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Thursday, 21 November 2013

Narendra Modi Agra Rally live

narendra modi
आगरा, जागरण न्यूज नेटवर्क। तमाम आशंकाओं और बहस-मुबाहिसे के बीच बृहस्पतिवार को मुगलों की राजधानी रहे आगरा पहुंचे नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर एक साथ हमला बोला। कांग्रेस को दीमक की संज्ञा दी तो सपा पर उत्तर प्रदेश के विकास में कोई रुचि न लेने और जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप जड़ा। अपने अंदाज के मुताबिक विशाल जनसमूह से संवाद स्थापित करते हुए मोदी ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सपा और बसपा को भी आड़े हाथ लिया। कहा, दोनों दल राजनीति के इस कांग्रेसी तरीके को अपने रंग में रंगकर एक-दूसरे को पीछे छोड़ने में लगे हैं।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी ने कहा, कांग्रेस दीमक की तरह देश को चाट रही है। उसने अपनी विघटनकारी नीतियों और भ्रष्ट आचरण से देश को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। जनता भाजपा के हाथ सत्ता सौंपे जिससे वह देश को विकास और समृद्धि के रास्ते पर ले जा सके। कांग्रेस को निशाने पर रखते हुए मोदी ने उसे अहंकारी और मोटी खाल वाला बताया, जो लोगों की अपेक्षाओं की परवाह नहीं करती है। मोदी ने कहा, दिल्ली की कांग्रेस को देश की तरक्की से वास्ता नहीं है। वह देश की तकदीर बदलने में विश्वास नहीं रखती। वह केवल वोट बैंक की राजनीति करती है। उसे जोड़तोड़ की राजनीति में भरोसा रहता है। इसीलिए वह 25 फीसद लोगों को साथ लेकर चलती है और 75 फीसद की अनदेखी करती है। कांग्रेस के विघटनकारी होने को परिभाषित करते हुए मोदी ने कहा, सत्ता के लिए वह इस नीति पर चलती है। स्वतंत्रता के समय सत्ता के लिए कांग्रेस ने देश को तोड़ा। उसने वंदे मातरम्..को बांटा। कश्मीर में अलग कानून की अनुमति दी, ..और उसके बाद पानी, भाषा, उत्तर-दक्षिण और शहरी-ग्रामीण के नाम पर लोगों को बांटा।

सपा-बसपा ने कांग्रेस से चुराई वोट बैंक की राजनीति
वोट बैंक की राजनीति के मामले में सपा और बसपा को कांग्रेस जैसा ही बताते हुए मोदी ने कहा इससे देश जर्जर हो रहा है-उसका नुकसान हो रहा है। देश को विकास की जरूरत है। देश को एकजुट रखते हुए तरक्की की राह पर भाजपा ही ले जा सकती है, इसलिए लोग उसे मजबूत करें। मोदी ने सत्ता में आने पर देश के एक करोड़ युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का वादा किया।

खुर्शीद पर परोक्ष प्रहार
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का नाम लिए बगैर उन पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, एक मंत्री और उनके परिवार द्वारा चलाए जा रहे गैर सरकारी संगठन ने 70 लाख रुपये के व्यय में गड़बड़ी की। एक अन्य केंद्रीय मंत्री ने बचाव में आकर सफाई दी, 70 लाख कुछ नहीं होते, अगर मामला 70 करोड़ का होता तो वह विश्वास करते कि गड़बड़ी में केंद्रीय मंत्री शामिल होगा।

आगरा की समस्याओं पर चर्चा
मोदी ने आगरा की पेयजल की समस्या और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा न होने की बात भी उठाई। कहा, प्रदेश सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। विकास से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

बदलाव की जिम्मेदारी युवाओं को उठानी होगी: राजनाथ
आगरा। आगरा की शंखनाद रैली पर मोदी का भाषण खत्म होते ही मंच पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने दीन दयाल उपाध्याय और अटल जी की जन्मस्थली के बीच बसे आगरा की जनता को नमन करके अपने भाषण को आरंभ किया। रैली में देर से पहुंचे राजनाथ ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए बोला कि सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश को लूटा और कांग्रेस सरकार ने पूरे हिंदुस्तान को लूटा है।

