Tuesday, 7 January 2014

Hope of father makes Ankush a cricketer

[राजीव शर्मा)] नई दिल्ली। शारजाह में अंडर-19 एशिया कप खिताब जीतने वाली टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज व टूर्नामेंट के हीरो रहे अंकुश बैंस का अगला लक्ष्य यूएई में 14 फरवरी से होने वाले अंडर-19 विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना है। अंकुश आज जिस राह पर खड़े हैं, वो बिल्कुल मुमकिन नहीं होती अगर उनके पिता को अपने बेटे पर भरोसा ना होता और एक जिद ना होती उसे खिलाड़ी बनाने की। टेनिस के कोर्ट से नजरअंदाज किए जाने के बाद कैसे एक युवा देखते-देखते शानदार क्रिकेटर बन गया, ये एक दिलचस्प कहानी रही।

अंकुश की कहानी काफी दिलचस्प रही है। उनके पिता करतार बैंस अपने बेटे को टेनिस खिलाड़ी बनाना चाहते थे। जब उनका बेटा 10 साल का था तो उन्होंने उसका दाखिला टेनिस अकादमी में करा दिया था, लेकिन कोच ने उनका सपना ये कहकर तोड़ दिया कि अंकुश के पैर चौड़े हैं और कद भी छोटा है। हालांकि खुद वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके करतार ने अपने बेटे को भी एक खिलाड़ी बनाने की जिद ठान रखी थी। उन्होंने उसे माउंट आबू पब्लिक स्कूल रोहिणी सेक्टर-पांच की क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया। उसके बाद जो हुआ वह अब इतिहास का हिस्सा है। अब करतार की हसरत अपने बेटे को टीम इंडिया की कैप पहने हुए देखने की है। दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले लेकिन मूल रूप से हिमाचल के खतरबाड़ निवासी करतार कहते हैं, 'पहले लोग अंकुश को मेरे बेटे के रूप में जानते थे, लेकिन मैं अब क्रिकेटर अंकुश के पिता के नाम से पहचाना जाता हूं। इससे बड़ी खुशी एक पिता के लिए और क्या हो सकती है। मुझे पता है कि अभी तो ये शुरुआत है, उसे अभी काफी लंबा सफर तय करना है। अब उसका अगला लक्ष्य अंडर-19 विश्व कप खेलना है। उसके बाद अगले रणजी सीजन में कम से कम एक हजार रन बनाने होंगे। ऐसा कर वो चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में जरूर कामयाब होगा।'

टीम इंडिया के धमाकेदार बल्लेबाज विराट कोहली को अपना आदर्श मानने वाले अंकुश 219 रन बनाकर अंडर-19 एशिया कप के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, जिस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक आए। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने टीम को अच्छी शुरुआत दी जो बाद में आने वाले बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद साबित हुई और अंत में भारत को जीत मिली। रणजी ट्रॉफी में हिमाचल की ओर से खेलने वाले इस युवा बल्लेबाज का अगला लक्ष्य अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को प्रभावित करना है। अंकुश कहते हैं, 'मुझे पता है यह आसान नहीं है, लेकिन मैं कड़ी मेहनत कर एक दिन अपना लक्ष्य जरूर हासिल करूंगा।' 

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