Showing posts with label World Cup. Show all posts
Showing posts with label World Cup. Show all posts

Tuesday, 31 May 2016

युवराज ने जीते सारे बड़े खिताब लेकिन इस बात का फिर भी रहेगा मलाल

आठ वर्ष के लंबे इंतजार के बाद युवराज के खाते में आखिरकार आइपीएल का खिताब भी आ ही गया। इस खिताब को जीतने के बाद युवराज ने लगभग हर वो खिताब जीत लिए जिसे जीतने की तमन्ना सभी क्रिकेटर्स की होती है हालांकि एक खिताब वो नहीं जीत पाए और इसका मलाल शायद उन्हें हमेशा रहेगा। वहीं युवी के साथी खिलाड़ी धौनी इस मामले में लकी जरूर रहे कि उनके नाम ये सारे बड़े खिताब (अंडर19 वर्ल्ड कप छोड़कर) दर्ज हैं।

 युवराज के खाते में वनडे वर्ल्ड कप , टी-20 वर्ल्ड कप, अंडर-19 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और आइपीएल का खिताब आ चुका है। जो एक खिताब वो नहीं जीत पाए और वो था चैंपियंस लीग टी20 का खिताब। हालांकि अब ये टूर्नामेंट बंद हो चुका है ऐसे में उन्हें ये खिताब नहीं जीत पाने का मलाल जरूर रहेगा।

 युवी की तरह धौनी के नाम भी वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और आइपीएल का खिताब है। उन्होंने चैंपियंस लीग का खिताब भी जीता है लेकिन उनके नाम अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब दर्ज नहीं है, जो कि युवी जीत चुके हैं।  Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 10 May 2016

2019 तक धौनी कप्तान रहते हैं तो यह चौंकाने वाला होगा : सौरव गांगुली

भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाई है उन्होंने भारतीय टीम को टी20 और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विश्व विजेता बनाया है। कैप्टन कूल अपनी समझदारी से कई बार हारती हुई टीम इंडिया को जीत दिलाने में सफल हुए है।फिलहाल धौनी आइपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के कप्तान है।

धौनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच में टेस्ट कप्तानी से संयास की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद आक्रमाक बल्लेबाज विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बनाया गया था।

अंग्रेजी अखबार द टाइमस ऑफ इंडिया के मुताबिक पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक स्पोर्ट्स शो के दौरान कहा कि, यदि महेंद्र सिंह धौनी 2019 में भी भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करते हैं तो वह हैरान होंगे।गांगुली ने कहा कि, हर टीम अपने भविष्य के बारे में योजना तैयार करती है। मेरा सवाल चयनकर्ताओं से है कि क्या वो आगे के तीन चार सालों में इंडियन टीम के कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धौनी को देखते हैं?

उन्होंने कहा कि धौनी में हर वो काबिलियत है जो एक कप्तान में होनी चाहिए उसे उन्होंने बेहतरीन ढंग से निभाया है, लेकिन मेरा सवाल ये है कि आने वाले तीन चार वर्षों में धौनी इसके लिए तैयार हैं?

धौनी आइपीएल में खराब फार्म से गुजर रहे हैं इस पर गांगुली का मानना है कि धौनी अब भी अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से भारतीय टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं।खेल के छोटे प्रारूप में अभी टीम इंडिया को धौनी की जरूरत है। गांगुली ने कहा कि धौनी को कप्तानी करते हुए एक अच्छा खासा लंबा समय हो चुका है। धौनी पहले ही टेस्ट क्रिकेट छोड़ चुके हैं. अब वो केवल वनडे और टी 20 क्रिकेट खेलते हैं।

सौरव ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि महेंद्र सिंह धौनी को क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। वो लगातार सीमित ओवर के क्रिकेट में खेलते रहें। टीम इंडिया को अभी उनकी बेहद जरूरत है।

