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Wednesday, 30 March 2016

सामना के जरिए शिवसेना ने कहा, देवभूमि में लोकतंत्र की मौत या हत्या?

उत्तराखंड में चल रही राजनैतिक उठापठक पर शिवसेना ने सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि "देवभूमि में क्या हुआ! लोकतंत्र की मौत या हत्या?"। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए लिखा है कि "उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। उस देवभूमि में लोकनियुक्त सरकार के अकस्मात 'निधन' की खबर आ रही है। यह मौत नही बल्कि हत्या है ऐसा आरोप कांग्रेस सहित विरोधियों ने लगाया है।"

सामना में लिखे गए लेख केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि अगर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को बहुमत सिद्ध करने के लिए 28 मार्च तक का समय दिया था तो एक दिन पहले राष्ट्रपति शासन क्या हासिल हुआ?

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को कठघरे में खड़ा करते हुए सामना ने लिखा है कि एक मुख्यमंत्री खुद ही विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं जैसा कि स्टिंग के वीडियो में दिख रहा है, तो ऐसे में मुख्यमंत्री की नैतिकता पर सवाल खडे होना स्वाभाविक है। सामना ने लिखा है कि जिस तरह हिमाचल के मुख्यमंत्री के खिलाफ आमदनी से अधिक संपति की जांच चल रही है, उससे जो उत्तराखंड में हुआ उसकी पुनरावृत्ति अगर हिमाचल में हो जाए तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

महाराष्ट्र के शिवसेना-भाजपा गठबंधन पर सामना ने कहा कि महाराष्ट्र में वर्तमान शासन व्यवस्था एक मजबूरी के तहत निर्मित हुई है। और यहां अस्थिरता और राजनैतिक अराजकता ना हो इसलिए शिवसेना सरकार के साथ है। इस लेख के अंत में कहा गया है कि एकदलीय शासन की आस, आपातकाल और तानाशाही से भी भंयकर होता है।

Tuesday, 6 January 2015

बेअंत सिंह हत्‍याकांड का दोषी तारा थाईलैंड में गिरफ्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता बेअंत सिंह की हत्या दोषी जगतार सिंह तारा को सोमवार देर रात थाइलैंड में गिरफ्तार कर किया गया है।

तारा को भारतीय केंद्रीय एजेंसी और थाईलैंड अधिकारियों की टीम ने पाकिस्तानी आइएसआइ एजेंट सुल्तान बारी के भाई खलत बारी के घर से गिरफ्तार किया है। तारा को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

गौरतलब है कि 31 अगस्त 1995 को पंजाब सचिवालय के गेट के सामने एक आत्मघाती हमले में बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोषी बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह तारा, जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्योरा और देवी सिंह 2004 में चंडीगढ़ के बुरैल जेल में 90 फीट सुरंग खोदकर फरार हो गए थे। इन्हें 1996 में गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने हवारा को पटियाला में गिरफ्तार किया था। भ्योरा को जम्मू में गिरफ्तार किया था, लेकिन जगतार सिंह तारा अपने साथी देवी सिंह के साथ नेपाल के रास्ते पाकिस्तान पहुंच गया था। देवी सिंह वहां लकी सिंह के नाम से रह रहा है।

वहीं इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड बलवंत सिंह राजोआना को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। अभी वह पटियाला जेल में बंद है।

सुनंदा की मौत किसी साजिश का नतीजा नहीं: शशि थरूर

सुनंदा पुष्कर मौत मामले में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। केस अज्ञात शख्स के खिलाफ दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर बी एस बस्सी ने इस बात की जानकारी दी है। उनके मुताबिक सुनंदा पुष्कर की हत्या की गई थी। हत्या की वजह शरीर में जहर का पाया जाना है। सुनंदा पुष्कर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी थी।

