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Tuesday, 21 June 2016

जानिए, व्हाइट हाउस से जाने के बाद क्या करेंगे बराक ओबामा

अमेरीकी राष्ट्रपति बराक अोबामा 20 जनवरी को व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद क्या करेंगे, सवाल तो बड़ा है, जवाब उससे भी मजेदार। दरअसल, यह जिक्र तब छिड़ा जब 55 साल के बराक ओबामा सिलेक्ट यूएसए के विदेशी निवेश शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

ओबामा ने यह कहा
ओबामा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं 7 महीनों में जॉब मार्केट में आ जाऊंगा और मुझे यहां (सम्मेलन में) आने पर खुशी है। जल्द ही मैं लिंक्डइन से जुड़ रहा हूं। देखते हैं आगे क्या होता है। हालांकि इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बिजनेस करने के लिहाज से बहुत खास जगह है।

ऐसा पहली बार नहीं है
यह कोई पहली बार नहीं है कि ओबामा ने व्यावसायिक नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को लेकर कोई मजाक किया हो। लिंक्डइन को हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने 26.2 करोड़ में खरीदा है। फरवरी में ही ओबामा ने सोशल प्लेटफार्म पर करियर सलाह, संपर्क, और जॉब ऑफर के लिए चलने वाले युवा कार्यक्रमों पर विचार पोस्ट किए थे।

काम के पहले अनुभव के बारे में भी बताया
उन्होंने इस मौके पर अपने पहले कार्य अनुभव के बारे में भी बताया जब उन्होंने बस्किन रॉबिन्स में आइसक्रीम वेंडर के तौर पर काम किया था। उन्होंने बताया कि मेरी पहली नौकरी कोई ग्लैमरस तो नहीं थी, लेकिन उससे बहुत कुछ सीखने को मिला। जिम्मदारी, कड़ी मेहनत, काम और परिवार, दोस्तों, स्कूल के बीच संतुलन करना भी वहीं सीखा।  Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 15 June 2016

अमेरिकी सीनेट ने दिया भारत को झटका, नहीं मिलेगा 'विशेष सहयोगी' का दर्जा

भारत को अमेरिका का वैश्विक रणनीतिक और रक्षा सहयोगी का दर्जा देने वाला प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में पारित होने में असफल रहा है। यह तब हुआ जब अमेरीका द्वारा अपने निर्यात नियंत्रण नियमों में संशोधन हेतु लाया गया एक महत्वपूर्ण संशोधन पारित नहीं हो पाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले ही अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था, जिसके बाद अमेरिका के प्रमुख सीनेटर जॉन मैक्केन द्वारा राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीडीए -17) में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता तो भारत को अमेरिका का एक वैश्विक रणनीतिक और रक्षा सहयोगी का दर्जा प्राप्त हो जाता।

पीएम की अमेरिका यात्रा के दौरान मोदी और बराक ओबामा द्वारा दिए गए एक सयुंक्त वक्तव्य में अमेरिका ने भारत को एक "प्रमुख रक्षा सहयोगी" का दर्जा देने का जिक्र किया गया था। जिसके तहत रक्षा संबंधी व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग करना था। एनडीडीए -17 को यूएस सीनेट द्वारा भारी बहुमत से पारित कर दिया गया था जिसके पक्ष में 85 और विपक्ष में 13 वोट पड़े थे। लेकिन द्विदलीय समर्थन सहित कुछ प्रमुख संशोधनों (एसए 4618) को सीनेट की मंजूरी नहीं मिल सकी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीनेटर मैक्केन ने निराशा जताते हुए कहा, "मुझे अफसोस है कि सीनेट में हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर बहस और वोटिंग नहीं हो सकी।"

मैक्केन द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव में कहा गया था कि, सीनेट के संशोधन 4618 के पीछे कांग्रेस की भावना है कि दोनों देश (भारत और अमेरिका) सुरक्षा खतरों का सामना कर रहे हैं और संबंधों का मजबूत होना दोनों के हित में है। प्रस्ताव के मुताबिक भारत को वैश्विक सहयोगी के रूप में भी मान्यता देना अनिवार्य था। इस प्रस्ताव के जरिए राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया था कि वह भारत-अमेरिका रक्षा तकनीक की प्रभावशीलता और रक्षा विभाग के इंडिया रैपिड रिएक्शन सेल की स्थिरता बढ़ाने के लिए प्रयास करें। 

