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Wednesday, 13 April 2016

उत्तर प्रदेश का सरकारी अमला जूताखोर : अतुल अंजान

सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने उत्तर प्रदेश के सरकारी अधिकारियों पर जमकर बरसे। गाजीपुर में किसान जागरण मंच को संबोधित करते हुए अंजान ने कहा कि प्रदेश का सरकार अमला जूताखोर है।

अंजान ने कहा कि प्रदेश के बाबू सरकार के नीतियों को अमल में नहीं ला रहे। ऐसे अधिकारियों पर मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर अभी नहीं चेते तो महाराष्ट्र जैसी नौबत आते देर नहीं लगेगी।अंजान यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सरकार की नजर में विजय माल्या देशभक्त है। वह बैंकों का नौ हजार करोड़ लेकर भाग गया, लेकिन उसका कुछ नहीं हुआ। दूसरी तरफ कर्ज में डूबे किसानों की जमीन नीलम की जा रही है।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोदी 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात तो करते हैं लेकिन यह नहीं बताते की यह होगा कैसे? अंजान ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर 20 मई को लखनऊ विधानसभा के सामने प्रदर्शन करेंगे। Read more http://www.jagran.com

Wednesday, 8 January 2014

Saifai Mahotsav: Administration bans live coverage of Bollywood show

इटावा [जासं]। सैफई महोत्सव के पंडाल में नौटंकी के दौरान हुए बवाल और कुर्सियां तोड़े जाने की खबरों के बाद मीडिया से नाराज राज्य सरकार ने बुधवार को बॉलीवुड नाइट के लिए आए फिल्मी कलाकारों के कवरेज को हवाई पट्टी जाने से पत्रकारों को रोक दिया। इसे लेकर अफसरों और मीडियाकर्मियों में कहासुनी भी हुई। देर शाम जिलाधिकारी ने महोत्सव के पंडाल में पहले लाइव कवरेज फिर कैमरे पर ही प्रतिबंध लगा दिया। 


सैफई महोत्सव में भाग लेने आए सलमान खान, माधुरी दीक्षित, रणवीर सिंह समेत दो दर्जन से अधिक फिल्मी कलाकारों की कवरेज के लिए हवाई पट्टी पर पहुंचे पत्रकारों को गेट पर ही रोक दिया गया। शाम को जब सैफई महोत्सव पंडाल में पत्रकार कवरेज के लिए पहुंचे तो कहा गया कि लाइव कवरेज नहीं होगा। सूचना विभाग जानकारी उपलब्ध करा देगा।

एक दिन में उतरे नौ प्लेन :
मुख्यमंत्री के गांव में वैसे तो सरकार एयरपोर्ट बनाने के लिए तेजी से काम कर रही लेकिन बुधवार को जो नजारा दिखाई दिया उससे ऐसा लगा जैसे एयरपोर्ट तैयार हो गया है। मुंबई से कलाकारों के आगमन पर एक-दो नहीं बल्कि नौ प्लेन एक दिन में उतरे। 

Monday, 6 January 2014

Bollywood stars will perform in Mulayam's Parental home

मुंबई। समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सैफई में बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा लगने वाला है। खबर है कि बुधवार को सैफई महोत्सव के मद्देनजर यहां दबंग खान और धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित अपना जलवा बिखेरेंगे। यही नहीं इनके अलावा कई और हस्तियां हैं जो यहां डांस परफॉरमेंस देंगी।

वार्षिक मेले सैफई महोत्सव के आयोजकों ने बताया कि शाम को सोहा अली खान और रणवीर सिंह जैसे कलाकार भी नजर स्टेज पर दिखेंगे। इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद और आगरा जैसे क्षेत्रों के लोगों का प्रमुख आकर्षण बने इस कार्यक्रम में दर्जन भर छोटे-बड़े कलाकार भी परफॉर्म करेंगे।

गौरतलब है कि यह समारोह हर साल मुलायम सिंह यादव के भतीजे की याद में किया जाता है। इस समारोह में फिल्मी सितारे, राजनेता, कॉरपोरेटे घराने, मंत्री और अधिकारी भाग लेते हैं।

इस साल म्यूजिक कम्पोजर जोड़ी साजिद-वाजिद अपने गानों से माहौल खुशनुमा करने को तैयार हैं। फिल्मी कलाकारों और विशिष्ट व्यक्तियों के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की गई है। पिछले साल रितिक रोशन ने इस आयोजन में परफॉर्म किया था। (नई दुनिया)

