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Tuesday, 10 May 2016

2019 तक धौनी कप्तान रहते हैं तो यह चौंकाने वाला होगा : सौरव गांगुली

भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भारतीय क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाई है उन्होंने भारतीय टीम को टी20 और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में विश्व विजेता बनाया है। कैप्टन कूल अपनी समझदारी से कई बार हारती हुई टीम इंडिया को जीत दिलाने में सफल हुए है।फिलहाल धौनी आइपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के कप्तान है।

धौनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज के बीच में टेस्ट कप्तानी से संयास की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद आक्रमाक बल्लेबाज विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बनाया गया था।

अंग्रेजी अखबार द टाइमस ऑफ इंडिया के मुताबिक पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक स्पोर्ट्स शो के दौरान कहा कि, यदि महेंद्र सिंह धौनी 2019 में भी भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करते हैं तो वह हैरान होंगे।गांगुली ने कहा कि, हर टीम अपने भविष्य के बारे में योजना तैयार करती है। मेरा सवाल चयनकर्ताओं से है कि क्या वो आगे के तीन चार सालों में इंडियन टीम के कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धौनी को देखते हैं?

उन्होंने कहा कि धौनी में हर वो काबिलियत है जो एक कप्तान में होनी चाहिए उसे उन्होंने बेहतरीन ढंग से निभाया है, लेकिन मेरा सवाल ये है कि आने वाले तीन चार वर्षों में धौनी इसके लिए तैयार हैं?

धौनी आइपीएल में खराब फार्म से गुजर रहे हैं इस पर गांगुली का मानना है कि धौनी अब भी अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से भारतीय टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं।खेल के छोटे प्रारूप में अभी टीम इंडिया को धौनी की जरूरत है। गांगुली ने कहा कि धौनी को कप्तानी करते हुए एक अच्छा खासा लंबा समय हो चुका है। धौनी पहले ही टेस्ट क्रिकेट छोड़ चुके हैं. अब वो केवल वनडे और टी 20 क्रिकेट खेलते हैं।

सौरव ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि महेंद्र सिंह धौनी को क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। वो लगातार सीमित ओवर के क्रिकेट में खेलते रहें। टीम इंडिया को अभी उनकी बेहद जरूरत है।

विराट कोहली की तारीफ करते हुए गांगुली ने कहा कि, विराट ने अपने आप को हर फॉर्मेट में साबित करके दिखाया है।कोहली का बतौर कप्तान टेस्ट औसत 52.70 का रहा है। बतौर कप्तान कोहली ने मात्र 10 मैचों में चार शतक जड़े हैं।

तो चयनकर्ताओं को इस सवाल के जवाब तलाश करने की जरुरत है कि क्या धौनी 2019 में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे? अगर चयनकर्ताओं का जवाब न है तो उन्हें नए कप्तान की तलाश शुरू कर देनी चाहिए, यदि उनका जवाब हां है तो यह बहुत बहुत चौंकाने वाली वाली बात होगी धौनी आगे जारी रहेंगे।
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Monday, 2 December 2013

