ी हिट फिल्म 'जवानी फिर नहीं आनी' रही थी। जानकारों की मानें तो इस साल उसका रिकॉर्ड टूट सकता है। पाक फिल्म इंडस्ट्री के जानकार नदीम महंदीवाला की मानें तो पाकिस्तान में 'सुल्तान' के पहले पांच दिनों के सभी शोज की एडवांस बुकिंग हो गई है।

उधर जियो फिल्म के प्रवक्ता मोहम्मद नासिर ने कहा, 'इस ईद के मौके पर सलमान खान की 'सुल्तान' पाक बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन सकती है। ऐसा भी संभव है कि पिछले साल 'जवानी फिर नहीं आनी' द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड ये फिल्म तोड़ दे।'

फिल्म 'जवानी फिर नहीं आनी' ने पाक बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती तीन दिनों में 74.5 मिलियन का रिकॉर्ड कलेक्शन किया था। वहीं फिल्म का कुल कलेक्शन 465 मिलियन रहा था। यह पाकिस्तानी बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा बिजनेस करने वाली फिल्म है।  Read more http://www.jagran.com/

Thursday, 30 June 2016

अब मुश्किल में चीन, NSG पर भारत के खिलाफ दांव पड़ सकता है उल्टा

कहते हैं कि राजनीति और कूटनीति में समय का बहुत ज्यादा महत्व होता है। जो फैसला आप के पक्ष में न हो इसका मतलब ये नहीं है कि आप उम्मीद छोड़ दें। 24 जून को सियोल बैठक में एनएसजी में भारत की दावेदारी पर चीन की चाल कामयाब हुई। लेकिन चीन अब मुश्किलों में है। उसकी मुश्किल के पीछे कई वजह हैं। जिसे क्रमवार जानने को कोशिश करते हैं।

सियोल में चीन के मुख्य वार्ताकार वैन कून ने चीनी शासन को भरोसा दिलाया था कि 48 सदस्यों वाले एनएसजी के एक तिहाई सदस्य चीन का समर्थन करेंगे। लेकिन वैन कून की रणनीति और कूटनीति औंधे मुंह गिर गई। चीन समेत महज चार देशों ने भारत की दावेदारी का विरोध किया। जानकारों का कहना है कि सियोल के परिणाम से भारत को जितनी निराशा हुई हो, उससे कम धक्का चीन को भी नहीं लगा। चीन को यकीन था कि कम से कम 15 देश उसका समर्थन करेंगे।

चीन को ये सब इतना नागवार लगा कि उसने मुख्य वार्ताकार वैन कून की सार्वजनिक तौर फटकार लगा डाली। चीन प्रशासन वैन कून की रणनीति पर सवाल उठाता रहा।

साउथ चीन सागर पर चीन की मुश्किल

साउथ चीन सागर के मुद्दे पर चीनी रणनीतिकार मुश्किल में हैं। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर हेग आरबिट्रेशन से कुछ दिनों में फैसला आ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये फैसला चीन के खिलाफ जा सकता है। आरबिट्रेशन कोर्ट फिलीपींस के समर्थन में फैसला सुना सकता है। कोर्ट के फैसले का मतलब ये होगा कि फिलीपींस की हड़पी गयी जमीन को चीन को वापस करना होगा। इस फैसले का इससे भी बड़ा असर ये होगा कि चीन युनाइटेड कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ सी से बाहर हो सकता है जिसका वो सदस्य है।

भारत के पास है मौका

चीन को इस बात का डर है कि आरबिट्रेशन कोर्ट के फैसले के बाद भारत वही दांव खेल सकता है। जिसे चीन ने सियोल मीटिंग के दौरान किया था। जानकारों का कहना है कि हेग फैसले का हवाला देकर भारत, चीन को अकंलास से बाहर करने का दबाव बना सकता है। भारत को इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने में मुश्किल भी नहीं आएगी। चीन का कहना है कि उसे 60 देशों का समर्थन हासिल है जो ये मानते हैं कि हेग आरबिट्रेशन अवैध है।

पश्चिमी देशों का भी मानना है कि साउश चीन सी के मुद्दे पर चीन को अलग-थलग होने का डर सता रहा है। चीन हेग आरबिट्रेशन के फैसले का इंतजार कर रहा है। हालांकि चीनी रणनीतिकार उनके हित में आड़े आने वाले कानूनों की वैधता पर ही सवाल उठा देते हैं। इसके उलट अगर अवैध कानून उसके हित को साधने में मदद देते हैं, तो चीन उन कानूनों को वैध बताने में गुरेज भी नहीं करता है।

