Showing posts with label Pakistan. Show all posts
Showing posts with label Pakistan. Show all posts

Wednesday, 15 June 2016

भारत की रणनीति से पाक में खलबली, US को मनाने के लिए करेगा लॉबिंग

विदेश नीति के मोर्चे पर पाकिस्तान बुरे दौर से गुजर रहा है। अमेरिका की सरपरस्ती में अपनी नीति बनाने वाले पाक हुक्मरानों में बेचैनी है। भारत-अमेरिका के मजबूत होते संबंधों से पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है। इन सबके बीच पाकिस्तान ने अंकल सैम यानी अमेरिका को खुश करने के लिए लॉबिंग फर्म का सहारा लेगा। इसके लिए बकायादा शुरुआत हो चुकी है।

अमेरिका को खुश करने के लिए पाकिस्तान को य़े सब क्यों करना पड़ रहा है। इसका जवाब बहुत ही साफ है। हाल ही में पश्चिमी पाकिस्तान में द्रोन हमले में तालिबान के मुल्ला मंसूर के मारे जाने के बाद पाक ने अमेरिका की जमकर आलोचना की थी। पाक ने इसे अपने संप्रभुता पर खतरा बताया था। लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया था कि पाकिस्तानी अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी दे दी गयी थी। आतंकियों के खिलाफ अमेरिका अपनी कार्रवाई को जारी रखेगा। इसके अलावा एफ-16 के मुद्दे पक अमेरिकी कांग्रेस के इनकार के बाद पाकिस्तान को झटका लगा।

अमेरिकी कांग्रेस ने साफ कर दिया था कि फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग के तहत अमेरिकी जनता के पैसे को पाकिस्तान कीे मदद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इस तरह के बदलते समीकरण में पाक हुक्मरानों को ये लगता है कि अमेरिका के सामने अपने को पाक-साफ रखने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे।

पाकिस्तान के अखबार द डॉन के मुताबिक एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जिस तरह से भारत को विदेशी मोर्चे पर कामयाबी मिली है। उसे पाकिस्तान में एक तरह की बेचैनी है। पाक विदेश नीति के मुख्य सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि लॉबिंग फर्म के जरिए अपनी बात रखने में किसी तरह की बुराई नहीं है। पाकिस्तान पहले भी इस तरह का काम करता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और दूसरे देश लॉबिंग फर्म के जरिए अपनी बात रखते हैं।

गौरतलब है कि परवेज मुशर्रफ के सरकार में आने से पहले पाकिस्तान लॉबिंग फर्मों के जरिए अमेरिका के सामने अपनी बात रखते थे। हालांकि मुशर्रफ के सत्ता में आने के बाद लॉबिंग फर्मों की सेवा को समाप्त कर दिया गया था। 

Tuesday, 17 May 2016

भारत के इस कदम से तिलमिलाया पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र से लगाई गुहार

 भारत का गलत नक्शा पेश करने के खिलाफ प्रस्तावित बिल से पाकिस्तान तिलमिला गया है। पाक ने इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र से दखल देने की गुहार लगाई है। पाक ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की अपील की है।

पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए भारत के भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 के मसौदे के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत कर भारत के अंदरूनी मामलों में दखल दी है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने भू-स्थानिक सूचना नियमन विधेयक 2016 के मसौदे को तैयार करके सुझाव आदि के लिए सरकारी वेबसाइट पर डाला है। इस बिल के जरिये यह प्रावधान किया जा रहा है किसी भी देश की कोई भी एजेंसी, संस्था, प्रकाशक या व्यक्ति भारत के नक्शे को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके तहत नक्शा ग़लत दिखाने पर 100 करोड़ तक जुर्माना और 7 साल की जेल का प्रावधान है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत अपने इस विधेयक के माध्यम से कश्मीर को अपने नक्शे में शामिल करना चाहता है। इसके लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है की वह भारत के इस विधेयक के खिलाफ आदेश पारित करे। पाकिस्तान ने कहा कि जब तक कश्मीर मसले का हल नहीं हो जाता तब तक भारत की ऐसी कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।   

उसने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि जल्द से जल्द जनमत संग्रह के जरिये मामले का हल निकालने के लिए भारत पर दबाव डालाा जाए।  Read more www.jagran.com/

Monday, 16 May 2016

भारत के इंटरसेप्टिक परीक्षण से बौखलाया पाकिस्तान, दी ये धमकी

हाल ही में भारत की ओर से परीक्षण किये गये सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, रेडियो पाकिस्तान को दिये एक इंटरव्यू में अजीज ने भारत की ओर से सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल परीक्षण पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इससे इलाके में शक्ति का संतुलन बिगड़ेगा। अजीज ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अपनी रक्षा क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक को लगातार शामिल किया जा रहा है।

