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Tuesday, 21 June 2016

विराट, द्रविड़ और गांगुली के टेस्ट डेब्यू के बीच ये है दिलचस्प कनेक्शन

भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान विराट कोहली टी20 विश्व कप के बाद से लगातार शानदार फॉर्म में है। विराट आइपीएल 2016 सीजन में कई कीर्तिमान अपने नाम कर चुके हैं। अब विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे कर लिए हैं।20 जून को विराट कोहली ने अपना टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2011 में किंग्सटन में खेला था। हालांकि विराट उस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए थे लेकिन टीम इंडिया ने ये मैच 63 रनों से जीता था। विराट ने अपने पहले मैच की दो पारियों में 4 और 15 रन बनाए थे।विराट ने अपने टेस्ट करियर का आगाज मैच धौनी की कप्तानी में खेला था।

20 जून की सबसे खास बात ये है कि इसी दिन भारतीय टीम के दो पूर्व दिग्गज कप्तानों ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपना टेस्ट डेब्यू मैच खेला था। दोनों ने इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर अपना पहला टेस्ट 1996 में खेला और दोनों आगे जाकर टीम इंडिया के कप्तान भी बने और भारतीय टीम में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

विराट ने अपने टेस्ट करियर में अभी तक कुल 41 मैच खेले हैं। जिसकी 72 पारियों में विराट ने 2994 रन बनाए है। जसमें उसका सर्वाधिक स्कोर 169 रनों का है। विराट का टेस्ट में 44.02 का शानदार औसत रहा है। विराट ने टेस्ट क्रिकेट में 11 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं।  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 24 May 2016

सचिन और गांगुली के कारण टीम इंडिया में नहीं आ पाया ये क्रिकेटर!

अमोल मजूमदार ऐसे दुर्भाग्यशाली क्रिकेटर रहे जिन्हें घरेलू क्रिकेट में हजारों रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया में कभी मौका नहीं मिल पाया। मजूमदार की तकनीक में कोई खराबी नहीं थी, उनका टाइमिंग खराब रहा जिसके चलते वे राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाया। वे उसी स्कूल टीम में थे जिसमें सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली शामिल थे। वे जब टीम इंडिया में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे तब टीम में सचिन, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण धूम मचा रहे थे।


1988 में हैरिस शील्ड इंटर स्कूल टूर्नामेंट में 13 वर्षीय सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भारतीय क्रिकेट का सुनहरा पन्ना है। इस साझेदारी के जरिए ये दोनों खिलाड़ी सुर्खियों में आ गए और पैड पहनकर बैठे एक 13 वर्षीय क्रिकेटर की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। यह बल्लेबाज अमोल मजूमदार था।


जब आगे चलकर सचिन और कांबली टीम इंडिया की तरफ से खेले, तब हैरिस शील्ड मैच की तरह मजूमदार यहां भी अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। अमोल ने वर्षों बाद 1993 में मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी किया और हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 260 रन बनाए। यह प्रथम श्रेणी पदार्पण में अभी भी रिकॉर्ड स्कोर है। मजूमदार ने चमकीले प्रथम श्रेणी करियर में 21 वर्षों में 11167 रन बनाए।

कभी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए

टेलेंट और तकनीक को छोड़ दीजिए, मजूमदार हमेशा खराब टाइमिंग के शिकार बने। वे उस स्कूल टीम में शामिल रहे, जिसमें सचिन और कांबली थे। वे 1995 में उस भारत 'ए' में चुने गए जिसमें राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण थे। इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ टेस्ट मैचों में द्रविड़ चमके जबकि वन-डे में गांगुली छा गए। रवि शास्त्री और नवजोतसिंह सिद्धू रिटायर हुए थे और टीम इंडिया के मध्यक्रम में जगह खाली थी। 1995-96 की दुलीप ट्रॉफी प्रतिभा दिखाने का सही मंच था और लक्ष्मण और द्रविड़ ने सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि गांगुली ने पूर्व क्षेत्र के खिलाफ 171 रन बनाए। ये तीनों भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे जबकि मजूमदार इंतजार करते रह गए।

इसके बाद तो मजूमदार सही मौके का इंतजार करते ही रह गए। मुंबई का 15 वर्षों तक प्रतिनिधित्व करने के बाद वे असम और आंध्रप्रदेश की तरफ से भी खेले। उन्होंने 30 प्रथम श्रेणी शतक लगाए और 8 रणजी ट्रॉफी खिताब हासिल किए।

फेब फोर ने रास्ता रोके रखा

मजूमदार जब टीम इंडिया में जगह पाने की कोशिश कर रहे थे तब फेब फोर (सचिन, द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाए हुए थे। उस वक्त इन चारों के बगैर भारतीय टीम की कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था। इसकी वजह से घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बावजूद मजूमदार राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाए। अमोल ने 2014 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया, वह भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किए बगैर।  Read more http://www.jagran.com/

Thursday, 19 May 2016

विराट ने अपने दम पर आइपीएल के इस सीजन को यूं बना दिया बेहद खास

बुधवार रात पंजाब के खिलाफ विराट कोहली ने 113 रनों की वो लाजवाब पारी खेली जिस दौरान कई बड़े रिकॉर्ड्स उन्होंने अपने नाम कर लिए, या ये कहें कि अपने ही कुछ रिकॉर्ड्स को और ऊंचा कर दिया। विराट का ये इस सीजन में चौथा शतक था जिसके दम पर उन्होंने एक आंकड़े के जरिए इस सीजन को आइपीएल का सबसे खास सीजन भी बना दिया है।