When ms Dhoni named Gautam Gambhir

MS Dhoni
दक्षिण अफ्रीका जाने से पहले धौनी ने की ये चौंकाने वाली बात..
मुंबई। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा है कि विदेशी परिस्थितियों और वह भी सचिन तेंदुलकर के बिना खेलना उनकी टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि पहले वनडे मैच खेलने से बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए अच्छी तरह से तैयार हो जाएंगे, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होने से पहले जो सबसे चौंकाने वाली बात धौनी ने की, वो थी गौतम गंभीर का नाम लेना, धौनी ने गौतम को भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी क्रम का तीसरा विकल्प बताया जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े होना लाजमी हैं, क्योंकि गंभीर का नाम टेस्ट टीम में शामिल ही नहीं किया गया।
भारतीय कप्तान से पूछा गया कि टेस्ट मैचों में तीसरे सलामी बल्लेबाज की भूमिका कौन निभाएगा क्योंकि टीम में शिखर धवन और मुरली विजय के रूप में दो ही विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज है। धौनी ने इस सवाल पर गौतम गंभीर का नाम लेकर सभी को हैरान कर दिया जो कि क्7 सदस्यीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। धौनी ने कहा, 'गौतम निश्चित तौर पर हमारे तीसरे ओपनर हैं, जिस पर हम विचार कर रहे हैं। अभी विजय और शिखर हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। इसलिए अभी तीसरे ओपनर गौतम हैं।' बाद में उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं जानता हूं (गंभीर टीम का हिस्सा नहीं है), लेकिन वह तीसरे ओपनर हैं? जो भी हो धौनी के बयान से साफ हो गया कि गंभीर अब भी कम से कम टेस्ट मैचों के लिए टीम की योजना का हिस्सा हैं, लेकिन इसने भारतीय क्रिकेट की चयन प्रक्रिया व कप्तान के तौर पर चयन पैनल का हिस्सा बनने व चयनकर्ताओं से मतभेद की खबर को भी हवा देने का काम किया है।
इसके अलावा धौनी ने टीम की रवानगी से पहले पिछले महीने संन्यास लेने वाले तेंदुलकर की अनुपस्थिति के बारे में कहा, 'यदि आप देखें तो हर समय नई शुरूआत होती है।' उन्होंने कहा कि उनके बल्लेबाजों को छोटे प्रारूप में खेलने का काफी अनुभव है और पहले वनडे खेलने से टेस्ट मैचों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। धौनी ने कहा, 'इनमें से अधिकतर को टेस्ट मैचों में न सही वनडे में खेलने का काफी अनुभव है। यह उन सभी के लिए नई चुनौती है और यहां उन्हें नई सीख मिलेगी। जब भी आप विदेशी दौरे पर जाते हैं तो वह चुनौती होती है। उसमें आपको गेंद की लंबाई और विकेट की उछाल से सामंजस्य बिठाना पड़ता है।'
धौनी से पूछा गया कि टेस्ट टीम में नंबर चार पर तेंदुलकर की जगह कौन लेगा, उन्होंने कहा कि इस पर अभी फैसला नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, 'कोई भी किसी की जगह नहीं ले सकता। यदि संभव होता तो हम नंबर चार हटा देते और क्, ख्, फ्, भ्, म् और क्ख् तक बल्लेबाजी करने की कोशिश करते।' वहीं, गेंदबाजी पर उन्होंने कहा कि स्लॉग ओवरों में गेंदबाजी भारत के लिए चिंता का विषय है, लेकिन धौनी को दक्षिण अफ्रीका में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'भिन्न परिस्थितियों में आंकड़े भी बदल जाते हैं। वहां तेज गेंदबाजों को तेजी और उछाल मिलेगी। हम यॉर्कर के अलावा बाउंसर का उपयोग कर सकते हैं। इसलिए देखना हैं कि क्या होता है।' धौनी ने कहा कि क्रिकेट प्रेमियों को अच्छी क्रिकेट देखने को मिलेगी क्योंकि दुनिया की चोटी की दो टीमें आमने-सामने होंगी। उन्होंने कहा, 'दोनों टीमें रैंकिंग में अच्छी स्थिति में हैं। वनडे में हम शीर्ष पर हैं और टेस्ट मैचों में वे नंबर एक हैं। यह आकर्षक और रोमांचक सीरीज होगी। जल्द से जल्द परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना महत्वपूर्ण है।'