Tuesday, 28 June 2016

नरसिम्हा राव की हिंदूवादी सोच की वजह से गिरी बाबरी मस्जिद : उप राष्ट्रपति

6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिराए जाने की घटना को राजनीतिक दल अलग-अलग ढंग से व्याख्या करते हैं। कुछ राजनीतिक दल भारत पर लगे दाग को मिटाने की बात मानते हैं। वहीं कुछ राजनीतिक दल उस दिन को काला दिन के तौर पर याद करते हैं। बाबरी मस्जिद गिराए जाने का गुनहगार कौन है। इस मामले की सुनवाई अदालत में लंबित है।

लेकिन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक सनसनीखेज बयान में कहा कि कांग्रेस के नेता और तत्कालीन पीएम नरसिम्हाराव की हिंदुत्ववादी सोच की वजह से बाबरी मस्जिद गिरा दी गयी। विनय सीतापति द्वारा लिखी गई किताब हॉफ लॉयन के लोकार्पण के मौके पर हामिद अंसारी ने कहा कि अगर ये देश राव के अच्छे कामों का फायदा उठा रहा है। तो वहीं उनके गलत कामों का खामियाजा भी देश भुगत रहा है।

किताब के लेखक का कहना है कि नरसिम्हाराव ने कानून के हिसाब से काम किया था। बाबरी मस्जिद गिराए जाने में उनकी भूमिका नहीं थी। राव पर ये आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कुछ किया ही नहीं था। किताब के लेखक का कहना है कि कांग्रेस कभी भी राव को लेकर दयालू नहीं रही। यही नहीं राव ने मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए कुछ ऐसे काम किए। जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद कांग्रेस ने राव को हासिए पर डालने का फैसला कर लिया था।

किताब के उद्घाटन के मौके पर मौजूद कांग्रेस के कद्दावर नेता मणिशंकर अय्यर मुस्लिमों को रिझाने वाले बयान पर आपत्ति दर्ज की। कांग्रेस ने राव को खतरे से आगाह किया था। हालांकि उन्होंने ढील दी।

उपराष्ट्रपति हामिद ने किताब में लिखे गए कई प्रसंगों का हवाला देते हुए कहा कि 1992 में कांग्रेस सरकार बहुमत से 10 सीट दूर थी। विपक्ष पूरी तरह बिखरा था। सामान्य तौर पर ये धारणा थी कि सरकार कमजोर है। लिहाजा राव सभी दलों के साथ संसदीय कार्रवाई को सही ढंग से चलाए जाने पर खासा ध्यान दे रहे थे। इस दौरान राव ने कई व्यक्तिगत संबंध विकसित किए थे। सरकार किसी भी कीमत पर अपनी सरकार को बचाना चाहती थी। इसके लिए कई अनैतिक प्रयास किये गए। 


भाजपा ने स्वामी प्रसाद के लिए खोले दरवाजे, एक जुलाई को दिखाएंगे ताकत

बसपा से बागी हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भले ही अपने पत्ते नहीं खोले हों लेकिन उनके प्रति भाजपा का रुख सकारात्मक है। उधर स्वामी प्रसाद आगामी एक जुलाई को प्रस्तावित कार्यकर्ता सम्मेलन सफल बनाने की कोशिश में जीजान से जुटे हैं क्योंकि सम्मेलन से ही उनका सियासी कद तय होगा।

बसपा के बगावत के बाद स्वामी प्रसाद को अपेक्षित समर्थन न मिलने से समर्थकों के बेचैनी है और एक राय नहीं हो पा रहे है। एक खेमा अलग दल बनाने के लिए माहौल बना रहा है तो भाजपा में शामिल होने की लाबिंग करने वाले भी कम नहीं। वहीं, कुछ समर्थक कांग्रेस के नजदीकी बढ़ाने के तर्क गिना रहे हैं। कांग्रेस से मेल करने की पैरोकारी करने वालों का कहना है कि भाजपा में उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिल सकेगा और समर्थकों को भी टिकट दिलाने का संशय रहेगा।

इस ऊहापोह की स्थिति में उलझे स्वामी प्रसाद एक जुलाई को अपेक्षित भीड़ न जुटा सके तो किरकिरी होगी। इसलिए तोलमोल करने से पहले स्वामी समर्थक पूरी ताकत से सम्मेलन को सफल बनाने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा व कांग्रेस नेता भी स्वामी प्रसाद के सम्मेलन पर नजर लगाए है। सम्मेलन कामयाब रहेगा तब ही स्वामी को साथ में लेने का फायदा होगा।

उधर, स्वामी को पार्टी में शामिल कराने के संदर्भ में जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह आना तो चाहें। शाह ने कहा कि स्वच्छ और संघर्षशील छवि के लोगों को भाजपा जरूर अवसर देगी। जागरण फोरम में आए अमित शाह से जब यह बात उठी कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बगावत की मायावती को भनक नहीं लगी वरना उन्हें बाहर कर देती तो अमित शाह का कहना था कि मायावती बहुत दिन से स्वामी का तेवर देख रही थी लेकिन वह स्वामी प्रसाद को बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी।