पाक पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार अजीज ने कहा कि भारत के इस नए रक्षा विकास को पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा। सरताज अजीज का यह बयान इंडिया द्वारा सफलतापूर्वक देश में ही विकसित किए गए सुपरसोनिक इनरसेप्टर मिसाइल के टेस्ट के बाद आया है। यह मिसाइल किसी दुश्मन द्वारा दागे गए किसी भी बैैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है। इसका परीक्षण ओडिशा में किया गया है।

अजीज ने कहा कि भारत, अमेरिका के सहयोग का खूब मजा ले रहा है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को लगता है कि मजबूत इंडिया से ही चीन को काबू में रखा जा सकता है।
भारत ने किया पृथ्वी-2 का परीक्षण

बता दें कि रविवार को भारत ने ओडिशा के तट पर स्वदेशी रूप से विकसित पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। परीक्षण रविवार सुबह 11.15 बजे लॉन्चिंग कमप्लेक्स से छोड़ा गया। इस आधुनिक तकनीक वाले सुपरसोनिक इंटरसेप्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारत अमेरिका, रूस और इजराइल के मजबूत बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस क्लब में शामिल हो गया।

डिफेंस रिसर्च डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के सूत्रों ने बताया है कि यह परीक्षण सभी मानकों पर खरा उतरा है। इस मिसाइल का सफल परीक्षण एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। खासकर इसे देश में ही विकसित किया गया है। इस मिसाइल से दुश्मनों के किसी भी मिसाइल को बीच में ही मार गिराया जा सकता है। रडार से ट्रैक होते ही इससे दुश्मनों की मिसाइल को नष्ट किया जा सकेगा।

पृथ्वी -2 की खूबियां

इस मिसाइल में मल्टिपल ट्रैकिंग सोर्स है। इसमें इनर्सेप्टर 7.5 मीटर लंबा है। इसमें नेविगेशन सिस्टम भी है। इसके साथ ही हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकेनिकल ऐक्टिवेटर भी है। इनर्सेप्टर मोबाइल लॉन्चर से लैस है। इसमें इंडिपेंडेंट ट्रैकिंग क्षमता भी है। इसके साथ ही यह आधुनिक रेडार से भी लैस है। Read more http://www.jagran.com

Tuesday, 10 May 2016

जानें, कश्मीर का वो सच जिसे नकारता है पाक, अयूब सोचते थे कुछ...

कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की सियासत एक अहम सच्चाई है। पाकिस्तानी हुक्मरानों को ये यकीन हो चुका था कि भारत का मुकाबला करने के लिए उन्हें कश्मीर के मुद्दे को हमेशा जिंदा रखना होगा। लिहाजा करीब 70 साल बाद भी कश्मीर का राग पाकिस्तान अलापता रहता है। कश्मीर के पीछे का सच क्या है। इसे जानकर चौंक जाएंगे। पाक बार बार ये कहता है कि कश्मीर और कश्मीरियत के लिए एक मात्र रास्ता जनमत संग्रह है। लेकिन अमेरिका में पाक के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 1959 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने पहले ही कह दिया था कि कश्मीर में जनमत संग्रह कभी नहीं होगा।

भारत चाहता था कश्मीर विवाद सुलझे

हक्कानी के मुताबिक वर्ष 1963 में भारत 5 हजार वर्ग मील पाकिस्तान को देकर इस मामले को हमेशा के लिए सुलझाना चाहता था। लेकिन पाकिस्तान को ये विचार पसंद नहीं आया। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत रहे हुसैन हक्कानी का कुछ और ही कहना है। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय से ही पाकिस्तान के नीति निर्माताओं को लगता रहा है कि कश्मीर में या तो जनमत संग्रह हो या ये विवाद हमेशा ऐसे ही चलता रहेगा।

ऐतिहासिक तथ्यों को किया गया नजरअंदाज

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक हक्कानी ने कहा कि लोग अच्छे पड़ोसी की उम्मीद तो करते हैं। लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों को नजरअंदाज करते हैं।जिसकी वजह से पाकिस्तान में डर का माहौल रहता है। बंटवारे के समय पाकिस्तान के खाते में 33 फीसद ब्रिटिश फौज आई जबकि जीडीपी का महज 17 फीसद पाकिस्तान के खाते में गया। इसका असर ये हुआ कि पाकिस्तानी हुक्मरानों ने अवाम पर शासन के लिए भारत से डर का माहौल बनाया और पाकिस्तान के सभी राजनैतिक दल कमोबेश इसी नीति पर शासन करते हैं। हक्कानी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने के लिए या तो लगातार बातचीत चलती रहनी चाहिए या एक दूसरे को अलग-थलग रख कर आगे बढ़ सकते हैं। कभी रुठना और कभी मान जाना इस नीति के जरिए भारत और पाकिस्तान के रिश्ते नहीं सुधर सकते हैं।

भारत और पाक क्यों नहीं हो सकते दोस्त ?