विराट कोहली की तारीफ करते हुए गांगुली ने कहा कि, विराट ने अपने आप को हर फॉर्मेट में साबित करके दिखाया है।कोहली का बतौर कप्तान टेस्ट औसत 52.70 का रहा है। बतौर कप्तान कोहली ने मात्र 10 मैचों में चार शतक जड़े हैं।

तो चयनकर्ताओं को इस सवाल के जवाब तलाश करने की जरुरत है कि क्या धौनी 2019 में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे? अगर चयनकर्ताओं का जवाब न है तो उन्हें नए कप्तान की तलाश शुरू कर देनी चाहिए, यदि उनका जवाब हां है तो यह बहुत बहुत चौंकाने वाली वाली बात होगी धौनी आगे जारी रहेंगे।
Read more http://www.jagran.com/

Tuesday, 7 January 2014

Hope of father makes Ankush a cricketer

[राजीव शर्मा)] नई दिल्ली। शारजाह में अंडर-19 एशिया कप खिताब जीतने वाली टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज व टूर्नामेंट के हीरो रहे अंकुश बैंस का अगला लक्ष्य यूएई में 14 फरवरी से होने वाले अंडर-19 विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है। अंकुश आज जिस राह पर खड़े हैं, वो बिल्कुल मुमकिन नहीं होती अगर उनके पिता को अपने बेटे पर भरोसा ना होता और एक जिद ना होती उसे खिलाड़ी बनाने की। टेनिस के कोर्ट से नजरअंदाज किए जाने के बाद कैसे एक युवा देखते-देखते शानदार क्रिकेटर बन गया, ये एक दिलचस्प कहानी रही।

अंकुश की कहानी काफी दिलचस्प रही है। उनके पिता करतार बैंस अपने बेटे को टेनिस खिलाड़ी बनाना चाहते थे। जब उनका बेटा 10 साल का था तो उन्होंने उसका दाखिला टेनिस अकादमी में करा दिया था, लेकिन कोच ने उनका सपना ये कहकर तोड़ दिया कि अंकुश के पैर चौड़े हैं और कद भी छोटा है। हालांकि खुद वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके करतार ने अपने बेटे को भी एक खिलाड़ी बनाने की जिद ठान रखी थी। उन्होंने उसे माउंट आबू पब्लिक स्कूल रोहिणी सेक्टर-पांच की क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया। उसके बाद जो हुआ वह अब इतिहास का हिस्सा है। अब करतार की हसरत अपने बेटे को टीम इंडिया की कैप पहने हुए देखने की है। दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले लेकिन मूल रूप से हिमाचल के खतरबाड़ निवासी करतार कहते हैं, 'पहले लोग अंकुश को मेरे बेटे के रूप में जानते थे, लेकिन मैं अब क्रिकेटर अंकुश के पिता के नाम से पहचाना जाता हूं। इससे बड़ी खुशी एक पिता के लिए और क्या हो सकती है। मुझे पता है कि अभी तो ये शुरुआत है, उसे अभी काफी लंबा सफर तय करना है। अब उसका अगला लक्ष्य अंडर-19 विश्व कप खेलना है। उसके बाद अगले रणजी सीजन में कम से कम एक हजार रन बनाने होंगे। ऐसा कर वो चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में जरूर कामयाब होगा।'

टीम इंडिया के धमाकेदार बल्लेबाज विराट कोहली को अपना आदर्श मानने वाले अंकुश 219 रन बनाकर अंडर-19 एशिया कप के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, जिस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक आए। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने टीम को अच्छी शुरुआत दी जो बाद में आने वाले बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद साबित हुई और अंत में भारत को जीत मिली। रणजी ट्रॉफी में हिमाचल की ओर से खेलने वाले इस युवा बल्लेबाज का अगला लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को प्रभावित करना है। अंकुश कहते हैं, 'मुझे पता है यह आसान नहीं है, लेकिन मैं कड़ी मेहनत कर एक दिन अपना लक्ष्य जरूर हासिल करूंगा।'