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Monday, 19 January 2015

शिवसेना के लिए खतरे की घंटी नहीं फड़नवीस का पावरफुल सीएम वाला बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस द्वारा अपने को पावरफुल मुख्यमंत्री बताए जाने वाले बयान पर शिवसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इसमें उन्हें कोई गलत चीज नजर नहीं आ रही है। शिवसेना के सरकार में शामिल होने से प्रदेश में अच्छी बहुमत वाली स्थाई सरकार बन पाई।

इस बारे में शिवसेना की प्रवक्ता नीलम गोहरे ने कहा कि पहले की सरकारों को स्वतंत्र या पांच- दस विधायकों वाले दलों पर निर्भर रहना होता था। लेकिन इस सरकार के लिए एेसी कोई समस्या नहीं है। सरकार को पूर्ण बहुमत हासिल है इससे सरकार को नीतिगत फैसले लेने में कोई परेशानी का सामना करना नहीं पड़ता है। इसके साथ ही हम केंद्र सरकार में भी साथ हैं। नीलम गोहरे ने कहा कि फड़नवीस के अपने को एक मजबूत सीएम मानने में उन्हें कोई गलत बात नजर नहीं आती।

दो दिनों पहले एक कायर्क्रम में फड़नवीस ने कहा था कि उनकी सरकार के रास्ते में कोई बाधा या रोड़ा नहीं है। मैं अपनी सरकार के सभी फैसले खुद लेता हूं क्योंकि मैं एक पावरफुल मुख्यमंत्री हूं। राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस बयान को शिवसेना के लिए चेतावनी के रूप में देखा गया।

Friday, 2 January 2015

धीमी पड़ी मुंबई लोकल की रफ्तार, हिंसक हुए नाराज यात्री

नए साल का दूसरा दिन मुंबई के लोगों के लिए मुसीबत लेकर आया। मुंबई की जान कही जाने वाली मुंबई लोकल आज सेंट्रल लाइन पर तकनीकी कारणों से प्रभावित रही। जिससे लोकल में सफर करने वालों लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

इससे नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया और नाराज लोगों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। नाराज रेल यात्रियों ने आगजनी की, पुलिस पर पत्थर फेंके और रास्ता रोक दिया, जिसके बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। ट्रेन सेवा चार घंटे से अधिक समय के लिए प्रभावित रही।

ओवरहेड वायर टूटने से सेंट्रल लाइन पर सुबह से ट्रेनें नहीं चल रही थीं। करीब चार घंटे के बाद ओवरहेड वायर को ठीक किया गया। सेंट्रल लाइन के बाद हार्बर लाइन पर भी लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। कुछ मोटरमैन पत्थरबाजी में घायल हो गए और उन्होंने ट्रेनें चलाने से इनकार कर दिया। काफी देर के हंगामे के बाद आखिरकार सेवाएं फिर से शुरू हुईं। किसी गड़बड़ी से बचने के लिए ट्रेनों को पुलिस सुरक्षा में चलाया जा रहा है।

इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने स्थिति की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हम रेल मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमारी कोशिश है कि कि ऐसी घटना दोबारा नहीं हो।

Source: Hindi News and Newspaper

Thursday, 26 June 2014

In 21-yr-old, Mumbai police recruitment test's 5-km run finds its sixth victim


His brother found him unconscious and took him to a civic hospital, where was declared dead on arrival. Ahmednagar native Vijay Trimbake’s brother returned home on Tuesday evening to find him lying unconscious in the house. “He had completed the first recruitment round on June 13 and another one on June 17. He told us he had completed the 5-km run (in the second round) in 19 minutes.

Vijay Trimbake worked as an attendant at a toll naka and aspired to become a constable in the hope of a better future
Barely two weeks after the fifth aspirant died in a private hospital in Vikhroli after trying to complete the 5-km run, which is a part of the ongoing Mumbai Police constable recruitment tests, a 21-year-old hopeful, who had managed to complete the gruelling run, collapsed in his Powai residence.


However, since then, he had been experiencing constant giddiness, nausea and fatigue,” said Arun Trimbake, the deceased’s brother. Aspirants are made to go through several rigorous physical tests before they are shortlisted. Despite this, his relatives say he refused to visit a doctor, thinking the symptoms would eventually subside. Unfortunately, the young aspirant, who was probably close to getting a constable’s cap, suddenly collapsed in the Powai chawl where he was living with one of his brothers.

Vijay worked at a toll naka nearby and had participated in the police constable recruitment rounds in hope of a stable future. “On Tuesday afternoon, he wasn’t answering my calls. So, we went to his house and found him unconscious. We immediately rushed him to a nearby private hospital, which advised us to shift him to Rajawadi Hospital, Ghatkopar, as his condition was serious. He was declared dead on arrival there,” ...

Source: Hindi News

Monday, 23 June 2014

El Nino effect: Mumbai may get only 93% rainfall: Met

The humidity is high, the clouds are in the sky and yet, rainfall has largely eluded the city so far. Pic/Emmanual Karbhari
Met officials say Mumbai's worst fears may be realised and the expected rainfall deficit is set to become a reality due to a combination of weak currents in the Arabian Sea and the El Nino effect.

After a couple of spells of rain, the city has only been seeing dry days. V K Rajeev, director, Indian Meteorological Department (IMD), said, “The monsoons have already reached the city, but the weak currents have caused monsoon cells to become inactive. It might take a couple of days before the cells become active and it starts to rain.” Monsoon cells help circulate moisture and cause rain.

Rajeev predicted 93% rainfall. “While the duration of rainfall won’t be affected, we might witness the El Nino effect,” he said. El Niño is a condition in which sea temperatures over the Pacific coast of South America get increasingly warm, impacting weather phenomena around the globe.