हक्कानी ने 1949 के एक प्रसंग का जिक्र किया। 1949 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू अमेरिका गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रूमैन ने पूछा कि आप की नजर में हम भारत की मदद किस तरह कर सकते हैं। इस सवाल के जवाब में जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि भारत के औद्योगीकरण और कृषि विकास के लिए अमेरिकी मदद चाहिए। ठीक यही सवाल जब अमेरिकी दौरे पर गए पाक पीएम लियाकत खान से ट्रूमैन ने पूछा तो उनका जवाब था कि पाकिस्तान को हथियारों की जरूरत है। और उन्होंने हथियारों की लिस्ट भी सौंप दी। वर्तमान हालात के लिए अतीत की ये हकीकत है जिसका सामना दोनों देश कर रहे हैं।

भारत ने गवाएं मौके

हक्कानी ने कहा कि बहुत से ऐसे मौके आए जब भारत अपनी भूमिका से पाक में फियर फैक्टर को दूर कर सकता था। लेकिन उन मौकों को भारत ने गंवा दिया। 1992 में तत्कालीन अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जेम्स बेकर और पाक पीएम नवाज शरीफ के बीच पत्राचार का जिक्र है। हक्कानी ने कहा कि आज 24 साल बाद भी पाकिस्तान उन्हीं बातों को कहता रहा है। जो पहले कहता था। देखा जाए तो पाकिस्तान गलत हो या सही उसके नजरिए में किसी तरह का बदलाव नहीं आया । Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 30 March 2016

ब्रसेल्स पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के तीन दिवसीय दौरे के पहले चरण में आज ब्रसेल्स पहुंचे ।पीएम मोदी को हवाई अड्डे पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान पीएम 13 वें भारतीय-यूरोपियन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ब्रसेल्स के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि बेल्जियम के लोगों की जीवटता और भावना को नमन करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं हैं। ब्रसेल्स मे हुये भयानक हमले के बाद हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और हमले में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।

पीएम ने कहा कि बेल्जियम के साथ हमारे प्रगाढ़ संबंध हैं और यह समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। यूरोप में बेल्जियम भारत का दूसरा बड़ा व्याथपारिक साझेदार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 30 मार्च को बेल्जियम प्रधानमंत्री चार्ल्से मिशेल से ब्रुसेल्सन में मिलने का कार्यक्रम है। इसके बाद यूरोपीय नेताओं के साथ 13वीं भारत-यूरोप शिखर सम्मेरलन में भी शामिल होने का कार्यक्रम रखा गया है।

Thursday, 17 March 2016

पाक जाकर गुलाम कश्मीर के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं जेएनयू के शिक्षक !


जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दस शिक्षकों ने कैंपस में हो रही गतिविधियों को लेकर पूर्व कुलपति को 400 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें साफतौर पर लिखा गया है कि पाकिस्तान समेत कई जगह देशविरोधी कार्यक्रमों में जेएनयू के शिक्षक और छात्र शामिल होते हैं। इसके बाद भी जेएनयू प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जेएनयू में कई ऐसे छात्र हैं जो अवैध रूप से हास्टल में रहते हैं। जेएनयू के एक वरिष्ठ शिक्षक सहित अन्य शिक्षकों व कुछ छात्रों ने इसमें सहयोग किया है।

सूत्रों की मानें तो एक साल पहले यह रिपोर्ट सरकार और जेएनयू प्रशासन को सौंपी गई थी। इसमें साफतौर पर लिखा गया है कि कई जगह देशविरोधी कार्यक्रमों में जेएनयू के शिक्षक और छात्र शामिल होते हैं।

यही नहीं, गुलाम कश्मीर में भी आयोजित कार्यक्रमों में कुछ शिक्षकों के शामिल होने की बात कही गई है। जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के शोध छात्र अंबा शंकर वाजपेयी का कहना है कि कैंपस और कैंपस के बाहर देशविरोधी गतिविधियों में जेएनयू के शिक्षक और छात्रों की संलिप्तता के प्रमाण हैं।

