महबूबा मुफ्ती ने आज राज्यपाल से मुलाकात के बाद कहा कि जम्मू-कश्मीर में खंडित जनादेश मिला है। यह जनादेश पीएम मोदी के लिए भी चुनौती है। राज्यपाल ने हमें अनौपचारिक मुलाकात के लिए बुलाया था। हमें सरकार बनाने की जल्दबाजी नहीं है। पीडीपी को 55 से ज्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत जुटाना हमारी प्राथमिकता नहीं है।
राज्य में सरकार के गठन को लेकर जारी कवायद के बीच बुधवार को प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रो सैफूदीन सोज ने राज्यपाल एनएन वोहरा से भेंट कर नई सियासी अटकलों को जन्म दे दिया। हालांकि प्रो सोज ने अपनी मुलाकात के बारे में किसी तरह का खुलासा करने से इंकार करते हुए सिर्फ यही कहा कि हमने राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की है। हमने राज्यपाल से जम्मू कश्मीर की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेधानिक जिम्मेदारियों के निर्वाह का आग्रह किया है।
उधर, कयास लगाए जा रहे हैं कि पीडीपी 28 सीटों के साथ नेशनल कांफ्रेस को ले सकती है, जिसकी 12 सीटें हैं। इस तरह से गणित 40 पर आकर लटक जाता है, जबकि बहुमत के लिए 44 सीटें चाहिए। ऐसे में वह कांग्रेस को अपने साथ ले सकती है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा वोट भाजपा को मिले हैं, लेकिन उसके पास सीटें (25) कम हैं। ऐसे में वह नेशनल क्रांफ्रेस और अन्य को साथ लेकर सरकार बना सकती है।
राज्य में सरकार के गठन को लेकर जारी कवायद के बीच बुधवार को प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रो सैफूदीन सोज ने राज्यपाल एनएन वोहरा से भेंट कर नई सियासी अटकलों को जन्म दे दिया। हालांकि प्रो सोज ने अपनी मुलाकात के बारे में किसी तरह का खुलासा करने से इंकार करते हुए सिर्फ यही कहा कि हमने राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की है। हमने राज्यपाल से जम्मू कश्मीर की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संवेधानिक जिम्मेदारियों के निर्वाह का आग्रह किया है।
उधर, कयास लगाए जा रहे हैं कि पीडीपी 28 सीटों के साथ नेशनल कांफ्रेस को ले सकती है, जिसकी 12 सीटें हैं। इस तरह से गणित 40 पर आकर लटक जाता है, जबकि बहुमत के लिए 44 सीटें चाहिए। ऐसे में वह कांग्रेस को अपने साथ ले सकती है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा वोट भाजपा को मिले हैं, लेकिन उसके पास सीटें (25) कम हैं। ऐसे में वह नेशनल क्रांफ्रेस और अन्य को साथ लेकर सरकार बना सकती है।
Source: Hindi News and Newspaper
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