उन्होंने कहा कि यदि मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो खेतों में बुवाई से पहले ही फसल की आमदनी तय हो जाएगी। और साथ ही अगर फसल नष्ट हुई तो बीमा कंपनियां फसल का भुगतान देंगी। कांग्रेस ने पूरे विश्व में भारत की छवि खराब कर दी है लेकिन भाजपा छवि सुधारेगी। उन्होंने कहा कि चाइना और पाकिस्तान आंख उठाकर भी भारत की ओर देखने की जुर्रत नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि परिर्वतन की लहर चल चुकी है और इसमें युवाओं की अधिक जिम्मेदारी बनती है। यूपी की 80 में 80 सीटों को भाजपा की झोली में डाल दो।

Where would so many Muslim soldiers in UP

mulayam singh yadav
लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के आदेश को अमल में लाने के लिए यूपी पुलिस को कम से कम छह हजार मुस्लिम सिपाही और 1505 दरोगा चाहिए। सपा के मुस्लिम प्रेम को देखते हुए पुलिस महकमा पहले से ही इस राह पर है। हालांकि थानों के सापेक्ष मुस्लिम सिपाही और दरोगा की पर्याप्त संख्या को लेकर संशय है।

गुरुवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में एडीजी/आइजी कानून-व्यवस्था राजकुमार विश्वकर्मा और विशेष सचिव गृह वीरेश्वर सिंह ने मुस्लिम पुलिसकर्मियों के बारे में कोई सटीक जानकारी तो नहीं दी, लेकिन विश्वकर्मा ने यह जरूर कहा कि 'मुसलमान पुलिसकर्मियों की इतनी संख्या तो है ही कि हर थाने पर उनकी तैनाती की जा सके।' गौर करें तो महकमे में कभी जाति और मजहब के आधार पर पुलिसकर्मियों की गणना नहीं हुई। यूपी में कुल 1505 थाने हैं। यहां सिपाहियों के 2.10 लाख पद के सापेक्ष सिर्फ 96414 की ही तैनाती है। इसी तरह मुख्य आरक्षी के भी 49210 पदों के सापेक्ष सिर्फ 8859 और उपनिरीक्षक के करीब बीस हजार पद के सापेक्ष लगभग नौ हजार उपनिरीक्षक तैनात हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि मुसलमान पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या कहां से आयेगी।

खुद सपा सरकार ही यह दावा करती रही है कि सपा के अलावा बाकी सरकारों में पुलिस में मुसलमानों की भर्ती बहुत ही कम संख्या में हुई है। शासन स्तर पर थानाध्यक्षों की तैनाती के लिए पहले से यह व्यवस्था है कि 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 27 प्रतिशत पिछड़ी और आठ प्रतिशत अल्पसंख्यक थानेदारों की तैनाती की जाए। हालांकि यह आंकड़ा कभी दुरुस्त नहीं हुआ।

बसपा की सरकार में थानों में अनुसूचित जाति के थानेदार और सपा की सरकार में यादव कोतवालों की तादाद कुछ ज्यादा ही दिखती है। फिर आंकड़ों और आरक्षण का कोई मायने नहीं रहता है। जहां तक सिपाही और दरोगा की तैनाती में निर्धारण की बात है तो उसके लिए पुलिस अधीक्षकों को ही अधिकार है।

Monday, 18 November 2013

Woman lawyer registers her statement against retired judge

Itern lawyer
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक न्यायाधीश पर इंटर्नशिप के दौरान शोषण का आरोप लगाने वाली महिला ने सोमवार को शीर्ष अदालत के तीन न्यायाधीशों के समक्ष दो घंटे से अधिक समय तक अपना बयान दर्ज कराया। न्यायमूर्ति आरएम लोढा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति इस आरोप की जांच कर रही है।