The phenomenon occurs every five years on an average, and has been seen to affect rainfall in India. It is understood to have caused the drought in 2009. According to Met authorities, there is a 70% chance of El Niño adversely affecting rainfall. With a weak monsoon, prices of vegetables may also rise, as the produce will be affected.

92%
Humidity level recorded at Colaba yesterday

76.6%
Humidity level registered at Santacruz

Source: Hindi News

Tuesday, 17 June 2014

Parents of runaway kid worried she has again fled to UP

The parents of Shamim Anwar Sheikh are still waiting for her return. It has been two months since the 15-year-old escaped from a remand home in Andheri. Sadly, this is not the first time that Shamim has run away.

In January, she had fled with 22-year-old Sunil Tiwari. Tiwari and Shamim, who worked together in Bandra, were in a relationship. “We tried to stop the girl from meeting him, but she would not listen to us.

They ran away to Tiwari’s hometown in Uttar Pradesh. We even registered a complaint of kidnapping against Tiwari at Nirmal Nagar police station,” recounted Liyakat Sheikh, a family relative. Shamim did call her parents from time to time, and while they asked her to come back, she insisted that she was happy with him.

In February, after hearing the news that her mother was ill, the 15-year-old returned to meet her. She was then taken to the police station where she said that she did not want to stay with her parents. As she was a minor, the cops sent her to a remand house in Dongri.

The report on the girl stated that she was progressing well, learning English and was repenting her previous actions. Shamim was soon transferred to Catherine Home in Veera Desai road in Andheri. On April 7, she wrote a letter addressed to her parents, ‘I want to study and I hope that you forgive me for my past,’ the letter stated.

However, two days later, Shamim ran away from the remand house. “We had repeatedly told her parents that she didn’t want to stay here and wanted to go back to UP,” said an official from the remand home. Sheikh said, “We just want her to come back. We are worried how she would be surviving there.”

Source: Hindi News

From Mid-Day News

Tuesday, 7 January 2014

Dehrdun express catches fire, 9 passengers died

मुंबई। बांद्रा (मुंबई) से चलकर देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस (19019) में महाराष्ट्र के घोलवड़ स्टेशन के पास आग लग गई। ट्रेन के तीन बोगियों में आग लगी, जिसमें एक महिला समेत नौ यात्रियों की मौत हो गई। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है।

देहरादून एक्सप्रेस रात को 12:05 बजे बांद्रा से छूटती है। तकरीबन 2:30 बजे ट्रेन गुजरात सीमा के पास डहाड़ू से आगे निकली थी कि तभी क्रॉसिंग पर खड़े गेटमैन ने देखा कि ट्रेन में आग लगी है। गेटमैन की सूचना पर गाड़ी को रोककर बचाव कार्य शुरू किया गया। अगर गेटमैन की नजर ट्रेन में लगी आग पर नहीं पड़ती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। बताया जा रहा है कि यात्रियों की मौत दम घुटने से हुई है, लेकिन आग लगने के कारणों का पता अभी तक नहीं चला है।

फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। रेलवे की तरफ से दुर्घटना के संबंध में जानकारी करने के लिए ये 022-23011853 और 022-23007388। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। रेलवे की तरफ से मरने वाले के संबंधियों के 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

गौरतलब है कि 15 दिनों के अंदर ट्रेन में आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 28 दिसंबर को बेंगलूर से नांदेड़ जा रही नांदेड़ एक्सप्रेस में आग लगने के कारण 26 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में करीब 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए थे। यह दुर्घटना ट्रेन नंबर 16594 के सेकंड एसी कोच में हुई थी।

Thursday, 2 January 2014

Sussanne's new home with new dreams

मुंबई,(वरुन सिंह)। लगता है सुजैन खान और रितिक रोशन बीती सारी बातें भुलाकर जिंदगी में आगे बढ़ने को अपना नया मंत्र बना रहे हैं। एक तरफ रितिक रोशन ने सुजैन के बगैर नए साल का आगाज किया तो उधर, सुजैन रितिक के बिना ही अपना नया आशियाना सजा रही हैं। 

सूत्रों ने बताया कि सुजैन खान अपने दोस्तों की मदद से मुंबई में एक अलग घर चुन लिया है। बताया जाता है कि सुजैन ने जुहू-वर्सोवा के पास एक 2300-2500 स्केयर फीट का घर लिया है। सात मंजिला इस इमारत में फिलहाल बस सुजैन ही हैं। ये घर समुंदर किनारे हैं। हालांकि अब तक सुजैन ने आधिकारिक रूप से इस घर को अपने नाम नहीं किया है। सुजैन ने कहा कि ये जो घर उन्होंने लिया है ये पूरी तरह से उनका है। इसमें उनका हक है। 

गौरतलब है कि रितिक से तलाक के कुछ महीनों पहले ही दोनों ने लंदन में एक घर खरीदा था। हाल ही में दोनों एक दूसरे अलग हो गए हैं। सुजैन ने तलाक के कुछ दिनों के भीतर ही अपना अलग काम भी शुरू कर दिया है। (मिड डे)

Monday, 2 December 2013

Vinod Kambli still in ICU

Vinod Kambli
मुंबई। पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली अब भी आइसीयू में हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था।
अस्पताल के सूत्र ने कहा कि कांबली अब भी आइसीयू में हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर रखे हैं। 41 वर्षीय कांबली शुक्रवार की सुबह अपनी कार से चेंबूर से बांद्रा जा रहे थे और इस दौरान उन्हें सीने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने अस्पताल में भर्ती कराया। पिछले साल जुलाई में कांबली की दो धमनियां ब्लॉक होने के कारण उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। अगले साल 18 जनवरी को 42 बरस के होने वाले कांबली ने भारत की ओर से 17 टेस्ट और 104 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