दरअसल, इस आइपीएल सीजन में अब तक कुल 7 शतक लग चुके हैं, जिनमें से चार शतक अकेले विराट ने ही बनाए हैं। इस दौरान बेशक विराट ने अपने कई रिकॉर्ड बनाए हों लेकिन इस सीजन को भी खास बना दिया क्योंकि आज तक किसी भी सीजन में इतने शतक नहीं लगे। इससे पहले आइपीएल के 2008, 2011 और 2012 के सत्रों में सर्वाधिक 6 शतक लगे थे लेकिन विराट के दम पर आइपीएल-9 अब सबसे आगे निकल गया है। यही नहीं, जितने शतक (7) इस सीजन में लगे हैं उतने शतक 2014 और 2015 के आइपीएल सीजन को मिलाकर देखने को मिले थे। 

Thursday, 14 April 2016

आखिर क्या है रोहित और इडेन का रिश्ता, फिर किया सबको हैरान

भारत के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में से एक है कोलकाता का इडेन गार्डन। हर खिलाड़ी की इच्छा होती है यहां पर कुछ खास कर दिखाने की। वहीं, भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा खिलाड़ी भी है जो बेशक कोलकाता का नहीं है लेकिन इस मैदान पर वो ऐसे उतरता है जैसे हर बचपन से कोने-कोने से वाकिफ हो। ये खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि रोहित शर्मा हैं जिन्होंने इस मैदान पर बुधवार को फिर धमाल मचाया।

- गजब की कप्तानी पारीः

मुकाबला मेजबान कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ था और पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अपने कप्तान गौतम गंभीर के 64 रनों के दम पर 188 का विशाल लक्ष्य भी खड़ा कर दिया, लेकिन उनको क्या पता था कि विरोधी टीम का कप्तान इस मैदान पर अपनी मर्जी का मालिक होता है। रोहित शर्मा ओपनिंग करने उतरे और 54 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को 6 विकेट से इस सीजन की पहली जीत दिलाई। बेशक इस दौरान उनके सामने कुछ विकेट भी गिरे और कुछ कठिन स्थिति भी आईं लेकिन रोहित अपनी ही धुन में खेलते रहे और दो छक्के व 10 चौके जड़कर विरोधी गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया।

- इडेन पर रोहित से बचके रहनाः

कोलकाता के इडेन गार्डन से रोहित का रिश्ता और मजबूत होता जा रहा है और कोलकाता के खिलाफ खेली गई पारी बस इस कड़ी का एक और हिस्सा थी। रोहित ने वनडे क्रिकेट में 264 रनों का अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। ये स्कोर वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर साबित हुआ था। वहीं, टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने यहां एक ही मैच खेला है और 2013 में हुए उस मैच की पहली पारी में भी उन्होंने 177 रनों की पारी खेलकर सबको हैरान कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में वो अब तक यहां एक ही मैच खेल पाए हैं जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे लेकिन आइपीएल में 10 मैचों में वो यहां अब तक 391 रन बना चुके हैं जिस दौरान अपने आइपीएल करियर का बेस्ट स्कोर (नाबाद 109) भी उन्होंने इसी मैदान पर बनाया था। रोहित अपने आइपीएल करियर के कुल 130 मैचों में अब तक 3476 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक और 25 अर्धशतक शामिल हैं। Read more http://www.jagran.com

Wednesday, 13 April 2016

...और इस वजह से थर्ड अंपायर का फैसला बदले जाने से भड़क गए थे धौनी

भारतीय क्रिकेट टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को 'कैप्टन कूल' कहा जाता है और वे मैदान पर कभी संयम नहीं खोते और गुस्सा नहीं होते है। लेकिन एक बार भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे के दौरान जब थर्ड अंपायर का निर्णय बदला गया तो धौनी को गुस्से में मैदानी अंपायरों से बहसबाजी करते हुए देखा गया था।

दरअसल भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान सुरेश रैना की गेंद को माइकल हसी ने आगे निकलकर खेलने का प्रयास किया, वे चूके और विकेटकीपर महेंद्रसिंह धौनी ने गिल्लियां बिखेरते हुए स्टम्पिंग की अपील की। स्क्वेयर लेग अंपायर बिली बोडेन ने इस निर्णय के मामले में थर्ड अंपायर ब्रूस ऑक्सनफोर्ड की मदद मांगी।

रिप्ले में साफ नजर आ रहा था कि जब धौनी ने गिल्लियां बिखेरी, उस वक्त हसी का पैर क्रीज के अंदर आ गया था। लेकिन स्टेडियम में मौजूद दर्शक उस समय चौंक गए जब विशाल स्क्रीन पर थर्ड अंपायर का फैसला आया, आउट। यह देखकर बल्लेबाज हसी पैवेलियन लौटने लगे, तभी अंपायर बोडेन ने दौड़कर उन्हें रोका और उन्हें वापस बल्लेबाजी करने को कहा।

हसी के आउट होने का जश्न मना रही भारतीय टीम इस तरह अंपायर बोडेन को हसी को वापस बुलाते हुए देखकर सन्न रह गई। धोनी तुरंत गुस्से से आगबबूला हो गए और मैदानी अंपायरों से पूछने लगे कि थर्ड अंपायर के फैसले को कैसे बदला जा सकता है। इस पर अंपायर बोडेन ने उन्हें बताया कि थर्ड अंपायर का फैसला नॉट आउट है, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से स्क्रीन पर आउट शो हुआ। इसके बाद धौनी का गुस्सा शांत हुआ। Read more http://www.jagran.com

Wednesday, 5 March 2014

Wasim Akram says Pakistan playing 'brilliant cricket' ahead of Asia Cup final

Wasim Akram
Former Pakistan pacer Wasim Akram has said that the Pakistan team is playing 'brilliant cricket' at the moment and they have reached their prime at the right time to defend their title in the Asia Cup final against Sri Lanka on March 8.