Thursday, 21 November 2013

India win 6 wickets against west indies in first ODI

MS Dhoni
कोच्चि [जेएनएन]। सचिन तेंदुलकर के बाद शतकों के मास्टर बनते जा रहे विराट कोहली गुरुवार को भले ही अपने 18वें शतक से महज 14 रन से चूक गए, लेकिन उनकी 86 रन की शानदार पारी की मदद से भारत ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज पर छह विकेट की आसान जीत दर्ज की। सलामी बल्लेबाज के अपने नए किरदार को बखूबी निभा रहे रोहित शर्मा ने भी 72 की आकर्षक पारी खेली, जिससे भारत ने 212 रन का लक्ष्य 88 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। भारत की जीत में गेंदबाजों खासकर स्पिनरों की भी अहम भूमिका रही। बायें हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा और पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर सुरेश रैना ने तीन-तीन विकेट झटके, जिससे वेस्टइंडीज की टीम 48.5 ओवर में 211 रन पर ही सिमट गई। जडेजा ने 37 रन पर तीन विकेट, रैना ने 34 रन पर तीन विकेट और ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने 42 रन पर दो विकेट लेकर मेहमान टीम को टिकने का मौका नहीं दिया। वेस्टइंडीज की तरफ से डेरेन ब्रावो ने सर्वाधिक 59 रन और सलामी बल्लेबाज जॉनसन चा‌र्ल्स ने 42 रन का योगदान दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने चौथे ओवर में ही शिखर धवन (05) का विकेट गंवा दिया। असमान उछाल के साथ स्पिनरों की मददगार पिच को देखते हुए लगा कि कैरेबियाई टीम भारत को लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत पैदा करेगी, लेकिन अगले बल्लेबाज कोहली और रोहित ने दूसरे विकेट के लिए 21.4 ओवर में 6.13 की औसत से 133 रन बटोरते हुए मैच एकतरफा बना दिया। रोहित के जाने के बाद कोहली ने युवराज सिंह (नाबाद 16) के साथ पारी को आगे बढ़ाया। भारत की जीत तय थी, दर्शकों को बस इंतजार था कोहली के शतक का। लक्ष्य छोटा होने की वजह से कोहली ने यह काम जल्दी पूरा करना चाहा, इसी चक्कर में वह होल्डर की गेंद को हवा में खेल गए जो नरेन के हाथों में जा समाई। आउट होने से ठीक पहले कोहली ने होल्डर की गेंद पर जोरदार छक्का जमाते हुए वनडे करियर में 5000 रन भी पूरे किए।

इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कैरेबियाई टीम को पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर ही जोरदार झटका लगा जब गेंदबाज भुवनेश्वर ने रन चुराने की कोशिश कर रहे विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल को खाता खोलने से पहले ही सीधे थ्रो पर रन आउट कर दिया। हालांकि चा‌र्ल्स और मर्लोन सैमुअल्स (24) ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी करके टीम को इस झटके से उबारा। कैरेबियाई टीम एक समय 27 ओवर में तीन विकेट पर 142 रन बनाकर अच्छीच्स्थिति में दिख रही थी, लेकिन रैना, जडेजा और अश्विन ने इसके बाद कैरेबियाई टीम का सस्ते में पुलिंदा बांध दिया। तीन मैचों की सीरीज का अगला मैच रविवार को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा।

Wednesday, 20 November 2013

MS Dhoni does not want to underestimate the West Indies in the ODI series


MS Dhoni
कोच्चि। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा कि वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली जीत के कारण गुरुवार से शुरू हो रही वनडे सीरीज में मेहमान टीम को कमजोर आंकना गलत होगा। भारत ने टेस्ट सीरीज में 2-0 से जीत दर्ज की थी लेकिन धौनी ने कहा कि यह स्कोरलाइन हासिल करना आसान नहीं होगा और वनडे प्रारूप में वेस्टइंडीज के क्रिकेटर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

धौनी ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि वेस्टइंडीज की टीम काफी अच्छी है। आप कह सकते हैं कि टेस्ट मैच तीसरे दिन ही खत्म हो गए और यह आसान था, लेकिन ऐसा नहीं था। ऐसे भी हालात थे जिसमें हम दबाव में थे और हमें साझेदारी बनानी पड़ी। यह आसान सीरीज नहीं थी जैसा कि स्कोरबोर्ड बता रहा था। वनडे में अलग टीम है और जहां तक 50-50 ओवरों की बात है तो वे इसमें अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम यह नहीं सोचे कि विपक्षी टीम अच्छा खेली या नहीं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में ज्यादातर मैच बड़े स्कोर वाले रहे थे। यह पूछने पर कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में इसी तरह के स्कोर देखे जा सकते हैं तो धौनी ने कहा कि इस समय इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

Sunday, 17 November 2013

Slowly Gautam Gambhir and Virender Sehwag Returning to Form

Sachin Tendulkar

मुंबई। एक तरफ जहां मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान को सदा के लिए अलविदा कह दिया। वहीं, 22 गज की पिच पर दो अन्य भारतीय दिग्गजों द्वारा अंतरराष्ट्रीय पिच पर लौटने की जद्दोजहद जारी है। यह खिलाड़ी हैं, गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग। रणजी ट्रॉफी ग्रुप 'ए' के मुकाबले में दिल्ली के उनमुक्त चंद के शतक के बाद गौतम गंभीर ने अपना अर्धशतक पूरा किया और मुंबई के खिलाफ मैच ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की। जीत के लिए 348 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली ने चौथे और अंतिम दिन चंद के नाबाद 106 और गंभीर के 51 रन की मदद से बिना किसी नुकसान के 198 रन बना लिए।
चंद ने 154 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्का जमाया, जबकि गंभीर ने रिटायर हर्ट होने से पहले 112 गेंदों का सामना करते हुए केवल तीन चौके लगाए। गंभीर ने वीरेंद्र सहवाग को बल्लेबाजी का अभ्यास कराने के लिए यह फैसला किया। स्टंप के समय सहवाग 22 गेंदों पर 35 रन बनाकर चंद के साथ क्रीज पर थे। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का उड़ाया। सहवाग एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे थे। गौरतलब है कि यह दोनों खिलाड़ी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं और घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं।