Wednesday, 20 November 2013

Prithviraj Shaw plays world record innings of 546 runs 10875349

Prithvi Shaw
मुंबई। मुंबई के 14 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने बुधवार को प्रतिष्ठित हैरिस शील्ड ट्रॉफी में 546 रनों की पारी खेलते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। पृथ्वी की शानदार पारी से उनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की झलक दिखाई देती है, जिन्हें हैरिस शील्ड मैच से ही पहली बार लोकप्रियता मिली थी। सचिन ने नाबाद 326 रन बनाते हुए विनोद कांबली (349) के साथ 664 रन की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी की थी। यह रिकॉर्ड कुछ समय पहले ही टूटा है। 

मुंबई के इस उभरते हुए बल्लेबाज और मुंबई अंडर-16 टीम के कप्तान पृथ्वी ने आजाद मैदान पर सेंट फ्रांसिस डि एसिसी बोरीवली के खिलाफ खेले गए मैच में रिज्वी स्प्रिंगफील्ड की ओर से खेलते हुए 330 गेंदों की अपनी पारी में 85 चौके और पांच छक्के मारे। इसके साथ ही पृथ्वी आधिकारिक इंटर स्कूल मैच में 500 से अधिक का स्कोर करने वाले पहले स्कूली क्रिकेटर भी बन गए हैं।

पृथ्वी ने अपने स्कूल के सीनियर साथी और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के भतीजे अरमान जाफर के 498 रन के स्कोर को पीछे छोड़ा, जो उन्होंने कुछ साल पहले ही बनाया था। सेंट फ्रांसिस को 92 रन पर ढेर करने के बाद पृथ्वी ने मंगलवार को 166 गेंदों में नाबाद 257 रन की पारी खेली थी। बुधवार को उन्होंने अपनी पारी में 289 रन और जोड़े। किसी पंजीकृत क्रिकेट टूर्नामेंट में इससे पहले किसी भारतीय का सर्वश्रेष्ठ स्कोर दादाभाई हावेवाला के नाम दर्ज था जिन्होंने मुंबई में 1933-34 सत्र में सेंट जेवियर कॉलेज के खिलाफ 515 रन बनाए थे। वहीं प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत के बाद उपलब्ध सभी पंजीकृत स्कोरकार्ड की बात करें तो पृथ्वी का रिकॉर्ड तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड एईजे कोलिंस के नाम है, उन्होंने 1899 में इंग्लैंड में खेले गए मैच में नाबाद 628 रन बनाए थे, जबकि दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर सीजे एडी के नाम है। उन्होंने 1901 में 566 रन बनाए थे। 

क्रिकेट जगत में पृथ्वी की चर्चा
अपार प्रतिभा के धनी पृथ्वी को लेकर पिछले कुछ समय से मुंबई क्रिकेट हल्कों में काफी चर्चा है। अपनी काबिलियत के दम पर क्रिकेट स्कॉलरशिप हासिल कर इंग्लैंड में ग्लूस्टरशायर अकादमी के साथ ट्रेनिंग और उसकी दूसरे दर्जे की टीम के लिए कुछ अभ्यास मैच खेल चुके पृथ्वी की प्रतिभा के कायल इंग्लैंड के पूर्व काउंटी क्रिकेटर और जेडब्ल्यू क्रिकेट अकादमी के स्थापक जूलियन वुड भी हैं।

कुछ महीने पहले ही वुड ने पृथ्वी के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि अगले पांच सालों में वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन सकता है। 

पृथ्वी के कोच राजू पाठक और पिता पंकज शॉ ने उनके लिए हर संभव प्रयास किया। चार साल की उम्र में मां को खोने वाले पृथ्वी को उसके पिता ने कम आमदनी के बावजूद हर सुविधा मुहैया कराई। पृथ्वी अगर ऐसे प्रदर्शन करते रहे तो प्रबल संभावना है कि जूनियर चयन समिति के चेयरमैन कोनोर विलियम्स उन्हें अगले साल अंडर-19 टीम में चुनने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। 

'मुझे नहीं पता था कि मैं 490 रन पर बल्लेबाजी कर रहा हूं क्योंकि मैंने अपने साथियों से कहा था कि वह मुझे स्कोर नहीं बताएं क्योंकि मैं अपना नैसर्गिक खेल खेलना चाहता था। जब मैं 500 रन पर पहुंचा तो साथियों ने मुझे बताया और सभी मेरे लिए खुश हुए।'
- पृथ्वी शॉ

Monday, 18 November 2013

Celebs line up in Sachin party in Mumbai

Sachin Tendulkar
जेएनएन, मुंबई। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की ओर से सोमवार रात दी गई पार्टी में राजनीति, सिनेमा और खेल जगत की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। पार्टी में पूरी टीम इंडिया भी मौजूद थी।
शनिवार को तेंदुलकर ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का 200वां और अंतिम टेस्ट मैच खेला था। इसी के साथ उन्होंने आंसुओं के साथ क्रिकेट को अलविदा कह दिया। रविवार के दिन वह इंटरव्यू देते रहे, जबकि सोमवार की शाम सचिन के लिए बेहद खास थी। सचिन ने सभी मित्रों और परिचितों का शुक्रिया अदा करने के लिए डिनर पार्टी रखी, जिसमें शामिल होने के लिए कई हस्तियां आईं। इस पार्टी में अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आमिर खान, किरण राव, राहुल बोस और मधुर भंडारकर जैसी फिल्मी हस्तियां पहुंचीं। राजनीति के क्षेत्र से शरद पवार, राज ठाकरे सहित अन्य हस्तियों ने शिरकत की। पार्टी में उनके दोस्त ब्रायन लारा भी आए थे। इनके अलावा क्रिकेट जगत से सुनील गावस्कर, श्रीनाथ सहित अन्य हस्तियां मौजूद थीं।

