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Tuesday, 28 June 2016

भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के कार्यक्रम की हुई घोषणा, जानें- कब और कहां होंगे मैच

बीसीसीआइ ने आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली सीरीज के मैचों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। न्यूजीलैंड टीम भारतीय दौरे पर तीन टेस्ट और पांच वनडे मैच खेलेगी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट मैच कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में सितंबर 22-26 सिंतबर के बीच खेला जाएगा।

न्यूजीलैंड ने पिछले साल 2012 में भारत का दौरा किया था, जब वे टेस्ट मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई थी, लेकिन उसने दो मैचों की टी20 सीरीज 1-0 से जीत ली थी। न्यूजीलैंड का ये भारतीय दौरा काफी लंबा होगा इसमें पहला टेस्ट मैच 22 सिंतबर से शुरू होकर आखिरी वनडे मैच 29 अक्टूबर को खेला जाएगा।

 यहां होंगे भारत के टेस्ट मैचों का आयोजन

1 टेस्ट: ग्रीन पार्क स्टेडियम, कानपुर - सितंबर 22-26

2 टेस्ट: होल्कर स्टेडियम, इंदौर - 30 सितंबर - अक्टूबर 4

3 टेस्ट: ईडन गार्डन, कोलकाता - अक्टूबर 8-12

वनडे मैचों का आयोजन

1 वनडे: एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला - अक्टूबर 16

2 वनडे: फिरोजशाह कोटला, नई दिल्ली - 19 अक्टूबर

3 वनडे: पीसीए स्टेडियम, मोहाली - अक्टूबर 23

4 वनडे: जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम, रांची - 26 अक्टूबर

5 वीं वनडे: डॉ Y.S राजशेखर रेड्डी स्टेडियम, विशाखापट्टनम - 29 अक्टूबर

Wednesday, 11 May 2016

सौरव गांगुली बन सकते है अगले बीसीसीआइ सचिव!

बीसीसीआइ अध्यक्ष पद से शशांक मनोहर के इस्तीफा देने के बाद भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली बीसीसीआइ सचिव पद का दायित्व संभाल सकते हैं। मनोहर ने मंगलवार को बीसीसीआइ अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।

क्रिक बज की खबर के मुताबिक वर्तमान बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर को बीसीसीआइ अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है।

ठाकुर के बीसीसीआइ अध्यक्ष बनने की स्थिति में बीसीसीआइ सचिव पद खाली हो जाएगा और बोर्ड के नियमों के अनुसार कार्यकाल के बीच में सचिव पद खाली होने की स्थिति में अध्यक्ष को सचिव नामित करने का अधिकार है। इसके चलते ठाकुर द्वारा सौरव गांगुली को यह जिम्मेदारी सौंपी जाना लगभग तय माना जा रहा है।

अनुराग ठाकुर की क्रिकेट और राजनीति में गहरी पैठ के चलते उन्हें यह पद संभालने में कोई परेशानी नहीं होगी। वैसे आइपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला और महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के अजय शिर्के को भी अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है।

राजीव शुक्ला को बोर्ड में काफी समर्थन हासिल है, लेकिन वे अपने दोस्त ठाकुर की राह में मुश्किलें खड़ी नहीं करेंगे और वे आइपीएल चेयरमैन जैसा दमदार पद भी छोड़ना नहीं चाहेंगे। पूर्व बीसीसीआई कोषाध्यक्ष शिर्के को शरद पवार का समर्थन हासिल है, लेकिन लोढ़ा समिति की सिफारिशों के चलते दबाव में चल रहे बीसीसीआइ में चुनाव की नौबत आने की संभावना नहीं के बराबर है।

ठाकुर को बीसीसीआइ अध्यक्ष पद के पूर्व क्षेत्र के 6 राज्य इकाइयों में से किसी एक से नामांकन मिलना चाहिए, जिसमें उन्हें मुश्किल नहीं आएगी। ठाकुर के क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष सौरव गांगुली से मधुर संबंध है और उन्हें वहां से आसानी से नामांकन मिल जाएगा। Read more  http://www.jagran.com/

Tuesday, 10 May 2016

2019 तक धौनी कप्तान रहते हैं तो यह चौंकाने वाला होगा : सौरव गांगुली

भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाई है उन्होंने भारतीय टीम को टी20 और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विश्व विजेता बनाया है। कैप्टन कूल अपनी समझदारी से कई बार हारती हुई टीम इंडिया को जीत दिलाने में सफल हुए है।फिलहाल धौनी आइपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के कप्तान है।

धौनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच में टेस्ट कप्तानी से संयास की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद आक्रमाक बल्लेबाज विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बनाया गया था।

अंग्रेजी अखबार द टाइमस ऑफ इंडिया के मुताबिक पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक स्पोर्ट्स शो के दौरान कहा कि, यदि महेंद्र सिंह धौनी 2019 में भी भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करते हैं तो वह हैरान होंगे।गांगुली ने कहा कि, हर टीम अपने भविष्य के बारे में योजना तैयार करती है। मेरा सवाल चयनकर्ताओं से है कि क्या वो आगे के तीन चार सालों में इंडियन टीम के कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धौनी को देखते हैं?

