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Friday, 10 January 2014

AAP worker express anger with Kumar Vishwas, Comman man Desperate from Kejriwal


गाजियाबाद [जासं]। वसुंधरा 13 स्थित रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार शाम को हुई आप नेता कुमार विश्वास की जनसभा के कुछ घंटे बाद ही विरोध के स्वर फूट पड़े। आप कार्यकर्ता देर रात वसुंधरा स्थित विश्वास के घर पहुंचे और विरोध जताया। 

कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक लाख रुपये खर्च कर जनसभा का आयोजन किया गया। विश्वास का सभा में हीरो की तरह आना और जाना कार्यकर्ताओं को खूब अखरा। ठा. देवेंद्र सिंह की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ता विश्वास के वसुंधरा सेक्टर-तीन स्थित घर पहुंचे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जनसभा में कुमार को रुकना चाहिए था।

भाषण समाप्ति के बाद भगदड़: कुमार विश्वास का भाषण समाप्त होते ही लोगों में भगदड़ मच गई। मंच पर मौजूद लोगों के बुलाने पर भी टोपीधारी कार्यकर्ता व जनता नहीं रुकी। 

जाम की स्थिति बनी: कुमार विश्वास के निकलते ही जनता मैदान से बाहर आकर सड़क पर जमा हो गई। इससे अटल चौक पर जाम की अराजकता उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 15 मिनट बाद जाम खुल सका। 

'अब आम नहीं खास हो गए मुख्यमंत्री'
कौशांबी स्थित गिरनार टावर में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने की चाहत में फरियादियों के आने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी दिल्ली के कई संगठनों के सदस्य अपनी समस्या को लेकर यहां पहुंचे। वे समस्याओं से संबंधित ज्ञापन चलती कार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपा। कुछ फरियादी भीड़ की वजह से अपनी बात उन तक नहीं पहुंचा पाए। आशाओं व उम्मीदों को परवान न चढ़ते देख कुछ लोगों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल में बदलाव आ रहा है।

करीब पौने दस बजे अरविंद केजरीवाल आवास से निकल कर कार में बैठ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इंतजार में खड़े लोगों को उनकी झलक तो मिली लेकिन बात नहीं हो सकी। मौके पर दिल्ली से पहुंचे ऑल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अब आम आदमी के लिए न तो मुख्यमंत्री और न ही मंत्रियों के पास समय है। दिल्ली में करीब दस हजार गेस्ट टीचर हैं, इनको स्थायी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन पिछले चार दिनों से वह सचिवालय एवं कौशांबी के चक्कर काट रहे हैं। उनके साथ डॉ. रचना, भूपेंद्र चौधरी, नितिन घोष, अनूप चौधरी, जितेंद्र समेत अन्य लोग शामिल रहे।

दिल्ली से ही आए वोकेशनल टीचर्स एसो. के अध्यक्ष जेडी शर्मा ने कहा कि अब आम आदमी पार्टी खास नजर आने लगी है। संगठन के लोग दिल्ली व गुड़गांव से सुबह ही आ गए। लेकिन मुख्यमंत्री कार में बैठकर चले गए। इससे लोगों को निराशा हुई है। संगठन के सदानंद भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में गत 25 वर्षो से वोकेशनल शिक्षक संघर्ष कर हैं। संगठन के पदाधिकारियों की मांग थी कि उनको पीजीटी वोकेशनल के पदों पर विनियमित किया जाए। 

Source: Hindi News

Monday, 6 January 2014

Sisodia suspends three employees after the sting of corruption charges

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया ने रिश्वत लेने के आरोप में तीन अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। एक कार्रवाई उन्होंने एक निजी चैनल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद की है। इस स्टिंग में जल बोर्ड के एक अधिकारी, एक मीटर रीडर और रजिस्ट्रार ऑफिस के एक पटवारी को काम के एवज में रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था। 