Sunday, 17 November 2013

Sachin Tendulkar last speech after last Test

Sachin Tendulkar
दोस्तों प्लीज बैठ जाइए, मैं और भावुक हो जाऊंगा। पूरी जिंदगी मैंने यहीं बिताई है, यह सोचना मुश्किल है कि मेरे इस शानदार सफर का अंत हो रहा है। यूं तो मैं पढ़कर बोलना पसंद नहीं करता लेकिन आज मैंने एक लिस्ट तैयार की है कि मुझे किन लोगों का धन्यवाद करना है।

सबसे पहले मेरे पिता का नाम आता है, जिनकी मृत्यु 1999 में हो गई थी। उनकी सीख के बिना मैं आपके सामने खड़ा ना हो पाता। उन्होंने कहा था कि अपने सपनों के पीछे भागो, राह मुश्किल होगी लेकिन कभी हार मत मानना। आज मैं उनको बहुत मिस कर रहा हूं।

मेरी मां, मुझे नहीं पता कि मेरे जैसे शैतान बच्चे को उन्होंने कैसे संभाला। उन्होंने जबसे मैंने क्रिकेट शुरू किया है, तब से सिर्फ और सिर्फ प्रार्थना की है मेरे लिए।

स्कूल घर से दूर होने के कारण मैं चार साल तक अपने अंकल-आंटी के यहां रुका था। उन्होंने मेरे को खुद के बेटे की तरह संभाला।

मेरे बड़े भाई नितिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते लेकिन उन्होंने मुझे इतना जरूर कहा कि 'मुझे पता है कि तुम जो भी करोगे उसमें 100 प्रतिशत ही दोगे।'
मेरा पहला बल्ला मेरे बहन सविता ने मुझे भेंट किया था। वो आज भी मेरे लिए व्रत रखती हैं जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं।

मेरा भाई अजीत, हमनें इस सपने को साथ जिया था। उन्होंने मेरे लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया जब वो पहली बार मुझे मेरे पहले कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए। पिछली रात भी मेरे विकेट को लेकर उन्होंने फोन पर मुझसे बात की। जब मैं नहीं खेल रहा होता हूं तब भी हम खेलने की तकनीक के ऊपर बात कर रहे होते हैं। अगर यह ना होता तो मैं वो क्रिकेटर ना होता जो आज बन पाया हूं।

सबसे खूबसूरत चीज जो जीवन में हुई वो थी जब 1990 में मैं अंजलि से मिला। मुझे पता है कि एक डॉक्टर होने के नाते उसके सामने एक बड़ा करियर था लेकिन उसने फैसला लिया कि मैं क्रिकेट खेलता रहूं और वो बच्चों व घर का ध्यान रखेंगी। धन्यवाद अंजलि, हर उस अजीब बातों के लिए जो मैंने की।

फिर मेरे जीवन के दो अनमोल हीरे, सारा (बेटी) और अर्जुन (बेटा)। मैं तुम लोगों के कई जन्मदिन और छुंिट्टयों से चूक गया। मुझे पता है कि पिछले 14-16 सालों में मैं तुम लोगों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाया, लेकिन वादा करता हूं कि अगले 16 तो जरूर तुम्हारे साथ रहूंगा हर पल।

मेरे ससुराल के लोग, मैंने उनके साथ काफी बातें साझा की हैं। जो एक चीज उन्होंने मेरे लिए सबसे खास की, वो थी मुझे अंजलि से शादी करने देना।

पिछले 24 सालों में मेरे दोस्तों का योगदान व समर्थन भी अद्भुत रहा। वो मेरे साथ हर वक्त थे जब मैं दबाव में था। वो मेरे साथ रात को 3 बजे भी थे जब-जब मुझे चोट लगी। मेरा साथ देने के लिए धन्यवाद।

मेरा करियर शुरू हुआ जब मैं 11 साल का था। मैं इस बार स्टैंड्स पर आचरेकर सर (पहले कोच) को देखकर बहुत खुश हुआ। मैं उनके साथ स्कूटर पर बैठकर दिन में दो-दो मैच खेला करता था। वह सुनिश्चित करते थे कि मैं हर मैच खेलूं। वो कभी मुझे यह नहीं कहते थे कि तुम अच्छा खेले क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि मैं हवा में उड़ने लगूं। सर अब आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि अब मैं नहीं खेलने वाला।

मैंने अपने करियर की शुरुआत यहीं मुंबई से की थी। मुझे याद है न्यूजीलैंड से सुबह 4 बजे लौटकर अगले दिन यहां रणजी मैच खेलना कैसा अनुभव था। बीसीसीआइ भी मेरे करियर के शुरुआत से गजब की समर्थक रही और मैं अपने चयनकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आप लोगों ने हमेशा सुनिश्चित किया कि मेरा पूरा ख्याल रखा जाए।

सभी सीनियर क्रिकेटरों को धन्यवाद जो मेरे साथ खेले। सामने स्क्रीन पर आप राहुल, वीवीएस और सौरव को देख सकते हैं, अनिल (कुंबले) यहां नहीं हैं अभी। सभी कोचों को भी धन्यवाद। मुझे हमेशा याद रहेगा वो पल जब इस मैच के शुरू होने से पहले एमएस धौनी ने मुझे 200वें टेस्ट की टोपी भेंट की।

मेरा टीम को एक संदेश भी था- हमें गर्व होना चाहिए कि हम भारत के लिए खेल रहे हैं। मैं चाहूंगा कि आप सम्मान के साथ देश को गौरवान्वित करते रहें। मुझे पूरा भरोसा है कि आप देश की सेवा सही भावना से हमेशा करते रहेंगे। 