Source: Bollywood News in Hindi

Wednesday, 1 January 2014

Dogged by questions UP government plays the biggest political game



लखनऊ [आनंद राय]। बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ स्मारक घोटाले में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराना सपा सरकार का सबसे बड़ा सियासी दांव है। सांप्रदायिक दंगों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चौतरफा घिरी सरकार ने इस कार्रवाई से एक तीर से कई निशाना साधने की जुगत लगाई है। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी सपा एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को अपना हथियार बनाएगी और दूसरी तरफ कुशवाहा को संरक्षण देने के चुभते सवालों पर विपक्ष का मुंह बंद करने की भी कोशिश करेगी।

विधानसभा चुनाव के दरम्यान अखिलेश यादव जब साइकिल यात्रा लेकर निकले तो स्मारक घोटाले का भ्रष्टाचार उनका सबसे अहम मुद्दा था। वह अपनी किसी सभा में यह कहने से नहीं चूकते कि यदि हमारी सरकार बनी तो स्मारक घोटाला करने वालों को जेल भेजेंगे। 21 माह बाद अखिलेश के उन वादों को एक मुकाम मिला है। हालांकि इसके पहले लैकफेड घोटाले में बसपा सरकार के ही मंत्री बादशाह सिंह, चंद्रदेव राम यादव और रंगनाथ मिश्र को जेल जाना पड़ा। इन्हीं आरोपों में कुशवाहा के खिलाफ भी वारंट बी बना। चार पूर्व मंत्रियों को जेल भेजे जाने के बावजूद सपा सरकार उसका श्रेय नहीं ले पाई। दरअसल एक ही तरह के आरोपों में कुछ पूर्व मंत्रियों को जेल भेजा और कुछ को छोड़ दिया। इससे जांच एजेंसी की नीयत पर तो सवाल उठे ही, दोहरा मापदंड भी उजागर हुआ। अब सतर्कता विभाग के सहारे सरकार ने एक नई पहल की है।


कुशवाहा पर नई रणनीति
बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ जिस दिन आय से अधिक संपत्ति, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज होना था, उसके पहले उनकी पत्‍‌नी और भाई सपा में शामिल हो गए। अब उनकी पत्‍‌नी गाजीपुर से सपा की उम्मीदवार है। ऐसे में स्मारक घोटाले में कुशवाहा पर एफआइआर को सरकार की नई रणनीति माना जा रहा है।

शिकंजे में माया के नवरत्न
पहले भी आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में माया सरकार के नवरत्‍‌न घिरे हैं। रामवीर उपाध्याय को छोड़ दें, तो राकेश धर त्रिपाठी, रंगनाथ मिश्र, अवधपाल सिंह यादव, बादशाह सिंह, नसीमुद्दीन, बाबू सिंह कुशवाहा, रामवीर उपाध्याय, चंद्रदेव राम यादव और रामअचल राजभर जैसे कद्दावर मंत्रियों पर जांच और मुकदमे की प्रक्रिया शुरू हुई। रामवीर उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश ले रखा है। 

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Thursday, 26 December 2013

Another IAS suspended by UP Govt




लखनऊ। आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति के निलंबन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर एक आइएएस अधिकारी के निलंबन को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला है सरकार में खेल निदेशक के तौर पर कार्यरत शैलेश कुमार सिंह का, जिन्हें सैफई में एक स्विमिंग पूल बनने में हो रही देरी के कारण निलंबित कर दिया गया है। मालूम हो कि सिंह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के करीबी माने जाते हैं। 
अगले महीने सेवानिवृत्त होने वाले शैलेश सिंह को निलंबन की जानकारी तब मिली जब वह सैफई के दौरे पर थे। सिंह सैफई में लंदन ओलंपिक में भारत के छह पदक विजेताओं के सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए वहां जा रहे थे। सिंह के निलंबन का कारण सैफई खेल प्रांगण में एक विश्वस्तरीय स्विमिंग पुल के निर्माण में कथित देरी को बताया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते थे कि स्विमिंग पुल का उद्घाटन सैफई महोत्सव शुरू होने से पहले कराना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सपा द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाला सैफई महोत्सव बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। 

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आइएएस अधिकारी शैलेश सिंह को प्रथम दृष्टया अनियमितताओं और घोर लापरवाही का दोषी पाया गया, जिससे सरकारी योजनाओं में देरी हुई और इसलिए उन्हें राजकीय सेवा नियम के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