इसकी पूरी जानकारी सरकार और उसकी एजेंसियों के पास भी है। इन पर एजेंसियों को गंभीरता से कार्रवाई करने की आवश्यकता है। संस्कृत अध्ययन केंद्र के शिक्षक डॉ. हरिराम मिश्र का कहना है कि कैंपस में ऐसी कई गतिविधियां होती हैं, जिन पर यहां के कई शिक्षकों को आपत्ति होती है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को तत्काल उन लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए जो चेहरा ढंककर नारेबाजी कर रहे थे। कई लोग ऐसे हैं जो जेएनयू को बदनाम कर रहे हैं। 

Tuesday, 15 March 2016

गुजरात के रास्ते देश में घुसे दस पाकिस्तानी आतंकियों में से तीन ढेर


भारतीय सीमा में घुस आए दस आतंकियों में से तीन को देश की सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया है। गुजरात के रास्ते हाल ही में घुसने वाले इन आतंकियों के निशाने पर देश के कई नामी प्रतिष्ठान थे। वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार देश पर कोई हमला करने से पहले ही पिछले शुक्रवार (11 मार्च) को इनमें से तीन आतंकियों को एक पश्चिमी राज्य में मार गिराया गया था। बाकी बचे सात आतंकियों को भी उनके छिपने के ठिकानों पर घेरा जा चुका है। और उनके खात्मे का अभियान जारी है।

सूत्रों ने बताया कि आतंकियों के खात्मे का अभियान अभी जारी है इसलिए वह इस मामले का ब्योरा नहीं देंगे। यह दसों पाकिस्तान आतंकवादी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के बताए जाते हैं। इनकी साजिश 7 मार्च को शिवरात्रि के मौके पर गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमले की थी। इसके अलावा भी कई अन्य स्थान इनके निशाने पर थे।

आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया जानकारी मिलते ही केंद्र ने गुजरात के लिए एनएसजी की चार टीमें रवाना कर दी थीं। उन्हें राय के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया था। गुजरात में अलर्ट की घोषणा की गई थी। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सभी मेट्रो शहरों पर आतंकियों की घुसपैठ के मद्देनजर नजर रखी हुई थी। सभी सामरिक स्थलों, संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की एडवाइजरी जारी की गई थी।

खुफिया जानकारी के मुताबिक आतंकी समुद्र मार्ग से गुजरात के रास्ते घुसपैठ करने में कामयाब हुए थे। लिहाजा, इसी तरह का अलर्ट उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ में भेजा गया था।  

Source: गुजरात के रास्ते देश में घुसे दस पाकिस्तानी आतंकियों में से तीन ढेर

Thursday, 29 January 2015

पंजाब के गवर्नर ने की नवाज सरकार की आलोचना, दिया इस्तीफा

अमेरिका से संबंध बेहतर बनाने को लेकर राजनयिक असफलता के लिए नवाज शरीफ सरकार की आलोचना करने के एक दिन बाद पंजाब प्रांत के गवर्नर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गौरतलब है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर मोहम्मद सरवर ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की दूसरी एेतिहासिक भारत यात्रा के बाद नवाज सरकार की आलोचना की थी।

सरवर ने बराक ओबामा को पाकिस्तान लाने में असफल रहने को लेकर नवाज सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ओबामा की सफल भारत यात्रा नवाज सरकार की बड़ी असफलता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर ओबामा की दूसरी भारत यात्रा पाकिस्तान सरकार की राजनयिक मोर्चे पर करारी हार है। आखिर नवाज शरीफ ओबामा को पाकिस्तान लाने में क्यों अस्फल रहे?

ओबामा की सफल भारत यात्रा के बारे में इन दिनों पाकिस्तान में काफी चर्चा हो रही है क्योंकि एक समय अमेरिका के पाकिस्तान से काफी अच्छे संबंध थे। कहा जा रहा है कि सरवर द्वारा आलोचना किए जाने से नवाज शरीफ काफी परेशान हैं। सरवर ने कल रात इस्तीफा दे दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

बच सकती थी कर्नल एमएन राय की जान, जानिए कैसे

कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल में आतंकी मुठभेड़ में शहीद कर्नल मुनीन्द्रनाथ राय की जान बच सकती थी, अगर वे अपने स्टैंडिंग ऑपरेशनल प्रोसीजर (एसओपी) की बात मान लेते। इस मुठभेड़ में कर्नल राय सहित दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकी आबिद और शिराज भी मारे गए थे।