Akram praised Shahid Afridi for his batting against arc-rivals India and hosts Bangladesh saying that Afridi is in his 'supreme best' and he did not have words for Afridi's 'remarkable' and 'amazing' batting.

According to The Nation, Akram also praised Fawad Alam for hitting his career best score and said that Alam has made a comeback in the team after over three years as he helped his team win with a 'pair of sixes'.

However, Akram has reportedly warned Pakistan captain Misbah-ul-Haq against Sri Lanka as they are a 'very good side' and he also added that Pakistan should take care of their bowling as they were bowling too much to the 'off-side' of the stump instead of the 'right areas'.

Former Pakistan captain Rashid Latif and Test cricketer Sarfraz Nawaz also praised the Pakistan team, but Nawaz reportedly said that the changes made in the team's batting order were a 'blunder' and also added that Pakistan's poor performance in bowling would not make the final against Sri Lanka easy.

Source: Cricket News

From DNA News

Thursday, 2 January 2014

Is saddest cricket retirement on the way

 
(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट ने कई खिलाड़ियों को अर्श से फर्श पर आते देखा, कुछ तो उतार-चढ़ाव भरे रास्तों को संघर्ष करके पार कर गए तो कुछ कहीं खराब फॉर्म की धुंध में कहीं खो से गए। देश ने कई क्रिकेटरों को हाल में संन्यास लेते देखा लेकिन एक खिलाड़ी ऐसा भी है जिसका संन्यास शायद अब तक का सबसे बड़ा दुखद संन्यास हो सकता है, क्योंकि मौजूदा हालातों को देखें तो मुमकिन है कि ये खिलाड़ी अब मैदान पर बिना उतरे ही क्रिकेट को अलविदा कह दे।

हम बात कर रहे हैं एक समय भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज की पहचान के साथ पिच पर उतरने वाले वीरेंद्र सहवाग की। सहवाग ने मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेला था, जबकि जनवरी 2013 में उन्होंने अपना आखिरी वनडे खेला था। तकरीबन एक साल होने जा रहा है और वीरेंद्र सहवाग की टीम में वापसी नहीं हो सकी। उम्मीद जताई जा रही थी कि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके सहवाग टीम इंडिया में दोबारा अपनी दावेदारी पेश करेंगे, लेकिन मौजूदा रणजी सीजन खत्म हो गया और सहवाग यहां पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। नतीजतन उनकी टीम रणजी ट्रॉफी के क्वॉर्टर फाइनल में लगातार चौथी बार जगह पाने में असफल रही। सहवाग ने मौजूदा रणजी सीजन में दिल्ली के बाहर होने से पहले 7 मैचों में महज 234 रन बनाए हैं। आपको बता दें कि भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज में सहवाग को तरजीह नहीं दी गई थी, और अब न्यूजीलैंड दौरे से भी उनका नाम नदारद है। न्यूजीलैंड से लौटने के बाद भारत को इंग्लैंड दौरे के लिए जाना है और जब सहवाग को इस दौरान खेलने का मौका ही नहीं मिलेगा तो वो भला कैसे टीम में वापसी करेंगे, इस पहलू को अगर देखें तो मुमकिन है कि सहवाग अब शायद ही हाल में टीम इंडिया में वापसी करने में सफल रहें, ऐसे में काफी हद तक ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि सहवाग का करियर अब खत्म होने की कगार पर है।

वीरेंद्र सहवाग अगर मैदान पर उतरे बिना ही संन्यास की घोषणा करते हैं तो जाहिर तौर पर ये अब तक का सबसे दुखद संन्यास होगा। ये वो खिलाड़ी है जिसने कुछ ऐसे कीर्तिमान हासिल किए हैं जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में आज तक कोई नहीं कर सका। एक नजर उन कुछ खास रिकॉर्ड्स पर। 

1. वनडे इतिहास में सबसे बड़ी पारी (219 रन)।
2. भारतीय टेस्ट इतिहास में तिहरा शतक मारने वाला पहला और एकमात्र खिलाड़ी।
3. दो तिहरे शतक जड़ने वाला एकमात्र भारतीय क्रिकेटर (309, 319)।
4. वनडे इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक (60 गेंदों में 100 रन)।
5. भारत के सबसे बड़े टेस्ट स्कोर (726-9) में सहवाग का 293 रनों का महत्वपूर्ण योगदान।
6. भारत के सबसे बड़े वनडे स्कोर (418 रन) में सहवाग का 219 रनों का रिकॉर्ड योगदान।
7. वनडे में भारत की सबसे बड़ी जीत (257 रनों से जीत) में सहवाग का सर्वाधिक 114 रनों का योगदान।
8. भारत की तरफ से पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी (410 रन) राहुल द्रविड़ के साथ 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में। ये साझेदारी विश्व क्रिकेट में तीसरे नंबर पर आती है। 

ऐसे ही ना जाने कितने रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग ने अपने नाम किए और ज्यादातर उनकी पारियों में भारत को जीत ही मिली। पहले नंबर पर भारत को टेस्ट और वनडे में इतना विस्फोटक खिलाड़ी आज तक नहीं मिला। एक नजर सहवाग के अब तक के आंकड़ों पर: 

- 104 टेस्ट मैचों में 49.34 की औसत से 8586 रन (23 शतक)
- 251 वनडे मैचों में 35.04 की औसत और 104.33 के शानदार स्ट्राइक रेट से 8273 रन (15 शतक)
- टेस्ट में गेंदबाजी करते हुए 40 विकेट
- वनडे में गेंदबाजी करते हुए 96 विकेट