इससे पहले दो विकेट पर 198 रन से आगे खेलना शुरू कर मुंबई की टीम ने 70 ओवर में छह विकेट पर 347 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी। आदित्य तारे (122) और सिद्धेश लाड अपने कल के स्कोर में क्रमश: सात और 25 रन जोड़ सके। अभिषेक नायर ने 60 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और एक छक्का शामिल हैं। दिल्ली के पेसर पवन सुयाल ने 52 रन देकर तीन विकेट लिए।

Sunday, 10 November 2013

Sachin said Dhoni would make a good captain: Pawar

Sachin Tendulkar
मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दिल सिर्फ क्रिकेट के लिए धड़कता है। वह न सिर्फ भारतीय क्रिकेट की भलाई के लिए सोचते रहते हैं, बल्कि समय-समय पर जूनियर खिलाड़ियों की मदद के लिए भी जाने जाते हैं। वह जो कुछ करते या सोचते हैं उसमें क्रिकेट की भलाई छुपी होती है। यह बात आज एक बार फिर मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अध्यक्ष शरद पवार के रहस्योदं्घाटन से साबित हो गई है। पवार ने बताया कि वह सचिन थे, जिन्होंने 2007 में राहुल द्रविड़ के कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर करने के बाद महेंद्र सिंह धौनी को यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए कहा था।

पवार ने रविवार को अपने ब्लॉग में लिखा है, 'सचिन को अपने साथी खिलाड़ियों विशेषकर जूनियर क्रिकेटरों की मदद करना अच्छा लगता है और वह टीम भावना में विश्वास करते हैं। विनम्रता उनका बीच का नाम है। उन्होंने अपने खेल पर ध्यान देने के लिए कप्तानी छोड़ दी थी। अब एक ऐसी कहानी जिससे सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी के अनगिनत प्रशंसकों को खुशी होगी। यह कुछ साल पहले की बात है जब भारतीय टीम इंग्लैंड में खेल रही थी। मैं भी बीसीसीआइ प्रमुख होने के नाते लंदन में था। एक दिन राहुल द्रविड़ मेरे पास आए और उन्होंने अपने आग्रह से मुझे हैरत में डाल दिया। द्रविड़ ने कहा कि वह कप्तानी छोड़ना चाहते हैं क्योंकि इससे उनका खेल प्रभावित हो रहा है। मैंने सीधा जवाब दिया नहीं। ट्वेंटी-20 सीरीज जल्द शुरू होने वाली है और विश्व कप केवल एक साल बाद होना है।'

पवार ने कहा कि द्रविड़ ने कप्तान पद के लिए तेंदुलकर के नाम का सुझाव दिया, लेकिन यह सीनियर बल्लेबाज इच्छुक नहीं था। उन्होंने कहा, 'द्रविड़ ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर कप्तानी छोड़ने के बारे में कैसे सोच सकता था। उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। द्रविड़ अपने फैसले पर कायम थे। उन्होंने अगले कप्तान के लिए सचिन के नाम का सुझाव दिया। मैंने इस पर विषय पर सचिन से बात की। वह द्रविड़ की जगह कप्तान बनने के इच्छुक नहीं थे। उन्होंने धौनी का नाम सुझाया। इससे कहानी में नया मोड़ आ गया।'

केंद्रीय कृषि मंत्री ने याद किया, 'धौनी बेहतरीन विकेटकीपर हैं, लेकिन क्या वह अच्छा कप्तान साबित होगा। सचिन ने जवाब दिया, 'आप उसे आजमाओ। वह बहुत अच्छा कप्तान साबित होगा। मैं जिम्मेदारी के एहसास के साथ यह कह रहा हूं। इसके बाद बीसीसीआइ की चयन समिति ने धौनी को टीम का कप्तान चुन लिया और उन्होंने भारत को गौरवान्वित किया। हमने टी-20 विश्व कप जीता और बाद में मुंबई में 2011 में वनडे विश्व कप भी जीता। नए कप्तान की जमकर तारीफ की गयी जिसके वह हकदार थे। यह सचिन की दूरदृष्टिता के कारण संभव हो पाया।' 