MTCR में भारत की कामयाबी पर भड़का चीन, भारतीयों को बताया पाखंडी

चीन अपने आप को भारत का दोस्त कहता है, लेकिन हकीकत में उसकी सोच कुछ और होती है। एनएसजी में भारत की दावेदारी पर उसने गोलमोल जवाब दिया कि उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं है। लेकिन नियम-कानून से इतर भारत का समर्थन वो कैसे कर सकता है। एनएसजी में दावेदारी न मिलने से निराश भारतीयों में उत्साह का संचार हुआ जब मिसाइल तकनीक नियंत्रण समूह का भारत पूर्ण सदस्य़ बन गया । लेकिन चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी को ये सब अच्छा नहीं लगा। ग्लोबल टाइम्स ने एडिटोरियल में भारतीयों को स्वार्थी, पाखंडी और अनैतिक करार दिया।

ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में ये भी कहा गया है कि भारतीयों में राष्ट्रवाद की कमी है। वे पश्चिमी देशों के बीच भागकर खुद का नुकसान कर रहे हैं। एनएसजी पर मिली नाकामी पर भारतीय मीडिया और राजनेता चीन को कोस रहे हैं। लेकिन वे अपनी कमी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


पेपर में कहा गया है कि ये बात समझ के बाहर है कि अमेरिका के पीछे भारत क्यों भाग रहा है। अमेरिकी ही पूरा विश्व नहीं है। अगर अमेरिका अब भारत की तरफदारी कर रहा है तो इसका अर्थ ये नही है कि पूरा विश्व भारत का समर्थन करेगा। हकीकत ये है कि भारत के प्रति अमेरिकी विदेश नीति सिर्फ और सिर्फ चीन को नियंत्रित करने की है। भारतीयों को राष्ट्रवाद को समझने और सीखने की जरुरत है।

भारतीयों को खुद से व्यवहार को सीखने की जरुरत है। एक तरफ आप सुपर पावर बनने का सपना देखते हैं। तो ये समझना होगा कि सुपर पावर अपनी शर्तों पर नीतियों को प्रभावित करते हैं। चीन नियमों को तरजीह देता है। नियम ये है कि एनएसजी में दावेदारी के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर होने चाहिए। चीन ने सिर्फ नियमों का हवाला दिया था। इस मुद्दे पर भारत की तरफ से बेवजह की टिप्पणी की जा रही है। 

Monday, 27 June 2016

स्वामी प्रसाद नेता विपक्ष से बेदखल, गया चरण को मिली लाल बत्ती

बहुजन समाज पार्टी से बगावत करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के स्थान पर अब गया चरण दिनकर विधानसभा में नेता विपक्ष होंगे। बहुजन समाज पार्टी की परसों बैठक में गया चरण दिनकर को मायावती की मौजूदगी में विधानमंडल दल का नेता चुना गया था।

गया चरण दिनकर अब विधानसभा में नेता विपक्ष होंगे। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने आज गया चरण दिनकर को नेता विपक्षी दल की मान्यता प्रदान कर दी है। स्वामी प्रसाद की जगह अब चरण दिनकर नेता विपक्ष होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के साथ आज गया चरण दिनकर ने माता प्रसाद पाण्डेय से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष ने मिश्र की मौजूदगी में गया चरण दिनकर को पत्र प्रदान कर नेता विपक्ष के पद का गतिरोध समाप्त कर दिया। अब गया चरण दिनकर लालबत्ती गाड़ी में चलेंगे।

बसपा पदाधिकारियों व विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को परसों उन्हें पार्टी सुप्रीमो का पत्र सौंपा। पत्र पर बसपा के 71 विधायकों के हस्ताक्षर थे। पत्र में कहा गया है कि स्वामी प्रसाद के बसपा छोडऩे के कारण गया चरण दिनकर को पार्टी के विधानमंडल दल का नेता चुन लिया गया है। लिहाजा उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी जाए। इससे पहले बसपा विधानमंडल दल की बैठक में विधायक जगपाल ने प्रस्ताव किया कि 10 मार्च, 2012 को पार्टी के विधानमंडल दल के नेता चुने गए स्वामी प्रसाद ने मीडिया में बयान दिया है कि उन्होंने बसपा छोड़ दी है।

इसी कारण मौर्य को विधानमंडल दल के नेता पद से हटाते हुए उनकी जगह गया चरण दिनकर को नेता चुना जाए। इस प्रस्ताव का अनुमोदन विधायक जीतेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी ने किया जिसे बैठक में मौजूद विधानमंडल दल के सभी सदस्यों ने पारित किया। इसके साथ ही दिनकर को विधानसभा में नेता विरोधी दल की मान्यता प्रदान करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने के लिए मायावती को सर्वसम्मति से अधिकृत किया गया।