दरअसल, सेना को खबर मिली थी कि दो स्थानीय आतंकी मिंदोरा गांव के एक घर में छुपे हुए है। इसकी सूचना मिलते ही वहां के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राय अपने सैनिकों के साथ मौके पर पहुंचे। कर्नल राय ने अपने आॅपरेशनल प्रोसीजर की बात मानने के बजाय आतंकियों के परिजनों की बात पर यकीन कर लिया। आतंकियों के घरवालों ने कहा कि वे उन पर गोली नहीं चलाएं और हम उनका आत्म समर्पण करवा देंगे।

सैन्य अधिकारियों व स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंगलवार को मुठभेड़ स्थल पर आतंकी आबिद के पिता जलालुद्दीन ने कर्नल राय को बताया कि उनका पुत्र आत्मसमर्पण करना चाहता है। जलालुद्दीन के दूसरे पुत्र उवैस ने भी सुरक्षाकर्मियों से आग्रह किया कि वे फायरिंग रोक दें। उसका भाई लड़ना नहीं चाहता, वह समर्पण करने को तैयार है।

आतंकी के परिजनों के यकीन दिलाए जाने पर कर्नल राय ने अपने जवानों को फायरिंग रोकने को कहा। इसके बाद कर्नल राय खुद आतंकी का समर्पण कराने के लिए उसके ठिकाने की तरफ बढ़े तो आतंकी ने मौका पाकर फायरिंग कर दी। इसमें कर्नल जख्मी हो गए, लेकिन जमीन पर गिरने से पहले उन्होंने अपने साथियों संग जवाबी फायर कर दोनों आतंकियों को भी मार गिराया।

Monday, 19 January 2015

कर्ज में डूबे पाकिस्तान में पेट्रोल संकट, सड़कों पर उतरे लोग

अभी तक आतंकवाद से जूझ रहा हमारा पड़ोसी देश अब तेल संकट से भी जूझ रहा है। दरअसल पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल खत्म होने की कगार पर है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई शहरों के पेट्रोल पंप पर बमुश्किल 24 घंटे का ईंधन बचा है। स्थिति नहीं सुधरी तो कई पेट्रोल पंप सोमवार से बंद भी हो सकते हैं। परेशान लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संकट की वजह से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 4 शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है।

पाकिस्तान स्टेट ऑयल (पीएसओ) कंपनी के मुताबिक बीते दो हफ्ते में किसी भी बंदरगाह पर कच्चे तेल का एक भी जहाज नहीं आया है क्योंकि निर्यातकों का 215 अरब रुपया पाकिस्तान पर बकाया है। आमतौर पर हर 15 दिन में देश में छह से आठ जहाज कच्चा तेल पहुंचता है। हर जहाज में 65 हजार टन तेल होता है।

ईंधन की कमी के कारण देशभर में आक्रोश है। पाकिस्तानी समाचार पत्रों के अनुसार, देश के कई बड़े शहरों में पिछले छह दिनों से पेट्रोल पंप बंद पड़े हुए हैं। मुल्तान में नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। डॉन के अनुसार, ईंधन की कमी के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सार्वजनिक परिवहन भी काफी प्रभावित हुआ है।
देश के कई अखबारों ने देश के बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर हुईं झड़पों की खबरें प्रकाशित की हैं। जब वाहनों की कतार में खड़े लोगों को बताया गया कि पंप में ईंधन नहीं है तो वे भड़क उठे। डॉन में प्रकाशित खबरों के अनुसार लाहौर, फैसलाबाद, इस्लामाबाद, सियालकोट और मुल्तान में कुछ खुले पेट्रोल पंपों के बाहर कई वाहन चालकों को रातभर कतारों में इंतजार करना पड़ा।

पाक पंजाब के लाहौर और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत सबसे ज्यादा है। यह नौबत पाक की माली हालत खराब होने की वजह से आई है। यहां सरकारी कंपनियां या तो घाटे में है या फिर नकदी के संकट से जूझ रही हैं। पाक में कुछ महीने पहले तक एक दिन में 11 हजार टन ईंधन बिकता था। यह बढ़कर 15 हजार टन प्रतिदिन हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की मांग में 23 फीसद की ग्रोथ हुई है। हर महीने पाक में औसतन 3.80 लाख टन पेट्रोल-डीजल की दरकार होती है।

इसमें से 1.40 लाख टन तो रिफाइनरीज से आता है। 2.40 लाख टन आयात होता है। पाक स्टेट ऑयल की पाक के तेल बाजार में हिस्सेदारी 65 फीसद है। वह हर साल 1200 अरब रुपये का व्यवसाय करती है। वहीं पाक अरब रिफाइनरी भी 20 फीसद की हिस्सेदारी रखती है। यह रिफाइनरी पिछले कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति विफल हो जाने से काम नहीं कर रही है।

