Showing posts with label Sourav Ganguly. Show all posts
Showing posts with label Sourav Ganguly. Show all posts

Tuesday, 24 May 2016

सचिन और गांगुली के कारण टीम इंडिया में नहीं आ पाया ये क्रिकेटर!

अमोल मजूमदार ऐसे दुर्भाग्यशाली क्रिकेटर रहे जिन्हें घरेलू क्रिकेट में हजारों रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया में कभी मौका नहीं मिल पाया। मजूमदार की तकनीक में कोई खराबी नहीं थी, उनका टाइमिंग खराब रहा जिसके चलते वे राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाया। वे उसी स्कूल टीम में थे जिसमें सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली शामिल थे। वे जब टीम इंडिया में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे तब टीम में सचिन, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण धूम मचा रहे थे।


1988 में हैरिस शील्ड इंटर स्कूल टूर्नामेंट में 13 वर्षीय सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भारतीय क्रिकेट का सुनहरा पन्ना है। इस साझेदारी के जरिए ये दोनों खिलाड़ी सुर्खियों में आ गए और पैड पहनकर बैठे एक 13 वर्षीय क्रिकेटर की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। यह बल्लेबाज अमोल मजूमदार था।


जब आगे चलकर सचिन और कांबली टीम इंडिया की तरफ से खेले, तब हैरिस शील्ड मैच की तरह मजूमदार यहां भी अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। अमोल ने वर्षों बाद 1993 में मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी किया और हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 260 रन बनाए। यह प्रथम श्रेणी पदार्पण में अभी भी रिकॉर्ड स्कोर है। मजूमदार ने चमकीले प्रथम श्रेणी करियर में 21 वर्षों में 11167 रन बनाए।

कभी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए

टेलेंट और तकनीक को छोड़ दीजिए, मजूमदार हमेशा खराब टाइमिंग के शिकार बने। वे उस स्कूल टीम में शामिल रहे, जिसमें सचिन और कांबली थे। वे 1995 में उस भारत 'ए' में चुने गए जिसमें राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण थे। इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ टेस्ट मैचों में द्रविड़ चमके जबकि वन-डे में गांगुली छा गए। रवि शास्त्री और नवजोतसिंह सिद्धू रिटायर हुए थे और टीम इंडिया के मध्यक्रम में जगह खाली थी। 1995-96 की दुलीप ट्रॉफी प्रतिभा दिखाने का सही मंच था और लक्ष्मण और द्रविड़ ने सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि गांगुली ने पूर्व क्षेत्र के खिलाफ 171 रन बनाए। ये तीनों भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे जबकि मजूमदार इंतजार करते रह गए।

इसके बाद तो मजूमदार सही मौके का इंतजार करते ही रह गए। मुंबई का 15 वर्षों तक प्रतिनिधित्व करने के बाद वे असम और आंध्रप्रदेश की तरफ से भी खेले। उन्होंने 30 प्रथम श्रेणी शतक लगाए और 8 रणजी ट्रॉफी खिताब हासिल किए।

फेब फोर ने रास्ता रोके रखा

मजूमदार जब टीम इंडिया में जगह पाने की कोशिश कर रहे थे तब फेब फोर (सचिन, द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाए हुए थे। उस वक्त इन चारों के बगैर भारतीय टीम की कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था। इसकी वजह से घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बावजूद मजूमदार राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाए। अमोल ने 2014 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया, वह भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किए बगैर।  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 10 May 2016

2019 तक धौनी कप्तान रहते हैं तो यह चौंकाने वाला होगा : सौरव गांगुली

भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाई है उन्होंने भारतीय टीम को टी20 और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विश्व विजेता बनाया है। कैप्टन कूल अपनी समझदारी से कई बार हारती हुई टीम इंडिया को जीत दिलाने में सफल हुए है।फिलहाल धौनी आइपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के कप्तान है।

धौनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच में टेस्ट कप्तानी से संयास की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद आक्रमाक बल्लेबाज विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बनाया गया था।

अंग्रेजी अखबार द टाइमस ऑफ इंडिया के मुताबिक पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक स्पोर्ट्स शो के दौरान कहा कि, यदि महेंद्र सिंह धौनी 2019 में भी भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करते हैं तो वह हैरान होंगे।गांगुली ने कहा कि, हर टीम अपने भविष्य के बारे में योजना तैयार करती है। मेरा सवाल चयनकर्ताओं से है कि क्या वो आगे के तीन चार सालों में इंडियन टीम के कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धौनी को देखते हैं?

उन्होंने कहा कि धौनी में हर वो काबिलियत है जो एक कप्तान में होनी चाहिए उसे उन्होंने बेहतरीन ढंग से निभाया है, लेकिन मेरा सवाल ये है कि आने वाले तीन चार वर्षों में धौनी इसके लिए तैयार हैं?

धौनी आइपीएल में खराब फार्म से गुजर रहे हैं इस पर गांगुली का मानना है कि धौनी अब भी अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से भारतीय टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं।खेल के छोटे प्रारूप में अभी टीम इंडिया को धौनी की जरूरत है। गांगुली ने कहा कि धौनी को कप्तानी करते हुए एक अच्छा खासा लंबा समय हो चुका है। धौनी पहले ही टेस्ट क्रिकेट छोड़ चुके हैं. अब वो केवल वनडे और टी 20 क्रिकेट खेलते हैं।

सौरव ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि महेंद्र सिंह धौनी को क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। वो लगातार सीमित ओवर के क्रिकेट में खेलते रहें। टीम इंडिया को अभी उनकी बेहद जरूरत है।

विराट कोहली की तारीफ करते हुए गांगुली ने कहा कि, विराट ने अपने आप को हर फॉर्मेट में साबित करके दिखाया है।कोहली का बतौर कप्तान टेस्ट औसत 52.70 का रहा है। बतौर कप्तान कोहली ने मात्र 10 मैचों में चार शतक जड़े हैं।

तो चयनकर्ताओं को इस सवाल के जवाब तलाश करने की जरुरत है कि क्या धौनी 2019 में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे? अगर चयनकर्ताओं का जवाब न है तो उन्हें नए कप्तान की तलाश शुरू कर देनी चाहिए, यदि उनका जवाब हां है तो यह बहुत बहुत चौंकाने वाली वाली बात होगी धौनी आगे जारी रहेंगे।
Read more http://www.jagran.com/