मंत्री भी रह चुके हैं दिनकर

चौथी बार विधायक चुने गए गया चरण दिनकर 2002 में बसपा सरकार में ग्राम्य विकास मंत्री भी रह चुके हैं। 55 वर्षीय दिनकर पहली बार 1991 में विधायक चुने गए। दूसरी बार वह 1993 और तीसरी मर्तबा 2002 में विधानसभा की देहरी लांघने में कामयाब रहे।

सीमा पर जवान मारे जा रहे हैं RSS इफ्तार पार्टी मना रहा हैः कपिल सिब्बल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल मे भाजपा अौर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(अारएसएस) पर जमकर हमला किया। सिब्बल ने कहा कि सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं अौर अारएसएस पाकिस्तान उच्चायुक्त को बुलाकर इफ्तार पार्टी कर रही है। सरकार की ये कैसी पॉलसी है समझ में नहीं अा रहा है।

पंपोर हमले के बाद कपिल सिब्बल ने कहा हमने (यूपीए सरकार) ने भी पाकिस्तान के साथ बातचीत की लेकिन हम कभी बर्थ डे पार्टी या शादी में शामिल होने पाक नहीं गए। उन्होंने कहा कि एक तरफ पाकिस्तान लगातार हमारे यहां आतंकी भेज रहा है तो दूसरी तरफ अारएसएस इफ्तार पार्टी दे रहा है, जिसमें पाक के हाई कमिश्नर को बुला रहे हैं। ये कैसी बातचीत और विदेश नीति है।

भारत से लड़कर कभी भी कश्‍मीर नहीं जीत सकेगा पाकिस्‍तान: हिना रब्‍बानी

पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा है कि पाकिस्तान कभी भी भारत से युद्ध कर कश्मीर को नहीं पा सकता है। इसके लिए भारत से सिर्फ संबंधों को सुधारना और वार्ता को जारी रखना ही एकमात्र जरिया हो सकता है। रब्बानी ने यह बातें पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान कहीं। पाकिस्तान के अखबार द डॉन के मुताबिक उन्होंने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि पाकिस्तान को इसके लिए अनुकूल माहौल बनाना होगा और भारत से बातचीत जारी रखनी होगी।

कश्मीर के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युद्ध इसका उपाय नहीं है, इसलिए बातचीत ही एकमात्र उपाय है। यह तभी संभव है जब हमारे संबंध भारत के साथ सामान्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाक को एक दूसरे पर विश्वास करते हुए इस मुद्दे पर आगे बढ़ने की जरूरत है। खार ने कहा कि पीपीपी सरकार भारत के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए काफी प्रयास किए। इसके लिए सरकार ने वीजा नियमों में भी कुछ छूट दी और दोनों देशों के बीच व्यापार को सुधारने के लिए भी काफी कदम उठाए। उन्होंंने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच यह मुद्दा वर्षों पुराना है और यह किसी भी तरह से सही माहौल बनाए बिना इसको सुलझाया नहीं जा सकता है।

गौरतलब है कि हिना रब्बानी खार वर्ष 2011 से 2013 तक पाकिस्तान की विदेश मंत्री रही थीं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लगातार बातचीत के जरिए किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। विदेश नीति मे फौज का अधिक प्रभाव होने के सवाल पर उनका कहना था कि एक डिप्लोमेट के नाते कई सारी चीजें जारी रहती हैं और सभी को साथ लेकर बैलेंस बनाते हुए आगे बढ़ा जाता हैै।

भारत की मौजूदा भाजपा सरकार पर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि भारत में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहते हुए और पाकिस्तान में फौज की हुकूमत रहते हुए कश्मीर का मुद्दा कभी नहीं सुलझ सकेगा। उनका कहना था कि वह मानती हैं कि मुशर्रफ ने अपनी सरकार के दौरान भारत को इस विषय पर काफी ढ़ील दी थी।

पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीन की दखल को रोकने के लिए अमेरिका भारत को बेहतर सहयोगी मानता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के भारत की ओर झुकने की एक बड़ी वजह है कि वहां पर देश की जनता की चुनी हुई सरकार है न कि फौज की हुकूमत चलती है। भारत में आज भी डेमाेक्रेटिक ट्रेडिशन मौजूद है।

Tuesday, 21 June 2016

जानिए, व्हाइट हाउस से जाने के बाद क्या करेंगे बराक ओबामा

अमेरीकी राष्ट्रपति बराक अोबामा 20 जनवरी को व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद क्या करेंगे, सवाल तो बड़ा है, जवाब उससे भी मजेदार। दरअसल, यह जिक्र तब छिड़ा जब 55 साल के बराक ओबामा सिलेक्ट यूएसए के विदेशी निवेश शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

