वाराणसी। शादी विवाह की चिंताओं को लेकर परेशान लोग इस बार लग्न तिथियों की उपलब्धता को लेकर मगन हैं। इस बार लग्नों का मानो धमाल है, 14 जनवरी को खरमास खत्म .और 18 जनवरी से बरात का मानसून छाने को तैयार है। जनवरी के दूसरे पखवारे से मार्च के पहले पखवारे भर घनघोर लग्न और बरातें। इन 56 दिनों में ही 37 लग्न जिसमें ग्रह नक्षत्रों की गणना के हिसाब से सात खास लेकिन युवा पीढ़ी को आठवां अर्थात 14 फरवरी खासतौर पर रास आ रहा है।
बैंड-बाजा-बराती- जनवरी में 18 से 28 तक लगातार तो फरवरी में भी तीन से 27 के बीच कुछ एक दिनों को छोड़कर 19 लग्न हैं। मार्च के चौदह दिनों में सात दिन बैंड बाजा और बारातियों के नाम होंगे। मार्च की 14 तारीख बीतते ही 15 को रात 1.05 बजे खरमास लग जा रहा। हालांकि इसके बाद भी विवाह लग्नों की खोज गणना से अधिक मनना के आधार पर जारी है।
चमकेगा सहालग का बाजार-
खरमास के कारण खरीदारी में रोड़े हैं पर कुछ हद तक लोगों ने बाईपास के नाना तरीके इजाद कर मिथक भी तोड़े हैं। खरीद बिक्री भले ही न हो रही हो, आर्डर धड़ाधड़ दिए और लिए जा रहे हैं। इसकी गरमाहट दुकानों व गोदामों के अंदरखाने तक दिख रही है। यानी बस सूर्य के 14 जनवरी को मकर राशि में आने का इंतजार और चमक उठेगा सहालग का बाजार।
काउंटरों पर बुकिंग की भीड़- खरमास के कारण खरीदारी भले न हो रही हो लेकिन शोरूमों के काउंटर पर बुकिंग से सांस लेने की फुर्सत नहीं। इलेक्ट्रानिक आइटम, फर्नीचर, गहने, दो या चार पहिया वाहनों के धड़ाधड़ आर्डर दिए लिए जा रहे। इसमें वाराणसी सहित आस पास के जिलों में भी आपूर्ति की जानी है।
उफ, टेलरों का 'ट्रेलर'- खरमास के बाद 'लगनहट' शुरू होने में तीन दिन का समय। ऐसे में टेलरों (दर्जियों) का ट्रेलर देखते बन रहा। ड्रेस डिजाइनर उत्तम मुखर्जी के अनुसार दो माह तक की एडवांस बुकिंग है। इसमें ही 17 मार्च को होली भी पड़ रही।
56 दिन में 37 तिथियां-
जनवरी में 11 लग्न- 18 से 28 तक लगातार।
फरवरी में 19 लग्न- 3, 4, 5, 8, 9, 10, 14 से 22 तक 24 से 27 तक।
मार्च में 7 लग्न- 2, 3, 4, 7, 8, 9 और 14 को खास लग्न।
जनवरी- 22, 23, 25
फरवरी- 5, 6, 16, 19
मार्च- 7 और 8
लॉन, बैंड की बुकिंग अब सपना-
भले लगन इस बार खूब हो लेकिन खास दिनों के लिए लान, होटलों व बैंड बाजा की बुकिंग फुल हो चुकी है। खरमास के पहले ही इसका कोटा फुल हो गया। इससे लोगों को दुखी मन से आगे पीछे का दिन भी चुनना पड़ रहा है।
Source: Hindi Panchang & Rashifal in Hindi
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