Thursday, 26 December 2013

Ashes test: Melbourne will strike the beginning of Boxing day test 10959908



मेलबर्न। क्रिसमस मनाने के बाद एक बार फिर चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड गुरुवार से एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट में आमने-सामने होंगे। मेलबर्न में होने वाले इस चौथे टेस्ट में यूं तो 3-0 से अजेय बढ़त बनाने वाली कंगारू टीम ही प्रबल दावेदार नजर आ रही है, लेकिन इंग्लैंड के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा, लेकिन हां, वो बाकी बचे दो मुकाबले जीतकर कम से कम अपने फैंस को कुछ राहत जरूर देने की कोशिश करेंगे।

एक साल में दो एशेज सीरीज और स्थिति व नतीजे कुछ ही महीनों के अंदर पूरी तरह से उलट-पुलट हो गए। गर्मियों में जब कंगारू इंग्लैंड पहुंचे तो उनको इंग्लैंड ने बुरी तरह धो डाला और लगातार तीसरी बार एशेज अर्न अपने पास रखी और थकी हारी से दिखने वाली कंगारू टीम ने जब हॉट फेवरेट इंग्लिश टीम को सर्दियों में अपने घर में एशेज के लिए स्वागत किया तो इंग्लिश टीम की कंपकपी छूट गई। ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने पुराने रुतबे व तेवर को फिर दिखाया और क्रिकेट विशेषज्ञों व आलोचनाओं की सारी गणित को गलत साबित करते हुए इंग्लिश टीम को शुरू के तीनों टेस्ट मैचों में रौंद डाला, और रौंदा भी गजब अंदाज में, जहां उनके बल्लेबाज भी चले और गेंदबाज भी, जो लय में नहीं था, वो भी लय में लौटा, और जो लय में था, वो और आक्रामक होता दिखा।

इंग्लैंड की टीम जब मेलबर्न में चौथा टेस्ट खेलने उतरेगी तब उसका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ यही होगा कि वो किसी तरह बाकी बचे दोनों मुकाबले जीत जाए ताकि देश वापसी में फैंस को मुंह दिखाया जा सके, वहीं दूसरी तरफ कंगारुओं की बदले की भावना अभी भी शांत नहीं हुई होगी क्योंकि लगातार तीन एशेज गंवाने के बाद लय में लौटना उनके लिए वरदान जैसा ही है। इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी मुश्किल होगी उसके दो अहम खिलाड़ियों का अचानक गायब हो जाना। एक तरफ जहां जॉनाथन ट्रॉट मानसिक तनाव के कारण स्वदेश लौट गए, तो दूसरी तरफ तीसरे टेस्ट के बाद मुख्य स्पिनर ग्रीम स्वान ने सबको हैरान-परेशान करते हुए अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
जाहिर तौर पर मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का टॉप ऑर्डर एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के निशाने पर होगा लेकिन जब इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज जेम्स एंडरसन ही अब तक फ्लॉप साबित होते दिख रहे हों, ऐसे में किसी और गेंदबाज से कप्तान कैसे ज्यादा उम्मीदें रखे। वहीं, कंगारू टीम में उनके मुख्य गेंदबाज मिचेल जॉनसन ही नहीं, रेयान हैरिस, शेन वॉटसन और पीटर सिडल जैसे गेंदबाज भी कहर ढा रहे हैं। इंग्लैंड को मेलबर्न में ना सिर्फ अपनी गेंदबाजी को व्यवस्थित करना होगा बल्कि अपने टॉप व मिडिल ऑर्डर को भी दुरुस्त करना होगा। कुल मिलाकर अब तक चारों खाने चित होने वाली इंग्लिश टीम को ये साबित करना होगा कि उनकी टीम पूरी तरह ढली नहीं है, जबकि कंगारू क्लीन स्वीप की तरफ एक और कदम बढ़ाने के लिए उतरेंगे।


Source : Cricket News

Will football look down Cricket soon in India

कोलकाता [अभिषेक त्रिपाठी]। क्रिकेट को धर्म मानने वाले देश में दुनिया के सबसे रोमांचक खेल फुटबॉल की फसल काटने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और इसके लिए अंडर-17 विश्व कप को रास्ता बनाया जा रहा है। देश में अच्छे फुटबॉलरों को तैयार करने के लिए अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआइएफएफ) और फीफा के मुख्य प्रायोजक कोका कोला ने हाथ मिला लिए हैं। इसके तहत कोका कोला कप का आयोजन किया जाएगा और इससे निकलने वाले अच्छे फुटबॉलरों को अंडर-17 विश्व कप की भारतीय टीम में भी चुना जाएगा। 