इस महिला इंटर्न ने दो घंटे से अधिक समय तक अपना बयान दर्ज कराने के साथ ही समिति से इसकी गोपनीयता बनाए रखने का अनुरोध भी किया। शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल रविंद्र मैथानी ने बताया कि समिति की अगली बैठक 20 नवंबर को होगी। उससे अगली बैठक में फिर से उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

मैथानी इस जांच समिति के सदस्य सचिव हैं। जिसमें न्यायमूर्ति लोढा के अलावा न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और रंजना प्रकाश देसाई को शामिल किया गया है। मैथानी ने इस मामले में आगे के घटनाक्रम पर कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

जांच समिति ने इस इंटर्न से सोमवार को पेश होकर बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इस इंटर्न ने न्यायाधीश के खिलाफ यह आरोप लगाए हैं जिसकी जांच यह समिति कर रही है। प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम ने 12 नवंबर को महिला द्वारा लगाए गए आरोप की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति गठित की थी। समिति का गठन करते समय उन्होंने टिप्पणी की थी कि न्यायपालिका का मुखिया होने के नाते वह चिंतित हैं और यौन शोषण के मामलों को हल्के से नहीं लिया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि यह समिति 12 नवंबर से ही अपना काम शुरु कर देगी। यह समिति इस मामले के सारे तथ्यों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

Source- News in Hindi

Sunday, 17 November 2013

Loan recast has gone "out of control," says RBI Official

Loan
मुंबई। देश के बैंकिंग तंत्र में कर्ज पुनर्गठन के मामले बेतहाशा बढ़ रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बी महापात्रा का कहना है कि कर्ज पुनर्गठन की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है। इस साल जून तक पूरे बैंकिंग तंत्र में पुनर्गठित की गई कर्ज संपत्ति बढ़कर 3.25 लाख करोड़ रुपये हो गई। कर्ज पुनर्गठन का समझौता एक तरह से नुकसान साझा करने की व्यवस्था है।

सालाना बैंकॉन सम्मेलन में महापात्रा ने कहा कि मार्च, 2011 तक पुनर्गठित किए गए कर्ज 1.1 लाख करोड़ रुपये के प्रबंधन योग्य स्तर पर थे, लेकिन हालात अब काबू से बाहर हो गए हैं। अब ऐसे कर्ज बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये के हो गए हैं। यह स्थिति केवल कॉरपोरेट क्षेत्र के कर्जो की है। द्विपक्षीय कर्ज पुनर्गठन के मामलों को जोड़ने पर कुल 3.25 लाख करोड़ रुपये के कर्ज पुनर्गठित किए जा चुके हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सभी पक्षों को मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। 

आरबीआइ कुछ हद तक पुनर्गठन में वृद्धि को स्वीकार करता है। नियमन के स्तर पर केंद्रीय बैंक कुछ हद तक छूट देने को तैयार हैं, लेकिन बैंकरों को इसके लिए ज्यादा रकम सुरक्षित करने का प्रावधान करना होगा। कर्ज लेने वालों को भी इसके लिए त्याग करना चाहिए और उन्हें ज्यादा हिस्सेदारी जुटानी चाहिए। महापात्रा ने रेखांकित किया कि आरबीआइ ने कुछ मामलों में पुनर्गठित कर्जो पर सुरक्षित रखी जाने वाली रकम दो से बढ़ाकर पांच फीसद कर दी है। 

महापात्रा के मुताबिक, फिलहाल हालात दहशत पैदा करने वाले नहीं हैं। फंसे हुए कर्ज (एनपीए) और पुनर्गठित कर्जो की कुल रकम 10 फीसद से कम है। यह वर्ष 1997 में पैदा हुए एशियाई वित्तीय संकट के दौर से काफी कम है। उस वक्त यह स्तर कुल कर्जो के 16 फीसद तक पहुंच गया था।