ओबामा ने यह कहा
ओबामा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं 7 महीनों में जॉब मार्केट में आ जाऊंगा और मुझे यहां (सम्मेलन में) आने पर खुशी है। जल्द ही मैं लिंक्डइन से जुड़ रहा हूं। देखते हैं आगे क्या होता है। हालांकि इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बिजनेस करने के लिहाज से बहुत खास जगह है।

ऐसा पहली बार नहीं है
यह कोई पहली बार नहीं है कि ओबामा ने व्यावसायिक नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को लेकर कोई मजाक किया हो। लिंक्डइन को हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने 26.2 करोड़ में खरीदा है। फरवरी में ही ओबामा ने सोशल प्लेटफार्म पर करियर सलाह, संपर्क, और जॉब ऑफर के लिए चलने वाले युवा कार्यक्रमों पर विचार पोस्ट किए थे।

काम के पहले अनुभव के बारे में भी बताया
उन्होंने इस मौके पर अपने पहले कार्य अनुभव के बारे में भी बताया जब उन्होंने बस्किन रॉबिन्स में आइसक्रीम वेंडर के तौर पर काम किया था। उन्होंने बताया कि मेरी पहली नौकरी कोई ग्लैमरस तो नहीं थी, लेकिन उससे बहुत कुछ सीखने को मिला। जिम्मदारी, कड़ी मेहनत, काम और परिवार, दोस्तों, स्कूल के बीच संतुलन करना भी वहीं सीखा।  Read more http://www.jagran.com/

सलमान के बिगड़े बोल पर महिला आयोग सख्त, 7 दिन में मांगा जवाब

बोलने को तो सलमान बोल गए पर उनके एक बयान से हंगामा मच गया। ईद के मौके पर आने वाली अपनी फिल्म के प्रमोशन में जुटे सलमान ने एक सीन की एक्टिंग का उल्लेख करते हुए खुद की तुलना रेप पीड़िता से कर दी... इसके बाद तो सोशल मीडिया पर रिएक्शन आने शुरू हो गए। इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने सलमान खान को इस बयान के लिए नोटिस भेजकर उनसे जवाब तलब किया है। सलमान के बचाव के लिए उनके पिता सलीम खान आगे आए हैं।

उन्होंने ट्वीट कर, बेटे के बोल को गलत करार दिया पर यह भी कहा, ‘सलमान के बयान गलत हैं लेकिन इसके पीछे इरादे गलत नहीं थे।

राष्ट्रीय महिला आयोग प्रमुख, ललिता कुमारामंगलम ने कहा, ‘यह बहुत दुख की बात है। सलमान खान हैं तो कुछ भी नहीं बोल सकते।‘ आयोग ने सलमान खान को एक पत्र लिखा है जिसमें उनके द्वारा दिए गए विवादित बयान के पीछे कारण पूछा है।

भाजपा सांसद शायना एनसी ने ट्वीट में कहा ‘हो सकता है कि गलती से सलमान की जुबान फिसल गयी हो, खैर कारण जो भी हो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

फिल्म 'सुल्तान' ईद के मौके पर रिलीज हो रही है। इसमें सलमान एक पहलवान के किरदार में नजर आएंगे। इस संबंध में एक इंटरव्यू के दौरान सलमान से पूछा गया कि रिंग में पहलवानों के साथ दंगल कर उन्हें कैसा महसूस हुआ? इस पर सलमान खान ने कहा, 'इस दौरान मुझे ग्राउंड में काफी उठापटक करनी थी। मुझे 120 किलोग्राम के शख्स को 10 अलग-अलग एंगल में पटकना था। जब शूट के बाद रिंग से बाहर निकल रहा था तो मुझे लगा कि मैं एक ऐसी महिला हूं, जिसके साथ बलात्कार हुआ है।'  Read more http://www.jagran.com/

विराट, द्रविड़ और गांगुली के टेस्ट डेब्यू के बीच ये है दिलचस्प कनेक्शन

भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान विराट कोहली टी20 विश्व कप के बाद से लगातार शानदार फॉर्म में है। विराट आइपीएल 2016 सीजन में कई कीर्तिमान अपने नाम कर चुके हैं। अब विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे कर लिए हैं।20 जून को विराट कोहली ने अपना टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2011 में किंग्सटन में खेला था। हालांकि विराट उस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए थे लेकिन टीम इंडिया ने ये मैच 63 रनों से जीता था। विराट ने अपने पहले मैच की दो पारियों में 4 और 15 रन बनाए थे।विराट ने अपने टेस्ट करियर का आगाज मैच धौनी की कप्तानी में खेला था।