मैं अपने फर्ज से चूक जाऊंगा अगर मैंने अपने डॉक्टरों को धन्यवाद नहीं किया। उन्होंने मुझे हमेशा फिट रखने की कोशिश की। मैंने बहुत चोटें खाईं लेकिन किसी भी समय वो मेरे लिए हाजिर रहे।
मैं अपने चहेते दोस्त स्वर्गीय मार्क मैस्करैन्हस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं उन्हें बहुत मिस करता हूं। मैं अपने मौजूदा मैनेजमेंट गु्रप को भी शुक्रिया कहूंगा जिन्होंने मार्क के काम को जारी रखा और मैं अपने दोस्त व मौजूदा मैनेजर विनोद नायुडू को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं जो पिछले 14 सालों से लगातार मेरे साथ हैं।
मैं मीडिया को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे मेरे स्कूल के दिनों से अब तक कवर किया। उन्होंने मुझे बहुत समर्थन दिया और आज भी कर रहे हैं। सभी फोटोग्राफर्स को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे हर खास पल को कवर किया।

मुझे पता है मेरा भाषण कुछ ज्यादा लंबा हो गया है (फैंसने एक साथ चिल्लाते हुए कहा, नहीं, हमें और चाहिए)। मैं उन सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जो दुनिया के हर कोने से आते हैं। मैं अपने दिल से सभी फैंस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। एक चीज जो मेरी आखिरी सांसों तक मेरे कान में गूंजती रहेगी वो है 'सचिन, सचिन'।

Friday, 15 November 2013

Lata Praises, Sachin Should Get Bharat Ratna

sachin tendulkar
मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मुहिम तेज हो गई है। सैफ अली खान के बाद अब गायिका लता मंगेशकर ने भी उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की गुजारिश की है।

लता दीदी ने कहा कि सचिन ने देश के लिए जो भी किया है, बहुत कम लोग ही ऐसा कर पाते हैं। उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें देश का सबसे सम्मानित और गौरवान्वित पुरस्कार मिलना चाहिए। उनका कहना है कि सचिन के बगैर क्रिकेट की तुलना भी नहीं की जा सकती है। उन्हें लगता है कि सचिन को एक साल और खेलना चाहिए। सचिन के सन्यास से वे काफी दुखी हैं। 

उन्होंने कहा कि सचिन के अंदर जितना टैलेंट है उन्हें एक अकादमी खोलनी चाहिए और युवाओं को क्रिकेट का ज्ञान देना चाहिए। 

गौरतलब है कि साल 2011 में लता मंगेशकर को अपनी गायिकी के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनसे पहले अभिनेता सैफ अली खान ने भी सचिन को भारत रत्न देने की मांग की थी। सचिन ने अपने आखिरी (200 वें) टेस्ट मैच में 74 रन बनाए और इसके साथ ही उनका क्रिकेट करियर समाप्त हो गया। (मिड डे)

Sachin Tendulkar 24th Career Anniversary

Sachin Tendulkar
(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। 'यह सच है कि एक लकड़ी के टुकड़े के दम पर कोई भगवान नहीं बनता, लेकिन यह भी कोई आम इंसान नहीं है..' यह लाइनें आजकल एक टीवी एड का हिस्सा हैं, इन्हें सुनकर कुछ नहीं तो यह अहसास जरूर हो जाता है कि एक पीढ़ी ने एक खिलाड़ी के साथ कैसे अपनी जिंदगी के कुछ रोचक पल जी लिए, फिर चाहे वो स्टेडियम में बैठकर हों, या फिर टीवी के सामने। वो आज का ही दिन था (15 नवंबर, 1989) जब सचिन ने कराची में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट के जरिए अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज किया था, शायद ही किसी ने सोचा हो कि इसी दिन के करीब उनकी आखिरी विदाई भी होगी। जो भी हो, मैदान की 22 गज की सूखी पंट्टी पर 24 साल का यह विशाल करियर, खेल जगत के हर खिलाड़ी, हर एथलीट के लिए एक मिसाल बना।

15 नवंबर 1989 को वो बुधवार का दिन था जब एक 16 साल का लड़का मैदान पर दिग्गज पाकिस्तान टीम के खिलाफ अपने करियर का आगाज करने उतरा था। उस मैच में पाकिस्तान की तरफ से भी दो खिलाड़ियों का आगाज हुआ, वकार यूनिस और इंजमाम-उल-हक, यह दोनों भी दिग्गज क्रिकेटर बने, बस फर्क इतना रहा कि यह दोनों पाक खिलाड़ी, आए, खेले, गए, कुछ के बाल सफेद हुए तो कुछ कोच से लेकर कमेंटेटर तक बन गए, लेकिन 'क्रिकेट का भगवान' 22 गज की पिच पर अटल रहा..24 साल तक।
सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में तकरीबन 600 खिलाड़ियों के साथ व उनके विरुद्ध खेला। कपिल की पीढ़ी से लेकर अजहरुद्दीन तक और गांगुली के दौर से लेकर धौनी के स्वर्णिम दौर तक इस खिलाड़ी ने हर उस युग को देखा जिसकी आस कोई भी खिलाड़ी रखता है। उतार-चढ़ाव भरे अपने करियर में तेंदुलकर कई बार लड़खड़ाए, चोटिल हुए, आउट ऑफ फॉर्म हुए लेकिन फिर भी खेल के प्रति उनका समर्पण व 24 साल का अविवादित करियर उनकी एक अलग छाप छोड़ता चला गया। जिंबॉब्वे के पूर्व मशहूर खिलाड़ी व इंग्लैंड टीम के मौजूदा कोच एंडी फ्लावर ने अपने एक बयान में सचिन की हस्ती को बखूबी बयान किया था, एंडी फ्लावर ने कहा था कि, 'दुनिया में दो तरह के क्रिकेटर हैं, एक सचिन..और दूसरा बाकी सब।' एक नजर डालते हैं सचिन के अद्भुत करियर के कुछ खास आंकड़ों पर।
(15 नवंबर 1989-15 नवंबर 2013):
वनडे क्रिकेट:
मैच- 463
रन- 18426
औसत- 44.83
शतक- 49
अर्धशतक- 96
बेस्ट- नाबाद 200
------------
टेस्ट क्रिकेट:
मैच- 200
रन- 15921
औसत- 53.71
शतक- 51
अर्धशतक- 67
बेस्ट- नाबाद 248
--------------
अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट:
मैच- 1
रन- 10
-------------
प्रथम श्रेणी क्रिकेट:
मैच- 309
रन- 25322
औसत- 57.81
शतक- 81
अर्धशतक- 115
बेस्ट- नाबाद 248
--------------
ट्वंटी-ट्वंटी क्रिकेट:
मैच- 96
रन- 2797
औसत- 32.90
शतक- 1
अर्धशतक- 16
बेस्ट- नाबाद 100
--------------