Tuesday, 7 June 2016

140 घंटेे में 5 देशों की यात्रा से वापस लौटेंगे पीएम, ये हैंं कार्यक्रम

पीएम मोदी के विदेश दौरे लगतार चर्चा में बने रहते हैं। विपक्ष भी पीएम मोदी की विदेश यात्राओं को हथियार बनाकर लगतार उनपर निशाना साधता रहता है लेकिन क्या आपको पता है कि पीएम मोदी 140 घंटे में करीब 33000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए पांच देशों का दौरा पूरा करेंगे जिसमें अमेरिका भी शामिल है। ये चौंकाने वाला आंकड़ा बताता है कि पीएम मोदी कितने कम समय में कितना अधिक काम कर लेते हैं।

अब आपको शुरू से बताते हैं कि पीएम मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा को कैसे नियोजित किया है। पीएम की इस यात्रा के दौरान अफगानिस्तान और मैक्सिकों में रात में रूकने का कार्यक्रम शामिल नहीं है। तय कार्यक्रमों के मुताबिक पीएम को इन देशों में महज चार घंटे रहना है।

पीएम मोदी ने विदेश यात्रा को लेकर एक नियम बना रखा है कि अगर अगले दिन उस देश में कोई कार्यक्रम तय नहीं है तो वहां रात में रूकने का कोई मतलब नहीं है। इसके अलावा पीएम मोदी रात के वक्त किसी होटल में आराम करने की बजाय यात्रा करते हुए ही आराम करने को प्राथमिकता देते हैं ताकि विदेश दौरों में कम से कम दिन लगाकर ज्यादा से ज्यादा काम किया जा सके।

यहां तक की भारत लौटने के लिए भी पीएम यही फॉर्मूला अपनाते हैं। इस यात्रा के दौरान भी पीएम मोदी मैक्सिको से भारत लौटते हुए ऐसा ही करेंगे। पीएम को मैक्सिको से भारत लौटने में करीब 21 घंटे का समय लगेगा और इस बीच उनका जहाज सिर्फ तकनीकी कारणों की वजह से दो घंटे के लिए फैंकफर्ट में रूकेगा और बाकी पूरी रात पीएम सफर में गुजारकर 10 जून को सुबह 5 बजे दिल्ली पहुंचेंगे और उस दिन सभी तय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।  Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 1 June 2016

ओबामा के मोदी प्रेम पर चकित US थिंक टैंक, बोला- अब हर कोई है मिलने को आतुर

दो वर्ष पहले तक पीएम मोदी से कुछ लोग संबंध बनाने तक से कतराते थे, यहां तक कि उनसे मिलने में हिचकते थे लेकिन दो वर्ष के भीतर उनकी शख्सियत ऐसी हो गयी है कि अब उनसे हर कोई संबंध बनाने के लिए आतुर है। यह बातें एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक ने उस समय कही हैं जब पीएम मोदी की अगले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात होने वाली है।

कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल के एश्ले टेलिस ने मंगलवार को कहा, "प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की यह राष्ट्रपति (ओबामा) के साथ संभवत: सातवीं बैठक होगी। कोई भी देश जो अमेरिका का औपचारिक सहयोगी नहीं है उसके शासनाध्यक्ष के साथ बैठक के मामले में संभवत: यह मोदी और ओबामा दोनों के लिए एक रिकार्ड होगा।"

सात जून को ओबामा-मोदी की बैठक से पहले व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए टेलिस ने कहा, "यह उस व्यक्तिगत रिश्ते के बारे में बताता है, जो दोनों के बीच पिछले दो वर्षों के दौरान विकसित हुआ है और अमेरिका के साथ मोदी के इतिहास को देखते हुए यह आश्चर्यजनक है।" अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आठ जून को अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त सभा को संबोधित करेंगे।

टेलिस की बात पर सहमति व्यक्त करते हुए मिलन कार्नेगी के वैष्णव ने कहा कि मोदी में आये व्यक्तिगत बदलाव उल्लेखनीय हैं। वैष्णव ने कहा, "दो वर्ष पूर्व तक कानूनी मुद्दे को लेकर मोदी अमेरिकी धरती पर कदम भी नहीं रख सके थे और अब अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त सभा को संबोधित करने वाले हैं। यह कुछ ऐसा ही है कि, एक व्यक्ति जिसे कल तक कोई संपर्क नहीं बनाना चाहता था आज उससे संपर्क स्थापित करने को आतुर है।"