Source- Business Hindi News

Friday, 15 November 2013

Political Parties Are In Support Of Employees Strike

Employees Strike In UP
लखनऊ। सोलह मांगों को लेकर चल रही राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का असर होते देख अब राजनीतिक दल भी उनके समर्थन में हैं। सरकार की कर्मचारियों को बांटने की कोशिशें उल्टी पड़ी हैं, जबकि राजनीतिक दलों के समर्थन से कर्मचारी हड़ताल का सियासी रंग अब चटख होने लगा है। भाजपा, कांग्रेस और रालोद के समर्थन ने कर्मचारियों का हौसला बढ़ा दिया है और अब कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल का हफ्ते भर का कार्यक्रम भी तय कर दिया है। उधर सोमवार से यह हड़ताल अस्पतालों पर अपना व्यापक असर करेगी, जिससे मरीजों और सरकार की मुश्किलें बढ़नी तय है।
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राजनीतिक दलों का समर्थन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री व रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान समेत कई दलों ने कर्मचारियों के पक्ष में खड़े होकर सरकार की नीतियों की आलोचना की है। इन दलों ने भी कर्मचारियों की मांग पूरी करने को सरकार पर दबाव बनाया है।
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बढ़ेगा गतिरोध
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ के साझा संगठन राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के अध्यक्ष मंडल हरि किशोर तिवारी व अजय सिंह ने कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक के बाद कहा कि वार्ता के लिए अभी तक जो भी लोग आए, वह सक्षम लोग नहीं थे। जब तक फैसला लेने वाले सक्षम लोग वार्ता नहीं करेंगे, तब तक कोई समाधान नहीं निकल सकता।
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स्वास्थ्य सेवाएं होंगी ठप
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन और कई विभागों के प्रमुख सचिवों की पहल के बावजूद कर्मचारियों की जिद नहीं टूटी। मुहर्रम के अवकाश की वजह से कल सरकारी कार्यालय बंद थे, लेकिन कर्मचारियों ने हड़ताल को प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की है। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने 18 नवंबर से विभिन्न विभागों के मुख्यालयों पर हफ्ते भर प्रदर्शन के साथ ही स्वास्थ्य सेवा ठप करने का फैसला किया है। 18 नवंबर से आप्टोमेटिक्स, 19 को मरीजों का पर्चा बनाने वाला समूह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी और 20 नवंबर को इसीजी, टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन की आपात सेवा के कर्मी हड़ताल पर चले जायेंगे। 20 नवंबर को नर्सेज एक शिफ्ट में ही काम करेंगी। 24 नवंबर को सरकार के महाअभियान पल्स पोलियों में भी राज्य कर्मचारी शामिल नहीं होंगे।

Source- News in Hindi

Tuesday, 12 November 2013

Dalit Girl Gangraped in Punjab

Rape
तरनतारन, अंशकालिक प्रतिनिधि। गांव कंग में दलित परिवार की नाबालिग लड़की को घर से उठाकर दो युवकों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की मंगलवार को सड़क के किनारे पराली के ढेर पर बेहोश मिली। लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

गांव कंग निवासी 17 वर्षीय पीड़िता दसवीं की पढ़ाई के बाद घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने पर श्री गोइंदवाल साहिब में धागा फैक्टरी में काम करने लगी। वहां पर उसे गांव के दो युवक जगजीत सिंह उर्फ जग्गा व उसका ममेरा भाई हरजीत सिंह परेशान करते थे। रविवार रात दोनों युवकों ने लड़की को घर से अगवा कर लिया और खेतों में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया। दो दिन तक आरोपी पीड़िता को हवस का शिकार बनाते रहे। फिर उसे सड़क के किनारे पराली के ढेर पर बेहोशी की हालत में फेंक गए और उस पर पराली डाल दी। कुछ लोगों ने वहां पर लड़की को बेहोश पाया तो परिजनों को सूचित किया।
लड़की के पिता ने बताया कि बेहोश बेटी को सिविल अस्पताल तरनतारन लेकर गए। बेटी की हालत नाजुक होने से डाक्टरों ने उसे गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर रैफर कर दिया।

उधर, एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एएसआइ संजीवन सिंह ने बताया कि आरोपी जगजीत सिंह ंउर्फ जग्गा को गिरफ्तार कर उसका सिविल अस्पताल तरनतारन से मेडिकल करवाया गया है। पुलिस ने दूसरे आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