20 जून की सबसे खास बात ये है कि इसी दिन भारतीय टीम के दो पूर्व दिग्गज कप्तानों ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपना टेस्ट डेब्यू मैच खेला था। दोनों ने इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर अपना पहला टेस्ट 1996 में खेला और दोनों आगे जाकर टीम इंडिया के कप्तान भी बने और भारतीय टीम में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

विराट ने अपने टेस्ट करियर में अभी तक कुल 41 मैच खेले हैं। जिसकी 72 पारियों में विराट ने 2994 रन बनाए है। जसमें उसका सर्वाधिक स्कोर 169 रनों का है। विराट का टेस्ट में 44.02 का शानदार औसत रहा है। विराट ने टेस्ट क्रिकेट में 11 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं।  Read more http://www.jagran.com/

भारत के चलते बना था NSG, अब सदस्यता के लिए करनी पड़ रही है मशक्कत

जिस एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप) में शामिल होने के लिए इतनी मशक्कत कर रहा है क्या आपको पता है कि वह भारत की वजह से ही कभी अस्तित्व में आया था। यह सुनकर आपको जरूर आश्चर्य होगा लेकिन यह सच है। दरअसल न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप के अस्तित्व में आने के पीछे थी भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी। इंदिरा गांधी के सत्ता में रहते हुए ही भारत ने पहली बार वर्ष 1974 में परमाणु परीक्षण किया था। इस पूरे मिशन का कोडवर्ड था 'बुद्धा स्माइल'।

यह परीक्षण दुनिया के कई मुल्कों को नागवार गुजरा कि उन्होंने इसके खिलाफ एक ग्रुप बना लिया, इसका ही नाम न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप दिया गया। भारत के परमाणु परीक्षण के बाद नवंबर 1975 में पहली बार कुछ देशों की बैठक हुई। इस बैठक में भारत के परमाणु परीक्षण की आलोचना की गई और ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी भी गई। इसके अलावा अन्य देश इस दिशा में कोई कदम न बढ़ाए इसके लिए भी इस बैठक में चर्चा की गई। इस दौरान 1975 से लेकर 1978 बैठकों का लंबा दौर चला।

इन तमाम बैठकों के बाद कुछ एग्रीमेंट और कुछ गाइडलाइंस सामने आई। कुछ चीजों की ऐसी सूची भी बनाई गई जिसको एक्सपोर्ट किया जा सकता है, लेकिन यह केवल उन्हीं देशों को बेची जा सकती थीं जो इस श्रेणी या एनएसीजी में शामिल नहीं थे। एनएसजी से पहले इसका नाम लंदन सप्लाई ग्रुप था। इसके अलावा इसको लंदन ग्रुप के नाम से भी जाना जाता था। वर्ष 1978 के बाद 1991 तक इस ग्रुप की दोबारा कोई बैठक ही नहीं हुई।

ताज्जुब की बात यह है कि जिस भारत की वजह से यह अस्तित्व में आया आज वही इसका हिस्सा नहींं है। आपको यह सुनकर भी आश्चर्य होगा कि इसमें ज्यादातर देश यूरोप के हैं। कुछ तो इतने छोटे देश इस ग्रुप का हिस्सा हैंं जिसको सुनकर आपको शायद विश्वास भी न हो।  Read more http://www.jagran.com/

...तो क्या इस बार अपने ही जाल में फंसे केजरीवाल, फेल हुआ सियासी फॉर्मूला?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। असल में केजरीवाल जिन अस्त्रों का इस्तेमाल कर विरोधियों को चित कर देते थे अब विरोधियों ने भी उसी अस्त्र का इस्तेमाल कर केजरीवाल पर हमला बोल दिया है।

बैकफुट पर दिल्ली सरकार

सीएम केजरीवाल को उन्हींं की भाषा में जवाब देने का काम भाजपा सांसद महेश गिरी ने किया है। गिरी ने धरना और अनशन के जरिए केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला है, इतना ही नहीं भाजपा नेता ने सीएम केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देकर दिल्ली सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है।

गिरी को मिला स्वामी का साथ

सीएम आवास के बाहर गिरी का अनशन जारी है। भाजपा नेता के साथ उनके समर्थक मौजूद हैं इतना ही नहीं समय-समय पर भाजपा के बड़े नेता भी गिरी से मिलने पहुंच रहे हैं। पूरे मामले में टर्निंग प्वाइंट तब आ गया जब पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी को पार्टी के बड़े नेता सुब्रमण्यम स्वामी का साथ मिल गया।