मनीष सिसोदिया ने इस खुलासे को करने वाले चैनल को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इससे भ्रष्ट लोग बेनकाब होंगे। आज सस्पेंड किए गए तीन अधिकारियों के नाम मीटर रीडर अतुल प्रकाश, विनोद कुमार, चीफ वाटर एनालिस्ट, दिल्ली जल बोर्ड और सुनील कुमार शामिल हैं। हालांकि स्टिंग में पांच लोगों को रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था, लेकिन सरकार ने अभी तीन के खिलाफ ही कार्रवाई की है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने स्टिंग में हुए खुलासे के बाद करीब आठ सौ कर्मियों का ट्रांसफर भी तुरंत प्रभाव से कर दिया है।

इससे पहले भी एक निजी चैनल ने दिल्ली जल बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसमें खुद जल बोर्ड के पूर्व सीवीओ ने माना था कि विभाग में भ्रष्टाचार फैला है। इसके बाद जब अरविंद केजरीवाल के सत्ता पर काबिज हुए तो उन्होंने सबसे पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए थे इसमें जल बोर्ड के सीवीओ भी शामिल थे। 

Source: Hindi News

Saturday, 4 January 2014

Focus on delivery of election promises:Omar to Kejriwal

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को चुनाव के दौरान किए गए वादों पर ध्यान देना चाहिए न कि सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए सतही बातें करनी चाहिए। गौरतलब है कि काफी आलोचनाओं के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज 10 कमरों वाले सरकारी आवास को लेने से मना कर दिया। 

उमर अब्दुल्ला का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की जनता ने उन्हें शीला दीक्षित के खिलाफ इसलिए वोट नहीं दिया था कि वे सरकारी बंगले में रहती हैं। उमर अब्दुल्ला ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखकर यह टिप्पणी की है। उमर को लगता है कि कोई इस बात की शिकायत नहीं करेगा कि वे 5 या 10 कमरों के घर में रहते हैं। बल्कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अगर पूरे नहीं होंगे तो लोग उसकी शिकायत करेंगे। 

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After Delhi CM official house, Ministers gets Innova car

 

नई दिल्ली। 'आप' के मंत्रियों को अब सरकारी लग्जरी कार चाहिए। मंत्री पद संभालते ही उन्होंने इसे लेने में देरी नहीं की। शुक्रवार को दिल्ली के सभी मंत्रियों को सरकारी गाड़ियों के तौर पर टोयोटा की इनोवा कार दी गईं। मनीष सिसौदिया, राखी बिरला और सौरभ भारद्वाज समेत कई मंत्री सरकारी गाड़ियों से ही विधानसभा परिसर पहुंचे। हालांकि इसमें केजरीवाल शामिल नहीं थे।

इसके बाद विपक्ष ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों को आड़ेहाथों लेना भी शुरू कर दिया है। हालांकि उनकी आलोचना पर सरकार के मंत्रियों के सुर भी बदले हुए हैं। खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने यह कभी नहीं कहा कि उसके मंत्री सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने सफाई दी है कि पार्टी ने केवल लालबत्ती वाली कारें उपयोग नहीं करने की बात कही थी।

इनोवा कार मिलने के बाद परिवहन, खाद्य आपूर्ति और पर्यावरण मंत्री भारद्वाज ने कहा कि मेरी कार में पेट्रोल नहीं था और मैंने अपना एटीएम कार्ड पत्‍‌नी को दे दिया था। इसलिए मुझे सरकारी कार का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने राखी बिरला के कार लेने का बचाव करते हुए कहा कि एम महिला मंत्री होने के नाते उन्हें रात को भी आना जाना पड़ता है।

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Thursday, 2 January 2014

Kejriwal was speaking, all assembly was hearing

नई दिल्ली [अजय पांडेय]। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बोलने के लिए खड़े हुए और सदन में सन्नाटा छा गया। केजरीवाल बोल रहे थे और पूरा सदन चुपचाप उन्हें सुन रहा था। सबकी आंखें मुख्यमंत्री के चेहरे पर मानो चस्पां हो गई थीं। कुछ देर पहले तक उन्हें निर्लज्ज, बच्चों की कसम खाकर उसे तोड़ने वाले, राजनीतिक नौटंकी करने वाले आदि तरह-तरह के आरोप लगाने वालों की जुबान पर मानो ताला जड़ दिया गया था।

