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Friday, 13 May 2016

मालेगांव केस में साध्वी प्रज्ञा को राहत, NIA ने चार्जशीट से हटाए नाम

2008 के मालेगांव धमाके के करीब आठ साल बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को राहत मिल गय़ी है।मुंबई की एनआइए स्पेशल कोर्ट में आज एक पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें साध्वी प्रज्ञा दूसरे आरोपियों पर से मकोका हटा लिया गया है। एनआइए की चार्जशीट में कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर एंटी टेरर लॉ (UAPA) और आइपीसी की धाराओं में आरोपी बनाया गया है।

सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के पूर्व एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की ओर द्वारा की गई जांच और पेश किए गए सबूत के साथ छेड़छाड़ की गई थी। मकोका एक गैंगस्टर एक्ट है जो मुंबई अंडरवर्ल्ड को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। साध्वी का नाम मालेगांव से पहले किसी केस में नहीं जुड़ा था। लेकिन मालेगांव मामले में कांग्रेस सरकार ने साध्वी पर मकोका लगा दिया दिया। साध्वी प्रज्ञा की मकोका हटाने की अर्जी के बाद अदालत ने एटॉर्नी जनरल से सलाह मांगी थी। एटॉर्नी जनरल से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दिया कि मकोका एक्ट साध्वी प्रज्ञा पर नहीं लग सकता। क्योकिं साध्वी का नाम इससे पहले किसी आपराधिक मामले से नहीं जुड़ा है।

क्या कहा गृह राज्यमंत्री ने

गृंह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू एनआईए की पूरक चार्जशीट दाखिल करने पर कहा कि ‘जांच पूरी हो चुकी है। हमने देखा है कि संप्रग सरकार हिंदू आतंकवाद के नाम से कुछ वर्गों को छेड़ने में लगी थी। स्वयं के लाभ के लिए उन्होंने हिंदू आतंकवाद के नाम से एक और आतंकवाद का नाम दिया था। उन्होंने अपने समय में एजेंसियों पर काफी दबाव डाला था। इस तरह के मामलों से निपटान में कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। लिहाजा हमारी सरकार ने कार्रवाई करने के लिए एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी है।

दिग्विजय का निशाना

मालेगांव मामले में एटीएस चीफ रहे हेमंत करकरे की जांच पर सवाल उठाने पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि करकरे पर सवाल उठाना उनका अपमान करना है। दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग मालेगांव से जुडे़ आरोपियों को बचाने की पूरजोर कोशिश कर रहे हैं।  Read more http://www.jagran.com/

Sunday, 17 November 2013

NIA announces cash reward for arrest of IM men in Blasts Cases

NIA
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को पटना और बोधगया में आतंकी हमला करने वाले पांच आरोपियों की तलाश है। एनआइए ने इंडियन मुजाहिदीन के इन संदिग्ध आतंकियों की फोटो जारी कर उनके बारे में सूचना देने के लिए पांच से दस लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की है। पटना धमाके के लिए एनआइए पहले ही चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जिन पांच आतंकियों के लिए इनाम घोषित किया गया है, उनमें एक बिहार का और चार झारखंड के हैं। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समस्तीपुर का रहने वाला तहसीन अख्तर उर्फ मोनू इन दोनों धमाकों का मास्टरमाइंड है और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। उसके खास सहयोगी और इंडियन मुजाहिदीन के लिए धन की व्यवस्था संभालने वाले रांची के हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला पर भी 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। 

एनआइए के अनुसार पटना और बोधगया के साथ-साथ वाराणसी, मुंबई और हैदराबाद धमाके में भी ये दोनों शामिल थे। रांची के रहने वाले तीन अन्य संदिग्ध आतंकियों नूमन अंसारी, तौफीक अंसारी और मोजीबुल्ला पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया है। 

इसके पहले एनआइए ने सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में हुए सिलसिलेवार धमाके के दो संदिग्धों का स्केच और सीसीटीवी फुटेज का एक क्लिप जारी किया था। अभी तक यह साफ नहीं है कि स्केच में इन पांचों संदिग्ध आतंकियों में से कोई है या नहीं।