आप नेता कर रहे बचाव

भाजपा की तरफ से केजरीवाल पर सियासी वार शुरू हैं और बचाव के नाम पर आप नेता सोशल मीडिया का सहारा लेकर हालात का रुख बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा उदाहरण आप नेता आशुतोष का है जिन्होंने गिरी के अनशन पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया कि 'भाजपा नेता को 21 दिनों तक भूखा रहना चाहिए, नहीं तो जनता नौटंकी समझेगी'  Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 25 May 2016

केरलः पिनराई विजयन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

पिनराई विजयन आज केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विजयन को राज्यपाल न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) पी सदाशिवम ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 72 वर्षीय विजयन सेंट्रल स्टेडियम में एक समारोह में केरल के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। केरल में सीपीएम की अगुवाई वाली नई एलडीएफ सरकार के प्रस्तावित कैबिनेट का शपथ ग्रहण सेंट्रल स्टेडियम में हुअा।

शपथ ग्रहण समारोह के लिए व्यापक इंतजाम किये गए थे। इस समारोह में माकपा के महासिचव सीताराम येचुरी, पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात और पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग भी शामिल हुए।
राज्य में 16 मई को हुए विधानसभा चुनाव में माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने कांग्रेस के ओमेन चांडी के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को हराकर 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में 91 सीटें पर जीत दर्ज की और सत्ता हासिल कर ली है। यूडीएफ को केवल 47 सीटें ही मिल पाईं। भाजपा और निर्दलीय को एक एक सीट मिली है।

इन मंत्रियों ने ली शपथ

केरल में मुख्यमंत्री के अलावा कांग्रेस (एस) के कदानापल्ली रामचंद्रन ने बंदरगाह मंत्री के रूप में शपथ ली।एलडीएफ सरकार के सहयोगी सीपीआई के ई चंद्रशेखरन ने राजस्व मंत्री, जेडी(एस) के मैथ्यू टी थॉमस ने जल संसाधन मंत्री, एनसीपी के एके शशिधरन ने परिवहन मंत्री के रूप में शपथ ली।  Read more http://www.jagran.com/

बिहार : गया में लोजपा नेता व भाई की सरेआम गोली मारकर हत्या, तनाव

सूबे के गया में बुधवार अपराह्न लोजपा नेता सुदेश पासवान व उनके चचेरे भाई सुनील पासवान की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद अपराधियों ने दो गाडि़यों को भी जला डाला। घटना को पंचायत चुनाव की रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, सुदेश पासवान की पत्नी माया रानी डुमरिया के काचर पंचायत की मुखिया हैं। सुदेश व उनके चचेरे भाई सुनील आगामी 30 मई को वहां होने वाले पंचायत चुनाव मतदान में माया रानी के लिए वोट मांगने निकले थे।

इस सिलसिले में वे एक जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान अपराधी बाइक से आए और लोजपा नेता व उनके भाई को अलग कर उनपर फायरिंग झोंक दी। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

सरेआम लोगों की भीड़ में हत्या तथा इसके बाद अपराधियों के भाग जाने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। पुलिस के आला अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। घटना को लेकर डुमरिया में भारी तनाव है।  Read more http://www.jagran.com/

बटला हाउस मामला:दिग्गी के दावे को कांग्रेस नेता ने बताया गलत, 'एनकाउंटर सही'

कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने बटला हाउस एनकाउंटर को सही ठहराया है। पाटिल ने कहा कि बटला हाउस एनकाउंटर को लेकर उन्हें कभी कोई शक नहीं था क्योंकि ये एक सही एनकाउंटर था।

पाटिल का बटला हाउस एनकाउंटर पर दिया ये बयान पार्टी लाइन से हटकर माना जा रहा है क्योंकि दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेस नेता इस एनकाउंटर को फर्जी बताकर मामले में जांच की मांग कर रहे थे।

बता दें मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एनआईए जांच की मांग की है।

मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ

शिवराज पाटिल ने मोदी सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ भी की है। पाटिल ने कहा मोदी सरकार ने अच्छे कदम उठाए हैं। साथ ही चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में हार के बाद पाटिल ने कांग्रेस में बड़े बदलाव की मांग की उन्होंने कहा कि कांग्रेस में बड़े स्तर पर बदलाव का समय आ गया है।

आतंक का मजहब नहीं

पाटिल ने साफ कहा कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता और इसे किसी मजहब के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत विचारधार हमेशा समाज के लिए खतरनाक है।

क्या है बटला हाउस एनकाउंटर केस?

