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Monday, 6 January 2014

Lord only hungry Quote

कोलकाता। ईस्ट कोलकाता नागरिक फाउंडेशन और श्री शांति शक्ति पीठ आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह के दूसरे दिन रविवार को कथा प्रसंग पर चर्चा करते हुए साध्वी संतोषानंद सरस्वतीजी ने कहा कि प्रभु केवल भाव के भूखे हैं। ईश्वर को पकवान, छप्पन भोग और दिखावे से कोई मतलब नहीं। विभिन्न ग्रंथों और धार्मिक पुस्तकों में इस बात का उल्लेख मिलता है। 

महात्मा विदूर का उदाहरण हमारे सामने हैं। पंडाल में उपस्थित हजारों श्रोताओं को संबोधित करते हुए साध्वीजी ने कहा कि जगत के सत्य होने का आभास भ्रम की वजह से होता है। शरीर से ऊपर उठें, जीवन को गंभीरता से समझो और अनुभव करें तो पता चलेगा कि जगत मिथ्या है और परमात्मा सत्य। 

साध्वीजी ने कहा कि आंखें खोलो, जागो और वस्तुओं को उनके यथार्थ रुप में देखो तभी सुख व शांति की अनुभूति होगी। उन्होंने कहा कि प्रभु ने हमें यह शरीर रूपी साधन इसलिए दिया है कि हम आत्मा और परमात्मा को पहचान सकें। जिनके अन्दर यह जिज्ञासा भाव होता है, वही प्रभु के निकट होता है। साध्वी श्री संतोषानन्दजी ने आगे फरमाया कि श्रीमद्भागवत ग्रंथों में काफी उच्च स्थान रखता है। इसके प्रत्येक श्लोकों में प्रेरणा है, प्रभु का संदेश है। हमें इसका सुक्ष्म विवेचन कर जीवन को सफल बनाना चाहिए। 

Then the rush of devotees thronging temples

वृंदावन। बढ़ते शीत के प्रकोप के बाद भी लोगों की दौड़ वृंदावन को कम नहीं हो रही। रविवार को हजारों की भीड़ मंदिरों के दर्शन को आयी। उधर कारों का काफिला सुबह और शाम तक शहर में जाम के हालात बनाता रहा। पिछले 31 दिसंबर से अब तक ठा. बांके बिहारी के मंदिर, प्रेम मंदिर, रंगजी मंदिर और इस्कॉन टेंपल के अलावा अन्य सप्त देवालयों में आने वालों का तांता लगा हुआ है। 

दुकानदारों की बल्ले-बल्ले-बांके बिहारी के भोग में लगने वाले पेड़े की बिक्त्री रविवार को जमकर हुई तो सप्त देवालयों और विख्यात मंदिरों के आसपास के गोपीनाथ बाजार, दुसायत, लोई बाजार, रेतिया बाजार, वनखंडी और अठखंभा बाजारों में भीड़ ने बड़े पैमाने पर खरीददारी की।

Thursday, 21 November 2013

When deepika gets compliment for ram leela

Deepika Padukone
मुंबई। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के सितारे इन दिनों खूब चमक रहे हैं। उनके साथ वह सब कुछ हो रहा है, जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी। एक साल में लगातार तीन बड़ी हिट फिल्में देकर फिल्म निर्माताओं की सबसे फेवरेट अभिनेत्री बन जाना, फिर बिग बी से फिल्म 'राम-लीला' में अपने अभिनय की तारीफ सुनकर बाग-बाग हो जाना और अब अपने एक्स ब्यॉयफ्रेंड यानी रणबीर कपूर के माता-पिता ऋषि कपूर और नीतू सिंह की वाहवाही बटोरना। साथ में मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक शेखर कपूर ने भी उनकी तारीफों के पुल बांध दिए। दीपिका की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।

खबर है कि दीपिका की फिल्म रामलीला की स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुंचे ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने फिल्म में दीपिका के शानदार अभिनय के लिए उनकी जमकर तारीफ की, बल्कि दीपिका को आगे बढ़ने की दुआ भी दी। यही नहीं नीतू सिंह ने पुरानी सारी बातें भुलाकर दीपिका को गले भी लगाया।

आपको याद होगा रणबीर से ब्रेकअप के बाद जब दीपिका करण जौहर के चैट शो में गईं थीं, वहां उन्होंने रणबीर की जमकर धुलाई की थी। जिससे ऋषि और नीतू काफी खफा हो गए थे। लेकिन रामलीला की स्क्रीनिंग में दोनों जिस तरह से दीपिका से मिले इससे लगता है कि उनकी नाराजगी दीपिका से खत्म हो गई है। उनके दिल में दोनों के रिश्ते को लेकर कोई रंजिश नहीं है।
गौरतलब है कि दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर के बीच अब कुछ नहीं है। हालांकि दोनों ने हमेशा इस बात को स्वीकार किया है कि प्यार का रिश्ता खत्म होने के बाद भी दोनों हमेशा अच्छे दोस्त रहेंगे।