Source- Hindi News

Tuesday, 5 November 2013

Bodh Gaya Blasts Case Cracked, IM's Ranchi Module Behind It

Bodh Gaya blasts

नई दिल्ली। नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआइए ने बोधगया धमाकों की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि इन धमाकों में इंडियन मुजाहिद्दीन (आइएम) के रांची मॉड्यूल का हाथ था।
रांची की लॉज से 9 जिंदा बमों के साथ नक्शा और कागजात भी मिले थे। यह चीजें इस केस को सुलझाने में बहुत मददगार साबित हुई हैं। बोधगया और नरेंद्र मोदी की पटना रैली में हुए धमाकों के तार जुड़ने की भी इस केस के सुलझने के बाद पुष्टि होती दिख रही है।
बताया गया है कि बोधगया धमाकों के सीसीटीवी में बैगपैक के साथ नजर आया शख्स हैदर अली था। उसने अन्य आरोपियों के साथ बम लगाए थे। हैदर पटना धमाकों का भी आरोपी है। लेकिन वह अभी तक पुलिस और जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है। 

Source- News in Hindi

Patna Blast Map Found in Ranchi Lodge

Patna serial blast

रांची, जागरण संवाददाता। पटना में गत 27 अक्टूबर को हुए सीरियल ब्लास्ट का पूरा नक्शा रांची के हिंदपीढ़ी स्थित ईरम लॉज से मिला है। कमरा संख्या-आठ में तलाशी के दौरान मिले कैलेंडर के पीछे पेंसिल से बनाया गया है नक्शा। इसमें हुंकार रैली के दौरान गांधी मैदान के उन जगहों को चिन्हित किया गया है, जहां बम रखे गए थे। लॉज के इसी कमरे से सोमवार को नौ बम सहित अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी।

जांच के दौरान कमरे से पुलिस को भारत के नक्शे वाला कैलेंडर भी मिला था। इसके पीछे पटना के गांधी मैदान का नक्शा पेंसिल से बनाया गया है। जिसमें बिंदुओं से इंगित कर पटना में नरेंद्र मोदी की रैली में ब्लास्ट का खाका तैयार किया गया है।
एनआइए सहित अन्य जांच एजेंसियों ने पाया कि कैलेंडर में बिस्कोमान भवन सहित गांधी मैदान के चारों तरफ के दृश्य को बखूबी उकेरा गया है। इससे संकेत मिला है कि कमरे में रहने वाले मुजिबुल की भी इस धमाके में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह फिलहाल फरार है। इस बीच धुर्वा के इंस्पेक्टर बीएन सिंह के बयान पर हिंदपीढ़ी थाने में तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें ओरमांझी के चकला निवासी मुजिबुल अंसारी, ओरमांझी के इरबा के सलीम अंसारी और धुर्वा के सिठिओ का इम्तियाज अंसारी शामिल है।
बिहार में मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड के तीन स्टेशन आतंकी निशाने पर हैं। आतंकियों ने बापूधाम मोतिहारी, सुगौली और बेतिया स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी है। खुफिया विभाग ने रेलवे को जानकारी देते हुए सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी है। इससे पहले रक्सौल स्टेशन को भी उड़ाने की धमकी दी गई थी।
सूचना के बाद मुजफ्फरपुर रेल पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने रेलखंड पर तैनात सभी जीआरपी थानाध्यक्षों को अलर्ट कर दिया है। 

निर्देश में कहा गया है कि आतंकी रेल ट्रैक, मालगाड़ी, लंबी दूरी की ट्रेनों, स्टेशन के बाहरी परिसर, भीड़भाड़ वाले इलाके, पुल-पुलिया व स्टेशन को निशाना बना सकते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में चलने वाले गश्ती दल को सघन जांच का निर्देश दिया गया है।

रेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खुफिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार छठ पर्व को देखते हुए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

रक्सौल रेल थानाध्यक्ष केके भारती ने बताया कि सोमवार को मिले गुमनाम पत्र में इसका खुलासा हुआ। पत्र में लिखा है कि 'एक मौलवी शहर के आश्रम रोड स्थित होटल में चर्चा कर रहा था कि जिम्मेदार नागरिक होने के नाते बम धमाकों की यह सूचना दे रहा हूं। इसे गंभीरता से लें या धमाके का इंतजार करें।'

