पाकिस्तान स्टेट ऑयल (पीएसओ) कंपनी के मुताबिक बीते दो हफ्ते में किसी भी बंदरगाह पर कच्चे तेल का एक भी जहाज नहीं आया है क्योंकि निर्यातकों का 215 अरब रुपया पाकिस्तान पर बकाया है। आमतौर पर हर 15 दिन में देश में छह से आठ जहाज कच्चा तेल पहुंचता है। हर जहाज में 65 हजार टन तेल होता है।
ईंधन की कमी के कारण देशभर में आक्रोश है। पाकिस्तानी समाचार पत्रों के अनुसार, देश के कई बड़े शहरों में पिछले छह दिनों से पेट्रोल पंप बंद पड़े हुए हैं। मुल्तान में नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। डॉन के अनुसार, ईंधन की कमी के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सार्वजनिक परिवहन भी काफी प्रभावित हुआ है।
देश के कई अखबारों ने देश के बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर हुईं झड़पों की खबरें प्रकाशित की हैं। जब वाहनों की कतार में खड़े लोगों को बताया गया कि पंप में ईंधन नहीं है तो वे भड़क उठे। डॉन में प्रकाशित खबरों के अनुसार लाहौर, फैसलाबाद, इस्लामाबाद, सियालकोट और मुल्तान में कुछ खुले पेट्रोल पंपों के बाहर कई वाहन चालकों को रातभर कतारों में इंतजार करना पड़ा।
पाक पंजाब के लाहौर और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत सबसे ज्यादा है। यह नौबत पाक की माली हालत खराब होने की वजह से आई है। यहां सरकारी कंपनियां या तो घाटे में है या फिर नकदी के संकट से जूझ रही हैं। पाक में कुछ महीने पहले तक एक दिन में 11 हजार टन ईंधन बिकता था। यह बढ़कर 15 हजार टन प्रतिदिन हो गया है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की मांग में 23 फीसद की ग्रोथ हुई है। हर महीने पाक में औसतन 3.80 लाख टन पेट्रोल-डीजल की दरकार होती है।
इसमें से 1.40 लाख टन तो रिफाइनरीज से आता है। 2.40 लाख टन आयात होता है। पाक स्टेट ऑयल की पाक के तेल बाजार में हिस्सेदारी 65 फीसद है। वह हर साल 1200 अरब रुपये का व्यवसाय करती है। वहीं पाक अरब रिफाइनरी भी 20 फीसद की हिस्सेदारी रखती है। यह रिफाइनरी पिछले कुछ दिनों से बिजली आपूर्ति विफल हो जाने से काम नहीं कर रही है।
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