दो वर्षों के शासन के दौरान विदेश नीति को लेकर पूरे अंक देते हुए टेलिस ने कहा, "किसी खास विफलता की पहचान मुश्किल है, पाकिस्तान और नेपाल ही दो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां उनकी नीति थोड़ी कमजोर पड़ती दिख रही है। मोदी के शासनकाल के दौरान भारत की विदेश नीति उल्लेखनीय रूप से सफल रही है।" टेलिस ने कहा कि मोदी केवल बातों में ही यकीन नहीं रखते बल्कि अपने कार्य करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। वह इच्छा रखते हैं कि संबंधों को दूर तक ले जाया जा सके।  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 27 January 2015

किरण बेदी ने लिया बराक का नाम, आप आगबबूला

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का नाम लिया, तो आम आदमी पार्टी आग-बबूला हो गई। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि किरण बेदी अपने चुनाव अभियान में ओबामा की भारत यात्रा का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही हैं।

सूत्रों ने बताया कि आप इस मामले की चुनाव आयोग में शिकायत कर सकती है। बेदी ने मंगलवार को चुनावी दौरे के दौरान कहा कि आज ओबामा आए हैं और पूरे देश में उत्साह है। मोदी ने इतना कुछ किया है। ओबामा इससे पहले इस तरह भारत नहीं आए।

अगले महीने दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में बेदी आप के मुख्यमंत्री पद के दावेदार अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मैदान में ताल ठोंक रहीं हैं। आप ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मतदाताओं को लुभाने के लिए किरण बेदी, राष्ट्रपति ओबामा की भारत यात्रा को गलत तरीके से पेश कर रही हैं।
 

जाते-जाते भी हिंदुस्‍तान का दिल जीत गए ओबामा

 अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी दूसरी भारत यात्रा में भारतीयों का दिल जीत कर भारत से रवाना हो गए। यहां से वे सऊदी जाएंगे। दोपहर दो बजे उनके विशेष विमान एयरफोर्स वन ने पालम हवाई अड्डे से उड़ान भरी। प्लेन में सवार होने से पहले ओबामा दंपति ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और फिर विदाई ली। पीएम मोदी ने ट्वीट कर विदाई संदेश दिया।

इससे पहले दौरे के अंतिम दिन ओबामा, पत्नी मिशेल के साथ सुबह करीब 10 बजकर 55 मिनट पर सिरी फाेर्ट ऑडिटोरियम पहुंचे। उन्होंने 11 बजे 'नमस्ते' कह कर अपना संबोधन शुरू किया और गणतंत्र दिवस समाराेह में शामिल होने का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया। ओबामा ने कहा कि अब साथ मिलकर चलने का वक्त आ गया है। इसके साथ ही उन्होंने विवेकानंद के करीब 100 साल पहले हुई शिकागो यात्रा का भी जिक्र किया। ओबामा ने कहा कि दुनिया को बेहतर बनाने के लिए हम साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

इसके साथ ही अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय युवाओं पर खास जोर दिया। साथ ही महिला को तरक्की देने पर जोर दिया। महौल को हल्का करते हुए उन्होंने हिंदी फीचर फिल्म डीडीएलजे का डॉयलाग बोलने की भी कोशिश की। साथ ही अमेरिका और भारत के मित्रता आगे भी जारी रखने का संकेत दिया।

'जयहिंद' के साथ अपना संबोधन खत्म करते हुए ओबामा लोगों के बीच आ गए। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा ने भी लोगों ने मुलाकात की। इस दौरान मोबाइल से उनकी तस्वीरें निकालने वालों की होड़ लगी रही। कई लोगों ने सेल्फी लेने का भी प्रयास किया।

Friday, 23 January 2015

गणतंत्र दिवस पर भारत का अतिथि बन गौरव महसूस कर रहा: ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वे भारत यात्रा के दौरान गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बनकर स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि वे उस क्षण का इंतजार कर रहे है जब भारत पहुंचकर गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। एक पत्रिका को अपना इंटरव्यू देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें उर्जावान व्यक्ित बताया। ओबामा ने कहा कि मोदी के पास भारत का विकास करने का स्पष्ट नजरिया।

अमेरिका को भारत का स्वाभाविक मित्र बताते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थाई सदस्यता के लिये वकालत करने की भी बात कही। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के निमंत्रण को स्वीकार कर उन्होंने भारत के साथ दोस्ती निभाने का प्रयास किया है। वह अब उस क्षण का इंतजार कर रहे है जब वे भारत पहुंचेंगे। मोदी को उन्होंने श्रेष्ठ कुशल प्रशासक भी बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विकास करेगा, उन्हें ऐसा विश्वास है।

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पाकिस्तान नियंत्रित आतंकवाद कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुंबई हमले में शामिल लोगों के खिलाफ पाकिस्तान शख्त कार्रवाई करे जिससे हमले के पीड़ितों को इंसाफ मिल सके।

Thursday, 15 January 2015

ओबामा के लिए समय नहीं है अमिताभ बच्चन के पास!