'सचिन अब संन्यास लेने वाले हैं। लेकिन वह खुद को क्रिकेट से लंबे समय तक दूर नहीं रख सकते। मुझे पूरा विश्वास है कि संन्यास लेने के बाद युवा खिलाड़ियों को गुर सिखाना उनकी योजनाओं में शामिल होगा। मास्टर ब्लास्टर को शुभकामनाएं।'
-शरद पवार (अध्यक्ष, एमसीए)

Source: Cricket Hindi News

Sachin Said Dhoni Would Make a Good Captain: Pawar

Sachin Tendulkar
मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दिल सिर्फ क्रिकेट के लिए धड़कता है। वह न सिर्फ भारतीय क्रिकेट की भलाई के लिए सोचते रहते हैं, बल्कि समय-समय पर जूनियर खिलाड़ियों की मदद के लिए भी जाने जाते हैं। वह जो कुछ करते या सोचते हैं उसमें क्रिकेट की भलाई छुपी होती है। यह बात आज एक बार फिर मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अध्यक्ष शरद पवार के रहस्योदं्घाटन से साबित हो गई है। पवार ने बताया कि वह सचिन थे, जिन्होंने 2007 में राहुल द्रविड़ के कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर करने के बाद महेंद्र सिंह धौनी को यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए कहा था।

पवार ने रविवार को अपने ब्लॉग में लिखा है, 'सचिन को अपने साथी खिलाड़ियों विशेषकर जूनियर क्रिकेटरों की मदद करना अच्छा लगता है और वह टीम भावना में विश्वास करते हैं। विनम्रता उनका बीच का नाम है। उन्होंने अपने खेल पर ध्यान देने के लिए कप्तानी छोड़ दी थी। अब एक ऐसी कहानी जिससे सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धौनी के अनगिनत प्रशंसकों को खुशी होगी। यह कुछ साल पहले की बात है जब भारतीय टीम इंग्लैंड में खेल रही थी। मैं भी बीसीसीआइ प्रमुख होने के नाते लंदन में था। एक दिन राहुल द्रविड़ मेरे पास आए और उन्होंने अपने आग्रह से मुझे हैरत में डाल दिया। द्रविड़ ने कहा कि वह कप्तानी छोड़ना चाहते हैं क्योंकि इससे उनका खेल प्रभावित हो रहा है। मैंने सीधा जवाब दिया नहीं। ट्वेंटी-20 सीरीज जल्द शुरू होने वाली है और विश्व कप केवल एक साल बाद होना है।'

पवार ने कहा कि द्रविड़ ने कप्तान पद के लिए तेंदुलकर के नाम का सुझाव दिया, लेकिन यह सीनियर बल्लेबाज इच्छुक नहीं था। उन्होंने कहा, 'द्रविड़ ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर कप्तानी छोड़ने के बारे में कैसे सोच सकता था। उनका उत्तराधिकारी कौन होगा। द्रविड़ अपने फैसले पर कायम थे। उन्होंने अगले कप्तान के लिए सचिन के नाम का सुझाव दिया। मैंने इस पर विषय पर सचिन से बात की। वह द्रविड़ की जगह कप्तान बनने के इच्छुक नहीं थे। उन्होंने धौनी का नाम सुझाया। इससे कहानी में नया मोड़ आ गया।'

केंद्रीय कृषि मंत्री ने याद किया, 'धौनी बेहतरीन विकेटकीपर हैं, लेकिन क्या वह अच्छा कप्तान साबित होगा। सचिन ने जवाब दिया, 'आप उसे आजमाओ। वह बहुत अच्छा कप्तान साबित होगा। मैं जिम्मेदारी के एहसास के साथ यह कह रहा हूं। इसके बाद बीसीसीआइ की चयन समिति ने धौनी को टीम का कप्तान चुन लिया और उन्होंने भारत को गौरवान्वित किया। हमने टी-20 विश्व कप जीता और बाद में मुंबई में 2011 में वनडे विश्व कप भी जीता। नए कप्तान की जमकर तारीफ की गयी जिसके वह हकदार थे। यह सचिन की दूरदृष्टिता के कारण संभव हो पाया।' 

