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Wednesday, 13 April 2016

हंदवाड़ा फायरिंग में तीन की मौत, श्रीनगर के 6 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी

श्मीर के हंदवाड़ा में मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान सेना की फायरिंग में तीन लोगों मौत हो गयी है। जिसमें एक महिला राजा बेगम शामिल है। शेर-ए-कश्मीर मेडिकल कॉलेज में राजा बेगम को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। फायरिंग में मारे गए युवकों का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ है जिसकी वजह से घाटी का माहौल अशांत है। बताया जा रहा है कि मृतकों का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा।

हंदवाड़ा मामले में नया मोड़, लड़की ने कहा नहीं हुई थी छेड़खानी

युवकों की मौत के विरोध में अलगाववादी संगठनों के बंद के मद्देनजर श्रीनगर के 6 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। हालांकि बैसाखी के मद्देनजर सिख समुदाय के लोगों को कर्फ्यू से छूट दी गयी है। कश्मीर घाटी में हंदवाडा में सुरक्षाबलों की फायरिंग में युवकों की मौत के खिलाफ कश्मीर घाटी में बंद असर सुबह सवेरे से ही नजर आया। सभी दुकानें और व्यापरिक प्रतिष्ठान बंद हैं। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिकबलों केा तैनात कर दिया गया है। मीरवाईज मौलवी उमर फारुक और सैययद अली शाह गिलानी समेत सभी प्रमुख अलगाववादियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है।

हंदवाड़ा में प्रदर्शन की शुरुआत सेना के एक जवान द्वारा कथित तौर पर एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ के बाद हुई थी।बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारा गया नईम कादिर बट कश्मीर के नवोदित क्रिकेट खिलाडि़यों में एक था। नईम तीन वर्ष पूर्व अखिल भारतीय क्रिकेट कोचिंग कैंप के लिए भी चुना गया था। बीए प्रथम वर्ष के छात्र नईम ने अंडर-19 में खेलते हुए कई प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।

प्रदर्शन के दौरान उग्र लोगों ने सेना के बंकर पर पत्थरबाजी की और सेना के बंकरों को आग लगाने की कोशिश की थी जिसके बाद सेना ने जवाबी कार्यवाई करते हुए गोली चलाई जिसमें दो की मौत हो गई और दो अन्य जख्मी है।

हिंसक भीड़ ने सुरक्षाबलों का बंकर भी फूंक दिया है। हिंसक झढ़पों में सात सुरक्षाकर्मी भी गंभीर रुप से घायल हुए हैं। कश्मीर के आईजीपी एसजेएम गिलानी ने बताया कि लोगों का आरोप था कि सेना के जवानों ने युवती से छेड़खानी की थी। आरोप लगाने वाले विरोधियों की भीड़ ने बंकर पर कब्जा करने की कोशिश की तो, पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब हालात काबू में है। पूरे क्षेत्र में प्रशासन ने अघोषित कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। संबधित अधिकारियों ने कहा है कि धारा 144 को लागू किया गया है।

Source: हंदवाड़ा फायरिंग में तीन की मौत, श्रीनगर के 6 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी

Tuesday, 13 January 2015

सेना प्रमुख ने कहा, 'कश्मीर में छद्म युद्ध कर रहा है पाक'

थलसेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध कर रहा है। हाल ही में हुए आतंकी हमले उसकी हताशा दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल सेना ने 110 आतंकियों को मार गिराया है।

थलसेनाध्यक्ष ने कहा कि सीमा पर बढ़ रही गतिविधियों की वजह से हमारे लिए खतरे और चुनौतियां बढ़ रही हैं।

उधर, पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बाद अब पाक रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के लिए भारत को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ भारत के संबंध सामने आ चुके हैं, भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से हमारा ध्यान भटकाना चाहता है।

Monday, 13 January 2014

If Pakistan breaks rules, then we can too: Gen. Bikram Singh

  
नई दिल्ली [जाब्यू]। पड़ोसी नियम से चलेगा तो हम भी नियमों के मुताबिक चलेंगे। अगर वो नियमों को तोड़ेंगे तो स्वाभाविक है हम नियमों से बंधे नहीं रह सकते, हम भी नियम तोड़कर जवाब देंगे। इन शब्दों के साथ सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने सोमवार को दो-टूक कहा, सीमा पर पाकिस्तान की किसी भी बदनीयती का माकूल व आक्रामक तरीके से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। बीते साल दो जवानों के सिर काटे जाने की घटना पर जवाबी भारतीय कार्रवाई की तस्दीक करते हुए जनरल ने कहा, भारतीय सेना की फायरिंग में 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। उनका साफ कहना था कि सैनिकों के सिर काटने का बदला हमने ले लिया।