सरकार ने सैफई खेल प्रांगण में स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए 103.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। जिसमें प्रैक्टिस के लिए एक पूल, एक मेन पूल, डाइविंग प्रतियोगिताओं के लिए एक और पूल शामिल थे। इसके साथ ही वहां एक जिम, एक वीआईपी गैलरी, एक प्रशासनिक भवन और खिलाड़ियों के लिए आवास निर्माण भी शामिल था।

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Beni Prasad flays UP govt for conditions at riot-relief camps


नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। मुजफ्फरनगर के दंगा राहत शिविरों में अखिलेश सरकार के खिलाफ साजिश के बयान पर मौलाना-मौलवियों के निशाने पर आए मुलायम सिंह यादव पर कांग्रेस भी बरस पड़ी है। केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि एक तरफ दंगा राहत शिविरों में भूख और ठंड से जूझते हुए बच्चों की मौतें हो रही हैं, दूसरी तरंफ मुलायम सिंह अपने गांव में सैफई महोत्सव में विदेशी डांसरों से डांस करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम में जरा भी शर्म हो तो उन्हें सैफई महोत्सव को तुरंत बंद कर राहत शिविरों में साजिशकर्ताओं के बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

केंद्रीय इस्पात मंत्री वर्मा ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में सपा प्रमुख मुलायम के पूरे व्यक्तित्व व कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। कहा, फर्क देखिए, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के 'गांधी' नेल्सन मंडेला के निधन के बाद अपना जन्मदिन नहीं मनाया। जबकि, मुजफ्फरनगर व शामली में हुए दंगों के महीनों बाद भी वहां के राहत शिविरों में ठंड व भूख से बच्चों की लगातार मौत हो रही है। फिर भी मुलायम सिंह सैफई महोत्सव करा रहे हैं। उसमें डांस के लिए विदेश से डांसर बुलाई गई हैं। इतना ही नहीं, उलटे वह दंगा राहत शिविरों में साजिशकर्ताओं के होने की बात कह रहे हैं। कोई समाजवादी ऐसा नहीं होता। लिहाजा, उन्हें सैफई महोत्सव तुरंत बंद करने के साथ ही अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

तीन दशक से ज्यादा समय तक मुलायम के दोस्त रहे बेनी ने कहा कि किसी प्रदेश सरकार की साजिश के बिना कोई दंगा लंबा नहीं चल सकता, जबकि मुजफ्फरनगर का चल रहा है। उप्र में 18 से 20 प्रतिशत मुसलमान हैं। इस बार हिंदू-मुस्लिम वोटों को अपने-अपने पक्ष में कराने के लिए नरेंद्र मोदी और मुलायम मिल गए हैं। इसीलिए मुलायम सिंह बार-बार भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं की खुले मंच से तारीफ कर रहे हैं। अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा से सीखने की नसीहत दे रहे हैं।

वर्मा ने कहा कि मुलायम को नहीं भूलना चाहिए कि आय से अधिक संपत्ति मामले में वह भले ही छूट गए हों, लेकिन उनके भ्रष्टाचार के कई मामले अब भी सीबीआइ के पास हैं। लोकपाल कानून बन गया है। उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। वह सपा कार्यकर्ताओं से गुंडई न करने की बात करते हैं। जबकि, उनके सत्ता में आने पर यह और बढ़ जाती है। उनके संसदीय क्षेत्र गोंडा में जब ऐसे लोग पकड़े जाते हैं तो सपा नेता उन्हें छुड़वा देते हैं।
खाली पतीली पर टिकीं पनीली निगाहें