'सचिन अब संन्यास लेने वाले हैं। लेकिन वह खुद को क्रिकेट से लंबे समय तक दूर नहीं रख सकते। मुझे पूरा विश्वास है कि संन्यास लेने के बाद युवा खिलाड़ियों को गुर सिखाना उनकी योजनाओं में शामिल होगा। मास्टर ब्लास्टर को शुभकामनाएं।'
-शरद पवार (अध्यक्ष, एमसीए)

Thursday, 7 November 2013

Kolkata Test: Rohit Tons up with Ashwin to Build up lead on Second Day

India vs West Indies Test

कोलकाता [विशाल श्रेष्ठ]। गुरुवार को लोग ईडन गार्डेस आए तो थे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का खेल देखने, लेकिन उनका मनोरंजन किया दूसरे 'मुंबईकर' ने। रोहित शर्मा ने अपने पदार्पण टेस्ट मैच में शतक जमाकर न सिर्फ टीम इंडिया को संकट से उबारा, बल्कि इतिहास के पन्नों पर भी अपना नाम दर्ज करवा लिया। रोहित ने कैरेबियाई ऑफ स्पिनर शेन शिलिंगफोर्ड द्वारा दिए गए शुरुआती झटकों से अपनी टीम को उबारते हुए नाबाद 127 रनों की यादगार पारी खेली, जिसमें 16 चौके और एक छक्का शामिल है। विशुद्ध ऑलराउंडर बन चुके आर अश्विन ने उनका पूरा साथ दिया और 92 रन बनाकर वह भी अपने दूसरे टेस्ट शतक की दहलीज पर खड़े हैं। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 198 रनों की महत्वपूर्ण अटूट साझेदारी निभाई। पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत ने 6 विकेट खोकर 354 रनों का स्कोर खड़ा कर लिया है औरं उसके पास 120 रनों की बढ़त हो गई है।
दूसरे दिन का पहला सत्र पूरी तरह वेस्टइंडीज के नाम रहा। खेल शुरू होने के साथ ही शिलिंगफोर्ड ने आग उगलना शुरू कर दिया था। उन्होंने दोनों सलामी बल्लेबाजों शिखर धवन और मुरली विजय को जल्दी पवेलियन की राह दिखा दी। धवन (23) शेलिंगफोर्ड की गेंद पर बोल्ड हो गए जबकि मुरली (26) उन्हें आगे बढ़कर खेलने के चक्कर में गच्चा खा गए और विकेटकीपर दिनेश रामदीन ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया। चेतेश्वर पुजारा (17) ने संभलकर खेला, लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं पाए। शेल्डन कॉट्रेल की गेंद पर वह रामदीन के हाथों लपके गए। इसके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (10) पारी संभालने आए, लेकिन शिलिंगफोर्ड ने उन्हें भी टिकने नहीं दिया और पगबाधा आउट कर स्टेडियम को बिल्कुल शांत कर दिया। टीम इंडिया के युवा तुर्क विराट कोहली (3) की भी शिलिंगफोर्ड के आगे एक न चली और वह उनकी गेंद पर कीरेन पावेल को कैच थमा बैठे। टीम इंडिया के पांच बल्लेबाज 83 रन पर पवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने रोहित के साथ पारी को संभाला और बेहद सावधानी से खेलते हुए टीम स्कोर को 150 के पार ले गए। भारतीय पारी फिर से मजबूत होती नजर आ रही थी, उसी समय तेज गेंदबाज टीनो बेस्ट ने अपनी टीम को एक और सफलता दिला दी। टीनो की गेंद धौनी के बल्ले को चूमती हुई रामदीन के दस्तानों में जा चिपकी। धौनी ने पांच चौकों की मदद से उपयोगी 42 रन बनाए।
इसके बाद रोहित का साथ देने अश्विन आए। दोनों ने मिलकर मोर्चा संभाला। अच्छी गेंदों को जहां संभलकर खेला, वहीं कमजोर गेंदों पर शॉट लगाकर स्कोर भी बढ़ाते रहे। इस बीच रोहित ने अपने पहले टेस्ट में शतक पूरा किया तो अश्विन ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपना तीसरा अर्धशतक बनाया। दिन की समाप्ति तक अश्विन भी अपने दूसरे टेस्ट शतक के करीब पहुंच गए। उन्होंने नाबाद 92 रनों की पारी में 10 चौके लगाए। शिलिंगफोर्ड मेहमान टीम के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे जिन्होंने चार विकेट लिए, जबकि टीनो बेस्ट और कॉट्रेल की झोली में एक-एक विकेट आए।
स्कोर बोर्ड : वेस्टइंडीज बनाम भारत
--------------
टॉस : वेस्टइंडीज (बल्लेबाजी)
--------------
वेस्टइंडीज (पहली पारी) : 234 रन
भारत (पहली पारी) : 354/6
रन, गेंद, चौके, छक्के
शिखर धवन बो. शिलिंगफोर्ड 23, 34, 04, 00
मुरली विजय स्ट. रामदीन बो. शिलिंगफोर्ड 26, 75, 02, 00
चेतेश्वर पुजारा का. रामदीन बो. कॉट्रेल 17, 36, 02, 00
सचिन तेंदुलकर पगबाधा बो. शिलिंगफोर्ड 10, 24, 02, 00
विराट कोहली का. पॉवेल बो. शिलिंगफोर्ड 03, 05, 00, 00
महेंद्र सिंह धौनी का. रामदीन बो. बेस्ट 42, 63, 05, 00
रोहित शर्मा नाबाद 127, 228, 16, 01
आर अश्विन नाबाद 92, 148, 10, 00
अतिरिक्त (बा-4, लेबा-8, वा-1, नोबा-1) : 14 रन
कुल : 102 ओवर में छह विकेट पर 354 रन
गेंदबाजी :
टिनो बेस्ट 14-0-53-1
काट्रेल 15-3-53-1
शिलिंगफोर्ड 41-8-130-4
परमॉल 20-1-54-0
सैमी 12-1-52-0