जवानों की गला रेत कर हत्या करने की घटना पर समय व स्थान चुनकर बदला चुकाने की बात कह चुके जनरल सिंह ने कहा, हमने भी आक्रामक कार्रवाई की है। उन्होंने 23 दिसंबर को पाकिस्तानी मीडिया में आई उस खबर का हवाला दिया जिसमें नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी में एक अधिकारी और नौ पाक सैनिकों के मारे जाने तथा 12-13 के घायल होने की बात कही गई थी। जनरल ने कहा, यह आपके सैनिकों की कार्रवाई का नतीजा था। बीते साल जनवरी में पाक सैनिकों ने आतंकियों के साथ मिलकर की गई कार्रवाई में दो भारतीय जवानों की गला रेत कर हत्या कर दी थी। घुसपैठिया पाक दस्ता एक भारतीय सैनिक का सिर काटकर अपने साथ ले गया था। वहीं अगस्त में भी पाक सैनिकों ने सीमा में घुसपैठ कर पांच भारतीय सैनिकों को मार दिया था।

नियंत्रण रेखा पर पुंछ में सोमवार को संघर्ष विराम के उल्लंघन के मुद्दे पर भी सेनाध्यक्ष बोले। उन्होंने कहा,तीन आतंकियों की हलचल देखे जाने पर भारतीय सैनिकों ने कार्रवाई की। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत में जनरल सिंह का कहना था कि संघर्ष विराम का उल्लंघन स्थानीय स्तर पर युद्ध की तरह होता है। लिहाजा सीमा पर तैनात जवान व कमांडर जवाबी कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाते हैं। सिंह ने कहा, भारत पुंछ की इस घटना को पाक सैन्य अभियान महानिदेशक के साथ हॉटलाइन वार्ता में भी उठाएगा। 

सेना प्रमुख के मुताबिक घुसपैठ के किसी भी प्रयास पर हम जबरदस्त कार्रवाई करेंगे। सीमा पार से अक्सर गोलीबारी भी घुसपैठियों की मदद के लिए ही होती है। हालांकि सोमवार को पुंछ में हुआ संघर्षविराम उल्लंघन 27 अक्टूबर के बाद दर्ज पहली घटना है। वाघा सीमा पर 24 दिसंबर 2013 को दोनों देशों की सैन्य महानिदेशकों की बैठक हुई थी जिसमें शांति बहाली के उपायों पर जोर दिया गया था। इस कड़ी में जल्द ही नियंत्रण रेखा पर दोनों मुल्कों के बीच दो ब्रिगेडियर स्तर वार्ताएं भी होनी हैं। 

बीते एक वर्ष के दौरान नियंत्रण रेखा पर 2003 से कायम संघर्ष विराम तोड़ कर पाक की ओर से गोलीबारी की 400 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। सीमा पर 2013 में हुई घटनाओं में 10 सैनिकों और 7 नागरिकों की मौत हुई है जबकि 11 सैनिक व 89 नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। इस बीच सेनाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि मानवाधिकार उल्लंघन के किसी भी मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि मच्छल एनकाउंटर मामले में सेना की कार्रवाई एक सख्त संदेश देगी ताकि फर्जी एनकाउंटर न हों। हालांकि उन्होंने मामले को अदालत के विचाराधीन बताते हुए आगे टिप्पणी करने से इन्कार किया। 

Wednesday, 13 November 2013

Government Denied to Infiltrition in Keran Sector

infiltrition
नई दिल्ली। केरन सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठियों की लंबे समय तक हुई कोशिश के दौरान वहां क्या हुआ, इस पर उठे सवालों के बीच सरकार ने सेना के दावे को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि वहां ऐसा कोई सुबूत नहीं है जिससे लगे कि घुसपैठ का कोई प्रयास हुआ।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हाल में यहां हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान यह भी महसूस किया गया कि जिस 'रिसेप्शन एरिया' में सेना को आतंकवादी मिले और जहां से आतंकी भाग गए वहां उनकी घेराबंदी करने के लिए सेना को उन स्थानों की किलेबंदी करनी चाहिए। सरकार का मानना है कि नियंत्रण रेखा से चार-पांच किलोमीटर तक अंदर भारतीय क्षेत्र में सेना उन आतंकवादियों को पकड़ सकती है जो यह दूरी तय कर पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं।

रिसेप्शन एरिया आमतौर पर नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर अंदर होता है जिसे सेना उन आतंकियों के घुसपैठ के प्रयासों को निष्क्रिय करने के लिए बनाती है जो सीमा पर बच निकलने में सफल रहते हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठक में जम्मू-कश्मीर और गुलाम कश्मीर के बीच में बंटे शालभटू गांव में पाकिस्तान के विशेष बलों की तरफ से घुसपैठ के प्रयास को सरकार ने संदिग्ध माना क्योंकि किसी अन्य एजेंसी के पास इसके साक्ष्य मौजूद नहीं थे। 

पिछली सदी के आखिरी दशक में शालभटू गांव घुसपैठ के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों में से एक था। सूत्रों ने कहा कि बैठक में सेना के एक प्रतिनिधि ने भी शिरकत की थी और इसमें तकनीक खुफिया जानकारी को भी ध्यान में रखा गया जो सेना के किसी भी दावे से मेल नहीं खाती थी। अगस्त के अंतिम हफ्ते में शुरू हुआ केरन अभियान करीब दो सप्ताह बाद खत्म हुआ था। केरन में घुसपैठ के बारे में सेना का दावा निगरानी के दायरे में आ गया था क्योंकि इसमें दावा किया गया था कि करीब 30 आतंकियों ने घुसपैठ की थी और उन्हें घेर लिया गया था।

 Source- News in Hindi