बच्ची से रेप में पिता व चाचा गिरफ्तार
नई दिल्ली, जासं। ओखला औद्योगिक क्षेत्र में 11 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने उसके पिता व चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ओखला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, मारपीट व पॉक्सो आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने पीड़ित बच्ची व उसके छोटे भाई को महारानीबाग स्थित दिल्ली सरकार के अनाथालय में रखवा दिया है। जबकि पीड़िता की डेढ़ साल की छोटी बहन को उसके दादा ने अपने पास रख लिया है।

पुलिस के मुताबिक पीड़ित बच्ची अपने पिता व एक भाई तथा बहन के साथ रहती थी। करीब छह महीने पूर्व उसकी मां तीनों बच्चों व पति को छोड़कर किसी परिचित युवक के साथ घर से भाग गई। पेशे से कारपेंटर पिता शराब का आदी है। बताया जा रहा है कि दुष्कर्म करने की जानकारी जब पड़ोस में रहने वाले चाचा को मिली तब उसने भी बच्ची को हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया था। 

हिस्ट्रीशीटर ने महिला से किया रेप
जेवर, संस। कोतवाली क्षेत्र के कस्बा स्थित एक मोहल्ले में हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। महिला घर में अकेली थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए भेजा है।

महिला का पति पशु व्यापारी है। आरोप है कि वह रकम की वसूली के लिए गया था। तभी जेवर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर बदमाश शरीफ उसके घर में घुस गया। उसने तमंचे के बल पर महिला से दुष्कर्म किया और धमकी देकर फरार हो गया। पति के लौटने पर महिला ने उससे आपबीती सुनाई। पति विरोध करने बदमाश के यहां पहुंचा। आरोप है कि बदमाश ने उससे मारपीट की और पचास हजार रुपये लूट लिए। पीड़िता ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

महिला से कार में दुष्कर्म
अमृतसर, अपराध प्रतिनिधि। गांव वल्ला के नजदीक कार में महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गांव नंगली भट्ठा फतेहगढ़ चूड़ियां रोड निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि वह किराये पर लेने के लिए कमरा ढूंढ रही थी। सविंदर सिंह निवासी गांव वल्ला ने उसे कमरा दिलवाने के बहाने अपने पास बुलाया और गांव के एक घर की तरफ इशारा कर वहां जाने को कहा। जैसे ही वह जाने लगी तो आरोपी ने उसे कार में बिठा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर लौटी और पति को घटना के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने थाना मोहकमपुरा में शिकायत की। एसएचओ अमरीक सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
गुड़गांव, वरिष्ठ संवाददाता। नई बस्ती निवासी एक युवक के खिलाफ लिव-इन-रिलेशन में रह रही महिला ने सोमवार रात दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर नरेंद्र ने उसे अपने पास सात साल तक रखा। इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। चार दिन पहले उसके भाई व भाभी ने उसे तथा उसके दोनों बच्चों को मारपीट कर घर से निकाल दिया। थाना शहर पुलिस ने नरेंद्र व उसके भाई तथा भाभी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। उधर आरोपी के घर वाले कह रहे हैं कि नरेंद्र कई दिनों से लापता है। पुलिस को दिए बयान में झारखंड की मूल निवासी पीड़िता ने बताया कि नरेंद्र ने सात साल पहले योजना बना उसके पति को भी यहां से मारकर भगा दिया था। जबकि उसे बताया गया कि पति ही उसे व बच्चों को छोड़कर चला गया। कुछ दिन अकेले रहने के बाद वह नरेंद्र की मीठी बातों में आकर दोनों बच्चों के साथ उसके पास रहने लगी थी। वह नरेंद्र से जब भी शादी की बात करती तो वह टाल जाता था। पंद्रह दिन पहले पीड़िता को पता चला कि नरेंद्र ने कहीं और शादी कर ली है। जिसके बाद उसने विरोध किया तो उसे प्रताड़ित कर घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जाने लगा। पीड़िता ने यह भी कहा कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए लापता होने का नाटक कर रहा है।