Source- News in Hindi

Monday, 4 November 2013

Patna blasts: NIA team raids a lodge in Ranchi, Defuses Nine live Bombs

Patna bomb blasts

जागरण संवाददाता, रांची। शहर स्थित हिंदपीढ़ी के एक लॉज में सोमवार शाम हुई छापेमारी में नौ तैयार बम बरामद हुए। टाइमर लगे इन बमों को सिर्फ बैट्री से जोड़ना बाकी थी। ये बम पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए बम से मिलते- जुलते हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) व पुलिस टीम ने पटना ब्लास्ट के मास्टर माइंड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू की तलाश में छापेमारी की थी। इस दौरान 19 डेटोनेटर, जिलेटिन की 25 छड़ें व तीन अतिरिक्त टाइमर भी बरामद हुए हैं। तफ्तीश की जा रही है कि बम दिसंबर में रांची में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली के लिए तो नहीं तैयार किए गए थे।

हिंदपीढ़ी क्षेत्र के सेकंड स्ट्रीट स्थित ईरम लॉज में सोमवार शाम लगभग सात बजे छापेमारी शुरू हुई। एनआइए के साथ शहर पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे व पुलिस टीम भी थी। छापेमारी में लॉज से कुछ कागजात भी जब्त हुए हैं। बरामद बमों को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया था। पुलिस लॉज के संचालक मंजर इमाम से पूछताछ कर रही है। छापे की कार्रवाई किए जाने वाले लॉज के कमरा संख्या-आठ में ओरमांझी के चकला गांव निवासी मुजुबुल ठहरा हुआ था। 

बताया जाता है कि वह पिछले कुछ महीनों से इस कमरे में किराये पर रह रहा था। सूत्रों के अनुसार मुजिबुल यहां यूपीएससी की तैयारी के नाम पर रहता था। इस दौरान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। इन बमों की बरामदगी से इस बात को बल मिला है कि पटना में इस्तेमाल बम हिंदपीढ़ी में ही बनाकर भेजे गए थे। ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार इम्तियाज ने भी अपने खुलासे में हिंदपीढ़ी से आतंकी संबंधों को उजागर किया था।

मुजिबुल के घर छापा, पिता-भाई को उठाया
शहर के हिंदपीढ़ी स्थित लॉज में छापेमारी के बाद जांच एजेंसियां मुजिबुल की तलाश में जुटी हैं। लॉज के जिस कमरे में छापेमारी की गई थी, उसमें ठहरा मुजिबुल पिछले 19 अक्टूबर से लापता है। इस बीच, टीम ने रांची से बीस किलोमीटर दूर ओरमांझी के चकला गांव में दबिश दी। पुलिस ने मुजिबुल के घर की तलाशी ली लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में उसके पिता जाबिर अंसारी व बड़े भाई जितरूल अंसारी को पुलिस अपने साथ ले गई। छापेमारी में पुलिस को मुजिबुल के घर से जमात-ए-हिंद की रसीद मिली है। 

हैदर आता था मुजिबुल से मिलने : ईरम लॉज के संचालक मंजर इमाम ने पुलिस को बताया कि मुजिबुल से मिलने हैदर नामक युवक आता था। उसने तहसीन उर्फ मोनू के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। हैदर आइएम का सक्रिय सदस्य है। लॉज के कमरे में मुजिबुल के साथ रहने वाले युवक की भी पुलिस तलाश कर रही है।
दो-दो किलो के हैं बम : 
लॉज से बरामद बम दो-दो किलो के हैं। विस्फोटकों के प्रकार की अभी जानकारी नहीं मिली है। रांची एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि घटना के तार ओरमांझी के चकला गांव से जुड़े हैं। यहां से दो-तीन युवक लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पटना ब्लास्ट में बरामद टाइमर और रांची में बरामद टाइमर एक ही (लोटस कंपनी) हैं।
इधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने रांची के नगड़ी स्थित नवासराय मस्जिद से एक युवक को उठाया। युवक का नाम आबिद है। जांच एजेंसी उससे सोमवार सुबह से ही गोंदा थाने में पूछताछ कर रही है। उसी की निशानदेही पर एजेंसी ने हिंदपीढ़ी में छापेमारी की।

Source- News in Hindi