वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इंश्योरेंस रिफार्म संबंधी
अध्यादेश को संसद से मंजूरी मिलने में छह महीने से अधिक की देरी होने की
स्थिति में सरकार अध्यादेश की मंजूरी के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुला
सकती है।गौरतलब है कि इस अध्यादेश के तहत इंश्योंरेंस सेक्टर में एफडीआइ की
सीमा बढ़ाए जाने का प्रावधान है।
जेटली ने कहा कि मुझे पूरा विस्वास है कि विधेयक को राज्यसभा से भी मंजूरी
मिल जाएगी क्योंकि मुख्य विपक्षी पार्टी भी इस विधेयक के समर्थन में है।
अगर इसे राज्यसभा से मंजूरी नहीं मिलती है तो हम संसद का संयुक्त संत्र
बुलाएंगे। अगर इसमें छह महीने से अधिक की देरी होती है तो हम संसद का
संयुक्त सत्र बुलाएंगे जहां हमें बहुमत हासिल है।
इस अध्यादेश के तहत इंश्योरेंस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा
26 फीसद से बढ़ाकर 49 फीसद किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि संसद
की कार्यवाही में बार बार व्यवधान डार कर हम इसे अधिक समय तक लटकाए नहीं रख
सकते।
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