एआइएफएफ के महासचिव कुशाल दास ने सोमवार को कहा कि इस साल कोका कोला के एक अन्य फुटबॉल टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पांच भारतीय युवाओं अमित टुडु, सुब्रतो दास, प्रसोनजीत चक्रवर्ती, अभिजीत सरकार और जितेंद्र सिंह को ब्राजील में जून से लगने वाले कोचिंग और कंडीशनिंग कैंप में भेजा जा रहा है जहां ये फुटबॉल के गुर सीखेंगे। फीफा विश्व कप ट्रॉफी को लेकर भारत आए 1970 विश्व कप विजेता ब्राजीलियन टीम के कप्तान कार्लोस एलबर्टो टोरेस भी भारत में इस खेल को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। कार्लोस ने कहा कि मैं क्रिकेट के लिए लोकप्रिय देश में फुटबॉल की बात करके काफी खुशी महसूस कर रहा हूं। विश्व कप ट्रॉफी को अपने हाथ में लेने वाले दुनिया के सबसे युवा कप्तान टोरेस ने कहा कि यहां फुटबॉल का विकास होना जरूरी है। हालांकि इसके लिए सोच बदलने की जरूरत होगी। यहां के कुछ खिलाड़ी सोचते हैं कि हम फुटबॉलर हैं लेकिन हमें बड़े देशों के साथ ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिलता। इस सोच का त्याग करना होगा। जब मेसी 12-13 साल का था तो वह स्पेन से अर्जेटीना आया और उसने कमाल कर दिया। ब्राजीलियन स्टार नेमार के पिता मेरे दोस्त हैं। जब नेमार 11 साल का था तो उसे ब्राजील में ही कोई नहीं जानता था। वह फुटबॉल क्लब सांतोस में चुना गया। उसने अभ्यास किया और आज दुनिया उसकी दीवानी है। अगर भारतीय खिलाड़ी फुटबॉल को अपना जीवन मानने लगेंगे तो वह भी वहीं पहुंच सकते हैं जहां पर नेमार और मेसी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राजील में नेमार जैसे हजारों खिलाड़ी हैं। वहां सात-आठ साल से ही बच्चे फुटबॉल खेलना शुरू कर देते हैं। भारत को भी इसी तरह की संस्कृति का पालन करना चाहिए। इसके अलावा कुछ भारतीयों को ब्राजील जाना चाहिए और 2-3 ब्राजीलियन कोचों को भारत लाना चाहिए जो यहां के फुटबॉलरों को इस खेल के लायक बना सकें।
कभी दुनिया के सबसे अच्छे डिफेंडर रहे टोरेस ने युवा भारतीय फुटबॉलरों को संदेश दिया कि अगर आप यह चाह लें कि आपको इस खेल में आगे जाना है तो आप चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब मैं 15 साल का था तो मैंने फुटबॉल में करियर बनाने के लिए सोचा। उस समय फुटबॉल में इतने डॉलर नहीं मिलते थे। मेरे पिता ने मना कर दिया लेकिन मैं उनको मनाने में सफल हुआ और मैं दो साल के भीतर ब्राजील की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा था। अगर आपमें जुनून हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं। आपको कोई नहीं रोक सकता।

Monday, 2 December 2013

Karan creates history by taking 10 wickets in an Innings

Karan Thakur
नई दिल्ली। रेलवे के तेज गेंदबाज करण ठाकुर सीके नायुडू ट्रॉफी (बीसीसीआइ अंडर-25 टूर्नामेंट) मैच की एक पारी में सभी दस विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। करण ने बड़ौदा के खिलाफ शनिवार को यह कारनामा किया। करण एमआरएफ पेस अकादमी में ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा और डेनिस लिली का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर चुके हैं (फोटो)।
रेलवे अंडर-25 की तरफ से खेल रहे दिल्ली के 23 वर्षीय गेंदबाज करण ने 28.5 ओवर में पांच मेडन करके 77 रन दिए और दस विकेट लिए। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन केकारण दस रन से यह मैच हार गई।
करण नियमित रूप से एमआरएफ पेस अकादमी में ट्रेनिंग लेते हैं और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के साथ भी कुछ समय बिताया है। अपने इस रिकॉर्ड पर करण ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि अकादमी में दो अवसरों पर मुझे मैकग्रा सर से बात करने का मौका मिला। उन्होंने मुझे कुछ उपयोगी गुर सिखाए। मेरा मजबूत पक्ष आउटस्विंगर है। मुझे अपनी उपलब्धि पर गर्व है लेकिन यदि मेरे लिए यादगार रहे दिन में हमारी टीम जीत जाती तो मैं अधिक खुश होता।
करण से पहले भारतीय गेंदबाजों में अनिल कुंबले, प्रेमांग्सू चटर्जी और प्रदीप सुंदरम एक पारी में दस विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में दस विकेट लिए थे, जबकि चटर्जी और सुंदरम ने रणजी ट्रॉफी मैचों में यह कारनामा किया था। 1955-56 बंगाल की ओर से खेलते हुए चटर्जी ने असम के खिलाफ दस विकेट लिए थे, जबकि सुंदरम ने 1985-86 में राजस्थान की ओर से विदर्भ के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया था।

Ashes 2013-14: Tim Bresnan added to England squad for second Test

Ashes 2013-14
सिडनी। ऑलराउंडर टिम ब्रिस्नेन की एशेज सीरीज के लिए इंग्लिश टीम में वापसी हुई है और वह गुरुवार से एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे।
ब्रिस्नेन इस वर्ष इंग्लैड में एशेज टेस्ट के दौरान फ्रैक्चर के कारण आखिरी टेस्ट नहीं खेल पाए थे। इस सीरीज में इंग्लैड ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। ब्रिस्नेन पांच दिसंबर से एडिलेड में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए है। यदि उन्हे अंतिम एकादश में चुन लिया जाता है तो क्रिस ट्रेमलेट को बाहर बैठना पड़ सकता है।
इंग्लैड के पहला ब्रिस्बेन टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के हाथों 381 के भारी अंतर से हारने के बाद ब्रिस्नेन से गेंदबाजी की जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। इतना ही नहीं गत सप्ताह एलिस स्प्रिंग में दो दिन के अभ्यास मैच के दौरान भी इंग्लैड की गेंदबाजी काफी निराशाजनक रही थी।
28 वर्षीय ब्रिस्नेन 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज के दौरान भी इंग्लैड की टीम का अहम हिस्सा रहे थे। उन्होने आखिरी दो टेस्ट में 19.54 के औसत से 11 विकेट चटकाए थे। यह सीरीज इंग्लैड ने 3-1 से जीती थी। ब्रिस्नेन ने इस साल इंग्लैंड में खेले गए चौथे एशेज टेस्ट में मेजबान टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने दूसरी पारी में 45 रन बनाने के साथ डेविड वॉर्नर और शेन वॉटसन के विकेट झटककर इंग्लैंड को 74 रन से जीत दिलाई थी।