शामली, [मनीष शर्मा]। 85 साल की मकसूदी भूख नहीं होने का बहाना कर बच्चों को कुछ खिला देने की बात कहती है तो उसके बहू-बेटे की आंखें नम हो जाती हैं। एक माह की रिजवाना भूख से बिलख रही है, क्योंकि खुराक की कमी से मां मोहसीना के आंचल में दूध नहीं उतर रहा। शामली के शिविरों में रह रहीं हजारों जिंदगियों का यही हाल है। दाने-दाने को मोहताज हुए दंगा पीड़ितों से हुकूमत ने आंखें फेर ली हैं। शिविरों का अस्तित्व मानने से इन्कार कर रहे हुक्मरानों ने राशन तक भेजना बंद कर दिया, दूध भी बेहद कम भेजा जा रहा है। भूख से बिलखते बच्चों को दिखाने के लिए चूल्हे पर पानी भरी पतीली चढ़ाई जाती है तो समझने वालों की आंखों में उबाल आ जाता है। शामली के दंगा राहत शिविरों की व्यथा व्यवस्था से जवाब मांग रही हैं। मलकपुर, खुरगान, बरनावी, कांधला, मन्ना माजरा के राहत कैंपों में रह रहे परिवारों का हाल भी ऐसा ही है। मलकपुर कैंप में तकरीबन 700 परिवार शरण पाए हैं। शिविर को छह वार्डो में बांटकर करीब 5500 लोगों की खिदमत की जा रही है। इनमें पांच साल से कम उम्र के करीब 1200 बच्चे भी हैं। यहां सिर्फ ढाई कुंतल दूध की सप्लाई है, यानी एक व्यक्ति को औसतन 50 ग्राम से भी कम और परिवार को 200 ग्राम दूध मिल रहा है। यही मात्रा खुरगान राहत कैंप में दिए जाने वाले दूध की भी है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दावों के विपरीत तकरीबन एक माह से सरकारी राशन नहीं आया है। शिविर में रह रहे अहमद, दिलशाद, रहमत आदि के मुताबिक उन्हें व उनके बच्चों को भूखे पेट सोना पड़ रहा है। शिविर के खिदमतगारों के मुताबिक लोग कंबल और गर्म कपड़े तो भेज रहे हैं, लेकिन राशन नहीं।

Monday, 2 December 2013

Mulayam charge center on sachchar commitee issue

Lucknow
लखनऊ (जाब्यू)। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति सच्चर की रिपोर्ट में मुसलमानों की स्थिति दलितों से बदतर बताये जाने केबावजूद केंद्र सरकार चुप्पी साधे है और कुछ दल राज्य सरकार के न्याय दिलाने के प्रयास को तुष्टीकरण का नाम दे रहे हैं। सपा इससे घबराने वाली नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि गुटबंदी छोड़कर लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटें। पार्टी आगे बढ़ेगी तो वह भी बढ़ेंगे।
सपा सुप्रीमो सोमवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को कई बार पुचकारा और कई बार डपटा। कहा कि कार्यकर्ता राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाएं। सीमित संसाधनों केबावजूद जनहित का कोई कार्य नहीं रूक रहा है, जनहित के कार्यो में जहा कोई अड़चन लगा रहा हो, उसकी जानकारी सीधे उन्हें उपलब्ध करायी जाए। यह सबसे बेहतर सरकार है, जिसने किसानों, नौजवानों और मुसलमानों के कल्याण की तमाम योजनाएं चलाई है। मुलायम ने कहा कि 10वीं पास मुस्लिम लड़कियों को 30 हजार रुपए दिए जा रहे हैं जिस पर कुछ लोग एतराज जताते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में मुस्लिमों की स्थिति दलितों से बदतर बतायी गयी है।

Wednesday, 20 November 2013

SP Desh Bachao, Desh Banao Rally Today

sp rally
बरेली, [सद्गुरु शरण]। बरेली में बृहस्पतिवार को होने जा रही सपा की 'देश बचाओ-देश बनाओ' रैली मुजफ्फननगर दंगों से सपा और मुसलमानों के रिश्ते के 'जख्म' का इलाज करने की कवायद है, पैरों तले जमीन बचाने की जिद्दोजहद है। इसके अलावा यह 'मेगा सियासी शो' करने की घोषित-अघोषित अन्य वजहें भी हैं, लेकिन रैली के जरिए सपा मुखिया मुलायम सिंह बताना चाहते हैं कि उनके लिए मुस्लिम वर्ग आज भी उसी तरह सर्वोपरि है, जैसा 90' के दशक के शुरू से रहा।
यह वही मुस्लिम वोट बैंक है, जिसकी वफादारी के बूते पार्टी समर्थक उनके प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। पश्चिमी यूपी में पिछले कुछ दिनों से चल रही सांप्रदायिक अशांति इस सपने को बार-बार भंग कर रही है। सपा नेतृत्व की यही चिंता उसे आला हजरत की जमीन पर खड़े होकर रिश्तों की सफाई देने के लिए खींच लाई।
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद देवबंदियों के गढ़ में सपा सरकार के लिए अच्छे स्वर नहीं सुने जा रहे। ऐसे में सपा चाहती है कि अगर कहीं नुकसान हो तो उसकी भरपाई रुहेलखंड से हो जाए। हालांकि यादवों के गढ़ बदायूं को छोड़कर यह अंचल कभी सपा के लिए मुफीद नहीं रहा। बरेली में संतोष गंगवार और आंवला व पीलीभीत में मेनका गांधी-वरुण गांधी जैसे राष्ट्रीय कद के नेताओं की मौजूदगी के कारण सपा को पैर रखने की जगह ही नहीं मिली।