Thursday, 14 November 2013

20 years back suhas saw sachin play his first at wankhede, now can only Hear

Sachin Tendulkar
मुंबई। 20 साल पहले ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व स्कोर कीपर थाणे के सुहास मराठे ने जब वानखेड़े स्टेडियम में कदम रखा था, तब सचिन इस मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेलने उतरे थे (19-23 फरवरी,1993)। इंग्लैंड के खिलाफ हुए उस मैच को सुहास ने देखा था और वो आज तक उसे नहीं भूल पाएंगे, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि आज जब सचिन वानखेड़े पर अपने जीवन का आखिरी टेस्ट खेलने उतरे हैं तब सुहास उसे देख नहीं सकते, बस सुन सकते हैं, क्योंकि अब उनकी नजर नहीं रही।

सुहास मराठे एक क्रिकेट स्टैटिस्टिशियन हैं। उनकी दाईं आंख गंभीर रूप के ग्लूकोमा का शिकार हुई जबकि उन्हें नहीं पता चला कि कब देखते-देखते उनकी बाईं आंख ने भी रोशनी गंवा दी। उन्हें आज गर्व है कि उन्होंने सचिन के उनके घरेलू मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट की स्कोरिंग की थी हालांकि उतना ही दुख भी कि आज वह उसी मैदान पर उनके आखिरी टेस्ट को देख नहीं पा रहे, बस कमेंट्री सुन सकते हैं। सुहास कहते हैं, 'हां, मुझे अफसोस है। मैंने उन्हें (सचिन) कितनी बेहतरीन पारियों को खेलते हुए देखा। मैं 1988 में उस समारोह का हिस्सा भी बना था जब सचिन और कांबली को उनके स्कूल करियर में विनोद कांबली के साथ एतिहासिक 664 रन की पार्टनरशिप के लिए सम्मानित किया गया था। मैंने 1993 के वानखेड़े के उस टेस्ट मैच में स्कोरिंग करते हुए उनकी इंग्लैंड के खिलाफ उस 78 रनों की पारी को देखा था।'

62 वर्षीय मराठे 1999 तक आराम से टीवी देखते थे लेकिन फिर उनकी आंख में दिक्कतें शुरू हो गईं, कई ऑपरेशन असफल रहे और उसके बाद हौसला रखते हुए सुहास ने यह तय किया कि वह ऐसे ही जिंदगी को जिंदादिली से जीएंगे और क्रिकेट का प्रेम व अपने शौक जारी रखेंगे। सुहास सचिन के नाम से जारी किए गए डाक टिकट को लेकर भी काफी उत्साहित हैं क्योंकि वह खुद भी टिकट इकट्ठा करने का शौक रखते हैं और इस टिकट को भी अपने पास रखना चाहेंगे। सुहास के मुताबिक सचिन ने जो कीर्तिमान हासिल किए हैं उसे अब कोई पार नहीं कर सकेगा।
(मिड-डे)


5 killed, 10 injured as Mangala Express derails near Nasik

Mangala Express derails
नासिक। दिल्ली के निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जाने वाली मंगला एक्सप्रेस के शुक्रवार की सुबह पटरी से उतर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 50 घायल हो गए। सूत्रों के अनुसार ट्रेन के दस डिब्बे पटरी से उतर गए। मध्य रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार सुबह छह बज कर करीब 20 मिनट पर 12618 निजामुद्दीन एर्नाकुलम मंगला एक्सप्रेस ट्रेन मध्य रेलवे के नासिक के समीप घोती-इगतापुरी प्रखंड से गुजर रही थी, तभी यह हादसा हुआ।

ग्रामीण पुलिस के अनुसार, 4 यात्रियों के मारे जाने की आशंका है। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि घायलों को घोती, कसारा और नासिक के सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया। बचाव अभियान जारी है। एक चिकित्सा राहत वैन घोती पहुंच चुकी है। हादसा कैसे हुआ इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।

मध्य रेलवे ने यात्रियों के चिंतित संबंधियों के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित की है, ताकि वह अपने परिजनों की खैरियत के बारे में पता कर सकें।

रेलवे ने हेल्पलाइन:- 0251-23114999
02553-2440220
दुर्घटना के बाद रेल यातायात प्रभावित हो गया, जिसके चलते रेलवे अधिकारियों ने मनमाड-कुर्ला-गोदावरीएक्सप्रेस और मनमाड-मुंबई पंचवटी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें रद्द कर दीं। सेवाग्राम एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस को लासलगांव में रोक दिया गया है।