उन्होंने कहा कि धौनी में हर वो काबिलियत है जो एक कप्तान में होनी चाहिए उसे उन्होंने बेहतरीन ढंग से निभाया है, लेकिन मेरा सवाल ये है कि आने वाले तीन चार वर्षों में धौनी इसके लिए तैयार हैं?

धौनी आइपीएल में खराब फार्म से गुजर रहे हैं इस पर गांगुली का मानना है कि धौनी अब भी अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से भारतीय टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं।खेल के छोटे प्रारूप में अभी टीम इंडिया को धौनी की जरूरत है। गांगुली ने कहा कि धौनी को कप्तानी करते हुए एक अच्छा खासा लंबा समय हो चुका है। धौनी पहले ही टेस्ट क्रिकेट छोड़ चुके हैं. अब वो केवल वनडे और टी 20 क्रिकेट खेलते हैं।

सौरव ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि महेंद्र सिंह धौनी को क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। वो लगातार सीमित ओवर के क्रिकेट में खेलते रहें। टीम इंडिया को अभी उनकी बेहद जरूरत है।

विराट कोहली की तारीफ करते हुए गांगुली ने कहा कि, विराट ने अपने आप को हर फॉर्मेट में साबित करके दिखाया है।कोहली का बतौर कप्तान टेस्ट औसत 52.70 का रहा है। बतौर कप्तान कोहली ने मात्र 10 मैचों में चार शतक जड़े हैं।

तो चयनकर्ताओं को इस सवाल के जवाब तलाश करने की जरुरत है कि क्या धौनी 2019 में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे? अगर चयनकर्ताओं का जवाब न है तो उन्हें नए कप्तान की तलाश शुरू कर देनी चाहिए, यदि उनका जवाब हां है तो यह बहुत बहुत चौंकाने वाली वाली बात होगी धौनी आगे जारी रहेंगे।
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Thursday, 2 January 2014

BCCI reaches SC to stop Lalit Modi

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआइ] ने ललित मोदी को राजस्थान क्रिकेट संघ [आरसीए] का अध्यक्ष बनने से रोकने के लिए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरसीए के चुनावों का नतीजा अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है, जिसमें मोदी और उनके समर्थक अभी से जीत का भरोसा जता रहे हैं। आरसीए के चुनाव 19 दिसंबर को कराए गए थे।

बीसीसीआइ का इरादा सुप्रीम कोर्ट का रुखकर आइपीएल के निलंबित कमिश्नर मोदी को क्रिकेट प्रशासन में वापसी से रोकना भी है। बीसीसीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा कि मोदी के आरसीए से जुड़ने पर क्रिकेट बोर्ड की छवि खराब हो जाएगी। बीसीसीआइ ने सितंबर 2013 में मोदी पर आइपीएल के दौरान वित्तीय अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। मोदी 2008 से 2010 तक आइपीएल के कमिश्नर रहे थे।

क्रिकेट बोर्ड ने अपनी याचिका में साथ ही कहा कि बीसीसीआइ की आपत्तियों के बावजूद मोदी को आरसीए में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर खड़ा किया गया। ऐसे में मोदी का नामांकन ही गलत है। आरसीए के चुनावों की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो पूर्व न्यायाधीशों को नियुक्त किया गया था जिन्होंने मोदी को नियमानुसार चुनावों में खड़े होने की अनुमति दी थी।

आरसीए में ललित मोदी की वापसी निश्चित तौर पर बीसीसीआइ और उसकेटॉप मैनेजमेंट के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। मोदी और बीसीसीआइ अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। मोदी को शरद पवार का नजदीकी माना जाता है और देश में बदल रही राजनीतिक परिस्थितियां और आरसीए चुनाव के नतीजे बीसीसीआइ में भी शक्तिकी स्थिति में बदलाव ला सकते हैं। मोदी 2005 में आरसीए अध्यक्ष बने थे जब बीजेपी की वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री थीं। रोचक तथ्य यह है कि इस बार जब मोदी ने आरसीए का चुनाव लड़ा तो वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी को मिली भारी सफलता के साथ फिर सत्ता में हैं।