Wednesday, 14 January 2015

बुगती हत्याकांड में मुशर्रफ पर चलेगा मुकदमा

देशद्रोह मामले से जूझ रहे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सामने एक और परेशानी खड़ी हो गई है। पाकिस्तान की एक आतंक रोधी अदालत ने बुधवार को बलूच नेता नवाब अकबर खान बुगती की हत्या के मामले में मुशर्रफ को आरोपी मानते हुए उन पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। बुगती 2006 में ब्लूचिस्तान में सैन्य अभियान में मारे गए थे। उस समय मुशर्रफ राष्ट्रपति और सैन्य प्रमुख थे।

बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा की अदालत ने कहा कि 4 फरवरी से इस मामले की नियमित रूप से सुनवाई होगी। अदालत ने दो सह आरोपियों तत्कालीन गृहमंत्री आफताब खान और बलूचिस्तान के पूर्व गृहमंत्री शोएब नुशरवान पर भी अभियोग चलाने का आदेश दिया।

2009 से अदालत में चल रही मामले की सुनवाई के दौरान मुशर्रफ कभी भी उपस्थित नहीं रहे। मुशर्रफ के वकील ने अदालत में चिकित्सा प्रमाण पत्र देते हुए पेशी से छूट की अनुमति मांगी। वकील का कहना था कि मुशर्रफ को पीठ दर्द की परेशानी है। इस मांग को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि उन्हें यह छूट मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के बाद ही दी जाएगी।

2013 में पांच साल स्वनिर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे मुशर्रफ कई मामलों में अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। इनमें 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या और देशद्रोह का मामला भी शामिल है।

Tuesday, 13 January 2015

सेना प्रमुख ने कहा, 'कश्मीर में छद्म युद्ध कर रहा है पाक'

थलसेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध कर रहा है। हाल ही में हुए आतंकी हमले उसकी हताशा दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल सेना ने 110 आतंकियों को मार गिराया है।

थलसेनाध्यक्ष ने कहा कि सीमा पर बढ़ रही गतिविधियों की वजह से हमारे लिए खतरे और चुनौतियां बढ़ रही हैं।

उधर, पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बाद अब पाक रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के लिए भारत को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ भारत के संबंध सामने आ चुके हैं, भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से हमारा ध्यान भटकाना चाहता है।

Wednesday, 7 January 2015

अब जेल से निकल नहीं पाएगा 26/11 का मास्टर माइंड लखवी

26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकिउर रहमान लखवी को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा झटका देते हुए हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है जिसमें इस आतंकी सरगना के हिरासत को निलंबित करने का फैसला दिया गया था। इसका मतलब है कि लखवी फिलहाल जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। हालांकि भारत के इस पर कड़े विरोध के बाद लखवी को एक अन्य मामले में हिरासत में ले लिया गया था।

पाकिस्तान की एक आतंक निरोधी अदालत ने 18 दिसंबर को मुंबई हमला मामले में उसे जमानत दे दी थी, जिसके बाद उसे एक अन्य मामले में हिरासत में ले लिया गया था। लखवी ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जिला प्रशासन के आदेश को सस्पेंड करने का फैसला दिया था।

कोर्ट के आदेश के कुछ घंटों के बाद ही इस्लामाबाद पुलिस ने लखवी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था और उसे फिर हिरासत में रखने का आदेश जारी कर दिया गया था। इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार ने लखवी को हिरासत में लेने के इस्लामाबाद जिला प्रशासन के आदेश को निलंबित करने के इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी।

गौरतलब है कि लखवी उन सात आतंकियों में शामिल है जिन पर 26/11 मुंबई हमले की साजिश करने और उसमें मदद करने का आरोप है। अन्य छह आरोपी हम्माद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, युनूस अंजुम, जमिल अहमद, मजहर इकबाल और अब्दुल माजिद हैं। माना जाता है कि मुंबई हमले के दौरान लखवी लश्कर-ए-तैयबा का संचालन प्रमुख था। पाक अदालत में इस मामले में सुनवाई काफी धीमी गति से चल रही है जिसे लेकर भारत कड़ा विरोध भी जताता रहा है।

पाक ने लाहौर-नई दिल्‍ली बस सेवा को वाघा तक किया सीमित

आतंकी हमले की आशंका के मद्देनजर पाकिस्तान ने लाहौर से नई दिल्ली के बीच चल रही बसों को अब वाघा सीमा तक ही सीमित रखने का फैसला किया है।