Source- News in Hindi

Wednesday, 13 November 2013

India v West indies 2nd Test: Stage set for the last Farewell


Sachin Tendulkar
जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। क्रिकेट का भगवान, मास्टर ब्लास्टर और हमारा सचिन, इन्हीं नामों से 24 साल से दुनिया के करोड़ों प्रशंसकों के दिलों पर राज करने वाले सचिन तेंदुलकर आखिरी बार जब मुंबई के वानखेड़े मैदान पर उतरेंगे तो पूरा देश उनकी इस विदाई में उनके साथ खड़ा होगा। तेंदुलकर गुरुवार को जब वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी और 200वां टेस्ट मैच खेलने के लिए मैदान पर कदम रखेंगे तो चारों तरफ भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा होगा।

यह भले ही दो टीमों के बीच का मुकाबला है, लेकिन सभी की निगाहें उस शख्स पर टिकी रहेंगी जो पिछले 24 साल के अपने चमकदार करियर में जीवंत किवदंती बन गए। तेंदुलकर पिछले दो दशक से भी अधिक समय से भारत में इस खेल के पर्यायवाची हैं और क्रिकेट जगत में उनके नाम की दहशत भी बनी रही तो उन्हें खूब तारीफें भी मिलीं। अविश्वसनीय प्रतिभा के धनी तेंदुलकर ने 1989 में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने से लेकर हमेशा क्रिकेट के मैदान और अपने प्रशंसकों के दिलों में राज किया। उनका दबदबा इस तरह का रहा कि इन दोनों स्थानों पर उनकी कमी खलेगी।

कोलकाता में पहला टेस्ट मैच पारी और 51 रन से जीतने के बाद भारतीय टीम अब तेंदुलकर को जीत के साथ शानदार विदाई देने पर ध्यान दे रही है। टीम और उसके सबसे सीनियर खिलाड़ी की निगाह वानखेड़े स्टेडियम में भी वेस्टइंडीज की औसत दर्जे की टीम पर बड़ी जीत दर्ज करने पर लगी हैं। लेकिन अगले कुछ दिनों तक स्कोर और आंकड़ों का महत्व कम रहेगा क्योंकि देश अपने महानतम और सबसे बड़ी खेल हस्ती को विदाई देने के लिए तैयार है।

सर डॉन ब्रैडमैन ने 1948 में जब ओवल में संन्यास लिया था तो उनके योगदान को याद किया गया, लेकिन एक शानदार करियर के लिए समारोह जैसा माहौल नहीं था लेकिन आज क्रिकेट जगत में नंबर चार पर बल्लेबाजी करने वाले सबसे बड़े क्रिकेटर की विदाई से हर कोई जुड़ा है और दुआ कर रहा है कि उनकी विदाई शानदार हो। तेंदुलकर भी अपने दोस्तों और परिजनों के सामने ऐसी पारी खेलकर विदाई लेना चाहेंगे जो आने वाले वर्षाें में सभी की जेहन में बनी रहे।

 कोलकाता में पहले टेस्ट में अंपायर निजेल लांग के गलत फैसले का शिकार बनने वाले तेंदुलकर को उम्मीद रहेगी कि जब वह वानखेड़े में आखिरी बार बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो शेन शिलिंगफोर्ड या टिनो बेस्ट में से कोई ऐसा नहीं करेगा जैसा कि वर्षाें पहले एरिक होलीज ने ब्रैडमैन के साथ किया था। ब्रैडमैन अपनी आखिरी पारी में बिना खाता खोले होलीज की गुगली पर बोल्ड हो गए थे। यह देखना दिलचस्प होगा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी विदाई को लेकर बने माहौल के बीच 40 वर्षीय तेंदुलकर खुद की भावनाओं पर कैसे काबू रख पाते हैं।

इसलिए रंग में भंग से बचने के लिए टीम इंडिया को विपक्षी टीम को हल्के में लिए बिना पूरी रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा ताकि 'देश का सचिन' सिर उठाकर मैदान से विदा ले सके।

Sooraj was at Hotel at the Time of Jiah's Death : Aditya Pancholi

jiah khan
मुंबई। अभिनेत्री जिया खान की मौत की गुत्थी सुलझने का नाम ही नहीं ले रही है। जहां एक ओर फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद जिया के शव को कब्र से बाहर निकालने की बात की जा रही है, वहीं सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली अपने बेटे को बचाने का एक नया पैंतरा अपना रहे हैं। वो कहते हैं कि जिया की मौत के समय सूरज एक पांच सितारा होटल में थे।

आदित्य पंचोली के इस बयान ने हलचल मचा दी है। अब ये मामला और उलझता जा रहा है। उनका कहना है कि उनके पास तीन जून की रात सूरज के जुहू स्थित होटल नोवोटल में जाने और अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताने के सारे वीडियो फुटेज हैं। ऐसे में जिया की मौत के समय सूरज का वहां मौजूद होना संभव ही नहीं है। आदित्य पंचोली ने ये बयान जिया की मां राबिया के आरोपों के बाद दिया है।

गौरतलब है कि सूरज को जिया की मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। सूरज 21 दिनों तक जेल की सजा काट चुके हैं। बीते दिनों राबिया ने पुलिस को बयान दिया था कि जिया की मौत कोई आत्महत्या नहीं है, बल्कि उसकी जान ली गई है और ये काम किसी अपने ने ही किया है।

Sachin Farewell: India Won Toss And Elect to Field First

Sachin Tendulkar
मुंबई। सचिन तेंदुलकर के 200वें व आखिरी टेस्ट मैच पर वानखेड़े स्टेडियम में माहौल किसी त्योहार से कम नहीं है, हर ओर बस सचिन-सचिन की ही गूंज नजर आ रही। इसी बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सीरीज के इस दूसरे टेस्ट मैच के लिए टॉस हुआ, जो कि भारत ने जीता और पहले फील्डिंग का फैसला किया।