लोक निर्माण मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव पर चली साढ़े चार घंटे की चर्चा का जवाब देने के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री खड़े हुए आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार तरीके से मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया। दर्शक दीर्घा में पहुंचे पार्टी के समर्थक कायदे-कानून भूल ताली पीटने लगे। उसके बाद चारों ओर सन्नाटा छा गया। बीच-बीच में सिर्फ कैमरों के शटर की आवाज भर सुनाई दे रही थी। केजरीवाल के पूरे भाषण को सुनकर लगा कि किसी भी राजनेता को उत् तेजित कर देने वाले तमाम आरोपों को मानो उन्होंने सुना तक नहीं था। उन्होंने न तो किसी आरोप का जवाब दिया और न ही अपनी ओर से किसी पर कोई आरोप ही लगाया। बस वे अपनी धुन में बोल रहे थे।

किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यंमत्री ने कहा कि मैं सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि चाहे पिछली सरकार हो, एमसीडी हो अथवा आम आदमी पार्टी की सरकार हो, किसी भी भ्रष्टाचार करने वाले को नहीं बख्शा जाएगा।

क्या है आम आदमी की परिभाषा
केजरीवाल ने आम आदमी की परिभाषा भी बताई। भाजपा के साहब सिंह चौहान द्वारा रेहड़ी, पटरी वालों, छोले बेचने वालों, चाय बेचने वाले लोगों को आम आदमी बताए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इन लोगों के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लोगों को भी आम आदमी मानता हूं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति आम आदमी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ है। जो बेईमानी चाहता है, वही खास आदमी है।

सरकार बचाने नहीं आया
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की किसी भी पार्टी से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं यहां सरकार बचाने नहीं आया। हम लोग छोटे लोग हैं, मामूली आदमी हैं। हमने कभी चुनाव लड़ने, जीतने और सरकार बनाने की नहीं सोची। उन्होंने कहा कि आम आदमी को आजादी के 65 साल बाद भी दो जून की रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्यच् अच्छी न्याय व्यवस्था नहीं मिली। आज हम सबको मिलकर यह सोचने की जरूरत है।

आम आदमी को मत ललकारना
उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए बहुत पैसा खर्च हुआ लेकिन वह कहां गया? उन्होंने कहा कि इस देश की राजनीति भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि चारों ओर खराबी नजर आ रही है तो इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस देश की राजनीति भ्रष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले देश के आम आदमी ने सड़क पर उतर कर नेताओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कानून बनाने की मांग की थी। लेकिन नेताओं ने हमें ललकारा। कहा कि खुद चुनाव लड़कर दिखाओ। उन्हें शायद यह मुगालता था कि आम आदमी भला कहां से चुनाव लड़ेगा लेकिन उन्होंने ऐसा कह कर जिंदगी की सबसे बड़ी भूल कर दी।

केजरीवाल के 17 मुद्दे :
अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में 17 मुद्दों की चर्चा कर तमाम विधायकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन करने की अपील की।
1. वीआइपी कल्चर खत्म करना : नेता के लिए ट्रैफिक न रुके, सुरक्षा का तामझाम न हो।
2. जनलोकपाल बिल : ऐसा सख्त कानून पास हो कि भ्रष्टाचारियों की रूह कांप उठे।
3. स्वराज की कल्पना साकार हो : जनता का पैसा कहां खर्च हो यह जनता तय करे।
4. न्याय व्यवस्था अच्छी हो : अदालतों की संख्या बढ़े, जजों की संख्या बढ़ाई जाए।
5. दिल्ली को पूर्ण राच्य का दर्जा मिले।
6. बिजली कंपनियों के खातों की जांच कराई जाए।
7. बिजली के मीटरों की जांच कराई जाए।
8. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
9. अनधिकृत कॉलोनियों की हालत सुधरे।
10. झुग्गी-झोंपड़ी बस्तियों की समस्याओं का समाधान हो।
11. ठेका पर कर्मचारी का चलन बंद हो, जो कर्मचारी ठेके पर हैं उन्हें नियमित किया जाए।
12. व्यापार उद्योग की हालत सुधरे। व्यापारियों को आराम से धंधा करने दिया जाए।
13. खुदरा बाजार में एफडीआइ का विरोध।
14. राजधानी के गांव-देहातों की हालत सुधरे।
15. शिक्षा की अच्छी व्यवस्था हो। सरकारी स्कूलों की हालत सुधरे, निजी स्कूलों के डोनेशन पर रोक लगे।
16. बेहर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले।
17. महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा दल बने।