Source- Entertainment Hindi News

Monday, 11 November 2013

Father Searching his Daughter

Father
नई दिल्ली, जासं। महरौली के वार्ड नंबर तीन स्थित अपनी ससुराल से 14 सितंबर को अगवा हुई बिहार के सोहसराय [नालंदा जिले] की रहने वाली पूजा का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। पूजा के पिता सुबोध सिंह दिल्ली आकर डेढ़ महीने तक बेटी की तलाश में महरौली थाना पुलिस के चक्कर लगाते रहे। लेकिन थाना पुलिस में कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली पुलिस कमिश्नर भीमसेन बस्सी व दक्षिण जिला के डीसीपी बीएस जायसवाल को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पूजा के बारे में कुछ पता नहीं चला। महरौली पुलिस ने अपहरण का मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन पिता का आरोप है कि पुलिस न तो पूजा को ढूंढने की कोशिश कर रही है और न ही हत्या के दृष्टिकोण से जांच को तैयार है।
पूजा के पिता ने बताया कि 15 मई 2011 को पूजा की शादी मूलरूप से गया [बिहार] के रहने वाले नीरज से हुई थी। नीरज एक निजी संस्थान में नौकरी करता है। शादी के समय दहेज में तीन लाख नकदी, पांच तोला सोना व अन्य सामान भी दिया गया था। ससुराल पक्ष की ओर से बाइक की भी मांग की गई थी, जिसे आर्थिक तंगी की वजह से बाद में देने का वादा किया गया था। बाइक नहीं देने पर पूजा को परेशान किया जा रहा था। खास बात यह है कि सितंबर के पहले हफ्ते में पूजा ने परिजनों से इस बात की शिकायत की थी कि ससुराल वाले उसकी बहुत पिटाई कर रहे हैं। 13 सितंबर को पूजा ने पिता से कहा था कि ससुराल वाले उसे मार डालेंगे और वह दादा को लेकर जल्द से जल्द उसके पास आकर उसे यहां से ले जाएं।

14 सितंबर को सुबोध ने जब पूजा के पति नीरज के मोबाइल पर फोन कर पूजा से बात कराने को कहा तब नीरज ने टाल-मटोल कर फोन काट दिया था। उन्हें नहीं बताया गया कि पूजा अचानक घर से कैसे गायब हो गई। 19 सितंबर को सुबोध सिंह जब महरौली आए तब उन्हें बताया गया कि पूजा को किसी ने अगवा कर लिया है। परिजनों को पूजा की हत्या की आशंका भी सता रही है। पिता को शक है कि पूजा के अगवा होने में कहीं ससुराल पक्ष का हाथ तो नहीं है?

Source- News in Hindi

Thursday, 31 October 2013

Love Gave 15 Children Sadness

childrens love story

अलीगढ़। यह प्रेम कहानी जिनके लिए होगी, उनके लिए होगी। दर्दनाक पहलू तो यह है कि उनकी मोहब्बत 15 बच्चों के लिए सूली बन गई है। एक ऐसी कहानी, जो न कभी सुनी गई, न पढ़ी गई, न देखी गई। शादी के 20 साल बाद तीन सगी बहनें एक ही दिन अपने प्रेमियों के साथ भाग गईं। पीछे छोड़ गईं कुल 15 बच्चे। बिलखने के लिए..। कहानी में पुलिस की एंट्री भी हो चुकी है।
ये कहानी है, अकराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की। यहां के तीन भाइयों [दो सगे व एक चचेरे] की शादी 20 साल पहले कलकत्ता की तीन सगी बहनों से हुई थी। तीनों दुल्हनें हंसी-खुशी गांव आईं। सुखमय वैवाहिक जीवन शुरू हुआ। कुछ समय बाद किलकारियां भी गूंजने लगीं। इनमें से एक बहन के आठ, दूसरी से चार और तीसरी के तीन बच्चे हैं। इस दौरान न जाने क्या हुआ कि तीनों भाइयों की शादीशुदा जिदंगी व 15 बच्चों को किसी की नजर लग गई। तीनों बहनों के किसी और से प्रेम संबंध बन गए। शुरुआत गांव के ही एक युवक से हुई। उनके जरिये बाकी दोनों बहनों के प्रेमी पड़ोसी गांवों के बन गए।
बातचीत और चोरी-छुपे मुलाकात का सिलसिला भी चल पड़ा। इनमें से एक के पति को कुछ शक हुआ तो उसने पत्नी पर नजर रखनी शुरू कर दी। यह बात तीनों बहनों को मालूम चली तो उन्होंने पहले तो घर में ही खुलकर ऐतराज किया। बात प्रेमियों को भी बता दी। घर में उनके लिए कोई मुश्किल आती, इसके पहले ही उनके प्रेमियों ने घर से भागने का निर्णय ले लिया। 10 अक्टूबर को जब पूरा घर सोया हुआ था, तीनों बहनें भाग निकलीं।
तीनों बहनें किसी भी बच्चे को साथ नहीं ले गईं। सुबह जब मदरें की नींद खुली तो उनके होश फाख्ता हुए। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीनों युवतियों की तलाश शुरू हुई। अकराबाद पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई। पूरे इलाके में इसकी चर्चा है। पुलिस ने प्रकरण को सुना तो गंभीरता से, लेकिन पतियों को खुद तलाश करने की नसीहत के साथ टरका दिया। तीनों महिलाओं की तलाश के बाद भी जब कुछ हासिल न हुआ तो मंगलवार को महिलाओं के रिश्ते में जेठ ने धौरी निवासी मुन्नालाल व धनसारी निवासी सत्यप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसओ अकराबाद पहलवान सिंह यादव का कहना है कि लापता बहनों की तलाश कराई जा रही है।

Source- News in Hindi