प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
पर संबंधित मंत्रालयों के आला अफसरों के साथ बैठक की। इसमें उनके मंत्रियों
को भी बुलाया गया था। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए किए गए उपायों की
समीक्षा की गई। मोदी ने बैठक में मनरेगा का भरपूर सहयोग लेने का निर्देश
दिया। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में सिंचाई की दिशा में मनरेगा ने
उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मनरेगा में ज्यादातर कार्य जल संरक्षण के लिए किए
गए हैं।
मनरेगा का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों से सिंचाई परिसंपत्तियों को बनाने में
किया गया है। ऐसे में मनरेगा को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समग्र
योजना से एकीकृत किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में नतीजों की
गहरी निगरानी करने पर जोर दिया। जल संसाधन, ग्रामीण विकास और कृषि
मंत्रालय की संयुक्त बैठक में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं पर अमल करने पर
जोर दिया गया। माइक्रो इरिगेशन परियोजनाओं में स्पि्रंकल और ड्रिप इरिगेशन
से चालू साल के भीतर 1.55 लाख हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित बनाने की
योजना है।
Source: Hindi News and Newspaper
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