Vinod Kambli still in ICU

Vinod Kambli
मुंबई। पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली अब भी आइसीयू में हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था।
अस्पताल के सूत्र ने कहा कि कांबली अब भी आइसीयू में हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रखे हैं। 41 वर्षीय कांबली शुक्रवार की सुबह अपनी कार से चेंबूर से बांद्रा जा रहे थे और इस दौरान उन्हें सीने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने अस्पताल में भर्ती कराया। पिछले साल जुलाई में कांबली की दो धमनियां ब्लॉक होने के कारण उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। अगले साल 18 जनवरी को 42 बरस के होने वाले कांबली ने भारत की ओर से 17 टेस्ट और 104 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

Asif now to feature in Films

Mohd. Asif
कराची। पाकिस्तान के प्रतिबंधित तेज गेंदबाज मुहम्मद आसिफ ने नई पारी शुरू करते हुए एक्टिंग करियर अपनाया है और वह 'भारत में पाकिस्तान' नाम की फिल्म में पदार्पण करेंगे। इस क्रिकेटर पर 2010 के बाद से स्पॉट फिक्सिंग के लिए पांच साल का प्रतिबंध लगा हुआ है।
आसिफ ने कहा कि उन्होंने एक्टिंग करना इसलिए स्वीकार किया क्योंकि वह कुछ नया शुरू करना चाहते थे। उन्होंने कहा, 'मैं कुछ नहीं कर रहा हूं और मुझे आगे के बारे में सोचना होगा। यह मुझे अपने लिए अच्छी चुनौती लगी इसलिए मैंने इसे स्वीकार कर लिया।' लेकिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह पेशकश सिर्फ पैसे के लिए नहीं स्वीकार की। गौरतलब है कि अगस्त 2010 में एक अंग्रेजी अखबार के स्टिंग के बाद जांच में पता चला था कि 2010 के इंग्लैंड दौरे में तीन पाकिस्तानी खिलाड़ी फिक्सिंग में शामिल थे, इनमें आसिफ का नाम भी शामिल था। जांच में दोषी पाए जाने व बाद में आसिफ व उनके साथी खिलाड़ियों सलमान बट और मोहम्मद आमिर के जुर्म मानने के बाद उन्हें जेल हुई व बाद में 2012 में उन्हें पाकिस्तान भेज दिया गया। जिसके बाद उन पर बैन लगा दिया गया था।

Pak T20 captain Hafeez says he is unaware of team selection

Muhammed Hafeez
कराची। पाकिस्तानी टी20 टीम के कप्तान मुहम्मद हाफिज ने ये खुलासा करके सबको हैरान कर दिया कि अफगानिस्तान व श्रीलंका के खिलाफ यूएई में होने वाले तीन टी20 मैचों के लिए जिस पाक टीम का ऐलान किया गया, उससे वो बेखबर हैं।
पाकिस्तानी टी20 टीम के कप्तान हफीज जब दक्षिण अफ्रीका से पाकिस्तान वापस लौटे तो एयरपोर्ट पर वो मीडिया को ये बताने से जरा भी नहीं हिचकिचाए कि जिस टी20 टीम का ऐलान किया गया है उसके बारे में ना तो उनसे राय ली गई और ना ही उन्हें सूचित किया गया। हफीज ने कहा, 'मुझे कुछ नहीं पता (टीम के चयन पर) क्योंकि मैं फ्लाइट में था और ना ही किसी ने मुझसे संपर्क कर मुझे यह बताने की कोशिश की। मुझे नहीं पता कि टीम में कौन-कौन है, अब जाकर देखूंगा कि टीम में किसको-किसको शामिल किया गया है।'
गौरतलब है कि पाकिस्तानी क्रिकेट चयनकर्ताओं ने जब पाक टीम का ऐलान किया तो उसमें शोएब मलिक और अब्दुल रज्जाक जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बाहर रखा गया, जबकि उनकी जगह दो नए खिलाड़ियों, शरजील खान और हैरिस सोहेल को टीम में शामिल किया गया है। जाहिर है कि पाकिस्तानी चयन प्रक्रिया में कप्तान की भूमिका व कप्तान का चयन हमेशा चर्चा का विषय रहा है। पहले भी कई कप्तान इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं

ICC People's Choice Award winner to be declared today

International Cricket Council
आइसीसी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड विजेता की घोषणा आज
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) मंगलवार को एलजी आइसीसी पुरस्कारों के लिए नामित किए गए खिलाड़ियों व आइसीसी की 2013 के लिए टेस्ट और वनडे टीमों की घोषणा करेगी।
विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था के मुताबिक, आइसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचडर््सन आखिरी नामित खिलाड़ियों व 2013 के लिए आइसीसी की टेस्ट और वनडे टीम की घोषणा करेंगे।
यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार एलजी पीपुल्स च्वाइस अवार्ड विजेता की घोषणा भी इस समारोह के दौरान की जाएगी। जनता के मतों से तय होने वाले इस एकमात्र पुरस्कार के लिए इस बार चार देशों के पांच खिलाड़ियों को नामित किया गया।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और उनके साथी विराट कोहली, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क, इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज एबी डिविलियर्स इसकी दौड़ में हैं।