13 सितंबर 2008 को दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इन सीरियल ब्लास्ट में कई लोगों की जान चली गई थी। दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि इस बम ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी दिल्ली के बटला हाउस स्थित एक मकान में छुपे हए हैं।

आतंकियों की धरपकड़ के लिए इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम मकान नंबर एल-18 पर छापा मारने पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद पांच आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरु कर दी। फायरिंग में इंस्पेक्टर शर्मा समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं जवाबी फायरिंग में पुलिस ने दो आतंकी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद को मार गिराया। जबकि दो आतंकी मोहम्मद सैफ और जीशान को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन एक आतंकी भागने में सफल रहा।

एनकाउंटर में घायल इंस्पेक्टर शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार एनकाउंटर के बाद शहजाद उस फ्लैट से भाग गया था पुलिस को शहजाद का पता एक आतंकी के बयान से पता चला। पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार किया तो उसने मामले में एक अन्य आरोपी जुनैद का नाम भी लिया हालांकि उसे पकड़ा नहीं जा सका उसे बाद में भगोड़ा घोषित किया गया। Read more http://www.jagran.com/

दिल्ली में राहुल गांधी बनाम केजरीवाल, बढ़ेगी सियासी हलचल

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जिस कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था वह अब फिर पूरी मजबूती से खड़ी होकर मुकाबले में आने को बेताब है। एमसीडी उपचुनाव में उम्दा प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस के युवराज कहे जाने वाले राहुल गांधी ने कमान संभाल ली है।

ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्तासीन अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ अब कांग्रेस की इस जंग का नमूना 28 मई को दिल्ली के राजघाट में दिखेगा। बिजली और पानी संकट के मुद्दे पर दिल्ली सरकार की उदासीनता के खिलाफ राजघाट से निकलने वाले मशाल जुलूस का वह नेतृत्व करेंगे। इस दौरान वह केजरीवाल सरकार के साथ केंद्र पर पर हमला करेंगे।

इस बाबत राहुल गांधी के सिपहसालारों ने बाकायदा होमवर्क भी किया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस की दिल्ली इकाई जिला स्तरीय बैठकें कर रही है। ये 24 मई से शुरू हो चुकी हैं जो 27 मई तक चलेंगी। ये इकाइयां बिजली एवं पानी संकट परिदृश्य पर ‘स्थिति कागजात’ तैयार करेंगी।

दिल्ली प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि राहुल गांधी के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोलने से कांग्रेस मुकाबले में आ सकती है। अंदरखाने कांग्रेस के बड़े नेता भी यह मान कर चल रहे हैं कि राहुल गांधी के केजरीवाल पर हमलों से मुख्य मुकाबले में कांग्रेस आ सकती है।

निगम उपचुनाव के बाद सक्रिय हुआ कांग्रेस

17 मई को नगर निगम की 13 सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आते ही कांग्रेस में रुख में तब्दीली आ गई है। उपचुनाव में चार सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने देर शाम ही केजरीवाल सराकर पर हमला बोल दिया था। कांग्रेस ने उसी दिन 21 आप विधायकों के संसदीय सचिव बनाने के मसले पर हमला बोला था। ठीक ऐसे ही भाजपा से पहली बिजली-पानी मुद्दे पर केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन की बात कह दी थी।

एमसीडी उपचुनाव में वापसी से मिली कांग्रेस को संजीवनी

दिल्ली नगर निगम में 13 वार्डों के उपचुनाव में जहां आम आदमी पार्टी सभी पर जीत का दावा कर रही थी, वहीं कांग्रेस ने उम्मीद के विपरीत प्रदर्शन करते हुए पांच सीटें जीत लीं। अपना आधार तलाश रही कांग्रेस के मुकाबिक आप ने पांच तो निगम की सत्ता पर काबिज भाजपा को महज तीन वार्डों में ही जीत मिल सकी। हालांकि, कांग्रेस ने चार ही सीटें जीती थी, लेकिन जीत हासिल करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी ने कुछ देर बाद ही कांग्रेस का दामन थाम लिया।

2015 विस में कांग्रेस का हुआ था सूपड़ा साफ

वर्ष 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। पार्टी के बड़े बड़े दिग्गजों की जमानत जब्त हो गई थी और पार्टी का स्कोर जीरो रहा था। चुनावी मैदान में उतरा कोई भी कांग्रेसी उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंदियों के सामने चुनौती पेश करने में नाकामयाब रहा था।

बड़े-बड़े दिग्गज कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत हुई थी

पिछले विधानसभा चुनाव में अजय माकन, हारून यूसुफ, महाबल मिश्रा, किरण वालिया, शर्मिष्ठा मुखर्जी जैसी दिग्गज कांग्रेस नेताओं की जमानत जब्त हो थी। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि जमानत तब जब्त होती है, जब उम्मीदवार को कुल वोट का दस प्रतिशत वोट भी नहीं मिलता। हालांकि दिलचस्प ये है कि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के ये कुछ चंद नाम थे। पार्टी की ओर मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों में कुल 61 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी।  Read more http://www.jagran.com/