Kejriwal will use double duplex residence in Delhi

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पता शीघ्र ही बदलने जा रहा है। अब वो गाजियाबाद के कौशांबी से दिल्ली के लुटियंस जोन में आकर आम आदमी की तकलीफ को सुनेंगे और दूर करेंगे।

राजनीति से वीआइपी संस्कृति समाप्त करने पर जोर देने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल का नया पता भगवान दास रोड स्थित फ्लैट नंबर-7/6, 7/7 होगा। डीडीए के इस 10 कमरे के सरकारी फ्लैट में तेजी से काम चल रहा है। 9 हजार वर्गफुट जमीन पर बने इस मकान में पांच-पांच कमरे के दो फ्लैट हैं। इन दोनों फ्लैटों की दीवार को तोड़कर एक कर दिया गया है।

यहां छह हजार वर्गफुट में कारपेट एरिया है, जबकि तीन हजार वर्ग फुट में लॉन है। फ्लैट नंबर 7/6 में आप कार्यालय होगा, जहां से मुख्यमंत्री आप का कामकाज देखेंगे। जबकि 7/7 में वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहेंगे। अभी केजरीवाल गाजियाबाद के कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट में अपने माता-पिता, पत्‍‌नी व बच्चों के साथ रह रहे हैं।

मालूम हो कि सरकारी अधिकारियों ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री आवास की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार करते हुए कहा था कि वह सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे और न ही सुरक्षा लेंगे। 

लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरकारी आवास और त्रिस्तरीय उच्च कोटि की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। केजरीवाल राजनीति में वीआइपी संस्कृति को खत्म करने के हिमायती हैं।

उधर, इस बाबत भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल की शुरुआत से ही कथनी और करनी में अंतर रहा है। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। उनका काम केवल जनता को भ्रमित करना है। यही उन्होंने बिजली और पानी के मुद्दे पर भी किया है। इनकी जल्द ही पोल खुल जाएगी।

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Wednesday, 1 January 2014

Congress has no other way to continue the support to Delhi government




[अजय पांडेय], नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत का यह बेहद यादगार लम्हा है। बृहस्पतिवार का दिन सूबे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार की किस्मत तय कर देगा। विपक्षी भाजपा चाहती है कि यह सरकार गिर जाए। खुद सत्ताधारी दल के हुक्मरानों को भी (आप के नेता बार-बार कांग्रेस पर आंखें तरेर रहे हैं) सरकार के गिर जाने की परवाह नहीं है। और कांग्रेस की बेबसी देखिए कि वह न चाहते हुए भी इस सरकार को एक प्रकार से अपने कंधों पर ढोने को विवश है। वह बिलकुल नहीं चाहती कि यह सरकार कम से कम इस वक्त गिरे। इस सरकार की जिंदगी वह अपने हिसाब से तय करना चाहती है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों को रोजाना 666 लीटर मुफ्त पानी देने का फैसला कर दिया। उन्होंने बिजली की कीमत को आधा करने का वादा भी निभा दिया। निजी बिजली कंपनियों की नाक में नकेल डालने का काम करते हुए उन्होंने इनके खातों की कैग से जांच कराने का आदेश भी जारी कर दिया। राजनीतिक फायदे नुकसान की बात करें तो उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है। उनका यह अनुमान बिलकुल सही लगता है कि यदि अगले कुछ महीनों में दिल्ली विधानसभा के फिर से चुनाव हुए तो उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हो जाएगा।