Kolkata Test: Rohit and Ashwin Tons thrash Windies Bowlers

Sachin Tendulkar

कोलकाता। ईडन गार्डन स्टेडियम पर सचिन के विदाई टेस्ट में बेशक अब तक फैंस को मास्टर का जलवा देखने को ना मिला हो लेकिन दूसरे दिन ढहती हुई टीम इंडिया को अचानक सातवें विकेट पर एक ऐसी साझेदारी नसीब हुई जो ना सिर्फ लगातार रिकॉर्ड तोड़ती जा रही बल्कि एक नया इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। यह जोड़ी है अपने करियर का आगाज कर रहे रोहित शर्मा और ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन की। दोनों खिलाड़ी अब तक तकरीबन 250 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। समाचार लिखे जाने तक भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 400 का आंकड़ा पार कर लिया है और अब उनकी बढ़त 150 पार हो गई है।
जहां दूसरे दिन का अंत रोहित शर्मा के बेहतरीन शतक के साथ हुआ था वहीं, तीसरे दिन की शुरुआत रविचंद्रन अश्विन के दूसरे टेस्ट शतक के साथ हुई। अश्विन 159 गेंदों में अपना सैंकड़ा पूरा किया। इससे पहले उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में एक और शतक है और वो भी उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही बनाया था। यह सातवें विकेट के लिए भारत की तरफ से दूसरे नंबर की सबसे बड़ी साझेदारी है और इस मामले में टॉप रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर दोनों बल्लेबाज अग्रसर हैं। रोहित शर्मा ने भी अपने 150 रन पूरे कर लिए हैं और वो भी बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि पहले दिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज टीम को 234 के स्कोर के अंदर समेट दिया था। जवाब में उतरे भारतीय बल्लेबाज कैरेबियाई स्पिनर शिलिंगफोर्ड के आगे बेबस दिखाई दिए और पूरा टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखरता चला गया। आलम यह था कि 83 रन पर भारत के 5 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद धौनी (42) ने रोहित शर्मा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी को अंजाम देकर स्कोर को थोड़ी गति दी और धौनी के आउट होने के बाद अश्विन ने रोहित के साथ ऐसा खूंटा गाड़ा कि दूसरे दिन हावी होने वाले कैरेबियाई गेंदबाज दिन के अंत होते-होते संघर्ष करते नजर आए।

Friday, 1 November 2013

I Feel good chasing targets: Kohli

Virat Kohli

बेंगलूर। विराट कोहली ने शुक्रवार को इशारा किया कि अगर भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को होने वाले सीरीज के अंतिम और निर्णायक वनडे में टॉस जीतता है तो उनकी टीम लक्ष्य देने की जगह उसका पीछा करने को तरजीह देगी

