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Tuesday, 21 June 2016

...तो क्या इस बार अपने ही जाल में फंसे केजरीवाल, फेल हुआ सियासी फॉर्मूला?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। असल में केजरीवाल जिन अस्त्रों का इस्तेमाल कर विरोधियों को चित कर देते थे अब विरोधियों ने भी उसी अस्त्र का इस्तेमाल कर केजरीवाल पर हमला बोल दिया है।

बैकफुट पर दिल्ली सरकार

सीएम केजरीवाल को उन्हींं की भाषा में जवाब देने का काम भाजपा सांसद महेश गिरी ने किया है। गिरी ने धरना और अनशन के जरिए केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला है, इतना ही नहीं भाजपा नेता ने सीएम केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देकर दिल्ली सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है।

गिरी को मिला स्वामी का साथ

सीएम आवास के बाहर गिरी का अनशन जारी है। भाजपा नेता के साथ उनके समर्थक मौजूद हैं इतना ही नहीं समय-समय पर भाजपा के बड़े नेता भी गिरी से मिलने पहुंच रहे हैं। पूरे मामले में टर्निंग प्वाइंट तब आ गया जब पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी को पार्टी के बड़े नेता सुब्रमण्यम स्वामी का साथ मिल गया।

आप नेता कर रहे बचाव

भाजपा की तरफ से केजरीवाल पर सियासी वार शुरू हैं और बचाव के नाम पर आप नेता सोशल मीडिया का सहारा लेकर हालात का रुख बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा उदाहरण आप नेता आशुतोष का है जिन्होंने गिरी के अनशन पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया कि 'भाजपा नेता को 21 दिनों तक भूखा रहना चाहिए, नहीं तो जनता नौटंकी समझेगी'  Read more http://www.jagran.com/

Wednesday, 13 April 2016

लातूर संकटःसोशल मीडिया पर विरोधियों ने केजरी को किया 'पानी-पानी'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने विवादित ट्वीट को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं। अब वह महाराष्ट्र में सूखे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे खत की वजह से सोशल मीडिया के निशाने पर हैं। इससे पहले पूरे विपक्ष ने कल दिनभर केजरीवाल की जमकर आलोचना की, बाकी बची कसर सोशल मीडिया ने पूरी कर दी। इस मुद्दे पर केजरीवाल की आलोचना आज भी जारी है।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर कहा था कि अगर केंद्र सरकार पानी भेजने में मदद करे तो दिल्ली के लोग लातूर के लिए रोजाना 10 लाख लीटर पानी भेज सकते हैं। इसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ रही है।

उनके आलोचक सोशल मीडिया पर केजरीवाल की जमकर क्लास लगा रहा है। लोगों का कहना है कि दिल्ली में बहुत से इलाके ऐसे हैं, जहां लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र की मदद करने के लिए 10 लाख लीटर पानी भेजना कितनी बचकानी बात है।

कुछ लोगों के दिल्ली के मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया है कि दिल्ली के पास तो खुद का पानी ही नहीं। उसे तो पानी के लिए पूरी तरह से हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में केजरीवाल कैसे दूसरे राज्य को पानी देने का दावा कर सकते हैं?

हालांकि, कल खत लिखने के साथ अरविंद केजरीवाल की सोशल मीडिया पर तारीफ हुई थी। खासतौर से केजरीवाल और मोदी के नए रिश्तों को लेकर, लेकिन कुछ घंटे बाद ही केजरीवाल के आलोचकों के सोशल मीडिया पर उतरते ही मामला 360 डिग्री घूम गया।

आलोचकों का कहना है कि केजरीवाल इस तरह के बयान सिर्फ चर्चा में रहने के लिए देते हैं। सोशल मीडिया पर एक आलोचक का कहना है कि क्या दिल्ली रोजाना 10 लाख लीटर पानी महाराष्ट्र के लिए बचा सकती है...नहीं।

गौरतलब है कि कल यानी 12 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लातूर जलसंकट पर खत लिखा था। उन्होंने खत में लिखा था, ‘अगर केंद्र सरकार पानी भेजने में मदद करे तो दिल्ली के लोग लातूर के लिए रोजाना 10 लाख लीटर पानी भेज सकते हैं।’ सोशल मीडिया पर केजरीवाल और मोदी के इन नए रिश्तों की तारीफ भी हुई थी, लेकिन आलोचकों के सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते ही हालात केजरीवाल के खिलाफ हो गए।

वहीं, महाराष्ट्र में सूखे के मद्देनजर केजरीवाल की यह दरियादिली ट्विटर पर भी दिखी है। केजरीवाल के ट्विट पर दिल्ली के जलमंत्री कपिल मिश्रा ने ट्विट किया, ‘हम लोग पानी बचा सकते हैं। लातूर में अपने भाई-बहनों को पानी भेज सकते हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी को भेजे खत में केजरीवाल ने लिखा है, ‘देश के लिए यह शर्म की बात होगी कि 21वीं सदी के भारत में किसी की पानी की वजह से मौत हो। दिल्ली के लोग अगले दो महीने तक रोजाना 10 लाख लीटर पानी लातूर भेजने को तैयार हैं। केंद्र सरकार इस पानी को लातूर भिजवाने का इंतजाम कर दे।’