Friday, 6 February 2015

गरमाई बिहार की सियासत, मांझी के समर्थन में उतरे मंत्री

मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की अटकलों के बीच जीतन राम मांझी ने पूरी तरह बगावती रुख अपना लिया है। शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा शनिवार को बुलाई गई विधायक दल की बैठक को अवैध करार देते हुए उन्होंने कहा कि 'मैं इस बैठक में नहीं जाऊंगा।' वहीं दूसरी ओर उन्होंने 20 फरवरी को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई है।

इसके साथ ही पिछले एक माह से भी अधिक समय से चल रही राजनीतिक उठापटक और जदयू में मचा घमासान अब खुले मंच पर आ गया है। मंत्री नरेंद्र सिंह, नितीश मिश्रा और वृषिण पटेल ने मांझी को हटाए जाने विरोध करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष का विधायक दल की बैठक बुलाने को अवैध बताया है।

गुरुवार को जदयू अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री व जीतन राम मांझी से मुलाकात कर मुद्दे पर काफी देर तक बातचीत की। चर्चा इस बात की भी है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बुधवार रात नीतीश कुमार को फोन कर खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के लिए कहा था।

कई दिनों से बगावती सुर व लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान देने वाले मांझी को हटाने की पूरी पटकथा गुरुवार को लिखी जा चुकी है। उन्हें कुर्सी से हटाने के लिए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव के साथ दूसरे तमाम बड़े नेता पटना में डेरा डाले हुए हैं। शरद यादव ने गुरुवार को नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की फिर मांझी से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। एक घंटा चर्चा करने के बाद वे फिर नीतीश के पास आए और शाम को विधायक दल की बैठक बुलाने का एलान किया।

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