सोनाली जोशी पिटाले (मिड-डे), मुंबई। महानायक अमिताभ बच्चन व्यस्तताओं की वजह से नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत नहीं कर पाएंगे। इस समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

खबर है कि 26 जनवरी के परेड कार्यक्रम के लिए बच्चन को आमंत्रित किया गया है लेकिन ऐसा लगता है कि सुपरस्टार को यह समारोह छोड़ना पड़ेगा। एक सूत्र ने बताया, 'पहले वह 26 जनवरी के समारोह में शामिल होने के लिए राजी हो गए थे लेकिन अब उन्हें अपनी आगामी फिल्म 'षमिताभ' के प्रचार कार्यक्रमों में हिस्सा लेना होगा। इसलिए संभवत: वह दिल्ली नहीं आ पाएंगे और ओबामा से नहीं मिल पाएंगे।

बताया जा रहा है कि बिग बी को गणतंत्र दिवस का निमंत्रण मिलने के काफी समय बाद प्रचार कार्यक्रम की तारीखें तय की गई। बिग बी काफी कोशिशों के बावजूद इसमें फेरबदल नहीं कर पाए। सूत्रों ने बताया कि अमिताभ पहले ही फिल्म का प्रचार अभियान शुरू कर चुके हैं।

26 जनवरी को हालांकि वह भारत में रहेंगे लेकिन व्यावहारिक तौर पर एक ही दिन एक शहर से दूसरे में पहुंचना संभव नहीं। फिल्म के प्रवक्ता ने इस खबर की पुष्टि की है। आर बाल्की की फिल्म 'षमिताभ' में धनुष के अलावा कमल हासन की छोटी बेटी अक्षरा भी मुख्य भूमिका में हैं।
 

Friday, 9 January 2015

भारत दौरे में खुली हवा में सांस नहीं ले सकेंगे ओबामा

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी दिल्ली की यात्रा के दौरान फेफड़ों पर बुरा असर पड़ने के डर की वजह से खुले वातावरण में रहने से बचेंगे। कुछ समय पहले अमेरिकी दूतावास ने दिल्ली की हवा में प्रदूषषण पर एक रिपोर्ट तैयार की थी।

इसमें बताया गया था कि यहां की हवा से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है इसीलिए ओबामा दिल्ली में खुले वातावरण में नहीं रहेंगे। बराक ओबामा इस बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। सूत्रों के अनुसार परेड देखने के लिए वे करीब 2 घंटे लगातार बुलेटप्रूफ केबिन में बैठेंगे। इससे उनकी सुरक्षा भी ठीक रहेगी और वह प्रदूषषण से भी बचेंगे।

हालांकि अमेरिकी दूतावास से इस बात की पुष्टि नहीं की है। वैसे सूत्र यह भी बताते हैं कि दो घंटे के इस लंबे कार्यक्रम से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को आपत्ति है। ओबामा का प्रोटोकॉल उन्हें 20 मिनट ही एक जगह बैठने देता है।

Tuesday, 30 December 2014

ओबामा की यात्रा को लेकर गृहमंत्री ने की उच्‍चस्‍तरीय बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के मद्देनजर देश की समग्र सुरक्षा को लेकर मंगलवार को गृहमंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सेनाध्यक्ष दलवीर सिंह सुहाग, विदेश सचिव सुजाता सिंह और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मौजूद थे।

सेनाध्यक्ष सुहाग ने संवाददाताओं से बातचीत में सिर्फ इतना कहा कि हमने देश की वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मालूम हो की राष्ट्रपति ओबामा इस साल 26 जनवरी समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लेने के लिए आ रहे हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक में पड़ोसी देशों की सुरक्षा स्थितियों, असम में बोडो उग्रवादियों के सामूहिक नरसंहार और रविवार को बेंगलूर में हुए धमाके को लेकर बातचीत हुई। बैठक के केंद्रबिंदु में ओबामा की सुरक्षा ही थी। 

Source: Hindi News and Newspaper

Friday, 5 December 2014

Obama lights the national Christmas tree

Obama on Thursday joined hundreds of people for the annual event held just steps from the White House. First lady Michelle Obama, daughters Malia and Sasha, and Mrs Obama's mother, Marian Robinson, also attended the event on a chilly night in the nation's capital.