इस पूरे मामले पर शशि थरूर का कहना है कि उन्होंने सुनंदा के परिवार को इस बाबत पूरी जानकारी दी थी जिसके आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है। पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है कि उन्हें सुनंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य रिपोर्ट नहीं सौंपी गईं हैं। उन्होंने सुनंदा की मौत के बारे में कहा कि इसमें किसी तरह की कोई साजिश नहीं रची गई है। उन्होंने एक बार फिर से इस मामले की जांच में पूरी मदद करने की बात कही है।

इस खुलासे के बाद मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी का कहना है कि शशि थरूर एक झूठे इंसान हैं, वह जितना इस बारे में बोलेंगे उतने ही मामले में फंसते चले जाएंगे। दूसरी ओर सुनंदा पुष्कर के भाई अशोक कुमार का कहना है कि हम पहले से ही इस बारे में कह रहे थे कि उनकी हत्या की गई है। बस इस निर्णय को देर से लिया गया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस बाबत कहा कि कांग्रेस इस मामले को सनसनीखेज नहीं बनाना चाहती है।

वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने इस बारे में कहा कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि पुलिस को एक वर्ष के बाद इसकी जानकारी हुई, जबकि यह तमाम चीजें पहले ही दिन से सभी के सामने आ गई थीं। 

Friday, 29 November 2013

Five million of royalty offer for the movie on Aarushi Talwar

Aarushi Talwar
आरुषि पर फिल्म के लिए पांच करोड़ की रायल्टी का ऑफर
गाजियाबाद [आशुतोष गुप्ता]। आरुषि-हेमराज हत्याकांड के मामले में विदेशी मीडिया भी सक्रिय हो गई है। इसके चलते लंदन के एक फिल्म निर्माता व प्रकाशक आरुषि के जीवन पर फिल्म बनाना और किताब लिखना चाहते हैं। इसके लिए वह तलवार दंपती को पांच करोड़ रुपये की रायल्टी भी देंगे। शुक्रवार को वह तलवार दंपति से मिलने डासना जेल पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। वह मुलाकात के लिए 15 दिन का समय लेकर लौट गए हैं।
दोपहर लंदन के प्रकाशक व अंग्रेजी फिल्म निर्माता क्लिप एफ रनयार्ड जेल पहुंचे और जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने आरुषि के जीवन पर फिल्म बनाने के लिए डा. नूपुर व राजेश तलवार से मिलने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बताया कि वह आरुषि पर किताब और फिल्म बनाना चाहते हैं। यदि इसके लिए तलवार दंपती ने स्वीकृति दे दी तो वह उन्हें पांच करोड़ रुपये की रायल्टी देंगे।

जेल अधीक्षक ने उन्हें बताया कि जेल नियमों के मुताबिक सजायाफ्ता कैदी से 15 दिन में तीन लोग मुलाकात कर सकते हैं और बृहस्पतिवार को तीन लोग मुलाकात कर चुके हैं। इस कारण 15 दिन से पहले उनसे कोई नहीं मिल सकता। इस पर रनयार्ड 15 दिन का समय लेकर लौट गए।
नूपुर का ब्लड प्रेशर सामान्य
शुक्रवार को कई दिन के बाद डा. नूपुर तलवार का ब्लड प्रेशर पहले से सामान्य आया। सुबह चिकित्सकों ने जांच की तो उनका ब्लड प्रेशर 102/ 120 था। उनके स्वास्थ्य के प्रति चिकित्सक काफी सतर्क हैं। जेल में उन्होंने तीनों समय खाना लिया।
इनका कहना है
नियमों के मुताबिक तलवार दंपती की मुलाकात पूरी हो चुकी है। निर्माता व प्रकाशक को 15 दिन बाद का समय दिया गया है। उनसे मुलाकात के लिए डा. नूपुर व डा. राजेश से पूछा जाएगा। यदि वह मुलाकात के इच्छुक होंगे तभी मुलाकात कराई जाएगी।
डा. वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक, डासना जेल