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सपा ने मजबूत 'होमवर्क' किया। कुर्मी वर्ग के साफ-सुथरे विधायक भगवत सरन गंगवार को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। धार्मिक पृष्ठभूमि की दो मुस्लिम हस्तियों को 'लालबत्ती' से नवाजा, लेकिन इसी बीच मुजफ्फरनगर दंगे ने इस रंग को भंग कर दिया।

अब सपा इस रैली के जरिए इस चर्चा पर पूर्णविराम लगा देना चाहती है कि मुसलमान उससे नाराज हैं। जाहिर है कि रैली में बड़े पैमाने पर मुस्लिम भागीदारी दर्शाने की रणनीति है, जिस पर अमल के लिए बदायूं के सांसद धर्मेद्र यादव के नेतृत्व में मंत्रियों-नेताओं की फौज पिछले पंद्रह दिनों से बरेली में डेरा डाले हुए है। सपा इसे मील का पत्थर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती क्योंकि मुलायम के लिए दिल्ली की दूरी शायद इसी पड़ाव से तय होगी।

बरेली में आज दिखेगी मंत्रियों की ताकत
बरेली, जागरण संवाददाता। भीड़ कितनी आएगी, यह बुधवार को पता लगेगा, लेकिन वीवीआइपी और वीआइपी के नजरिये से रुहेलखंड की यह सबसे बड़ी रैली होगी। अभी तक अखिलेश सरकार के 30 से ज्यादा मंत्रियों का कार्यक्रम आ चुका है। तीन मंडलों बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ से भी सांसद, विधायक-पार्टी पदाधिकारी हिस्सा लेने आ रहे हैं।

बृहस्पतिवार को बरेली में सपा की देश बचाओ, देश बनाओ रैली में अखिलेश सरकार का करीब आधा मंत्रिमंडल मौजूद रहेगा। सभी बड़ी हस्तियों के लए मंच सज चुका है। आगे वाली कुर्सियों पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव, कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां और अगर आए तो राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव विराजमान होंगे। पीछे मंत्रियों के साथ लोकसभा उम्मीदवार और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों को बैठाने की योजना है। बड़े मंच के दाएं छोर पर एक और मंच बनाया गया है, जिस पर छोटे नेता बैठाए जाएंगे। इस्लामिया मैदान और उसके आसपास का इलाका सपामय हो चुका है। हरे-लाल झंडों से शहर पटा है। नीचे जनता के लिए कुर्सियों और पीछे के हिस्से में खड़े होने का इंतजाम किया गया है। 70 से 1 लाख की भीड़ मैदान के अंदर आने का दावा किया जा रहा है। बाकी भीड़ सड़कों पर रहकर एलसीडी के जरिए सपा नेताओं को सुनेगी। 

आगरा में बेनकाब होगा भाजपा का चेहरा
मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल ने कहा है कि आगरा की रैली में भाजपा का सांप्रदायिक चेहरा बेनकाब होगा। वहां नरेंद्र मोदी दंगा फैलाने वाले मुजफ्फरनगर के विधायकों को सम्मानित करेंगे। सपा नेता ने नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर इसके पीछे उनकी मंशा क्या है।
बुधवार को एक विवाह में शिरकत करने पहुंचे प्रो. रामगोपाल यादव ने पत्रकारों से वार्ता में केंद्र में अगली सरकार तीसरे मोर्चे की बनने की संभावना जताई। यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले इस पर बात करना बेकार है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसका सांप्रदायिक चेहरा जनता के सामने आ चुका है। भाजपा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़कर हिंदू मुसलमानों को एक दूसरे का दुश्मन बना रही है। बोले, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का कोई असर लोकसभा चुनाव में नहीं पड़ेगा। 

रायबरेली में प्रियंका वाड्रा के खेतों में धान काटने के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस के 21 नवंबर को लखनऊ में सीएम आवास घेरने के सवाल को भी वह टाल गए। यूपी में मुलायम सिंह यादव की रैलियों की चर्चा करते हुए कहा कि आजमगढ़ रैली की भीड़ बताने को काफी है कि जनता का विश्वास सपा पर बढ़ा है। 21 नवंबर की बरेली की रैली भी ऐतिहासिक होगी।