Obama said the national tree is a "symbol of hope and holiday spirit." He urged Americans to remember members of the US military serving overseas, as well as their families.

"As we hold our loved ones tight, let's remember the  military families whose loved ones are far from home," Obama said. "They are our heroes."

This year's ceremony marks the 92nd annual lighting of the Christmas tree near the White House. The National Park Service says the tradition was started by President Calvin Coolidge in 1923.

Tuesday, 2 December 2014

'Obama's trip a defining and exciting time in Indo-US relations'

"There is no question that this is a defining and exciting time in the US-India relationship. President Obama will make a historic visit to India in January, becoming the first US head of state to attend India's Republic Day and the only sitting US president to visit India twice," Verma told members of the Senate Foreign Relations Committee yesterday during his confirmation hearing.

Obama's trip will build on Prime Minister Narendra Modi's highly successful visit to the United States this past September, he said. "There's little doubt the relationship has been reenergized, with renewed enthusiasm to take our partnership to the next level," said Verma.

Verma, 45, if confirmed, would be the first ever Indian- American to be the top US diplomat in New Delhi. He would replace Nancy Powell, who resigned from her position early this year.

Appearing before the Senate Foreign Relations Committee, Verma said America's strategic partnership with India is rooted in their shared democratic values and in the joint vision of a peaceful, just and prosperous world.

"From expanding trade and defense relationships, to ensuring maritime security and freedom of navigation, from countering terrorist networks to promoting clean energy and sustainable development the US and India share a wide-range of critical national interests. Our partnership is deep, it touches nearly every endeavour of human pursuit, and it has produced important gains for each of our countries," Verma said.

Referring to the growing co-operation between India and the US in various field including trade and defence, Verma said the ripple effects of our partnership need not be limited to Asia.

"As Prime Minister Modi noted, the true power and potential in this relationship is that when the oldest and largest democracies come together, the world will benefit,” he said.

"We will have our differences from time to time – close friends often do – but when we do have differences, it is imperative that we maintain a healthy dialogue", Verma said.

"The successful Trade policy forum held just last week in New Delhi – the first since 2010 – and the recently established Civil-nuclear contact group are examples of our collaborative, dialogue-driven approach when pursuing consensus in key areas," he added.

"We can stand up for our interests, while not losing sight of the larger strategic interests that India and the US share together," Verma said.

Senate Majority Leader Harry Reid, introducing Verma before the senate committee said that he is the best choice for this key diplomatic post in New Delhi.

Verma said the two-way trade between the two countries have increased five-fold since 2001 to nearly USD 100 billion. "In their recent meetings, Obama and Modi committed to increasing trade another fivefold, which would create tens of thousands of new jobs in both the United States and India," he added.

"On the defence front, the US has become one of India's largest suppliers of defence items over the last three years and active discussions continue on identifying projects for co-production and development as well as renewing our 10-year Defence Framework Agreement," he said.

"Our people-to-people exchanges are flourishing. There are over 100,000 Indian students currently studying in the US And the Indian diaspora in the United States, now estimated to number over 3 million, continues to make deep and lasting contributions to US society," he added.

"On climate, energy, health, infrastructure, human rights, and development and so much more – the US and Indian potential for collaboration and joint problem-solving is limited only by our imagination," Verma said.

The two countries, he said, are working hard at increasing regional connectivity. "India shares our belief that peace and stability are much more likely to be sustained when the countries of the region are tied together in trade, economic agreements, and through physical infrastructure.

"Across Asia, US and Indian interests are converging. India has been called the lynchpin of our Asia re balance. With India's Look East, and now Act East policies, our two countries can play a critically important role together in bolstering peace and security and promoting a rules-based, liberal, democratic order in the Indo-Pacific region," Verma said.

Wednesday, 5 February 2014

Syria misses chemical arms deadline

 Syria has given up "less than 5%" of its chemical weapons arsenal, missing yesterday's (Wednesday's) deadline for destroying stock and provoking accusations from Britain and the US that it was deliberately spinning out the process.

  
Syria has given up "less than 5%" of its chemical weapons arsenal, missing yesterday's (Wednesday's) deadline for destroying stock and provoking accusations from Britain and the US that it was deliberately spinning out the process.