Wednesday, 27 November 2013

Aarushi case: In jail, Rajesh Talwar works in hospital, Nupur teaches children

Aarushi Talwar murder
गाजियाबाद [आशुतोष गुप्ता]। अपनी बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे तलवार दंपति को डासना जेल में काम मिल गया है। डॉ. राजेश तलवार जेल चिकित्सकों की सहायता करेंगे तो डॉ. नूपुर तलवार जेल परिसर स्थित स्कूल में बच्चों व महिलाओं को पढ़ाएंगीं। दांतों के डॉक्टर के रूप में कभी हजारों रुपये फीस लेने वाले तलवार दंपति को मात्र 40 रुपये प्रतिदिन मेहनताना मिलेगा।

हमेशा साथ दिखने वाले तलवार दंपति जेल के पार्क में हफ्ते में सिर्फ एक बार मिल सकेंगे। वह भी मात्र 20 मिनट के लिए। दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है। जेल नियमों के मुताबिक सप्ताह में एक बार अवकाश के दिन शनिवार को उन बंदियों को आपस में मिलाया जाता है, जिनके परिजन उसी जेल में बंद हैं। इसके अलावा दोनों लोगों को महीने में इच्छानुसार तीन अतिरिक्त अवकाश भी मिलेंगे।

हाई प्रोफाइल जीवन जीने वाले डॉक्टर दंपति को जेल में साधना, आस्था, योग व स्वास्थ्य संबंधी चैनल देखने को मिलेंगे। शाम सात से साढ़े सात बजे तक न्यूज चैनल चलाया जाएगा। नियमों के मुताबिक, सात साल से अधिक सजा वाले कैदी को जिला जेल से सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया जाता है। ऐसे में तलवार दंपति ने जेल प्रशासन से सेंट्रल जेल न भेजे जाने क अनुरोध किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उनका खाता खुलवाया जाएगा, जिसमें उनका मेहनताना जमा होगा।

तीनों समय लिया भोजन : मंगलवार को डॉ नूपुर की तबीयत खराब होने के बाद रात को डॉक्टरों ने तलवार दंपति को उनकी बैरकों में जाकर समझाया कि यदि वह पूरी नींद व खाना नहीं लेंगे तो उनकी तबीयत और बिगड़ जाएगी। जेल सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों ने जांच में पाया कि दोनों कई दिनों से नहीं सोए थे। उनकी सलाह के बाद तलवार दंपति ने बुधवार को तीनों समय खाना खाया।

Film based on aarushi-hemraj murder case gets completed

Aarushi-hemraj murder case
मुंबई। आरुषि-हेमराज हत्याकांड का फैसला आ चुका है। पूरी देश की जनता के साथ-साथ कई फिल्म निर्माताओं को इसका इंतजार था, निर्माताओं में इस घटना पर फिल्म बनाने की होड़ मची हुई थी, लेकिन निर्माता मनीष गुप्ता ने इसमें सफलता हासिल कर ली। उन्होंने लगभग ये फिल्म पूरी कर ली है।

सूत्रों ने बताया कि मनीष गुप्ता ने आरुषि पर बनी अपनी फिल्म 'रहस्य' की शूटिंग लगभग खत्म कर ली है। अभिनेत्री तिस्का चोपड़ा आरुषि की मां यानी नुपूर तलवार का किरदार निभा रहीं हैं। तिस्का ने कहा कि वे इस किरदार को जज नहीं करेंगी, बल्कि इसे पूरी शिद्दत के साथ निभाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि ये उनके लिए एक चुनौती है। जो भी उन्होंने खबरों से सुना या जाना है वे उसके आधार पर ही अपने रोल के साथ न्याय करेंगी।

उन्होंने कहा कि इस किरदार की तुलना किसी के साथ नहीं की जा सकती है। भले ही इस मामले में सच सामने आ गया है, लेकिन इस किरदार का अपना ही एक पहलू है। तिस्का उसको ही उबारने की कोशिश करेंगी। अभिनेता आशिष विद्यार्थी आरुषि के पिता यानी राजेश तलवार की भूमिका निभाएंगे। फिल्म अगले साल मार्च तक रिलीज हो सकती है।