Showing posts with label Madhuri security. Show all posts
Showing posts with label Madhuri security. Show all posts

Wednesday, 8 January 2014

Be Alert! Pickpockets on Delhi Metro are women

नई दिल्ली [जासं]। मेट्रो में सफर करते हुए अगर कोई खूबसूरत महिला आपसे सटकर खड़ी हो रही है, तो अपनी जेब पर विशेष ध्यान दें। क्योंकि मेट्रो में महिला पॉकेटमार आए दिन अलग-अलग तरीके से यात्रियों की जेब साफ कर रही हैं। इन्हें पकड़ने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल [सीआइएसएफ] लगातार अभियान भी चला रहा है जिसमें ये पकड़ी तो जाती हैं, लेकिन छूटने के बाद फिर से पॉकेटमारी के काम में लग जाती हैं। खास बात यह है कि इन पॉकेटमार हसीनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 

सीआइएसएफ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, गत वर्ष दिल्ली मेट्रो में जितने पॉकेटमार पकड़े गए, इनमें 90.34 प्रतिशत महिलाएं थीं। सीआइएसएफ ने पिछले वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच 466 लोगों को जेब काटने के मामले में दबोचा, इनमें से 421 महिलाएं थीं। आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में सबसे ज्यादा 115 पॉकेटमार हसीनाएं पकड़ी गईं। जबकि इसी महीने में सिर्फ एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह अक्टूबर में 26 पॉकेटमार हसीनाएं पकड़ी गईं जबकि कोई पुरुष नहीं पकड़ा गया। खास बात यह है कि जिन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है उनमें से ज्यादातर महिलाएं अच्छे कपड़ों में होती हैं। कुछ तो ब्रांडेड बिजनेस फॉर्मल्स में होती हैं। उनके पास काम करने का दिखावा करने के लिए कांफ्रेंस बैग और लैपटॉप तक रहता है और वे किसी भी आम यात्री की ही तरह लगती हैं। इनका पहनावा देखकर शक करना तो लगभग नामुमकिन है।

सीआइएसएफ के जवान बताते हैं कि पूछताछ में कुछ पॉकेटमार हसीनाओं ने बताया कि उनके निशाने पर सबसे ज्यादा पुरुष यात्री होते हैं। ये हसीनाएं 6-7 के समूह में होती हैं जिसमें एक महिला पॉकेटमार पुरुष को अपनी नजरों में फंसाए रखती है, एक उस पुरुष के पॉकेट मारने का काम करती है और बाकी आसपास के माहौल पर नजर रखती हैं। काम पूरा होते ही ये अगले मेट्रो स्टेशन पर उतरकर नए शिकार की तलाश में निकल पड़ती हैं। सीआइएसएफ के अधिकारी बताते हैं कि उन्हें रंगे हाथों ही पकड़ा जा सकता है। जून महीने में 21 महिलाओं के एक पूरे गैंग को गिरफ्तार किया गया था। 

सीआइएसफ के प्रवक्ता हेमेंद्र सिंह कहते हैं कि हम इन्हें रंगे हाथों पकड़ते तो हैं, लेकिन शिकायतकर्ता के अभाव में उन्हें डांट-फटकार कर छोड़ना पड़ता है। लेकिन शिकायतकर्ता के होने पर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। हम उन्हें मेट्रो पुलिस के हवाले कर देते हैं। जहांगीरपुरी-हुडडा सिटी सेंटर तथा द्वारका सेक्टर-21-नोएडा/वैशाली रूट पर ये ज्यादा सक्रिय रहती हैं।
2013 में माहवार पकड़ी गई पॉकेटमार :
माह महिला पॉकेटमार
जनवरी 73
फरवरी 34
मार्च 37
अप्रैल 16
मई 46
जून 115
जुलाई 7
अगस्त 5
सितंबर 28
अक्टूबर 26
नवंबर 28
दिसंबर 6
कुल ---- 421 

Saturday, 4 January 2014

Madhuri's security becomes xpensive,Dedh ishqiya can't have countrywide promotion

[आसिरा तरन्नुम], मुंबई। धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित भले ही काफी समय बाद सिल्वर स्क्रीन पर लीड एक्ट्रेस के तौर पर वापसी कर रही हैं, लेकिन उनके प्रति लोगों का क्रेज आज भी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि और बढ़ गया है। इसलिए वे जहां भी जाती हैं उनके फैंस की तादाद लाखों में होती है। ऐसे में फिल्म प्रमोशन के लिए, उन्हें जबरदस्त सुरक्षा मुहैया करानी पड़ती है। खबर है कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए फिल्म 'डेढ़ इश्किया' के निर्माता अभिषेक चौबे ने देशभर में फिल्म के प्रमोशन से परहेज करने का फैसला किया है।

सूत्रों ने बताया कि फिल्म का बजट महज 17 से 20 करोड़ का है और प्रमोशन के दौरान माधुरी की सुरक्षा पर छह से सात लाख खर्च होंगे। माधुरी की जबरदस्त फैन फॉलोइंग और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए टीम ने ये फैसला किया है कि फिल्म का प्रमोशन अगर हर शहर में किया जाएगा तो काफी खर्च आएगा इसलिए इस प्रमोशन को बस दिल्ली तक ही सीमित रखा जाएगा।

माधुरी की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। फिल्म में और भी कई स्टार्स हैं, लेकिन माधुरी को विशेष सुरक्षा मुहैया करानी पड़ती है। फिल्म का बजट ज्यादा नहीं है और ऐसे में सिर्फ माधुरी की सुरक्षा पर छह लाख रुपये खर्च करना टीम के लिए संभव नहीं है,इसलिए दिल्ली छोड़कर किसी और शहर में फिल्म की प्रचार नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि माधुरी दीक्षित फिल्म के प्रमोशन के लिए कई रियलिटी शो में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं,लेकिन शहरों में अब तक नहीं गईं हैं। छह जनवरी से फिल्म प्रचार शुरू हो जाएगा। पहले खबर थी कि अहमदाबाद, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर और बाकी कई बड़े शहरों में फिल्म का प्रचार किया जाएगा।