Friday, 29 November 2013

Subrata Roy on Fire on Srinivasan

bcci
श्रीनिवासन पर बरसे सुब्रत रॉय, कहा नहीं निभाया वादा
कोलकाता। भारतीय क्रिकेट टीम की स्पांसरशिप छोड़ने के लिए एन. श्रीनिवासन को जिम्मेदार ठहराते हुए सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय ने कहा है कि बीसीसीआइ अध्यक्ष ने अपना वादा नहीं निभाया। शुक्रवार को रॉय ने कहा, 'बीते समय में हमारे बीसीसीआइ के साथ संबंध अच्छे रहे हैं लेकिन मौजूदा अध्यक्ष दूसरी मानसिकता के हैं। उन्होंने अपने वादे नहीं पूरे किए। उनमें बहुत झूठा अहम हैं, लिहाजा हम बीसीसीआइ के साथ अपने संबंध बनाए रखने के इच्छुक नहीं हैं।'
बोर्ड के साथ इन्हीं मतभेदों के कारण सहारा ने इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) से पुणे वॉरियर्स फ्रेंचाइजी का करार रद कर दिया था। इसके साथ ही रॉय ने संट्टेबाजी और फिक्सिंग मामले में कथित तौर पर शामिल रहने पर चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व प्रमुख और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, 'चेन्नई पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर किसी और टीम का प्रमुख इस मामले में शामिल होता तो उसे अब तक आइपीएल से हटा दिया गया होता। हम ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहते।' भारतीय टीम के साथ सहारा की स्पांसरशिप इस साल दिसंबर में खत्म हो रही है। इस बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा कि बीसीसीआइ के साथ स्पांसरशिप बढ़ाने की हमारा कोई योजना नहीं है, लेकिन कुछ बुजुर्ग लोग और खिलाड़ी हमसे स्पांसरशिप जारी रखने के लिए कह रहे हैं।

Ready for Suth Africa: Shikhar Dhawan

India v south Afriaca
मुंबई। जोरदार फॉर्म में चल रहे भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर नई ऊंचाइयां छूने को बेताब हैं। धवन न केवल वहां की उछालभरी पिचों पर खेलने को तैयार हैं बल्कि उन्हें लगता है कि परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के अनुरूप होंगी।
धवन ने कहा, 'मैं व्यक्तिगत रूप से महसूस करता हूं कि उछालभरी पिचें मेरे खेल के लिए मददगार होंगी। हम काफी लंबे समय से काफी अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और आत्मविश्वास से भरे हैं। बतौर टीम हम बेहतर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, मैं भी आत्मविश्वास से भरा हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं और इस बेहतरीन फॉर्म को लंबे समय तक ले जाने के लिए बेताब हूं।'
दिल्ली के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने शुक्रवार को यहां एक कार्यक्रम के इतर बातचीत में भरोसा जताया कि टीम प्रोटियाज के खिलाफ उसकी सरजमीं पर सीरीज जीतेगी। धवन ने कहा, 'हमें भरोसा है कि हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमने इंग्लैंड में अच्छा किया था, वेस्टइंडीज में भी हमने अच्छा किया था। हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में बेहतर खेल दिखाकर सीरीज जीतना है।' कुछ महीने पहले धवन भारत 'ए' टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका गए थे और उन्होंने लिस्ट 'ए' मैच में दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ 248 रन की शानदार पारी खेली थी। 27 वर्षीय धवन ने कहा कि आगामी दौरे पर उनके लिए यह अनुभव कारगर साबित होगा।
भारतीय टीम सचिन तेंदुलकर के संन्यास के बाद पहली टेस्ट सीरीज खेलेगी, धवन ने कहा कि टीम को ड्रेसिंग रूम में इस महान बल्लेबाज की कमी खलेगी। भारतीय टीम मेजबान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच दिसंबर से बेस्ट ऑफ थ्री वनडे सीरीज से दौरे की शुरुआत करेगी, जिसके बाद 18 दिसंबर से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी।

Plea in HC to stop conferment of Bharat Ratna on Tendulkar

High Court
चेन्नई। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के प्रमुख सीएन राव को भारत रत्न प्रदान करने से रोकने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में राष्ट्रपति की अधिसूचना का पालन नहीं किया गया है। राष्ट्रपति आगामी 26 जनवरी को राव और सचिन को भारत रत्न प्रदान करेंगे। खास बात यह है कि याचिका में वरिष्ठ वैज्ञानिक राव को भारत रत्न देने से रोकने की मांग तो की गई है लेकिन याचिकाकर्ता ने खुद स्वीकार किया है कि वह सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पाने के हकदार हैं।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरके अग्रवाल और जस्टिस एम. सत्यनारायन की पीठ ने एक वकील की ओर से दायर इस याचिका पर सुनवाई 2 दिसंबर तक के लिए टाल दी है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पी विल्सन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि भारत रत्न के बारे में केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव किए हैं। इनके तहत अब खिलाड़ी भी देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने के हकदार है। इस पर पीठ ने एएसजी को सोमवार तक राष्ट्रपति की संशोधित अधिसूचना की प्रति पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

David Warner Crossed the Line: Steve Waugh

ashes 2013
सिडनी। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने डेविड वॉर्नर द्वारा इंग्लिश बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट पर की गई टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा है कि ऐसा कर इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपनी सीमा लांघ दी है। इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रॉट एशेज सीरीज छोड़कर इंग्लैंड लौट गए थे, जिसके बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने खुलासा किया कि ट्रॉट तनाव संबंधित बीमारी से जूझ रहे थे। वॉर्नर ने ब्रिसबेन टेस्ट के दौरान ट्रॉट को 'निर्गुण और कमजोर' कहा था।
वॉ ने एक वेबसाइट पर कहा, 'मुझे लगता है कि वॉर्नर की टिप्पणी एकदम अनुचित है। मुझे नहीं लगता कि आपको विपक्षी खिलाड़ी पर निजी हमला करना चाहिए। वॉर्नर पूरी टीम पर टिप्पणी कर सकते थे, लेकिन मुझे लगता है कि जब आप किसी खिलाड़ी के लिए इस तरह के शब्दों का उपयोग करते हो तो आप अपनी सीमा लांघते हो।' वॉ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को इन चीजों में थोड़ी चतुराई बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छा खेल रही है, लिहाजा उसे इतना सब कुछ करने की जरूरत नहीं है।