Source- News in Hindi

Friday, 1 November 2013

हत्या कर जीटी रोड किनारे फेंका शव



संवाद सहयोगी, गन्नौर: जीटी रोड किनारे चिरस्मी रोड स्थित गांव बड़ौता मोड़ से पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया है। युवक की हत्या करने के बाद शव को यहां फेंका गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल हास्पिटल में भेजवा दिया है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली की जीटी रोड किनारे गांव चिरस्मी रोड पर झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही गन्नौर थाना प्रभारी अब्दुल शाहिद अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की तो पाया कि युवक का तार से गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल हास्पिटल में भेजवा दिया।

हत्या कर फेंका गया है शव
गन्नौर थाना प्रभारी अब्दुल शाहिद ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगता है कि युवक की हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव को यहां फेंका गया है। जिस स्थान पर शव मिला है वहां झगड़े का कोई निशान नहीं है। अगर वहां हत्या की गई होती तो वहां हाथापाई के दौरान बने निशान अवश्य मिलते।

शव की शिनाख्त के लिए शुरू किया प्रयास
पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। युवक की उम्र करीब 24 वर्ष है। उसके शरीर पर हरी-नीली चेकदार कमीज व हल्की भूरी पेंट लिपटी है। पुलिस टीम शव की शिनाख्त के लिए आसपास के क्षेत्र में पंचायतों से संपर्क बनाने के साथ ही आसपा

Source- News in Hindi

आतंकी ताबिश रिमांड पर, घायल तारिक की मौत



पटना : राजधानी पुलिस ने आतंकी ताबिश उर्फ अरशद को सात दिन की रिमांड पर लिया है। जंक्शन पर विस्फोट में घायल हुए दहशतगर्द तारिक की इलाज के दौरान गुरुवार की आधी रात के बाद मौत हो गई। डाक्टरों की टीम ने पीएमसीएच में उसका पोस्टमार्टम किया। परिजनों के न आने के कारण शव को 72 घंटे तक रखा जाएगा। इधर, एनआइए की टीम ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार मो. मोनू जाहिर के बिहटा स्थित मचहलपुर लई गांव में छापेमारी की। घर से ऐसे कागजात मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि मो. मोनू इंडियन मुजाहिदीन से काफी लंबे अर्से से जुड़ा है।
गांधीमैदान में 27 अक्टूबर को हुंकार रैली के दौरान हुई सीरियल ब्लास्ट मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रवाल दत्ता की अदालत ने अप्राथमिकी अभियुक्त ताबिश अंसारी उर्फ अरशद को 7 दिनों के लिये पुलिस रिमांड पर बेउर केन्द्रीय कारा अधीक्षक को गांधी मैदान पुलिस को सौंप देने का आदेश दिया। अंसारी 30 अक्टूबर से जेल में है। पुलिस ने अदालत से 15 दिनों के लिये पुलिस रिमांड की मांग की थी। गांधी मैदान पुलिस की ओर से आज अदालत को बताया कि अंसारी से गहन पूछताछ की आवश्यकता है। उससे देश में कोने-कोने में फैले आतंकवादियों की सुराग मिलने की संभावना है। अदालत को बताया गया कि अंसारी को अन्य राज्यों में भी ले जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। सूत्रों के अनुसार अब गांधी मैदान पुलिस इस मामले से जुड़े जेल में बंद अन्य आरोपियों को प्रोडक्शन के लिये अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाने की तैयारी में लगी है।

उधर, पटना जंक्शन पर रविवार को हुए बम ब्लास्ट में घायल आतंकी तारिक उर्फ ऐनुल ने इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात इलाज के दौरान आइजीआइएमएस में दम तोड़ दिया। शुक्रवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच पीएमसीएच में तारिक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मौत की खबर मिलने के बावजूद उसके पिता अताउल्लाह शव लेने नहीं पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव जंक्शन स्थित शीत शव गृह में रखा गया है। यदि, इस बीच उसके परिजन नहीं आए तो मुस्लिम कमेटी को बुलाकर अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। 