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीतते ही इस बात को भी बोला कि वह कहीं ना कहीं उन फैंस को निराश करने वाले हैं जो आज सचिन की बल्लेबाजी देखने के मूड से मैदान पर आए थे, क्योंकि वह पहले फील्डिंग करने का फैसला लेंगे। टीम इंडिया ने इस टेस्ट मैच में कोई बदलाव नहीं किया है जबकि वेस्टइंडीज टीम ने दो बदलाव किए हैं। टीम में नरसिंह देवनारायण और शैनन गैब्रियाल को जगह दी गई है।
टीमें:
भारत: महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा, मोहम्मद शमी।
वेस्टइंडीज: डैरेन सैमी (कप्तान), क्रिस गेल, कीरन पॉवेल, डेरेन ब्रावो, मार्लन सैमुअल्स, शिवनारायण चंद्रपॉल, नरसिंह देवनारायण, दिनेश रामदीन, शेन शिलिंगफोर्ड, टीनो बेस्ट, शैनन गैब्रियाल।

Tuesday, 12 November 2013

Mumbai Taj Palace hotel shines blue in honour of Sachin

Sachin Tendulkar
मुंबई। बस दो दिन और, फिर शुरू होगा पांच दिनों तक चलने वाला वह सफर जिसके खत्म होने के साथ एक युग का अंत हो जाएगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर गुरुवार को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने करियर का आखिरी मैच खेलने उतरेंगे, जाहिर है कि इस मौके पर हर कोई इस महानतम खिलाड़ी को सम्मान देने से चूकना नहीं चाहेगा और इसी कड़ी में अब मुंबई का प्रसिद्ध होटल ताज भी शामिल हो गया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सीरीज के दूसरे व अंतिम टेस्ट के लिए टीम इंडिया के खिलाड़ी मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के करीब स्थित मशहूर होटल ताज में रुक रहे हैं। ऐसे में भला यह होटल देश के लाडले को सलाम देने से कैसे चूकता। होटल प्रबंधन ने सचिन के सम्मान में पूरे होटल को नीली रोशनी से जगमग कर दिया है। गौरतलब है कि शुरू से वनडे क्रिकेट के जरिए टीम इंडिया का ट्रेडमार्क रंग नीला ही रहा है और जब से वनडे क्रिकेट रंगीन कपड़ों में खेला जाना शुरू हुआ था, तब से अभी तक सचिन ने भारतीय वनडे टीम की हर जर्सी पहनी है (हाल में बदली गई जर्सी को छोड़कर)। इसी लिहाज से ताज होटल ने मास्टर ब्लास्टर के सम्मान में होटल को रोशन करने के लिए नीला रंग चुना।

Wankhede Will be Studded with Stars in Sachin's Last Match

sachin tendulkar's last test match
मुंबई। वैसे तो तारे रात में दिखाई देते हैं और चमकते हैं। पर लगता है कि क्रिकेट के भगवान के आखिरी टेस्ट मैच में, मैदान दिन में ही सितारों से जगमगा उठेगा। जी हां हम किसी और की नहीं बात कर रहे हैं बॉलीवुड के सितारों की जो गवाह बनेंगे सचिन के आखिरी मैच के।

रिटायरमेंट से पहले मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना आखिरी मैच खेलने जा रहे सचिन को अंतिम दफा देखने के लिए कई सितारे मैदान में मौजूद होंगे। आइए जानें किसकी है कैसी तैयारी और कौन नहीं आ पाएगा।
काई पो छे से बॉलीवुड में कदम रखने वाले सुशांत सिंह राजपूत इन दिनों अपना काम जोरों शोरों से खत्म कर रहे हैं ताकि वो अपना एक दिन मैदान में खेल देखते हुए बिता सकें।

सचिन और आमिर की दोस्ती तो काफी पुरानी है। सचिन का आखिरी मैच हो और आमिर ना पहुंचे ये तो हो ही नहीं सकता। आमिर की इस मैच में पहुंचने की पूरी संभावना है।

रणबीर कपूर बहुत बड़े खेल प्रेमी और क्रिकेट के दीवाने हैं। अफवाहों की मानें तो उन्होंने अपने डायरेक्टर अनुराग बसु के साथ मिलकर मैच से पहले ही फिल्म जग्गा जासूस की शूटिंग को समेटने का सोचा है। उनकी वानखेड़े जाकर मैच देखने की योजना है। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण भी ये मैच देखने वानखेड़े पहुंचेंगे।
आर..राजकुमार के प्रमोशन में बिजी शाहिद कपूर ने डायरेक्टर प्रभु देवा को अपने साथ वानखेड़े चलकर मैच देखने को कहा है। वरुण धवन इन सबमें सबसे ज्यादा लकी हैं क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपनी फिल्म तू मेरा हीरो की शूटिंग खत्म की है। वरुण के पूरा मैच मैदान में बैठकर देखने के चांस हैं।

सब होंगे बस वो ना होगा
शाहरुख के वानखेड़े प्रवेश पर 5 साल का बैन होने के चलते वो सचिन को आखिरी बार मैदान पर खेलता नहीं देख पाएंगे। वो कोलकाता टेस्ट मैच में पांचवें दिन जाने वाले थे, पर बादशाह की बदकिस्मती कहें या जो भी वो टेस्ट मैच तीन दिनों में ही सिमट गया। इस पर शाहरुख कहते हैं कि मैं वानखेड़े नहीं जा सकता क्योंकि दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां कुछ लोग नहीं चाहते कि मैं जाऊं।

 Source- Entertainment News in Hindi