David Cameron warned Damascus against dragging its heels. The Prime Minister told Parliament: "There do seem to be now indications that the programme is slowing and that not all the information necessary is forthcoming. Britain will continue to put pressure on all parties to make sure the chemical weapons are produced and destroyed."

Syria agreed to the US-Russia brokered deal to give up its chemical weapons arsenal as a deterrent to American military intervention after a suspected sarin gas attack killed more than 1,000 people in Damascus last August.

According to the agreement, Syria was required to turn its "category two", lower grade chemicals to the Organisation for the Prohibition of Chemical Weapons (OPCW), the international watchdog, for destruction by yesterday. However, it has failed to do so and is six to eight weeks behind schedule for the removal of its entire arsenal. Almost 1,200 tons of chemicals were scheduled to have been removed by ship by yesterday, with the entire stockpile of about 1,300 tons of toxic agents removed by the end of June.

Only a fraction of that has been removed, in the form of two shipments this month from Latakia port, that makes up only 4.1% of the total, according to the US State Department.

The Syrian government has said it needs further support, in the form of armoured vehicles and communications equipment, to complete the task.


From DNA News

Monday, 4 November 2013

Truth of Diesel Subsidies: Maximum Benefit Goes to rich Person


diesel subsidies

नई दिल्ली, [जयप्रकाश रंजन]। कहने को तो डीजल सब्सिडी की व्यवस्था गरीब किसानों को खेती कार्य में सहूलियत देने के लिए की गई है, लेकिन हकीकत में इसका असली फायदा महंगी गाड़ियां चलाने वाले उठा रहे हैं। हालत यह है कि हर वर्ष दी जाने वाली 80-90 हजार करोड़ रुपये की डीजल सब्सिडी का महज तीन फीसद ही सिंचाई कार्य में जा रहा है। एक तिहाई डीजल सब्सिडी सीधे तौर पर एसयूवी (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल) व अन्य निजी वाहन चलाने वालों की जेब में जा रही है।

डीजल सब्सिडी के इस्तेमाल पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने पहली बार पुख्ता जानकारी इकठ्ठी की है। इससे साफ है कि पिछले वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान दी गई 92,000 करोड़ रुपये की डीजल सब्सिडी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटकों को ढोने, निजी गाड़ियों और पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक समझे जाने वाले तीन पहिया वाहनों को दिया गया है। इन आंकड़ों के मुताबिक कुल डीजल बिक्री का नौ फीसद कॉमर्शियल लाइसेंस वाली कारों में और 13 फीसद निजी वाहनों में (एसयूवी, कार वगैरह) में हुआ है। खेती में 13 फीसद डीजल की खपत हुई है। औद्योगिक इस्तेमाल में करीब 19 फीसद डीजल खपता है। वैसे, इस क्षेत्र से अब डीजल की बाजार कीमत वसूली जाती है।

सरकार आने वाले दिनों में इन सूचनाओं के आधार पर ही डीजल सब्सिडी पर फैसला करेगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक निजी व कॉमर्शियल वाहनों की डीजल सब्सिडी में हिस्सेदारी 38 फीसद के करीब है। पिछले दो से तीन वर्षो के दौरान डीजल चालित कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से पैसेंजर वाहन क्षेत्र में सब्सिडी का बड़ा हिस्सा खपा है। वर्ष 2012-13 में देश में जितनी कारों की बिक्री हुई, उनमें 58 फीसद डीजल चालित कारें थी। इस वर्ष भी इनकी बिक्री 35 फीसद बढ़ी है। लिहाजा पर्सनल कारों में डीजल का इस्तेमाल और बढ़ेगा।

केंद्र सरकार पिछले तीन वित्त वर्षो में 2,07,959 करोड़ रुपये की डीजल सब्सिडी दे चुकी है। चालू वित्त वर्ष के दौरान डीजल में हर महीने 50 पैसे की वृद्धि के बावजूद इस पर 85 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी जाने के आसार हैं। तेल कंपनियों को डीजल पर 10.50 पैसे प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। जब भी डीजल की कीमत बढ़ाने की कोशिश होती है तो राजनीतिक दल यह दावा करते हैं कि इससे किसानों की कमर टूट जाएगी।
कहां गई सब्सिडी
मद , खपत में हिस्सा
निजी वाहन , 13
कॉमर्शियल कारें , 9
तिपहिया वाहन , 6
ट्रैक्टर व अन्य , 10
कृषि उपकरण
सिंचाई, 3
औद्योगिक इस्तेमाल, 19
(सभी आंकड़े फीसद में)

Source- News in Hindi