Piyush weds Anubhuti

piyush chawla
अनुभूति के हुए पीयूष चावला, शादी में कई नामी क्रिकेटर शामिल
मुरादाबाद। शुक्रवार की रात आयोजित एक भव्य समारोह में क्रिकेटर पीयूष चावला अनुभूति के हो गए। दिल्ली रोड पर होटल ड्राइव इन 24 में आयोजित विवाह समारोह में रात पौने बारह बजे जैसे ही अनुभूति ने पीयूष के गले में जयमाल डाली पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। समारोह में भुवनेश्वर, इरफान पठान समेत कई नामी क्रिकेटर भी शामिल हुए। मंडलायुक्त समेत तमाम अधिकारियों व गणमान्य मान्य लोगों ने भी समारोह में शिरकत की।
दुल्हन बनी अनुभूति सिल्वर गोटे वाले रानी कलर के लहंगे सजी थीं तो दूल्हे राजा पीयूष ने बादामी कलर की शेरवानी पहन रखी थी। लग्न के मुताबिक शादी की रस्में रात सवा नौ बजे शुरू हुई। पीयूष आयोजन स्थल के द्वितीय तल पर तैयार हुए और पैदल नीचे आकर घोड़े पर सवार हुए। उसके बाद बैंडबाजे की धुन व ढोल थाप के साथ पीयूष की बारात आगे बढ़ी। आयोजन स्थल के एक गेट से निकलकर दूसरे गेट में प्रवेश कर गई। इस दौरान दोस्तों, परिजनों व रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया। जश्न माहौल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब 200 मीटर की दूरी तय करने में बरात को सवा दो घंटे लग गए। आतिशबाजी की चकाचौध से विवाह समारोह दमक उठा। उसके बाद सवा ग्यारह बजे गेट पर बारात का अनुभूति के परिजनों व रिश्तेदारों ने शानदार स्वागत किया। फिर दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ पीयूष जयमाल के स्टेज पर पहुंचे। उसके बाद अनुभूति अपनी सहेली व रिश्तेदारों के साथ जैसे ही स्टेज पर पहुंची, मंगलगीत गाए जाने लगे। फिर अनुभूति ने पीयूष के गले में जयमाल डाली उसके बाद पीयूष ने इसी रस्म को दोहरा दिया। पूरे पंडाल में पुष्प वर्षा होने लगी और कैमरों के फ्लैश चमकने लगे। मेहमानों की आवभगत के बाद फेरों की रस्म रात साढ़े बारह बजे शुरू हो गई। विवाह की रस्में पंडित शिव पूजन शास्त्री व अवधेश नारायण पांडे ने पूरी कराई।
दुल्हन बनीं अनुभूति मेरठ के सीएमओ अमीर सिंह की बेटी हैं, जबकि पीयूष के पिता प्रमोद चावला बिजली विभाग में कार्यरत हैं।
आयोजन में यूपी के टीम सलेक्टर एवं पूर्व क्रिकेटर ज्ञानेंद्र पांडे, एसएसपी आशुतोष कुमार, मुरादाबाद के पूर्व डीएम व एनआरएचएम के डायरेक्टर अमित घोष समेत तमाम अधिकारी, शिक्षाविद्, कारोबारी, चिकित्सक व गणमान्य लोग मौजूद थे। पीयूष के विदेशी मेहमानों ने भी आयोजन में शिरकत की।
शादी में जमकर नाचे रिश्तेदार व दोस्त
पीयूष की शादी में मां पूनम चावला, पिता प्रमोद चावला, भाई प्रतीक चावला समेत रिश्तेदारों व दोस्तों ने जमकर ठुमके लगाए। क्रिकेटर इरफान पठान व भुवनेश्वर पूरे समय बने रहे। वह शाम करीब छह बजे होटल ड्राइव इन 24 अपने निजी वाहनों से पहुंचे। शादी में सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली से बाउंसर आए थे, जो इरफान पठान व भुवनेश्वर के गिर्द-गिर्द घूमते रहे। इरफान पठान ने अपने कमरे से निकलकर बारात में पहुंचने की दो बार कोशिश की लेकिन खुद को भीड़ से घिरा देख वापस कमरे में लौट गए जबकि भुवनेश्वर जयमाल के दौरान पीयूष के पास पहुंचे और फोटो भी खिंचाए। पीयूष की मां पूनम चावला पिंक कलर की डेस में सजी थीं उन्होंने भी बेटे की शादी में ठुमके लगाए तो मरून कलर की शेरवानी पहने पीयूष के भाई प्रतीक चावला भी जमकर झूमे। पिता प्रमोद चावला सुनहरी कलर के सूट में कभी बारात तो कभी मेहमानों की आवभगत में नजर आए।
विदेशी दोस्तों ने भी उठाया शादी का लुफ्त
पीयूष की शादी में उनके विदेशी दोस्त भी पहुचे। बारात से लेकर जयमाल को उन्होंने करीब से देखा और कैमरे में कैद किया। जयमाल के वक्त विदेशी मेहमानों ने पीयूष के साथ फोटो भी खिचाएं। जयमाल के बाद पीयूष व अनुभूति ने दोस्तों के साथ डांस किया।