समाचारपत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली जा रहे और वहां से लौट रहे यात्रियों को वाघा सीमा पर ही उतारा जा रहा है। भारत जाने वालों को भी वाघा सीमा से बस पकड़ने के लिए कहा गया है। वाघा सीमा भारतीय राज्य पंजाब के अमृतसर शहर और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित लाहौर के बीच में है।

पाकिस्तान-भारत दोस्ती बस सेवा का यह नया तरीका पाकिस्तान पर्यटन विकास निगम (पीटीडीसी) के अधिकारियों द्वारा बस का संचालन सीमा पर स्थित अपने उप-कार्यालय में स्थानांतरित किए जाने के बाद शुरू हुआ है।

गुलबर्ग में पीटीडीसी द्वारा नियुक्त सुरक्षा अधिकारी अकरम ने कहा कि पूरा बस संचालन सीमा पर से किया गया है। पाकिस्तान-भारत के बीच इस बस सेवा की आधिकारिक शुरुआत 16 मार्च, 1999 को हुई थी।

Wednesday, 31 December 2014

'पाक के संघर्षविराम उल्‍लंघन का दोगुनी ताकत से जवाब दे सेना'

जम्मू जिले के पल्लनवाला सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा मंगलवार को किए गए संघषर्विराम उल्लंघन में सेना के एक जवान जख्मी होने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना को दोगुनी ताकत से जवाब देने का आदेश दिया है। पिछले एक हफ्ते में पाक द्वारा संघषर्विराम उल्लंघन की यह पांचवीं घटना है।

पर्रिकर ने कल रक्षा संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हम जवाबी कार्रवाई में थोड़ी भी हिचकिचाहट नहीं दिखाएंगे। यदि पाकिस्तानी की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ तो उसे करारा जवाब मिलेगा। हम दोगुनी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेंगे। हालांकि उन्होंने यह माना कि पिछले साल की तुलना में इस साल नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की संख्या में कमी आई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर यह बढ़ी है।

रक्षा मंत्री ने असम में बोडो उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हमने स्थानीय प्रशासन के आग्रह का इंतजार किया और जैसे ही हरी झंडी मिली कार्रवाई शुरू की गई। वहीं चीन-सीमा पर भारत की ओर बन रही सड़कों पर चीन के विरोध को पर्रिकर ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी सरजमीं पर कुछ भी करें, चीन का उससे लेना देना नहीं है।
Source: Hindi News and Newspaper

Sunday, 7 December 2014

Pak al-Qaeda chief among 5 killed in US drone strike

Umer Farooq, believed to be in charge of al-Qaeda's operations in Pakistan and Afghanistan, was killed in the strike that took place in the Khar Tangi area of Datta Khel district in the region, where the Pakistani military has been battling Taliban and al-Qaeda-linked militants since June.

A security official said Farooq was among five people killed when two missiles fired from the drone hit a compound.The compound was completely destroyed in the attack.

Also known Umer Ustad and Ustad Farooq, he was also working as al-Qaeda chief for Afghanistan and Pakistan. His killing came a day after Pakistani forces killed top al-Qaeda operative Adnan Shukrijuma in raid at a house in South Waziristan.

The chief of al-Qaeda's global operations, Shukrijuma  was wanted by the US over a 2009 plot to attack the New York subway system. Shukrijuma was among the five men indicted in the US over the plot to bomb New York's subway system under orders from al-Qaeda leaders in Pakistan.
The New York indictment links him to the Manhattan plot and a similar never-executed scheme to attack British subways,according to media reports. North Waziristan has long been used as shelter by the Taliban and al-Qaeda-linked militants and has frequently been targeted by US drones.
  
The Pakistani military launched a major offensive in North Waziristan in June and say they have killed more than 1,000 militants so far. For almost a decade, American drone strikes in Pakistan's tribal belt have been deeply unpopular with the public.Pakistani officials have publicly condemned the drone strikes, saying they violate sovereignty.

Friday, 5 December 2014

No immediate breakthrough in resumption of Indo-Pak talks

Foreign Office spokesperson Tasnim Aslam said at a weekly news briefing in Islamabad said that Pakistan wants peace and stability in the region.

Pakistan does not see any "immediate breakthrough in start of talks", she said, adding Prime Minister Nawaz Sharif had accepted invitation from India in good faith to attend oath taking ceremony of Indian Prime Minister Narendra Modi.

Her statement came days after National Security Advisor Sartaj Aziz said India should take an initiative to start the talks.

India called off Foreign Secretary-level talks with Pakistan after Pakistan High Commissioner Abdul Basit held talks with Kashmiri separatists.

