जानकारी के अनुसार रोहनिया के दरेखू गांव में एक ताल के पास का खेत
मनियारीपुर के कैलाश पटेल का है। कैलाश ने खेत से मिट्टी निकालने के लिए
कुछ लोगों को खेत दिया हुआ है। मिट्टी निकालने के दौरान वहां से पिछले एक
हफ्ते से पीतल के कई सामान मिले जिसे गांव के कुछ युवकों ने कबाड़ी को
बेचकर हजारों रुपये भी कमाए। मंगलवार को भी खेत में खोदाई चल रही थी। खेत
से पहले पीतल के जंग लगे तोप के गोले, इसके बाद कारतूस और फिर बारूद की
छड़ें मिलनी शुरू हुईं। बारूद की छड़ें पुरानी हैं, लेकिन माचिस लगाने पर
वह जल रही हैं।
Source: Hindi News and Newspaper
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