दूसरी ओर सत्ता से चार कदम पीछे रह गई भाजपा भी चुनाव चाहती है। यदि यह सरकार गिर जाती है तो सियासी दृष्टि से भाजपा के रणनीतिकारों का खुश होना लाजिमी है। पार्टी की सोच यह है कि यदि सरकार गिर गई और चुनाव की नौबत आई तो थोड़े दिनों के राष्ट्रपति शासन के बाद लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा के भी चुनाव होंगे और पार्टी अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की लहर में दिल्ली का चुनाव भी जीत लेगी।

सियासी जानकारों की मानें तो एकमात्र कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो कम से कम इस माहौल में चुनाव बिल्कुल नहीं चाहती। पार्टी के एक विधायक ने कहा कि इस वक्त हमने ऐसा क्या कर दिया है जिसे लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। जाहिर है कि 15 साल की अपनी सत्ता गंवा चुकी पार्टी को फिलहाल चुनाव भारी घाटे का सौदा समझ में आ रहा है। शायद यही वजह है कि वह किसी भी कीमत पर अगले कुछ महीनों तक इस लंगड़ी सरकार की बैसाखी बने रहना चाहती है।

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि जून-जुलाई की गर्मियों में पानी-बिजली को लेकर मचने वाला हाहाकार केजरीवाल की लोकप्रियता की हवा निकाल देगा और तब हवा कांग्रेस के पक्ष में बहने लगेगी। उस समय न मोदी की लहर का खतरा होगा और न ही केजरीवाल का जादू काम करेगा। अब देखना यह है कि बृहस्पतिवार को सदन में किसकी किस्मत बुलंद होती है।

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Tuesday, 31 December 2013

Be careful if want free water in Delhi



नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। बेशक केजरीवाल सरकार ने लोगों को हर महीने 20 हजार लीटर मुफ्त देने का एलान कर तो दिया है, लेकिन इस छूट को पाने के लिए लोगों को पानी की बूंद-बूंद का हिसाब रखना होगा। पांच लोगों के परिवार में अंदाजन एक व्यक्ति को 133 लीटर से अधिक पानी खर्च नहीं करना होगा, वरना उसको जल बोर्ड के महंगे बिलों का सामना करना पड़ सकता है। 

हालांकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले हर परिवार को रोजाना 700 लीटर पानी मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है। एक परिवार को 20 हजार लीटर यानी 30 दिन के महीने में 666 लीटर और 31 दिन के महीने में 645 लीटर पानी ही खर्च करना होगा।

बकाया पर 30 फीसद छूट बरकरार :
दिल्ली जलबोर्ड ने बकाया राशि के भुगतान पर 30 फीसद छूट देने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। यह अवधि 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन सोमवार को हुई बैठक में यह अवधि बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। यह छूट देर से किए गए बकाया भुगतान पर लगने वाले सरचार्ज पर दी जाती है।
ऐसे करें खर्च :
पीने का पानी 3 लीटर
खाने में 4 लीटर
नहाने में 20 लीटर
टॉयलेट फ्लशिंग 40 लीटर
कपड़े धोने में 25 लीटर
बर्तन धोने में 20 लीटर
बागबानी में 23 लीटर
कुल- 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन
[नोट : सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग आर्गेनाइजेशन के मैनुअल के अनुसार एक व्यक्ति को इतने पानी की जरूरत होती है] 


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Veteran actor manoj kumar met with Delhi CM expecting justice





मुंबई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सबके लिए जैसे मसीहा बन गए हैं। आपने अब तक आम लोगों को अपनी परेशानियां लेकर अरविंद जी के पास जाते सुना होगा, लेकिन अब बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार भी अपनी समस्या का समाधान पाने के लिए केजरीवाल का दरवाजा खटखटाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि मनोज कुमार ने हाल ही में सालों से दिल्ली सरकार के कब्जे में पड़ी अपनी जमीन के मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं।