Pakistan appoints new Chief Election Commissioner

Rajwana said Islamuddin Shaikh of Pakistan Peoples Party (PPP) proposed the name of Justice Khan and it was supported by all party members during the meeting of the committee.
  
Members of Imran Khan's Pakistan Tehreek-i-Insaf (PTI) did not attend the meeting. PTI members have refrained from attending meetings of the parliamentary panel since party legislators resigned en masse at the peak of their protests in Islamabad in August. Justice Khan, who belongs to Abbottabad in Khyber Pakhtunkhwa, is the Chief Justice of Federal Shariat Court and he retired as a judge of the Supreme Court in 2011.
  
He was among the Supreme Court judges who had refused to take oath under the Provisional Constitution Order after then military ruler Pervez Musharraf imposed emergency in 2007.
  
He was also a member of the bench which gave a decision in the famous National Reconciliation Ordinance case. Justice Khan was the only member who gave a "partial dissenting note," according to local media. The appointment comes after the Supreme Court had set a December 5 deadline for the appointment of a permanent CEC.   

The apex court had threatened on Tuesday it would consider issuance of notices against Prime Minister Nawaz Sharif and Leader of the Opposition in the National Assembly Syed Khursheed Shah on December 8 if the two leaders failed to appoint a permanent CEC by the deadline. The CEC office had been vacant for over 16 months after the retirement of Fakhruddin G Ibrahim.

Tuesday, 2 December 2014

Pakistan not hopeful about talks resuming with India: Sartaj Aziz


Sartaj Aziz was talking to reporters after inaugurating the annual conference of the Pakistan Institute of Development Economics (PIDE) in Islamabad.
  
"India has suspended the dialogue process and now it is New Delhi's responsibility to resume it," he said.
  
India called off foreign secretary-level bilateral talks in August after Pakistani High Commissioner Abdul Basit's meeting with Kashmiri separatist leader Shabir Shah.
  
Aziz also said that India instead of addressing the core issue of Kashmir was trying to divert international attention from it by branding struggle for self-determination with terrorism. He also called on the world community to play a role in the conflict.
  
"Over the last 40 years, bilateralism has failed on Kashmir and that's why Pakistan wanted to engage international community on the matter," he said.
  
He said normalisation and friendship with India could only be possible without compromising self-respect, honour and equality.
  
The remarks came days after leaders of the two countries shook hands at the SAARC summit in Nepal, creating hope for revival of talks.

Source: News in Hindi and Newspaper 

Sunday, 30 November 2014

Imran threatens to "shut down" Pakistan by 16 December

The Pakistan Tehreek-i-Insaf (PTI) chief, in a rally here outside the Parliament, said that his protest will continue till the government initiate an inquiry into the "massive rigging" in last year's general elections, which saw Sharif's Pakistan Muslim League-Nawaz (PML-N) win by a landslide.

"The ball is in your court, Nawaz Sharif — do your talks, do your investigations and solve the issue. We will close Pakistan down when December 16 comes, and what I do after that you will not be able to bear it...It has been 109 days and Naya Pakistan is waking up every day. We can all see it," Khan was quoted as saying by Dawn.

"On Thursday (December 4), I will go to Lahore and shut it down. On December 8 I will shut down Faisalabad, on December 12 I will go to Karachi and shut it down. By December 16 I will shut down all of Pakistan if the poll inquiry is not initiated," Khan said.

The cricketer-turned-politician has been holding protest-rallies in different cities to spread his movement, demanding a probe into the allegations of rigging the election.

Khan had launched his protest in mid-August, demanding Sharif's ouster, but he later withdrew his main demand of the Prime Minister's resignation ahead of the probe and offered the government to constitute a judicial commission comprising Supreme Court judges, ISI and Military Intelligence officials, to investigate the reported rigging.

December 16 is considered as a tragic day in the history of Pakistan as the country lost its eastern wing after a war with India when its army surrendered and Bangladesh emerged as an independent country.

The PTI leader said that if his demand for the impartial inquiry of the elections was not met, he would make the functioning of government "impossible".

He alleged that the Nawaz Sahrif government is promoting corruption and politics of patronage.

Meanwhile, the Prime Minister's spokesman, Mussadik Malik said that it was "unfortunate" that Khan had threatened to "shut down" the country.

"What he want to achieve through it. I urge him to leave the politics of agitation and enter into a meaningful dialogue to achieve his objectives," he said.

Minister for Railways Saad Rafiq said such announcements cannot be made by a patriotic person.

"Imran wants to spread anarchy and derail democracy in the disguise of bringing true democracy," he said.