बताते चलें कि रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र का रहने वाला तारिक उर्फ ऐनुल रविवार की सुबह साथी इम्तियाज के साथ प्रियांशु ट्रेवल्स की बस से तीन बम लेकर पटना आया था। पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दस के बाहर शौचालय में टाइमर सेट करने के दौरान सुबह करीब 9.30 में बम फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके दाहिने घुटने के नीचे व सिर के पीछे गंभीर चोटें आई थी। साथ ही उसका चेहरा भी बुरी तरह जल गया था। मौके पर मौजूद पुलिस बल की मदद से उसे आटो द्वारा पीएमसीएच ले जाया गया। जंक्शन पर हुए विस्फोट के घंटाभर बाद गांधी मैदान में सीरियल बम ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद पीएमसीएच में घायलों का तांता लग गया। जीआरपी के एसआइ गौतम कुमार ने बताया कि भीड़ का फायदा उठाकर तारिक को इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य भगाकर ले ना जाएं, इसलिए उसे दोपहर 1 बजे एम्बुलेंस द्वारा आइजीआइएमएस में भेजा गया। घटना के बाद से वह कोमा में था। गुरुवार की देर रात करीब 1.30 बजे उसने अंतिम सांस ली। वह रांची के एक कालेज से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। राजधानी में हुए सीरियल बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड तहसीन उर्फ मोनू उसकी पुरानी जान-पहचान थी। उसी के माध्यम से तारिक की दोस्ती इम्तियाज, तौफिक और नूमान से हुई। 

Source- News in Hindi

रोक-टोक न आई काम, चौतरफा जाम


कानपुर, एक प्रतिनिधि : धनतेरस पर खरीदारी के लिए बाजार निकले लोगों को जगह-जगह जाम में फंसना और वाहनों की पार्किग के लिए भटकना पड़ा। भारी भीड़ के आगे यातायात विभाग की सारी व्यवस्थाएं फेल हो गईं। जिसे जिधर मौका मिला, उधर घुसता रहा, जाम लगता रहा।

नवीन मार्केट में बीच सड़क तक खड़े वाहनों के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। माल रोड पर भी वाहन रेंगते रहे। बजरिया से जरीब चौकी जाने वाले मार्ग पर कोई यातायात व्यवस्था नहीं किए जाने से पीरोड पर जाम लगा रहा। 80 फिट रोड पर कभी जाम नहीं लगता है, लेकिन सड़क तक दुकानें सजने से यातायात फंसाव बना रहा। सर्वाधिक दिक्कत सीसामऊ, आर्यनगर, शास्त्री नगर, हटिया व जनरलगंज जैसे घने बाजारों में आई। गुमटी नंबर पांच चौराहा, कोकाकोला क्रासिंग पर ट्रैफिक टीम के हाथ खड़े करने से जीटी रोड पर रफ्तार बार-बार रुकती रही। मेस्टन रोड, मूलगंज, बादशाहीनाका, शिवाला में उमड़ी भीड़ के बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे। गोविंद नगर में चावला मार्केट, नंदलाल व सीटीआई चौराहे पर दिन भर ट्रैफिक रेंगता रहा तो शाम होते ही रुक गया। 

ट्रैफिक अफसर दिखे बेबस 

एसपी ट्रैफिक एमआर सिंह, सीओ ट्रैफिक आरके नायक, टीआई महमूद अली ने देर शाम गश्त कर व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया लेकिन भारी भीड़ के आगे कोई दिशा निर्देश काम नहीं आए। 

पुल जाम, फंसे वाहन सवार 

दक्षिण व उत्तर क्षेत्र को जोड़ने वाले पुल भी जाम में जकड़े रहे। टाटमिल, गोविंदपुरी, झकरकटी, दादानगर व जूही पुल पर सारी व्यवस्था वाहनों की भारी भीड़ से चरमरा गई।

Source- News in Hindi