बताया जाता है कि साल 2005 से दिल्ली सरकार ने भारत कुमार के नाम से मशहूर मनोज कुमार की 45 एकड़ की जमीन अपने कब्जे में कर रखी है। या यूं कहें कि अपने नाम कर ली है। मनोज कुमार ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि वे और उनका परिवार साल में एक दो बार दो-चार महीने के लिए वहां जाते हैं। उन्होंने कहा, 'ये कहां का इन्साफ है कि सरकार उनसे भले ही एक रुपये ले रही है, लेकिन उसे 100 रुपये में बिल्डरों को बेच रही है।' उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे सामाजिक विकास के काम में इस्तेमाल करना चाहती है, तो फिर ठीक है, लेकिन इस तरह से इसका गलत इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि अगर मुझसे बात नहीं बनती है तो मैं अपने बेटे को केजरीवाल के पास बातचीत के लिए भेजूंगा।

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Sunday, 29 December 2013

Home Ministry is not agree with Kejriwal for the vote of confidence out of the assembly





राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में पद व गोपनीयता की शपथ तो ली ही है, विधानसभा का सत्र भी यहीं आयोजित कराना चाहते थे। कम से कम विश्वास मत के दिन वे सदन की बैठक यहां कराने के पक्ष में थे, लेकिन गृह मंत्रलय ने उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं दी।

सचिवालय में शनिवार को केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा का नया सत्र बुलाने के मुद्दे पर विचार हुआ। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रामलीला मैदान में ही विश्वास मत हासिल करना चाहते थे, लेकिन अधिकारियों ने जब इस मामले में गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बात की तो उन्हें सख्त निर्देश मिला कि विधानसभा की बैठक हर हाल में सदन में ही होनी चाहिए और विश्वास मत भी वहीं हासिल किया जाना चाहिए।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विधानसभा का नया सत्र 1 जनवरी से 7 जनवरी तक का होगा। पहले दिन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी, जबकि 2 जनवरी को सरकार विश्वास मत हासिल करेगी। 3 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। 4 व 5 जनवरी को अवकाश रहेगा, जबकि 6 जनवरी को उपराज्यपाल नजीब जंग विधानसभा को संबोधित करेंगे। 7 जनवरी को उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के साथ ही सत्र समाप्त हो जाएगा।

अस्थायी अध्यक्ष की अध्यक्षता में सरकार के विश्वास मत हासिल करने को लेकर पूछे जाने पर विधानसभा के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सोमवार को स्थिति और स्पष्ट होगी।

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Thursday, 26 December 2013

Kejriwal questions timing of steep hike in CNG prices


Hindi News Paperनई दिल्ली। दिल्ली में सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ने से 'आप' का पारा चढ़ गया है और उसने सरकार गठन से ठीक पहले उठाए गए इस कदम पर अंगुली उठाई है। वहीं, सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में ऑटो वालों की हड़ताल के आह्वान को देखते हुए पार्टी के संयोजक और दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उसने दो दिन का वक्त मांगा है।

दिल्ली में सरकार गठन से दो पूर्व सीएनजी और पीएनजी के दामों में बढ़ोतरी होने पर अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसके समय पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने ट्विट कर कहा है कि राजधानी में सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। क्या समय को लेकर संदेह नहीं होता? 

केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को इसका जवाब देना होगा कि दाम बढ़ाने की इतनी जल्दी क्या थी, जब सरकार का गठन होने वाला है।

इस बीच, सीएनजी के दाम बढ़ने से दिल्ली के ऑटो चालकों ने हड़ताल का आह्वान किया है। जिसके बाद शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे अरविंद केजरीवाल ने ऑटो चालकों से हड़ताल पर न जाने की अपील करते हुए दो दिन की मोहलत मांगी है। गैस के दामों में भारी वृद्धि से नाराज केजरीवाल ने कहा है कि सीएनजी के दाम बढ़ाए जाने के फैसले को वे वापस करवाने की कोशिश करेंगे।

उल्लेखनीय है कि सीएनजी के दाम में बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से 4.50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बढ़ोतरी कर दी गई है। तीन माह के अंदर सीएनजी के दाम में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह से रसोई घर में पाइप से सप्लाई की जाने वाली पीएनजी [पाइप्ड नेचुरल गैस] भी अब महंगी हो गई है। इसके दाम में 5.15 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है।

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