कोहली ने मैच की पूर्वसंध्या पर कहा, 'निजी तौर पर मुझे लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छा लगता है क्योंकि आपको पता होता है कि आपको क्या हासिल करना है। हम बेहतर योजना बना सकते हैं और आकलन कर सकते हैं कि विभिन्न हालात में कैसे खेलें। आकलन करके खेलने में मुझे अच्छा लगता है, किस गेंदबाज को निशाना बनाना है और किस गेंद को हिट करना है। पहले बल्लेबाजी करते हुए हमें बल्लेबाजी हालात का आकलन करना होता है और बड़ा स्कोर बनाने के लिए बड़ी साझेदारी महत्वपूर्ण होती है। पहले बल्लेबाजी करो या बाद में टीम के लिए साझेदारी काफी अहम होती है।'
 
कोहली ने कहा कि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज रोमांचक रही है विशेषकर जिस तरह से भारत ने मुश्किल हालात में वापसी की। कोहली ने कहा, 'निजी तौर पर मेरी फॉर्म मेरे लिएच्अच्छी रही है। उम्मीद करता हूं कि अंतिम मैच में मैं एक बार फिरच्अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। अब तक सीरीज में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है और इसे जीतने के लिए हमें अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाना होगा।'

जब यह कहा कि वह सचिन तेंदुलकर के कुछ वनडे रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो इस बल्लेबाज ने कहा, 'मैं वह करने का सपना देखता हूं जो सचिन ने 1998 में शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अकेले दम पर किया था।' 

Thursday, 31 October 2013

India chase big total again but Dhoni upset with new ODI Rules

MS Dhoni

नागपुर। जयपुर में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 360 के लक्ष्य को बहुत आसानी से हासिल कर लिया और लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत का नया रिकॉर्ड बनाया, ऐसा लगा कि यह दोबारा शायद ही देखने को मिले, लेकिन नागपुर में फिर वही स्थिति आई और भारत ने दोबारा इतिहास रचते हुए एक बार फिर 350 से ऊपर का लक्ष्य हासिल कर लिया। जाहिर है कि इतनी बड़ी सफलताओं पर कोई भी कप्तान गर्व से सीना चौड़ा करके उत्साहित नजर आएगा, धौनी भी जीत से खुश थे लेकिन फिर भी उनके चेहरे पर कुछ निराशा दिखी, मैच के बाद खुद धौनी ने अपनी इस टीस को बयां किया।
दरअसल, आइसीसी द्वारा वनडे क्रिकेट में लागू किए गए नए नियमों से धौनी खफा हैं, और दूसरी बार उन्होंने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। माही के मुताबिक बेशक वो जीत से खुश हैं लेकिन यह नए नियम ही हैं जिन्होंने इतने बड़े लक्ष्य को भी बेहद आसान बना दिया। धौनी ने जीत के बाद कहा, 'मेरा मानना है कि हमें इसके (नए नियम) बारे में आराम से बैठकर दोबार विचार करने की जरूरत है क्योंकि अब 350 का स्कोर, नया 280, 290 या 300 जैसा हो गया है। नियम के बदलावों के साथ एक और फील्डर इनर सर्किल के अंदर आ गया है, जिससे हर गेंदबाज की धुलाई हो रही है। दिग्गज से दिग्गज तेज गेंदबाज भी थर्ड मैन के साथ व फाइन लेग को ऊपर लाकर खेल रहे हैं। मुझे नहीं पता कि खेल किस ओर जा रहा है। इससे मनोरंजन हो रहा है, लेकिन अगर हम इस तरह लक्ष्य को हासिल करते रहे तो लंबे समय में यह खेल की सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा। हमें आज सात घंटे में सिर्फ चौके और छक्के ही देखने को मिले।'
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2012 से आइसीसी ने वनडे क्रिकेट में नए नियम लागू कर दिए थे जिनके मुताबिक बिना पावरप्ले वाले ओवरों में सिर्फ चार फील्डर ही 30 यार्ड के घेरे से बाहर रह सकते हैं। धौनी ने पहले भी इन नियमों को लेकर आवाज उठाने की कोशिश थी क्योंकि उनके मुताबिक यह गेंदबाजों के साथ न्याय नहीं होगा। अब एक बार फिर धौनी ने अपनी चिंता व्यक्त की है।